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PRO JS VIDISHA

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सेवा संकल्प अभियान के तहत आईटीआई विदिशा में नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
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सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) विदिशा में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के सहयोग से नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की ब्रह्माकुमारी सपना दीदी द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों एवं उससे होने वाली शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं पारिवारिक हानियों के संबंध में जागरूक किया गया। ब्रह्माकुमारी सपना दीदी ने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य एवं भविष्य को प्रभावित करने के साथ-साथ परिवार और समाज पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है। उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहने, सकारात्मक सोच अपनाने तथा स्वस्थ एवं अनुशासित जीवन जीने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को नशा मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
    
इस अवसर पर आईटीआई विदिशा के प्राचार्य सुश्री कविता रघुवंशी ने कहा कि युवावस्था जीवन का महत्वपूर्ण चरण है और इस समय सही दिशा एवं सकारात्मक संस्कार युवाओं के भविष्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। नशा व्यक्ति की कार्यक्षमता, स्वास्थ्य और पारिवारिक जीवन को प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षणार्थियों को तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारियों एवं अच्छे जीवन मूल्यों के प्रति जागरूक करना भी संस्थान की प्राथमिकता है। उन्होंने सभी प्रशिक्षणार्थियों से नशे से दूर रहने तथा अपने परिवार एवं समाज में नशा मुक्ति का संदेश पहुंचाने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षणार्थियों को नशे से होने वाले दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करते हुए नशा मुक्त एवं स्वस्थ समाज के निर्माण का संकल्प दिलाया गया। कार्यक्रम में संस्थान के अधिकारी, प्रशिक्षण अधिकारी, प्रशिक्षकगण एवं प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे की बुराइयों से अवगत कराकर उन्हें स्वस्थ, अनुशासित, जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना रहा। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=nashamuktbharat nis:value=NashaMuktBharat nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=sevasankalpabhiyan nis:value=SevaSankalpAbhiyan nis:enabled=true nis:link/>
पीएम श्री महारानी लक्ष्मीबाई कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में जिला स्तरीय मोगली महोत्सव प्रतियोगिता का आयोजन हुआ
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जिला स्तरीय मोगली महोत्सव प्रतियोगिता का आयोजन पीएम श्री महारानी लक्ष्मीबाई कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में किया गया। लोक शिक्षण संचालनालय स्कूल शिक्षा विभाग के निर्देश के क्रम में प्रतिवर्ष विद्यार्थियों को पर्यावरण एवं प्रकृति को पहचानने के लिए मोगली महोत्सव का आयोजन किया जाता है। जिला स्तरीय आयोजन में विकासखंड शिक्षा अधिकारी विदिशा श्रीमती अलका बागड़ी, पीएम श्री महारानी लक्ष्मीबाई कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की प्राचार्या डॉ. दीप्ति शुक्ला, सांदीपनि विद्यालय के प्राचार्य श्री जेपी नेमा एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारी ग्यारसपुर श्री हुकुमचंद सूर्यवंशी मौजूद रहे।
    
जिला स्तरीय मोगली महोत्सव के आयोजन में कनिष्ठ एवं वरिष्ठ वर्ग की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं कनिष्ठ वर्ग प्रतियोगिता में कक्षा 6 से 8 के प्रतिभागी सहभागिता करते हैं जबकि वरिष्ठ वर्ग में कक्षा 9 से 12 के प्रतिभागी सहभागिता करते हैं। जिला स्तरीय आयोजन में वरिष्ठ वर्ग में सभी सातों विकासखंड विदिशा, गंजबासौदा, नटेरन, ग्यारसपुर, कुरवाई, लटेरी एवं सिरोंज ने सहभागिता की।
    
प्राचार्या डॉ. दीप्ति शुक्ला ने बताया कि जिला स्तर पर विकासखंड स्तर से चयनित प्रतिभागी सहभागिता करते हैं इस प्रतियोगिता में सर्वप्रथम विद्यालय स्तर पर निबंध लेखन की प्रतियोगिता होती है। विकासखंड स्तर पर लिखित प्रश्न पत्र आयोजित किया जाता है एवं जिला स्तर पर मल्टीमीडिया क्विज का आयोजन किया जाता है क्विज का संचालन श्री सुरेंद्र रिछारिया के द्वारा किया गया।
     
कनिष्ठ वर्ग में नटेरन, लटेरी, सिरोंज, कुरवाई, ग्यारसपुर विकासखंड ने सहभागिता की। इस प्रतियोगिता के माध्यम से जिला स्तर पर चयनित प्रथम प्रतिभागी वरिष्ठ वर्ग एवं कनिष्ठ वर्ग राज्य स्तर पर मोगली लैंड पैच अभ्यारण में सहभागिता करेंगे और मोगली मित्र प्रकृति के साथ सतत संपर्क में रहेंगे।
     
जिला स्तरीय प्रतियोगिता में प्रथम स्थान नटेरन विकासखंड के सांदीपनि विद्यालय के प्रतिभागियों ने प्राप्त किया जिला स्तरीय आयोजन में निर्णायक की भूमिका श्री सौदान सिंह सूर्यवंशी, श्री खेलन सिंह विश्वकर्मा एवं श्री भगवान सिंह जाटव ने निभाई। प्रतियोगिता का सफल संचालन श्री ओम प्रकाश चौबे के द्वारा किया गया। टेक्निकल टीम में श्री प्रेम सिंह के द्वारा मल्टीमीडिया क्विज का प्रदर्शन किया गया। आयोजन में कनिष्ठ एवं वरिष्ठ वर्ग दोनों में सांदीपनि विद्यालय नटेरन ने प्रथम स्थान प्राप्त किया विद्यालय परिवार के समस्त सदस्य उपस्थित रहे। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/>
प्रधानमंत्री मत्स्य कृषक समृद्धि सह योजना का लाभ लेने ऑनलाइन पंजीयन कराएं 
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मछुआरे, मत्स्य किसान, विक्रेता एवं मत्स्य उद्यमी एनएफडीपी पोर्टल पर आवेदन करे 
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केन्द्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना अंतर्गत केंद्रीय क्षेत्र की उपयोजना प्रधानमंत्री मत्स्य कृषक समृद्धि सह योजना का संचालन किया जा रहा है। योजना का उद्देश्य मत्स्य क्षेत्र से जुड़े मछुआरों, मत्स्य किसानों, मत्स्य विक्रेताओं एवं मत्स्य उद्यमियों को विभिन्न गतिविधियों एवं सुविधाओं का लाभ उपलब्ध कराना है। योजना का लाभ प्राप्त करने के इच्छुक पात्र हितग्राही नेशनल फिशरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म (एनएफडीपी) पर ऑनलाइन पंजीयन कर आवेदन कर सकते हैं।

मत्स्योद्योग विभाग के सहायक संचालक श्री मुकुंदराव वंशोडकर ने बताया कि प्रधानमंत्री मत्स्य कृषक समृद्धि सह योजना के माध्यम से मत्स्य क्षेत्र से जुड़े हितग्राहियों को विभिन्न प्रकार की सुविधाएं एवं सहायता उपलब्ध कराई जा रही हैं। योजना के अंतर्गत ऋण सुविधाएं, मत्स्य सहकारी समितियों का सशक्तिकरण, जलीय कृषि बीमा, प्रदर्शन अनुदान, प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण सहित अन्य गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बताया कि योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए पात्र हितग्राहियों का एनएफडीपी पोर्टल/प्लेटफॉर्म पर पंजीयन आवश्यक है। जिले के पात्र एवं इच्छुक मत्स्य कृषक, मछुआरे, मत्स्य विक्रेता तथा मत्स्य उद्यमी अपना ऑनलाइन पंजीयन एवं आवेदन करा सकते हैं।

हितग्राही अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के माध्यम से अथवा कार्यालय सहायक संचालक मत्स्योद्योग, जिला विदिशा में उपस्थित होकर ऑनलाइन पंजीयन एवं आवेदन की प्रक्रिया पूर्ण कर सकते हैं। मत्स्य विभाग द्वारा पात्र हितग्राहियों से योजना का लाभ लेने के लिए समय पर पंजीयन कराने का आग्रह किया गया है। योजना से संबंधित अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड, हैदराबाद के टोल फ्री नंबर 18004251660 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त हितग्राही कार्यालय सहायक संचालक मत्स्योद्योग, जिला विदिशा से भी योजना, पात्रता, पंजीयन एवं आवेदन प्रक्रिया के संबंध में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/>
भावांतर योजना के अंतर्गत सोयाबीन पंजीयन 3 से 17 अक्टूबर तक 
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ई-उपार्जन पोर्टल पर किसानों के पंजीयन की प्रक्रिया निर्धारित, किसानों की सुविधा के लिए विभिन्न पंजीयन केन्द्रों पर होगी व्यवस्था 
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खरीफ वर्ष 2026 (विपणन वर्ष 2026-27) में भारत सरकार की प्राइस डिफिसिट पेमेंट स्कीम (भावांतर योजना) के अंतर्गत सोयाबीन फसल के पंजीयन की प्रक्रिया निर्धारित की गई है। किसान 3 अक्टूबर से 17 अक्टूबर  तक ई-उपार्जन पोर्टल पर सोयाबीन फसल का पंजीयन करा सकेंगे। इस संबंध में किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग,  द्वारा प्रदेश के समस्त कलेक्टरों को निर्देश जारी किए गए हैं।

