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PRO JS VIDISHA

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विदिशा के खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन, यूथ एथलेटिक्स चैंपियनशिप में तीन कांस्य पदक
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25वीं मध्य प्रदेश यूथ (अंडर-18) बालक-बालिका एथलेटिक्स चैंपियनशिप का आयोजन 16 अगस्त 2026 को इंदौर में किया गया। प्रदेशभर से प्रतिभावान युवा एथलीटों ने प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में विदिशा जिले की एथलेटिक्स टीम के चार खिलाड़ियों ने विभिन्न स्पर्धाओं में भागीदारी की और जिले का नाम रोशन किया।
      
प्रतियोगिता में विदिशा के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए तीन कांस्य पदक अपने नाम किए। योगांश शर्मा ने हाई जंप स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक हासिल किया। वहीं संजय राजपूत ने गोला फेंक स्पर्धा में बेहतरीन प्रदर्शन कर कांस्य पदक जीता।
इसी क्रम में ध्रुव अहिरवार ने 1000 मीटर दौड़ में अपनी प्रतिभा और दमखम का परिचय देते हुए कांस्य पदक प्राप्त किया। तीनों खिलाड़ियों की इस उपलब्धि से विदिशा के खेल जगत में उत्साह का माहौल है।
     
अंडर-18 स्तर की इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में पदक हासिल करना खिलाड़ियों की मेहनत, लगन और निरंतर अभ्यास का परिणाम माना जा रहा है। इन खिलाड़ियों की सफलता से जिले के अन्य युवा खिलाड़ियों को भी एथलेटिक्स के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी। जिला खेल अधिकारी प्रदीप सिंह रावत सहित जिले के समस्त खेल प्रेमियों ने पदक विजेता खिलाड़ियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि युवा खिलाड़ियों की ऐसी उपलब्धियां जिले में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ अन्य युवाओं को भी खेलों के प्रति प्रेरित करती हैं।
     
विदिशा के खिलाड़ियों की इस उपलब्धि ने एक बार फिर साबित किया है कि जिले में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। उचित प्रशिक्षण, निरंतर अभ्यास और अवसर मिलने पर यहां के युवा खिलाड़ी राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर भी जिले का गौरव बढ़ाने में सक्षम हैं। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=jansamparkmp nis:value=JansamparkMP nis:enabled=true nis:link/>
राष्ट्रभक्ति सामूहिक गान प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने दिखाया उत्साह
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स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में 15 अगस्त की संध्या पर विदिशा के रविंद्रनाथ टैगोर सांस्कृतिक ऑडिटोरियम भवन में राष्ट्रभक्ति सामूहिक गान प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विधायक श्री मुकेश टंडन ने पहुंचकर छात्र-छात्राओं को संबोधित किया। उन्होंने देशभक्ति की भावना से आयोजित इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए प्रतिभागियों और आयोजकों को बधाई दी।
     
प्रतियोगिता में विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इस दौरान देशभक्ति पर आधारित गायन प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों ने देशप्रेम से ओतप्रोत प्रस्तुतियां देकर उपस्थितजनों का मन मोह लिया। प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यालयों को पुरस्कार राशि के चेक प्रदान कर सम्मानित किया गया।
     
प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले ओलंपस हाई स्कूल को 7 हजार रुपये, द्वितीय स्थान पर रहे नवांकुर विद्यापीठ, गंजबासौदा को 5 हजार रुपये तथा तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले सांदीपनि विद्यालय, बरूईपुरा, विदिशा को 3 हजार रुपये की पुरस्कार राशि का चेक प्रदान किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं एवं उनके अभिभावकों के साथ शहर के नागरिक तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=madhyapradesh nis:value=MadhyaPradesh nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=independenceday nis:value=IndependenceDay nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=independenceday2026 nis:value=IndependenceDay2026 nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=singing nis:value=singing nis:enabled=true nis:link/>
सफलता की कहानी: जैविक खेती और फसल विविधीकरण से आत्मनिर्भरता की राह पर कृषक तुलसीराम कुशवाह 
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विदिशा जिले में नटेरन विकासखंड के ग्राम गुरोद के कृषक श्री तुलसीराम/मोहनलाल कुशवाह ने 40 वर्षों के कृषि अनुभव, जैविक खाद के उपयोग और फसल विविधीकरण को अपनाकर खेती को बनाया लाभकारी एवं टिकाऊ व्यवसाय स्थापित किया है।