पंजीयन की व्यवस्था ई-उपार्जन पोर्टल www.mpeuparjan.nic.in
पर की जाएगी। पंजीयन केन्द्रों का निर्धारण, आवश्यक भौतिक एवं मानव संसाधन की व्यवस्था, किसानों के पंजीयन एवं सत्यापन की प्रक्रिया तथा प्रचार-प्रसार एवं प्रशिक्षण संबंधी कार्यवाही निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार सुनिश्चित की जाएगी। 
  
किसानों की सुविधा के लिए निःशुल्क पंजीयन की व्यवस्था -
     किसानों को पंजीयन के लिए अनावश्यक परेशानी न हो, इसके लिए ग्राम पंचायत कार्यालय, जनपद पंचायत कार्यालय एवं तहसील कार्यालय में स्थापित सुविधा केन्द्रों पर निःशुल्क पंजीयन की व्यवस्था की जा सकती है। इसके अतिरिक्त एमपी ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेंटर, सहकारी समितियों एवं सहकारी विपणन संस्थाओं के पंजीयन केन्द्र, लोक सेवा केन्द्र तथा निजी साइबर कैफे के माध्यम से भी पंजीयन कराया जा सकेगा। सशुल्क केन्द्रों पर प्रति पंजीयन 50 रुपये से अधिक शुल्क निर्धारित नहीं किया जाएगा। इन केन्द्रों पर पंजीयन सुविधा एवं निर्धारित शुल्क से संबंधित जानकारी का बैनर लगाना भी आवश्यक होगा। 

आधार प्रमाणीकरण एवं दस्तावेज जरूरी -
     किसान पंजीयन के लिए आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य होगा। यह प्रक्रिया आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर प्राप्त OTP अथवा बायोमेट्रिक के माध्यम से पूरी की जा सकेगी। पंजीयन के दौरान भू-अभिलेख/एग्रीस्टेक में दर्ज भूमि के खाते एवं खसरे में किसान के नाम का मिलान आधार कार्ड में दर्ज नाम से किया जाएगा। नाम में विसंगति होने पर तहसीलदार अथवा नायब तहसीलदार द्वारा सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। किसानों को पंजीयन के समय भूमि संबंधी दस्तावेज, आधार एवं अन्य फोटो पहचान पत्र आवश्यकतानुसार उपलब्ध कराने होंगे। सिकमी/बटाईदार एवं वन पट्टाधारी किसानों के लिए संबंधित अनुबंध एवं वन पट्टे से जुड़े दस्तावेजों का परीक्षण और सत्यापन भी किया जाएगा। 

बैंक खाता आधार से लिंक रखना जरूरी -
     उपार्जित फसल के भुगतान को सुगम बनाने के लिए किसान अपने आधार लिंक बैंक खाते की जानकारी पंजीयन के समय उपलब्ध कराएं। किसान का बैंक खाता एवं मोबाइल नंबर आधार से लिंक और अद्यतन होना आवश्यक है। पंजीयन में जनधन, अक्रियाशील, संयुक्त तथा फिनो, एयरटेल एवं पेटीएम जैसे खाते मान्य नहीं होंगे। 

पंजीयन में भूमि एवं फसल की सही जानकारी दर्ज कराएं -
     पंजीयन के दौरान किसान के खसरा, रकबा और बोई गई फसल की जानकारी एग्रीस्टेक डाटाबेस से ली जाएगी। किसान द्वारा बोई गई फसल का विवरण खसरेवार दर्ज किया जाएगा। यदि एग्रीस्टेक में किसान के सभी खसरे उपलब्ध नहीं हैं, तो संबंधित पटवारी, सीएससी, ग्राम सहायक अथवा पंजीकृत कृषक  मोबाइल एप के माध्यम से शेष खसरे जोड़े जा सकेंगे। सफल पंजीयन के बाद किसान को इसकी जानकारी एसएमएस के माध्यम से प्राप्त होगी तथा पंजीयन की जानकारी का प्रिंट भी पोर्टल से निकाला जा सकेगा।  

सिकमी, बटाईदार एवं वन पट्टाधारी किसानों के लिए विशेष व्यवस्था -
    सिकमी/बटाईदार तथा वन पट्टाधारी किसानों का पंजीयन सहकारी समिति एवं सहकारी विपणन संस्था द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्रों पर किया जाएगा। सिकमी/बटाईदार किसान को संबंधित अनुबंध की प्रति, आधार एवं एग्रीस्टेक किसान आईडी सहित आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे। वन पट्टाधारी किसानों के लिए वन पट्टा क्रमांक, खसरा, रकबा एवं बोई गई फसल का विवरण दर्ज किया जाएगा। 

किसान पंजीयन से पहले जानकारी का मिलान कराएं -
किसान अपने आधार डाटाबेस में मोबाइल नंबर अद्यतन रखें तथा बैंक खाते को आधार से लिंक कराएं। भूमि के रकबे, बोई गई फसल अथवा फसल की किस्म से संबंधित किसी प्रकार की असहमति होने पर पंजीयन से पहले डिजिटल क्रॉप सर्वे में दावा-आपत्ति दर्ज कर संशोधन की कार्यवाही कराई जा सकेगी। 

अपील: जिला प्रशासन द्वारा किसानों से अपील की गई है कि वे निर्धारित अवधि 3 से 17 अक्टूबर 2026 के बीच सोयाबीन फसल का पंजीयन अनिवार्य रूप से कराएं और पंजीयन के समय अपने आधार, मोबाइल नंबर, बैंक खाते तथा भूमि एवं फसल संबंधी जानकारी अद्यतन रखें। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/>
जिला स्तरीय साथिया समागम कार्यक्रम आयोजित
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राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत आज सीएमएचओ कार्यालय, विदिशा के परिसर में जिला स्तरीय साथिया समागम कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संयुक्त कलेक्टर श्रीमती दीपाश्री गुप्ता उपस्थित रहीं। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामरहित कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं पूजन-अर्चना के साथ किया गया। इसके पश्चात अतिथियों ने साथिया समागम कार्यक्रम के तहत लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा प्रदर्शनी में प्रदर्शित विभिन्न गतिविधियों एवं सामग्री की जानकारी ली। कार्यक्रम का उद्देश्य किशोर-किशोरियों में स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता बढ़ाने तथा साथिया साथियों के माध्यम से समुदाय में किशोर स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता एवं सकारात्मक वातावरण को बढ़ावा देना रहा। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=jansamparkmp nis:value=JansamparkMP nis:enabled=true nis:link/>
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत होमगार्ड, SDERF एवं नागरिक सुरक्षा वॉलेंटियर्स ने किया रक्तदान 
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जिला अस्पताल विदिशा में आयोजित रक्तदान शिविर में 15 यूनिट से अधिक रक्तदान 
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सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत बुधवार को श्रीमंत माधवराव सिंधिया शासकीय जिला चिकित्सालय में होमगार्ड, SDERF एवं नागरिक सुरक्षा (Civil Defence) वॉलेंटियर्स द्वारा रक्तदान शिविर में शामिल होकर रक्त दान किया गया है। शिविर में होमगार्ड, SDERF के जवानों एवं नागरिक सुरक्षा वॉलेंटियर्स ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए 15 यूनिट से अधिक रक्तदान किया।

कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता के निर्देशानुसार डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट होमगार्ड, SDERF एवं नागरिक सुरक्षा श्री मयंक कुमार जैन के नेतृत्व में आयोजित इस रक्तदान शिविर का उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही आमजन में रक्तदान के प्रति जागरूकता और सामाजिक सेवा की भावना को बढ़ावा देना रहा।

रक्तदान करने वाले होमगार्ड एवं SDERF जवानों तथा नागरिक सुरक्षा वॉलेंटियर्स ने कहा कि रक्तदान मानव सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम है। एक व्यक्ति द्वारा किया गया रक्तदान आवश्यकता के समय किसी मरीज के जीवन को बचाने में उपयोगी हो सकता है। शिविर में प्रतिभागियों ने स्वेच्छा से रक्तदान कर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का परिचय दिया।