मेहनत, अनुभव और खेती में निरंतर नए प्रयोग करने की इच्छाशक्ति यदि साथ हो तो कृषि केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और समृद्धि का मजबूत माध्यम बन सकती है। विकासखंड नटेरन के ग्राम गुरोद के कृषक श्री तुलसीराम/मोहनलाल कुशवाह की सफलता की कहानी इसका प्रेरणादायक उदाहरण है। लगभग चार दशकों से खेती कर रहे श्री कुशवाह ने पारंपरिक कृषि अनुभव को आधुनिक सोच और जैविक पद्धतियों से जोड़ते हुए अपनी खेती को विविध एवं टिकाऊ स्वरूप प्रदान किया है।

कृषक के पास कुल 10 बीघा कृषि भूमि है। इसमें वे 4 बीघा में जैविक सब्जी उत्पादन तथा 6 बीघा में ब्लैकबोल्ड किस्म की सोयाबीन की खेती कर रहे हैं। इसके साथ ही रबी मौसम में उन्होंने गेहूं की 1544 किस्म की उन्नत खेती की। इस प्रकार खरीफ और रबी दोनों मौसमों में भूमि का बेहतर उपयोग करते हुए वे कृषि से आय के विभिन्न स्रोत विकसित कर रहे हैं।

 4 बीघा में विविध जैविक सब्जी उत्पादन -
    श्री तुलसीराम कुशवाह अपनी 4 बीघा भूमि में विभिन्न प्रकार की सब्जियों का उत्पादन जैविक तरीके से कर रहे हैं। उनके खेत में बैंगन, मिर्ची, पालक/पाला, धनिया, गिलकी, भिंडी, ककड़ी और चुकंदर जैसी विविध सब्जियां उगाई जा रही हैं।
सब्जी उत्पादन में कृषक का विशेष जोर रासायनिक आदानों पर निर्भरता कम करने और खेत एवं घर पर उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर उपयोग पर है। वे मुख्य रूप से गोबर की खाद यानी FYM का उपयोग करते हैं। इस पद्धति से खेती की लागत को नियंत्रित करने के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरता और खेत के स्वास्थ्य को बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।
विविध सब्जियों की खेती से उन्हें अलग-अलग समय पर उत्पादन प्राप्त होता है, जिससे नियमित आय के अवसर भी बनते हैं। फसल विविधीकरण के माध्यम से एक ही फसल पर निर्भरता कम होती है और कृषि जोखिम को भी संतुलित करने में मदद मिलती है।

6 बीघा में ब्लैकबोल्ड सोयाबीन की खेती - 
    कुल 10 बीघा कृषि क्षेत्र में से श्री कुशवाह ने 6 बीघा में ब्लैकबोल्ड किस्म की सोयाबीन लगाई है। सोयाबीन क्षेत्र की प्रमुख खरीफ फसलों में शामिल है और कृषक ने सब्जी उत्पादन के साथ इसे जोड़कर अपनी कृषि व्यवस्था को अधिक संतुलित बनाया है। क्षेत्रीय कृषि विस्तार अधिकारी सुश्री संगम रघुवंशी द्वारा कृषक को समय-समय पर कृषि संबंधी आवश्यक जानकारी एवं सुझाव दिए जा रहे हैं। कृषि विशेषज्ञों के मार्गदर्शन और अपने अनुभव के आधार पर कृषक फसल प्रबंधन की दिशा में निरंतर प्रयास कर रहे हैं।

रबी में गेहूं की उन्नत खेती से वर्षभर खेत का उपयोग -
    वर्ष 2025 की खरीफ फसल के बाद कृषक द्वारा खेत में गेहूं की 1544 किस्म की खेती की गई। प्राकृतिक खाद के उपयोग के साथ गेहूं का अच्छा उत्पादन प्राप्त हुआ। खरीफ और रबी दोनों मौसमों में फसल लेने की व्यवस्था से कृषक अपने कृषि क्षेत्र का वर्षभर बेहतर उपयोग कर रहे हैं। यह मॉडल यह दर्शाता है कि उपलब्ध भूमि का योजनाबद्ध तरीके से उपयोग कर किसान अलग-अलग मौसमों में विभिन्न फसलों से आय प्राप्त कर सकता है।

घर पर तैयार गोबर की खाद बनी जैविक खेती का आधार -
    श्री तुलसीराम कुशवाह की खेती की खास विशेषता यह है कि वे गोबर की खाद बाजार से खरीदने के बजाय घर पर ही तैयार करते हैं। घर पर उपलब्ध गोबर एवं जैविक अवशेषों का उपयोग कर खाद तैयार की जाती है और पर्याप्त रूप से सड़ी-गली खाद को खेत में डाला जाता है। इससे बाहरी कृषि आदानों पर निर्भरता कम करने और खेती की लागत को नियंत्रित करने में सहायता मिलती है। साथ ही जैविक खाद के उपयोग से मिट्टी में जैविक पदार्थ बनाए रखने, उसकी संरचना और जलधारण क्षमता को बेहतर रखने में मदद मिलती है। विशेष रूप से सब्जी उत्पादन में FYM के उपयोग से कृषक बैंगन, मिर्ची, पालक/पाला, धनिया, गिलकी, भिंडी, ककड़ी और चुकंदर जैसी फसलों का उत्पादन कर रहे हैं। इस तरह घर पर तैयार गोबर की खाद उनके लिए केवल खाद नहीं, बल्कि कम लागत, संसाधन पुनर्चक्रण और टिकाऊ कृषि का महत्वपूर्ण आधार बन गई है।

“घर का गोबर खेत की खाद, कम लागत में बेहतर उत्पादन—यही है प्राकृतिक संसाधनों के सदुपयोग की मिसाल।”
    40 वर्षों का अनुभव और नई सोच बना सफलता का आधार 
श्री तुलसीराम कुशवाह की सफलता के पीछे लगभग 40 वर्षों का कृषि अनुभव, कठिन परिश्रम, जैविक खेती के प्रति विश्वास, फसल विविधीकरण और स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग प्रमुख आधार हैं। उन्होंने यह साबित किया है कि किसान अपने अनुभव को आधुनिक कृषि सोच के साथ जोड़कर खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बना सकते हैं। एक ओर जहां विविध सब्जी उत्पादन से अलग-अलग समय पर आय का अवसर मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर सोयाबीन और गेहूं जैसी प्रमुख फसलों के माध्यम से कृषि आय को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।

प्रेरणादायक संदेश -
    कृषक श्री तुलसीराम/मोहनलाल कुशवाह की खेती आसपास के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बने है। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि खेती में विविधता, प्राकृतिक संसाधनों का सदुपयोग और लगातार सीखने की प्रवृत्ति अपनाकर किसान अपनी कृषि व्यवस्था को अधिक टिकाऊ एवं आत्मनिर्भर बना सकते हैं। “मेहनत, मिट्टी पर विश्वास और खेती में विविधता—यही है सफलता की पहचान।” <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/>
जीएसटी टीडीएस की राशि के समय पर भुगतान और रिटर्न फाइलिंग के निर्देश 
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प्रत्येक माह की 10 तारीख तक जीएसटी टीडीएस रिटर्न अनिवार्य रूप से करें दाखिल 
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विदिशा जिले के समस्त आहरण एवं संवितरण अधिकारियों तथा जीएसटी टीडीएस कटौतीकर्ता विभागों एवं कार्यालयों को जीएसटी टीडीएस की राशि के समय पर भुगतान, टीडीएस रिटर्न प्रस्तुत करने तथा टीडीएस राशि से संबंधित बिल एवं आवश्यक दस्तावेज समय पर जनरेट एवं प्रस्तुत करने के निर्देश प्रसारित किया गए हैं। सहायक आयुक्त राज्य कर, विदिशा वृत्त द्वारा जारी निर्देश में बताया गया है कि जीएसटी अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत विभागों एवं कार्यालयों द्वारा किए जाने वाले भुगतानों पर नियमानुसार जीएसटी टीडीएस की कटौती की जाती है। कटौती की गई टीडीएस राशि का नियमानुसार समय पर भुगतान करने के साथ-साथ संबंधित टीडीएस रिटर्न प्रस्तुत किया जाना अनिवार्य है।