रक्तदान से प्राप्त रक्त को जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में सुरक्षित रखा जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर यह रक्त जरूरतमंद मरीजों को उपलब्ध कराया जाएगा। इस पहल से अस्पताल में उपचाररत मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता बनाए रखने में सहयोग मिलेगा।

डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट श्री मयंक कुमार जैन ने रक्तदान करने वाले सभी होमगार्ड एवं SDERF जवानों तथा नागरिक सुरक्षा वॉलेंटियर्स की सराहना करते हुए कहा कि रक्तदान एक पुनीत कार्य है। हमारे द्वारा किया गया रक्तदान किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि समाज के अन्य वर्गों को भी आगे आकर नियमित रूप से रक्तदान के लिए प्रेरित होना चाहिए। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत होमगार्ड, SDERF एवं नागरिक सुरक्षा विभाग द्वारा समाज सेवा, जनकल्याण एवं जनभागीदारी से जुड़े विभिन्न कार्यों में निरंतर सहभागिता की जा रही है। <nis:link nis:type=tag nis:id=sevasankalpabhiyan nis:value=SevaSankalpAbhiyan nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/>
प्रधान जिला न्यायाधीश श्री शेख सलीम ने सब जेल गंजबासौदा का किया निरीक्षण 
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बंदियों से की चर्चा, समस्याओं की जानकारी लेकर आवश्यक व्यवस्थाओं का लिया जायजा 
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प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री शेख सलीम ने बुधवार को सब जेल गंजबासौदा का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) के सचिव श्री नितेन्द्र सिंह तोमर एवं जिला विधिक अधिकारी उपस्थित रहे। प्रधान जिला न्यायाधीश श्री शेख सलीम ने सब जेल के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण कर जेल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने बंदियों से प्रत्यक्ष रूप से संवाद करते हुए उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं तथा उन्हें उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने बंदियों से उनके प्रकरणों की स्थिति तथा विधिक सहायता की आवश्यकता के संबंध में भी चर्चा की।
निरीक्षण के दौरान बंदियों द्वारा बताई गई समस्याओं को गंभीरता से सुना गया तथा संबंधित अधिकारियों से आवश्यक जानकारी प्राप्त की गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा पात्र बंदियों को उपलब्ध कराई जाने वाली निःशुल्क विधिक सहायता एवं उनके विधिक अधिकारों के संबंध में भी जानकारी दी गई। इस अवसर पर सब जेल गंजबासौदा के जेलर श्री आलोक कुमार भार्गव सहित जेल स्टाफ उपस्थित रहा। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/>
सफलता की कहानी: पौआनाला के इस्लोक का BRICS पारंपरिक एवं स्वदेशी खेल आयोजन के लिए चयन 
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मल्लखंब में देश का प्रतिनिधित्व करने का मिला अवसर, ग्रामीण एवं आदिवासी अंचल के लिए गौरव का क्षण 
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जिले के ग्रामीण एवं आदिवासी अंचल में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिलने से अब स्थानीय युवा बड़े खेल मंचों तक पहुंच रहे हैं। इसी क्रम में पौआ नाला निवासी आदिवासी छात्र इस्लोक आदिवासी का चयन आगामी BRICS पारंपरिक एवं स्वदेशी खेल आयोजन में मल्लखंब विधा के लिए किया गया है। चयन के बाद इस्लोक मल्लखंब में भाग लेने के लिए अहमदाबाद जाएंगे। इस्लोक की यह उपलब्धि उनके परिवार और गांव के साथ-साथ पूरे विदिशा जिले के लिए गौरव का विषय है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस आयोजन में भाग लेने वाले जिले के खिलाड़ियों में इस्लोक का चयन विशेष उपलब्धि है तथा वे इस स्तर के आयोजन में भाग लेने वाले क्षेत्र के पहले आदिवासी खिलाड़ियों में शामिल हैं। उनकी सफलता ने यह संदेश दिया है कि ग्रामीण और आदिवासी अंचलों में भी खेल प्रतिभाओं की भरपूर संभावनाएं मौजूद हैं।
 
पालन सेवा फाउंडेशन ने मल्लखंब से कराया परिचय -
    इस्लोक की खेल यात्रा में पालन सेवा फाउंडेशन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। फाउंडेशन द्वारा ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्र के बच्चों के साथ कार्य करते हुए उन्हें पारंपरिक भारतीय खेलों से परिचित कराने और प्रशिक्षण के अवसर उपलब्ध कराने की पहल की गई। इसी पहल के माध्यम से इस्लोक को पहली बार मल्लखंब के बारे में जानकारी मिली और इस खेल का प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिला। प्रशिक्षण के दौरान इस्लोक ने नियमित अभ्यास, अनुशासन और निरंतर मेहनत के माध्यम से मल्लखंब में अपनी क्षमता विकसित की। फाउंडेशन के मार्गदर्शन में अभ्यास करते हुए उन्होंने धीरे-धीरे उच्च स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए स्वयं को तैयार किया। उनके प्रदर्शन और प्रतिभा ने उन्हें आगे बढ़ने का अवसर दिया और अब वे BRICS से जुड़े पारंपरिक एवं स्वदेशी खेल आयोजन में मल्लखंब विधा में भाग लेने जा रहे हैं।

ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में बच्चों को खेल प्रशिक्षण की सुविधाएं सीमित रूप से उपलब्ध होने की स्थिति में स्थानीय स्तर पर प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें प्रशिक्षण एवं उचित मंच उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है। पालन सेवा फाउंडेशन की पहल इसी दिशा में बच्चों को अवसर प्रदान करने का माध्यम बनी।
 
मल्लखंब ने दी नई पहचान - 
    मल्लखंब भारत की पारंपरिक खेल विधाओं में शामिल है। इसमें शारीरिक शक्ति, संतुलन, लचीलापन, एकाग्रता, साहस और शरीर पर नियंत्रण का विशेष महत्व होता है। इस्लोक ने ग्रामीण परिवेश में उपलब्ध अवसरों के बीच नियमित प्रशिक्षण और अभ्यास के माध्यम से इस खेल में अपनी पहचान बनाई। पौआ नाला जैसे ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्र से निकलकर BRICS के पारंपरिक एवं स्वदेशी खेल आयोजन से जुड़े मंच तक पहुंचना इस्लोक की खेल यात्रा की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उनकी यह सफलता क्षेत्र के अन्य बच्चों और युवाओं के लिए भी प्रेरणा का माध्यम बन रही है। इस उपलब्धि ने यह भी रेखांकित किया है कि यदि ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों की खेल प्रतिभाओं को समय पर पहचान, प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और उचित अवसर मिले, तो वे जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर से आगे बड़े मंचों तक अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकते हैं।
 
ग्रामीण प्रतिभाओं के लिए प्रेरणा -
   इस्लोक के चयन से पौआ नाला और आसपास के ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों में उत्साह का माहौल है। स्थानीय लोगों और परिवारजनों ने उनकी उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणादायी बताया है। इस्लोक की उपलब्धि पारंपरिक भारतीय खेलों के प्रति ग्रामीण युवाओं में रुचि बढ़ाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है। मल्लखंब जैसे स्वदेशी खेलों के माध्यम से बच्चों को अपनी शारीरिक क्षमता विकसित करने के साथ-साथ भारतीय खेल परंपरा से जुड़ने का अवसर मिलता है। 

पौआ नाला की मिट्टी से निकलकर अहमदाबाद में आयोजित होने वाले BRICS पारंपरिक एवं स्वदेशी खेल आयोजन तक पहुंचने वाले इस्लोक आदिवासी की यात्रा ग्रामीण भारत की खेल प्रतिभा और अवसर मिलने पर उसकी संभावनाओं का उदाहरण प्रस्तुत करती है। उनकी यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि क्षेत्र के ग्रामीण एवं आदिवासी युवाओं के लिए नई उम्मीद और खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा भी है। इस्लोक के चयन ने पौआ नाला के खेल इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। उनकी मेहनत, प्रशिक्षण और उपलब्धि आने वाले समय में क्षेत्र के अन्य बच्चों को भी पारंपरिक खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर सकती है। <nis:link nis:type=tag nis:id=sevasankalpabhiyan nis:value=SevaSankalpAbhiyan nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/>
स्वास्थ्य संस्थाओं का औचक निरीक्षण: स्वास्थ्य संस्थाओं का औचक निरीक्षण, अनुपस्थित चिकित्सक-कर्मचारियों का वेतन काटने के निर्देश 

सीएमएचओ डॉ. रामहित कुमार ने सिरोंज, नटेरन और सेऊ की स्वास्थ्य संस्थाओं का किया निरीक्षण, मरीजों को समय पर उपचार और योजनाओं का लाभ दिलाने पर जोर 
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स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, चिकित्सकों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति तथा मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था का जायजा लेने के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामहित कुमार एवं टीकाकरण अधिकारी डॉ. हेमंत पचौली द्वारा मंगलवार को विभिन्न स्वास्थ्य संस्थाओं का औचक निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने जनचिकित्सालय सिरोंज, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र नटेरन तथा आयुष्मान आरोग्य मंदिर सेऊ का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

जनचिकित्सालय सिरोंज में अनुपस्थित चिकित्सक-कर्मचारियों का वेतन काटने के निर्देश -
     औचक निरीक्षण के दौरान जनचिकित्सालय सिरोंज में अधिकारियों ने चिकित्सकों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति रजिस्टर का अवलोकन किया। रजिस्टर में अनुपस्थित पाए गए चिकित्सक एवं कर्मचारियों के संबंध में संस्था प्रभारी को आज का वेतन काटने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य संस्थाओं में पदस्थ चिकित्सकों एवं कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति आवश्यक है, ताकि मरीजों को उपचार एवं स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

अधिकारियों ने अस्पताल परिसर की साफ-सफाई व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। संस्था प्रभारी को निर्देश दिए गए कि अस्पताल परिसर में नियमित रूप से दिन में कम से कम 3 से 4 बार साफ-सफाई कराई जाए। वार्ड, परिसर एवं मरीजों के आवागमन वाले स्थानों पर स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ स्वास्थ्य संस्थाओं में स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

अधिकारियों ने मरीजों एवं उनके परिजनों के साथ सदाचरण और मृदुभाषी व्यवहार करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संस्थाओं में आने वाले प्रत्येक मरीज को समय पर आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही पात्र हितग्राहियों को शासन की जनकल्याणकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ दिलाना भी सुनिश्चित किया जाए।
 
सीएचसी नटेरन में समय पर उपस्थिति और समुचित उपचार के निर्देश 
इसके बाद अधिकारियों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र नटेरन का निरीक्षण किया। यहां चिकित्सकों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति तथा स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता की जानकारी ली गई। उपस्थित चिकित्सकों एवं कर्मचारियों को निर्धारित समय पर संस्था में उपस्थित रहकर आने वाले मरीजों का समुचित उपचार करने के निर्देश दिए गए।

अधिकारियों ने संस्था में उपलब्ध मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाओं के बेहतर संचालन पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केन्द्र में उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करते हुए मरीजों को आवश्यक सेवाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं। मरीजों और उनके परिजनों के साथ संवेदनशील एवं सहयोगात्मक व्यवहार सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
 
एनआरसी में भर्ती बच्चों की डाइट और स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा 
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र नटेरन में संचालित एनआरसी (पोषण पुनर्वास केन्द्र) का भी अधिकारियों द्वारा निरीक्षण किया गया। इस दौरान एनआरसी में भर्ती बच्चों की संख्या एवं उनकी स्थिति के संबंध में जानकारी ली गई। बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही डाइट की भी समीक्षा की गई।

अधिकारियों ने संस्था प्रभारी एवं संबंधित कर्मचारियों को निर्देशित किया कि एनआरसी में भर्ती बच्चों को निर्धारित मानकों के अनुरूप पोषण एवं आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। बच्चों की देखभाल एवं उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही न हो, यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही मरीजों एवं उनके परिजनों के साथ सदाचरण एवं मृदुभाषी व्यवहार करते हुए उन्हें आवश्यक जानकारी एवं सेवाएं समय पर उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
 
आयुष्मान आरोग्य मंदिर सेऊ में एएनसी सेवाओं की समीक्षा -
    निरीक्षण के अंतिम चरण में आयुष्मान आरोग्य मंदिर सेऊ का निरीक्षण किया गया। यहां सभी कर्मचारी उपस्थित पाए गए। अधिकारियों ने संस्था में संचालित स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी लेते हुए कर्मचारियों को ग्रामीण क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं तक नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के निर्देश दिए।

कर्मचारियों को ग्राम में सभी एएनसी (गर्भवती महिलाओं की जांच), हाई रिस्क एएनसी, आवश्यक जांचों एवं पीआईएच प्रबंधन का कार्य शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही संबंधित पोर्टल पर स्वास्थ्य सेवाओं एवं हितग्राहियों से संबंधित जानकारी का समय पर प्रविष्टिकरण करने के लिए कहा गया, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी एवं फॉलोअप प्रभावी ढंग से किया जा सके।

औचक निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने स्वास्थ्य संस्थाओं में कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति, साफ-सफाई, मरीजों के साथ व्यवहार, उपचार की उपलब्धता, पोषण सेवाओं तथा शासन की जनकल्याणकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया। अधिकारियों ने निर्देशित किया कि स्वास्थ्य संस्थाओं में आने वाले प्रत्येक मरीज को संवेदनशीलता के साथ समय पर आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता रहे। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=Vidisha nis:enabled=true nis:link/>
सोलर प्रशिक्षण से विद्यार्थियों को मिला रोजगारपरक तकनीकी कौशल 
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प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस विदिशा में प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले विद्यार्थियों को वितरित किए प्रमाण-पत्र 
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प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शासकीय महाविद्यालय विदिशा में ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट विभाग द्वारा स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन योजना के अंतर्गत आयोजित अल्पावधि रोजगार उन्मुख प्रशिक्षण कार्यक्रम “सोलर लैंप एवं सोलर उपकरण—असेंबली, परीक्षण, उत्पादन एवं विक्रय” का समापन हुआ। समापन अवसर पर प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।

31 अगस्त  से प्रारंभ हुए इस प्रशिक्षण का उद्देश्य विद्यार्थियों को सौर ऊर्जा से संबंधित तकनीकी एवं व्यावहारिक कौशल से दक्ष करना तथा उन्हें रोजगार, स्वरोजगार एवं उद्यमिता के अवसरों के लिए तैयार करना था। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को सोलर लैंप एवं अन्य सोलर उपकरणों की असेंबली, परीक्षण, उत्पादन एवं विक्रय की प्रक्रियाओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों को सौर ऊर्जा के क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं तथा तकनीकी कार्यों की जानकारी भी प्राप्त हुई।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. वनिता वाजपेयी का मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन महत्वपूर्ण रहा। प्रशिक्षण कार्यक्रम के समन्वय में डॉ. अजय सिंह हजारी ने सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने प्रशिक्षण की रूपरेखा तैयार करने, प्रशिक्षकों से समन्वय तथा प्रशिक्षण की विभिन्न गतिविधियों के सुचारू संचालन में सहयोग प्रदान किया।

प्रशिक्षण के तकनीकी एवं प्रायोगिक पक्ष में शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था (आईटीआई), विदिशा की प्राचार्य सुश्री कविता रघुवंशी एवं आईटीआई के प्रशिक्षकों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। आईटीआई के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट ऑफिसर श्री आलोक रावत तथा प्रशिक्षक श्री अजीत सोनी ने विद्यार्थियों को तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया। विद्यार्थियों ने प्रशिक्षण के दौरान सोलर उपकरणों से संबंधित कार्यप्रणाली को समझने के साथ विभिन्न प्रक्रियाओं का व्यावहारिक अभ्यास किया।

समापन अवसर पर ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट ऑफिसर श्रीमती श्वेता सोलंकी ने स्वागत उद्बोधन में प्रशिक्षण के उद्देश्यों एवं उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक एवं रोजगारपरक कौशल अर्जित करना भी आवश्यक है। इस प्रकार के प्रशिक्षण विद्यार्थियों को उद्योग एवं रोजगार क्षेत्र की आवश्यकताओं से परिचित कराने के साथ उनके कौशल एवं आत्मविश्वास को बढ़ाने में सहायक होते हैं।