निर्देशों के अनुसार प्रत्येक माह की 10 तारीख तक पूर्व माह से संबंधित जीएसटी टीडीएस रिटर्न अनिवार्य रूप से फाइल करना सुनिश्चित किया जाए। यदि किसी माह में टीडीएस की कोई देयता नहीं बनती है, तो ऐसी स्थिति में भी नियमानुसार Nil TDS Return समय पर प्रस्तुत करना होगा। इससे रिटर्न फाइलिंग में अनावश्यक विलंब से बचा जा सकेगा। टीडीएस राशि के भुगतान एवं दस्तावेजों की समय पर प्रस्तुति पर जोर 
निर्देश में कहा गया है कि कार्यालय द्वारा पूर्व में की गई जिन टीडीएस कटौतियों की राशि का भुगतान किया जा चुका है, उनके संबंध में आवश्यक बिल एवं दस्तावेज समय पर जनरेट तथा प्रस्तुत करवाए जाएं। इससे संबंधित टीडीएस राशि ट्रेजरी के माध्यम से विभाग के Electronic Cash Ledger में समय पर परिलक्षित हो सकेगी और राशि के क्रेडिट में अनावश्यक विलंब नहीं होगा। सभी आहरण एवं संवितरण अधिकारियों से अपेक्षा की गई है कि वे अपने-अपने कार्यालयों में जीएसटी टीडीएस कटौती, उसके भुगतान और रिटर्न फाइलिंग की प्रक्रिया की नियमित निगरानी करें तथा निर्धारित समय-सीमा में सभी आवश्यक कार्रवाई पूर्ण कराएं।

लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता से करें निराकरण -
    राजस्व हित को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि टीडीएस रिटर्न एवं भुगतान की स्थिति की नियमित रूप से अपने स्तर पर समीक्षा की जाए। यदि किसी प्रकरण में टीडीएस भुगतान, रिटर्न फाइलिंग अथवा आवश्यक बिल एवं दस्तावेज प्रस्तुत करने में विलंब हो रहा है, तो उसका तत्काल निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
राज्य कर विभाग ने स्पष्ट किया है कि समय पर टीडीएस रिटर्न दाखिल करने, टीडीएस राशि जमा करने तथा आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने से विभागीय अभिलेख अद्यतन रहेंगे और संबंधित राशि का इलेक्ट्रॉनिक कैश लेजर में समय पर क्रेडिट सुनिश्चित किया जा सकेगा। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/>
नन्हें रुद्र के चेहरे पर लौटी मुस्कान, समय पर उपचार से बदली जिंदगी 
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राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के माध्यम से बच्चों में जन्मजात एवं अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की समय पर पहचान कर उन्हें उचित उपचार उपलब्ध कराने का कार्य निरंतर किया जा रहा है। इसी पहल से जिला विदिशा के ग्राम पुरनपुरा निवासी श्री कमल सिंह के महज 3 माह के पुत्र रुद्र वर्मा को जन्मजात Cleft Lip (कटे हुए होंठ) की समस्या से उपचार मिला और अब वह एक स्वस्थ एवं बेहतर भविष्य की ओर बढ़ रहा है।
जन्म के समय से ही रुद्र कटे हुए होंठ की समस्या से ग्रसित था। इतनी कम उम्र में अपने बच्चे को इस स्थिति में देखकर उसके माता-पिता चिंतित थे। बच्चे के स्वास्थ्य के साथ-साथ उसके भविष्य को लेकर भी उनके मन में अनेक सवाल थे। ऐसे समय में RBSK के माध्यम से हुई समय पर पहचान और उचित मार्गदर्शन परिवार के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आया।
 