समारोह में प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। विद्यार्थियों को प्रशिक्षण के दौरान अर्जित तकनीकी ज्ञान एवं व्यावहारिक कौशल का उपयोग अपने भविष्य के रोजगार, स्वरोजगार एवं उद्यमिता के क्षेत्र में करने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. मनीष दुबे एवं डॉ. अमित श्रीवास्तव सहित महाविद्यालय के अधिकारी-कर्मचारी, प्रशिक्षण से जुड़े प्रशिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन श्री देवेश प्रसाद शुक्ल ने किया। उन्होंने कार्यक्रम की विभिन्न गतिविधियों का क्रमबद्ध संचालन करते हुए समारोह को गरिमापूर्ण रूप से संपन्न कराया। समापन अवसर पर विद्यार्थियों ने प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त अनुभव साझा किए तथा सोलर तकनीक से संबंधित अर्जित ज्ञान एवं व्यावहारिक कौशल को अपने भविष्य के करियर के लिए उपयोगी बताया। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=Vidisha nis:enabled=true nis:link/>
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत शासकीय आईटीआई विदिशा के प्रशिक्षणार्थियों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं एचआईवी जागरूकता सत्र आयोजित
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सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता जी के निर्देशन में शासकीय आईटीआई विदिशा में प्रशिक्षणार्थियों के स्वास्थ्य परीक्षण एवं एनीमिया जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में प्रशिक्षणार्थियों के स्वास्थ्य की जांच करते हुए आवश्यक स्वास्थ्य संबंधी परामर्श प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त सघन जागरूकता अभियान के अंतर्गत जागरूकता सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रशिक्षणार्थियों को एचआईवी/एड्स, इसके संक्रमण के कारणों, बचाव के उपायों एवं इससे जुड़ी भ्रांतियों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई। सत्र का उद्देश्य प्रशिक्षणार्थियों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा सुरक्षित एवं जिम्मेदार व्यवहार के लिए प्रेरित करना रहा। अभियान के माध्यम से प्रशिक्षणार्थियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने का संदेश दिया गया। <nis:link nis:type=tag nis:id=sevasankalpabhiyan nis:value=SevaSankalpAbhiyan nis:enabled=true nis:link/>
सेवा संकल्प अभियान के तहत आंगन मिलन कार्यक्रम आयोजित
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ग्राम आटासेमर में जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में हितग्राहियों एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का सम्मान
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सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत आंगन मिलन कार्यक्रम का आयोजन विकासखंड गंजबासौदा के ग्राम आटासेमर में किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बासौदा विधायक श्री हरिसिंह रघुवंशी रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के पूजन एवं कन्या पूजन के साथ किया गया। इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि श्री देवेंद्र सिंह रघुवंशी, श्री लाखन रघुवंशी, श्रीमती अंशलेखा भावसार सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में परियोजना अधिकारी श्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह, परियोजना अधिकारी श्री परितोष सोनकर, श्री संतोष रघुवंशी, पर्यवेक्षकगण, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं, आशा कार्यकर्ता तथा किशोरी बालिकाओं ने सहभागिता की। मुख्य अतिथि विधायक श्री हरिसिंह रघुवंशी द्वारा कार्यक्रम स्थल पर वृक्षारोपण किया गया तथा पोषण प्रदर्शनी का अवलोकन कर महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित पोषण गतिविधियों की जानकारी ली गई।

उत्कृष्ट कार्य करने वालों का सम्मान -
    कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। वहीं प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, लाड़ली लक्ष्मी योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों को भी प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। इस अवसर पर बच्चे के अन्नप्राशन संस्कार की रस्म भी संपन्न कराई गई। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं के माध्यम से महिलाओं, बच्चों एवं किशोरियों के पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं सुरक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ग्रामीणों को दी गई। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से विभाग द्वारा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को ग्राम स्तर तक पहुंचाने तथा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए निरंतर गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। <nis:link nis:type=tag nis:id=sevasankalpabhiyan nis:value=SevaSankalpAbhiyan nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=Vidisha nis:enabled=true nis:link/>
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आँगन मिलन सेवा पखवाड़ा के द्वितीय चरण का शुभारंभ
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वर्धा ग्राम पंचायत में आयोजित हुआ मुख्य कार्यक्रम, शमशाबाद विधानसभा के 414 आंगनवाड़ी केन्द्रों में हुए आयोजन
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सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आँगन मिलन सेवा पखवाड़ा के द्वितीय चरण का शुभारंभ आज शमशाबाद विधानसभा क्षेत्र की वर्धा ग्राम पंचायत में आयोजित मुख्य कार्यक्रम के साथ किया गया। इस अवसर पर शमशाबाद विधानसभा क्षेत्र के कुल 414 आंगनवाड़ी केन्द्रों में विभिन्न कार्यक्रमों एवं गतिविधियों का आयोजन किया गया। वर्धा ग्राम पंचायत में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि शमशाबाद विधायक श्री सूर्य प्रकाश मीना उपस्थित रहे। कार्यक्रम में श्रीमती मंजरी जैन, श्रीमती अंशलेखा भावसार तथा शमशाबाद नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती भारती माहेश्वरी उपस्थित रहे।  साकल खेड़ा की सरपंच श्रीमती कल्पना किरार सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित भी कार्यक्रम में उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक श्री सूर्य प्रकाश मीना ने उपस्थित सभी माताओं और बहनाओं पर पुष्प वर्षा कर उनके इस कार्यक्रम में उपस्थित होने पर आभार व्यक्त किया. आगे आंगनवाड़ी केन्द्रों को महिलाओं एवं बच्चों के लिए शासन की योजनाओं और सेवाओं की महत्वपूर्ण कड़ी बताया। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में पोषण, स्वास्थ्य, बाल विकास एवं महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने समुदाय से आंगनवाड़ी केन्द्रों की गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता करने तथा पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने में सहयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं एवं बच्चों का बेहतर पोषण, स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। आंगनवाड़ी केन्द्रों के माध्यम से संचालित योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति के पात्र हितग्राही तक पहुंचे, इसके लिए जनप्रतिनिधियों, विभागीय अमले एवं समुदाय के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है।

मुख्यमंत्री जी की अपील का वाचन -
    कार्यक्रम के दौरान माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा जारी अपील का वाचन जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, विदिशा श्रीमती विनीता लोढ़ा द्वारा किया गया। उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय को महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी देते हुए आंगनवाड़ी केन्द्रों की गतिविधियों में समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की बात कही। 

उत्कृष्ट कार्य करने वाली कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं का सम्मान -
     कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, लाड़ली लक्ष्मी योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों को भी प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा महिलाओं, बच्चों एवं किशोरियों के पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं सुरक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों तथा विभागीय योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों को दी गई। स्वास्थ्य विभाग की सहभागिता के माध्यम से स्वास्थ्य एवं पोषण से संबंधित सेवाओं के प्रति भी समुदाय को जागरूक किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी महिलाओं का स्वास्थ्य परिक्षण स्वास्थ्य विभाग के द्वारा किया गया।

इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती विनीता लोढ़ा, परियोजना अधिकारी विदिशा ग्रामीण श्रीमती नेहा जैसवाल, परियोजना अधिकारी नटेरन श्रीमती कमला पवार, ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर श्रीमती नीतू राय सहित महिला एवं बाल विकास एवं स्वास्थ्य विभाग से ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर श्रीमती नीतू राय एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। 

कार्यक्रम में 200 से अधिक आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं ने सहभागिता की। कुल मिलकर  500 से अधिक महिलाओं एवं 150 से अधिक बच्चों ने कार्यक्रम में सहभागिता की। आँगन मिलन सेवा पखवाड़ा के माध्यम से आंगनवाड़ी केन्द्रों और समुदाय के बीच सहभागिता को मजबूत करते हुए शासन की योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। <nis:link nis:type=tag nis:id=sevasankalpabhiyan nis:value=SevaSankalpAbhiyan nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=Vidisha nis:enabled=true nis:link/>
सफलता की कहानी: सुशासन की ओर एक और कदम, दो घंटे में जारी हुआ ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र
 
पुलिस भर्ती की अंतिम तिथि को देखते हुए तहसीलदार नटेरन ने की त्वरित कार्रवाई, आवेदक को समय पर मिला प्रमाण पत्र 
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सुशासन का उद्देश्य आमजन को शासकीय सेवाओं का लाभ सरल, सुगम और समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराना है। इसी दिशा में नटेरन तहसील में त्वरित कार्यवाही का उदाहरण सामने आया है, जहां पुलिस भर्ती की अंतिम तिथि को ध्यान में रखते हुए आवेदक का ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र महज दो घंटे में जारी किया गया।

ग्राम खडेर निवासी नीलम पुत्र प्रभुनाथ सिंह राजपूत ने 29 सितंबर 2026 को आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। आवेदक ने बताया कि आगामी पुलिस भर्ती के आवेदन की अंतिम तिथि निकट होने के कारण प्रमाण पत्र शीघ्र प्राप्त करना आवश्यक है। इस पर उन्होंने तहसीलदार नटेरन से त्वरित प्रमाण पत्र जारी करने का अनुरोध किया।

आवेदन प्राप्त होते ही तहसीलदार नटेरन श्री पीयूष जैन द्वारा तत्काल कार्यवाही प्रारंभ की गई। न्यायालय तहसीलदार नटेरन में प्रकरण क्रमांक 0131/बी-121/2026-27 दर्ज कर आवश्यक प्रक्रिया एवं संबंधित दस्तावेजों की जांच कराई गई। समस्त जांच प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद लगभग दो घंटे के भीतर ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया।
प्रमाण पत्र जारी करने के साथ ही उसके आदेश की प्रति भी आवेदक को उपलब्ध कराई गई, जिससे वह समय सीमा के भीतर पुलिस भर्ती की प्रक्रिया में आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर सके।

त्वरित और समयबद्ध कार्यवाही से प्रसन्न होकर आवेदक नीलम एवं उनके पिता प्रभुनाथ सिंह राजपूत ने तहसीलदार नटेरन तथा शासन के प्रति धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समय पर प्रमाण पत्र मिलने से उन्हें पुलिस भर्ती के आवेदन में सुविधा मिलेगी। यह प्रकरण दर्शाता है कि समयबद्ध सेवा प्रदाय, त्वरित निर्णय और संवेदनशील प्रशासनिक कार्यवाही के माध्यम से आमजन की आवश्यकताओं का प्रभावी ढंग से निराकरण किया जा सकता है। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=Vidisha nis:enabled=true nis:link/>
अनुगूंज से उद्घोष’ विशेष सत्र में विदिशा के 19 मूक-बधिर प्रतिभागियों ने की ऑनलाइन सहभागिता 
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साइन लैंग्वेज वीक के अवसर पर विधिक अधिकार, शिक्षा, रोजगार, सरकारी योजनाओं और साइबर सुरक्षा की दी गई जानकारी 
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मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर द्वारा साइन लैंग्वेज वीक के अवसर पर श्रवण एवं वाक् बाधित बच्चों एवं किशोरों के लिए ‘अनुगूंज से उद्घोष’ विषय पर विशेष ऑनलाइन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, विदिशा की ओर से 19 मूक-बधिर प्रतिभागियों ने ऑनलाइन माध्यम से सक्रिय सहभागिता की। सायं 5 बजे आयोजित विशेष सत्र में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री शेख सलीम ने भी मूक-बधिर प्रतिभागियों के साथ कार्यक्रम में सहभागिता की।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य श्रवण एवं वाक् बाधित बच्चों एवं किशोरों को उनके विधिक अधिकारों, निःशुल्क विधिक सहायता, शिक्षा, कैरियर के अवसर, शासकीय योजनाओं, भावनात्मक सशक्तिकरण एवं डिजिटल सुरक्षा के संबंध में जागरूक करना रहा। कार्यक्रम के माध्यम से प्रतिभागियों में आत्मविश्वास बढ़ाने तथा उन्हें उपलब्ध अवसरों एवं अधिकारों के प्रति सजग बनाने पर विशेष जोर दिया गया।

विशेष ऑनलाइन सत्र के दौरान विशेषज्ञों द्वारा विकलांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम, 2016, विधिक सहायता एवं हेल्पलाइन, भावनात्मक स्वास्थ्य एवं तनाव प्रबंधन, कला एवं रचनात्मक क्षेत्रों में उपलब्ध अवसर, शिक्षा एवं वैकल्पिक कैरियर, शासकीय योजनाओं, छात्रवृत्ति एवं आरक्षण सहित विभिन्न विषयों पर उपयोगी जानकारी प्रदान की गई। प्रतिभागियों को बच्चों के विरुद्ध हिंसा की रोकथाम तथा साइबर सुरक्षा एवं ऑनलाइन माध्यमों से जुड़े संभावित जोखिमों के संबंध में भी जागरूक किया गया।
कार्यक्रम को अधिक प्रभावी और सहभागी बनाने के लिए साइन लैंग्वेज के माध्यम से समूह गतिविधियों एवं संवाद का आयोजन किया गया। इससे मूक-बधिर प्रतिभागियों ने सहज रूप से कार्यक्रम की गतिविधियों में भाग लेते हुए अपने विचार एवं अनुभव साझा किए। कार्यक्रम में इस बात पर बल दिया गया कि दिव्यांग बच्चों एवं किशोरों को समान अवसर, सुरक्षित वातावरण और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।

कार्यक्रम में माननीय न्यायमूर्ति श्री अल्पेश वाई. कोगजे, मुख्य न्यायाधिपति, उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश एवं मुख्य संरक्षक, मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने मुख्य वक्तव्य में दिव्यांग एवं श्रवण बाधित बच्चों के अधिकारों, आत्मनिर्भरता, समान अवसर तथा समाज की मुख्यधारा में उनकी प्रभावी भागीदारी के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने ऐसे बच्चों एवं किशोरों के अधिकारों के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने तथा उन्हें आगे बढ़ने के लिए आवश्यक अवसर एवं सहयोग उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया।

इस अवसर पर न्यायमूर्ति श्री विवेक अग्रवाल, न्यायाधीश, उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश तथा  न्यायमूर्ति श्री विवेक रूसिया, प्रशासनिक न्यायाधीश, उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश एवं कार्यपालक अध्यक्ष, मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा भी विशेष संबोधन किया गया। ‘अनुगूंज से उद्घोष’ कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि सुनने और बोलने की क्षमता में बाधा किसी व्यक्ति की प्रतिभा, अधिकारों और संभावनाओं की सीमा नहीं है। विधिक जागरूकता, शिक्षा, कौशल विकास, तकनीकी सुरक्षा और समान अवसरों के माध्यम से मूक-बधिर बच्चों एवं किशोरों को सशक्त बनाकर उन्हें समाज की मुख्यधारा से प्रभावी रूप से जोड़ा जा सकता है। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=Vidisha nis:enabled=true nis:link/>
आईटीआई विदिशा में आयोजित हुई एक दिवसीय ‘अल्पविराम आनंद’ कार्यशाला 
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छात्र-छात्राओं एवं स्टाफ ने जाना जीवन में आनंद, मदद और क्षमा का महत्व 
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आनंद विभाग विदिशा की टीम द्वारा शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) विदिशा में छात्र-छात्राओं एवं स्टाफ के लिए एक दिवसीय ‘अल्पविराम आनंद कार्यशाला’ का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को दैनिक जीवन की व्यस्तताओं के बीच आत्मचिंतन, सकारात्मक सोच तथा आनंद की अनुभूति से जोड़ना रहा। कार्यक्रम की शुरुआत मास्टर ट्रेनर श्री संजय श्रीवास्तव द्वारा राज्य आनंद संस्थान के परिचय से की गई। उन्होंने राज्य आनंद संस्थान द्वारा आनंद की दिशा में संचालित की जा रही विभिन्न गतिविधियों एवं कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि जीवन में आनंद की अनुभूति केवल बाहरी परिस्थितियों पर निर्भर नहीं है, बल्कि व्यक्ति के विचार, व्यवहार और दृष्टिकोण भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इसके पश्चात मास्टर ट्रेनर श्रीमती अंजना श्रीवास्तव द्वारा अल्पविराम कार्यशाला के प्रमुख टूल ‘लाइव बैलेंस शीट’ का प्रदर्शन किया गया। उन्होंने प्रतिभागियों को इस टूल की उपयोगिता समझाते हुए मदद और क्षमा से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि जीवन में कुछ समय स्वयं के लिए निकालकर अपने विचारों एवं अनुभवों पर चिंतन करना व्यक्ति को मानसिक रूप से संतुलित एवं सकारात्मक बनाने में सहायक होता है। उन्होंने अल्पविराम के माध्यम से जीवन में आनंद की अनुभूति को विस्तार से समझाया। कार्यक्रम में प्रभारी नोडल अधिकारी डॉ. जय बाबू अहिरवार ने भी अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने अल्पविराम की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए प्रतिभागियों से कार्यशाला के दौरान प्राप्त अनुभवों को अपने दैनिक जीवन में अपनाने का आह्वान किया।