SNCU से DEIC तक पहुंची उपचार की राह -
    रुद्र को SNCU के माध्यम से जिला शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र (DEIC), विदिशा लाया गया। यहां विशेषज्ञों द्वारा बच्चे की आवश्यक जांच एवं स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। परीक्षण के बाद उसकी स्थिति को देखते हुए उसे शल्य चिकित्सा के लिए भोपाल रेफर किया गया।
DEIC से मिले उचित रेफरल और मार्गदर्शन के बाद रुद्र के उपचार की प्रक्रिया आगे बढ़ी। RBSK एवं Smile Train के सहयोग से भोपाल स्थित बिशनिया हॉस्पिटल में रुद्र की सफल सर्जरी कराई गई।

महज 3 माह की उम्र में सफल सर्जरी -
    रुद्र की महज 3 माह की उम्र में सफल सर्जरी होना उसके परिवार के लिए बड़ी राहत और खुशी का क्षण रहा। जिस बच्चे के चेहरे की जन्मजात समस्या को देखकर माता-पिता भविष्य को लेकर चिंतित थे, उपचार के बाद उसके चेहरे पर नई मुस्कान लौट आई।
सफल उपचार के बाद रुद्र के माता-पिता ने राहत की सांस ली। उनके लिए यह केवल एक चिकित्सा उपचार नहीं, बल्कि अपने बच्चे के बेहतर भविष्य की ओर बढ़ता हुआ महत्वपूर्ण कदम है।
 
समय पर पहचान बनी बदलाव की वजह -
   रुद्र की कहानी यह दर्शाती है कि बच्चों में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की समय पर पहचान, आवश्यक जांच, उचित रेफरल और विशेषज्ञ उपचार कितना महत्वपूर्ण है। यदि जन्मजात समस्या की पहचान समय पर हो जाए और बच्चे को सही उपचार तक पहुंचाया जाए, तो उसके जीवन की दिशा बदली जा सकती है। RBSK के माध्यम से रुद्र को SNCU से DEIC, DEIC से विशेषज्ञ उपचार केंद्र और फिर सफल सर्जरी तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया ने उसके परिवार की चिंता को उम्मीद में बदल दिया।
आज नन्हा रुद्र बेहतर स्वास्थ्य की ओर कदम बढ़ा रहा है। उसके माता-पिता के चेहरे पर भी वही मुस्कान दिखाई दे रही है, जिसकी उन्हें कभी अपने बच्चे के चेहरे पर देखने की उम्मीद थी। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=children nis:value=children nis:enabled=true nis:link/>
सेवानिवृत्त शासकीय सेवकों के पेंशन प्रकरणों के भुगतान हेतु महत्वपूर्ण निर्देश 
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पेंशन एवं उपदान की दोहरी भुगतान की आशंका को रोकने विभागीय अधिकारियों को समय पर जानकारी भेजने के निर्देश 
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राज्य शासन के अधीन सेवानिवृत्त होने वाले समस्त शासकीय सेवकों के पेंशन प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण एवं भुगतान के संबंध में महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए हैं। संचालनालय पेंशन, भविष्य निधि एवं बीमा, मध्यप्रदेश के पत्र  में विभागीय पेंशन प्रस्तावक अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। मध्यप्रदेश शासन वित्त विभाग के आदेश में राज्य में केन्द्रीयकृत पेंशन प्रोसेसिंग सेल, भोपाल का गठन किया गया है।
    
वित्त विभाग के आदेश अनुसार 1 अप्रैल 2026 से राज्य शासन के अंतर्गत सेवानिवृत्त होने वाले समस्त शासकीय सेवकों के नवीन पेंशन प्रकरणों का निराकरण राज्य केन्द्रीयकृत पेंशन प्रोसेसिंग सेल, भोपाल के माध्यम से किया जा रहा है।
     