कार्यशाला के समापन अवसर पर आगामी तीन दिवसीय आनंद कार्यशाला में सहभागिता के इच्छुक प्रशिक्षकों एवं प्रतिभागियों के नामों के लिए सहमति ली गई। इस अवसर पर आईटीआई के इंस्ट्रक्टर श्री महेंद्र सिंह रघुवंशी ने उपस्थित स्टाफ, छात्र-छात्राओं तथा आनंदम टीम का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में आईटीआई की प्राचार्य श्रीमती कविता रघुवंशी की विशेष भूमिका रही। कार्यशाला में उपस्थित आईटीआई स्टाफ एवं छात्र-छात्राओं ने आनंद विभाग द्वारा आयोजित इस पहल की सराहना करते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाने की अपेक्षा व्यक्त की। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=Vidisha nis:enabled=true nis:link/>
सफलता की कहानी
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खामोशी से आवाज़ तक—स्वरागिनी की नई शुरुआत
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राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के अंतर्गत समय पर की गई पहचान, उचित रेफरल और निरंतर उपचार से लटेरी की 5 वर्ष 8 माह की बालिका स्वरागिनी के जीवन में नई उम्मीद और खुशियों की आवाज लौटी है। कभी सुनने में परेशानी के कारण बोलने और भाषा के विकास में कठिनाई का सामना कर रही स्वरागिनी आज आवाजों को सुनने के साथ-साथ बोलने लगी है।
    
स्वरागिनी, पिता श्री गोपाल प्रजापति, निवासी लटेरी, जिला विदिशा की रहने वाली है। बचपन से ही उसे सुनने में परेशानी थी। इस कारण उसके बोलने तथा भाषा संबंधी विकास पर भी प्रभाव पड़ रहा था। परिवार के लिए यह चिंता का विषय था, लेकिन राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत हुए स्वास्थ्य परीक्षण ने स्वरागिनी के जीवन में बदलाव की राह खोल दी।
 
RBSK जांच में हुई समस्या की पहचान - 
     राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) की टीम द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान स्वरागिनी में श्रवण संबंधी समस्या की पहचान की गई। टीम ने समस्या को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक जांच एवं उपचार के लिए बच्ची को जिला शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र (DEIC), विदिशा रेफर किया। DEIC, विदिशा में विशेषज्ञों द्वारा स्वरागिनी का परीक्षण एवं आवश्यक मूल्यांकन किया गया। जांच के आधार पर बेहतर एवं विशेषज्ञ उपचार के लिए उसे उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया गया।
 
कॉक्लियर इम्प्लांट से मिली सुनने की क्षमता -
    उच्च चिकित्सा केंद्र पर आवश्यक जांच एवं विशेषज्ञों के मूल्यांकन के बाद स्वरागिनी के लिए कॉक्लियर इम्प्लांट की आवश्यकता निर्धारित की गई। इसके बाद 21 जनवरी 2024 को स्वरागिनी का सफलतापूर्वक कॉक्लियर इम्प्लांट किया गया। ऑपरेशन के बाद उपचार की प्रक्रिया यहीं समाप्त नहीं हुई। बच्ची को लगभग एक वर्ष तक नियमित रूप से स्पीच एवं हियरिंग थेरेपी दी गई। परिवार ने भी उपचार प्रक्रिया में निरंतर सहयोग किया और बच्ची को नियमित रूप से थेरेपी के लिए ले जाया गया।

नियमित थेरेपी से लौटी आवाज -
    निरंतर उपचार, नियमित स्पीच एवं हियरिंग थेरेपी और परिवार के सहयोग से स्वरागिनी में धीरे-धीरे सुनने एवं बोलने की क्षमता में उल्लेखनीय सुधार हुआ। आज वह आवाजों को सुनने के साथ-साथ बोलने लगी है। जिस बच्ची के लिए कभी दुनिया की आवाजों को सुनना और अपनी बात कहना चुनौती था, वही स्वरागिनी अब अपनी आवाज के माध्यम से अपनी भावनाएं और खुशियां व्यक्त कर रही है। उसके जीवन में आया यह बदलाव उसके परिवार के लिए भी खुशी और संतोष का विषय है।
 
समय पर पहचान बनी बदलाव की वजह -
    स्वरागिनी की सफलता इस बात का उदाहरण है कि बच्चों में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की समय पर पहचान, उचित रेफरल, विशेषज्ञ उपचार और निरंतर फॉलोअप कितना महत्वपूर्ण है। RBSK टीम द्वारा समय पर श्रवण समस्या की पहचान, DEIC विदिशा द्वारा उचित मार्गदर्शन एवं रेफरल, उच्च चिकित्सा केंद्र पर उपलब्ध उपचार तथा परिवार के निरंतर सहयोग ने स्वरागिनी के जीवन को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
    
स्वरागिनी की कहानी अन्य अभिभावकों के लिए भी संदेश है कि यदि बच्चे में सुनने, बोलने, देखने, चलने या विकास से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या दिखाई दे, तो उसे नजरअंदाज न करें। समय पर स्वास्थ्य परीक्षण एवं विशेषज्ञों की सलाह लेकर उपचार कराया जाए तो बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव संभव है। <nis:link nis:type=tag nis:id=sevasankalpabhiyan nis:value=SevaSankalpAbhiyan nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=Vidisha nis:enabled=true nis:link/>
अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर  वरिष्ठजनों का आत्मीय सम्मान 
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शाल-श्रीफल से सम्मान, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं 100 वर्ष से अधिक आयु के वृद्धजनों को दिया जाएगा ‘शतायु सम्मान’
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अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर वरिष्ठजनों के प्रति सम्मान, संवेदना और कृतज्ञता व्यक्त करने के उद्देश्य से 01 अक्टूबर 2026 को श्रीहरि वृद्धाश्रम परिसर, विदिशा में दोपहर 12 बजे से कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा किया जा रहा है।
     
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की उप संचालक एवं डिप्टी कलेक्टर सुश्री आयुषी  गुप्ता ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस वरिष्ठ नागरिकों के अनुभव, योगदान एवं जीवन मूल्यों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का महत्वपूर्ण अवसर है। इसी भावना के साथ श्रीहरि वृद्धाश्रम परिसर में वरिष्ठजनों के सम्मान के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान वृद्धजनों का शाल एवं श्रीफल से आत्मीय सम्मान किया जाएगा। इसके साथ ही वरिष्ठजनों के मनोरंजन एवं उत्साहवर्धन के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। 

कार्यक्रम में विशेष रूप से 100 वर्ष से अधिक आयु पूर्ण कर चुके वृद्धजनों को ‘शतायु सम्मान’ प्रदान कर उनके दीर्घ जीवन एवं अनुभवों के प्रति सम्मान व्यक्त किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम के माध्यम से समाज में वरिष्ठजनों के प्रति सम्मान, संवेदनशीलता एवं उनके अनुभवों से सीख लेने की भावना को प्रोत्साहित किया जाएगा।
     
अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस का यह आयोजन वरिष्ठ नागरिकों को यह अनुभूति कराने का अवसर भी होगा कि समाज उनके योगदान और जीवन अनुभवों को सम्मान की दृष्टि से देखता है। कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, समाजसेवी एवं अन्य नागरिक वरिष्ठजनों के साथ आत्मीय संवाद कर उनका उत्साहवर्धन करेंगे। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=Vidisha nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=अंतर्राष्ट्रीय_वृद्धजन_दिवस nis:value=अंतर्राष्ट्रीय_वृद्धजन_दिवस nis:enabled=true nis:link/>
जनसुनवाई में पट्टे की भूमि पर कब्जे की शिकायत व पीएम विश्वकर्मा योजना से जुड़े मामले का हुआ निराकरण
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कलेक्टर की पहल से ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया तेज, कई प्रकरणों में कार्रवाई शुरू
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जनसुनवाई में कलेक्टर ने सुनीं आमजन की समस्याएं, कई मामलों का मौके पर हुआ निराकरण
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कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता ने आज जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में जिलेभर से आए नागरिकों की समस्याएं सुनकर उनके त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। जनसुनवाई के दौरान प्राप्त विभिन्न शिकायतों एवं आवेदनों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करते हुए कई मामलों का मौके पर ही समाधान कराया गया। जनसुनवाई में लटेरी तहसील के ग्राम कोलापुरा निवासी श्री बाबूलाल प्रजापति ने अपनी पट्टे की भूमि पर कुछ व्यक्तियों द्वारा अवैध कब्जा किए जाने तथा सोयाबीन फसल काटने की धमकी दिए जाने की शिकायत प्रस्तुत की। आवेदक ने बताया कि वह न्यायालय से प्रकरण जीत चुके हैं, इसके बावजूद भूमि पर कब्जा बना हुआ है। कलेक्टर श्री गुप्ता ने मामले को गंभीरता से लेते हुए लटेरी एसडीएम से वर्चुअल माध्यम से चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए। आवेदक की पांच बीघा भूमि पर बोई गई सोयाबीन फसल की कटाई करवाकर भूमि का कब्जा दिलाने की कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=jansamparkmp nis:value=jansamparkmp nis:enabled=true nis:link/>
विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर 10 अक्टूबर को मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम 
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सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में होगा आयोजन 
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अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के डीन डॉ. मनीष निगम ने बताया कि सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर आगामी 10 अक्टूबर को मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने, मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर संवाद को प्रोत्साहित करने तथा लोगों को अपने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील बनाने का संदेश देना है।

डॉ. निगम ने बताया कि इस वर्ष विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस की थीम “Real Experiences Heard: Real Voices, Real Change” निर्धारित की गई है। थीम के अनुरूप कार्यक्रम में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े कुछ वास्तविक अनुभवों को साझा किया जाएगा। इन अनुभवों को संबंधित व्यक्तियों की स्वैच्छिक सहमति के साथ प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े अनुभवों और चुनौतियों को समझने के साथ-साथ उनके प्रति संवेदनशील एवं सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित किया जा सके। उन्होंने बताया कि मानसिक स्वास्थ्य व्यक्ति के समग्र स्वास्थ्य का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर खुलकर बातचीत, अनुभवों को सुनना और आवश्यकता होने पर समय पर उचित सहायता प्राप्त करना महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के साथ ही समाज में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी संवाद को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा।

कार्यक्रम में अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के सभी शिक्षकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहेंगे। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित यह कार्यक्रम मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता, संवेदनशीलता और सकारात्मक संवाद को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल होगा। <nis:link nis:type=tag nis:id=sevasankalpabhiyan nis:value=SevaSankalpAbhiyan nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=Vidisha nis:enabled=true nis:link/>
कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता के मार्गदर्शन में जिला मुख्यालय पर आयोजित जनसुनवाई में जिला पंचायत सीईओ श्रीमती सुरभि तिवारी समेत अन्य अधिकारियों ने स्वयं आवेदकों के पास पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनीं। <nis:link nis:type=tag nis:id=जनसुनवाई nis:value=जनसुनवाई nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=Vidisha nis:enabled=true nis:link/>
कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता ने जिला मुख्यालय पर आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में आवेदकों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को प्रकरणों के त्वरित एवं नियमानुसार निराकरण के निर्देश दिए। <nis:link nis:type=tag nis:id=जनसुनवाई nis:value=जनसुनवाई nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=Vidisha nis:enabled=true nis:link/>
सफलता की कहानी: पक्का घर मिलने से नारायण सिंह के परिवार के सपनों को मिली नई छत
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विदिशा जिले की जनपद पंचायत विदिशा के ग्राम सलैया निवासी श्री नारायण सिंह के जीवन में प्रधानमंत्री आवास योजना खुशियों की नई सौगात लेकर आई। योजना का लाभ मिलने से पहले नारायण सिंह अपने परिवार के साथ कच्चे मकान में निवास करते थे। कच्चे घर के कारण विशेष रूप से बारिश के दिनों में परिवार को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। घर की छत से पानी टपकने और घर की सुरक्षा को लेकर परिवार हमेशा चिंतित रहता था।
     
इसी दौरान श्री नारायण सिंह को भारत सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना की जानकारी मिली। उन्होंने योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवश्यक दस्तावेज तैयार किए और ग्राम पंचायत में संपर्क किया। आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद जब ग्राम पंचायत द्वारा उन्हें बताया गया कि उनका नाम आवास स्वीकृति की सूची में शामिल हो गया है, तो नारायण सिंह और उनके परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। वर्षों से देखा जा रहा पक्के घर का सपना अब साकार होने की उम्मीद बन चुका था। योजना के अंतर्गत श्री नारायण सिंह को चरणबद्ध तरीके से किस्तों में राशि प्राप्त हुई। इस राशि का उपयोग कर उन्होंने अपने लिए पक्का मकान बनवाया। मकान पूर्ण होने के बाद परिवार ने राहत महसूस की।
   
श्री नारायण सिंह बताते हैं कि पहले बारिश के दिनों में घर को लेकर काफी परेशानी होती थी, लेकिन अब पक्का मकान बनने से परिवार सुरक्षित और खुशहाल जीवन जी रहा है। वे प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहते हैं कि इस योजना ने उनके परिवार को केवल पक्का मकान ही नहीं, बल्कि सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन का आधार भी दिया है। <nis:link nis:type=tag nis:id=sevasankalpabhiyan nis:value=SevaSankalpAbhiyan nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=Vidisha nis:enabled=true nis:link/>
कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता कलेक्ट्रेट कार्यालय के बेतवा सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा बैठक में लंबित आवेदनों, शासकीय योजनाओं की क्रियान्वयन स्थिति तथा जिले में संचालित सेवा संकल्प एवं मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान तहत किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए। <nis:link nis:type=tag nis:id=sevasankalpabhiyan nis:value=SevaSankalpAbhiyan nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=मुख्यमंत्री_जनविश्वास_अभियान nis:value=मुख्यमंत्री_जनविश्वास_अभियान nis:enabled=true nis:link/>
प्रमुख सचिव जेल श्री मुकेश चन्द गुप्ता ने किया जिला जेल विदिशा का निरीक्षण
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जेल की सुरक्षा, CCTV निगरानी एवं ऑनलाइन न्यायालयीन पेशी व्यवस्थाओं का लिया जायजा 
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ओवरक्राउडिंग को देखते हुए नवीन जेल भवन के लिए भूमि चयन के निर्देश
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मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के अंतर्गत जेल विभाग के प्रमुख सचिव श्री मुकेश चन्द गुप्ता ने 26 सितम्बर को जिला जेल विदिशा का भ्रमण कर जेल की सुरक्षा एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान केन्द्रीय जेल भोपाल के अधीक्षक भी उपस्थित रहे। प्रमुख सचिव श्री गुप्ता ने निरीक्षण के दौरान जिला जेल की सुरक्षा व्यवस्था, CCTV निगरानी प्रणाली, बंदियों की ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से न्यायालयीन पेशी, जेल में प्रवेश एवं निकास व्यवस्था सहित परिसर में संचालित विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने जेल प्रशासन द्वारा सुरक्षा एवं बंदियों से संबंधित व्यवस्थाओं के संचालन की जानकारी प्राप्त की तथा आवश्यक व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के संबंध में अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए।

सीसीटीवी एवं ऑनलाइन वीसी व्यवस्था की समीक्षा -
    प्रमुख सचिव ने जेल परिसर में स्थापित सीसीटीवी कैमरों की उपलब्धता, उनके कवरेज तथा निगरानी व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने बंदियों की न्यायालयीन पेशी के लिए संचालित ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। वीसी पेशी के सुचारू संचालन के लिए उपलब्ध कंप्यूटर, नेटवर्क एवं अन्य तकनीकी संसाधनों की स्थिति की समीक्षा करते हुए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जेल की सुरक्षा व्यवस्था में तकनीकी संसाधनों का प्रभावी उपयोग महत्वपूर्ण है। CCTV निगरानी व्यवस्था को सतत सक्रिय एवं प्रभावी बनाए रखने के साथ ही ऑनलाइन न्यायालयीन कार्यवाही के संचालन में किसी प्रकार की तकनीकी बाधा न हो, इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।

सुरक्षा व्यवस्था में सतर्कता के निर्देश -
    प्रमुख सचिव श्री गुप्ता ने जेल प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था में निरंतर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रवेश एवं निकास व्यवस्था सहित जेल परिसर में निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल का प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही बंदियों के लिए निर्धारित व्यवस्थाओं एवं सुविधाओं का भी प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
    
ओवरक्राउडिंग को देखते हुए नवीन जेल भवन के लिए भूमि चयन के निर्देश -
    निरीक्षण के दौरान जिला जेल विदिशा में ओवरक्राउडिंग की समस्या को भी संज्ञान में लिया गया। प्रमुख सचिव श्री मुकेश चन्द गुप्ता ने विदिशा में नवीन जेल भवन के निर्माण के लिए उपयुक्त शासकीय भूमि के चयन एवं आवंटन की दिशा में आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को भूमि चयन की प्रक्रिया में आवश्यक समन्वय करते हुए आगे की कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा। प्रमुख सचिव के भ्रमण के दौरान जेल प्रशासन द्वारा वर्तमान व्यवस्थाओं, सुरक्षा इंतजामों तथा बंदियों से संबंधित सुविधाओं की जानकारी दी गई। निरीक्षण का उद्देश्य जेल की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने, तकनीकी संसाधनों के प्रभावी उपयोग तथा बंदियों से संबंधित व्यवस्थाओं को अधिक व्यवस्थित एवं प्रभावी बनाना रहा। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=Vidisha nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=मुख्यमंत्री_जनविश्वास_अभियान nis:value=मुख्यमंत्री_जनविश्वास_अभियान nis:enabled=true nis:link/>