IFMIS के माध्यम से ऑनलाइन भेजे जा रहे पेंशन प्रकरण -
    व्यवस्था के तहत विभागीय पेंशन प्रस्तावक अधिकारी द्वारा IFMIS के अंतर्गत ऑनलाइन पेंशन प्रकरण राज्य केन्द्रीयकृत पेंशन प्रोसेसिंग सेल को प्रेषित किए जाते हैं। प्राप्त प्रकरणों के आधार पर सेल द्वारा सेवानिवृत्त शासकीय सेवक के पेंशन भुगतान आदेश (PPO), ग्रेच्युटी भुगतान आदेश (GPO), कम्यूटेशन भुगतान आदेश (CPO) आदि जारी किए जाते हैं। इसके बाद नियमानुसार भुगतान संबंधी कार्रवाई की जाती है। हालांकि, कतिपय कार्यालयों द्वारा सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पहले से किए जा रहे प्रत्याशित अथवा प्रावधिक पेंशन भुगतान, उपदान तथा अधिक भुगतान की वसूली से संबंधित जानकारी राज्य केन्द्रीयकृत पेंशन प्रोसेसिंग सेल को उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। इससे एक ही मद में दोहरे भुगतान की आशंका उत्पन्न हो सकती है।

IFMIS में सुविधा विकसित होने तक ई-मेल से भेजनी होगी जानकारी -
    
वर्तमान में IFMIS के अंतर्गत प्रत्याशित/प्रावधिक पेंशन, उपदान एवं अधिक भुगतान की वसूली से संबंधित विवरण दर्ज करने की सुविधा विकसित करने की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। यह सुविधा उपलब्ध होने तक संबंधित कार्यालयों को उक्त जानकारी ई-मेल के माध्यम से भेजने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए जानकारी scppc.mp@mp.gov.in पर “संयुक्त संचालक, राज्य केन्द्रीयकृत पेंशन प्रोसेसिंग सेल, 26 किसान भवन, प्रशासनिक क्षेत्र, अरेरा हिल्स, भोपाल” के पदनाम से प्रेषित की जानी है।

15 दिवस की समय-सीमा, चूक पर विभागीय अधिकारी जिम्मेदार -
     
निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि PPO एवं GPO जारी होने की तारीख से 15 दिवस के भीतर यदि प्रत्याशित/प्रावधिक पेंशन, उपदान अथवा अधिक भुगतान की वसूली से संबंधित जानकारी राज्य केन्द्रीयकृत पेंशन प्रोसेसिंग सेल को प्राप्त नहीं होती है, तो सेल द्वारा आगे भुगतान की कार्रवाई कर दी जाएगी। ऐसी स्थिति में यदि पूर्व में किए गए भुगतान अथवा वसूली की जानकारी उपलब्ध नहीं होने के कारण दोहरा भुगतान हो जाता है, तो इसकी समस्त जिम्मेदारी संबंधित विभागीय पेंशन प्रस्तावक अधिकारी की होगी। इसलिए सभी संबंधित विभागों एवं कार्यालयों को निर्देशों का गंभीरता से पालन करते हुए सेवानिवृत्त शासकीय सेवकों के पेंशन प्रकरणों में पूर्व भुगतान, प्रावधिक पेंशन, उपदान एवं अधिक भुगतान की वसूली से संबंधित जानकारी समय-सीमा के भीतर उपलब्ध कराने को कहा गया है, ताकि पेंशन एवं अन्य सेवानिवृत्ति लाभों का भुगतान पारदर्शी, व्यवस्थित एवं नियमानुसार सुनिश्चित किया जा सके। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/>
पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय में  क्लस्टर स्तरीय ‘राष्ट्रीय एकता पर्व का आयोजन 17  को 
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भोपाल संकुल के 10 केंद्रीय विद्यालय ऑनलाइन माध्यम से होंगे शामिल, विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों एवं प्रतियोगिताओं का होगा आयोजन 

भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता, ‘विविधता में एकता’ की भावना तथा राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय विदिशा में सोमवार 17 अगस्त  को क्लस्टर स्तरीय ‘राष्ट्रीय एकता पर्व 2026 का आयोजन किया जाएगा। केंद्रीय विद्यालय संगठन की रूपरेखा एवं दिशा-निर्देशों के अनुरूप आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में भोपाल संकुल के 10 केंद्रीय विद्यालय ऑनलाइन माध्यम से सहभागिता करेंगे।
राष्ट्रीय एकता पर्व विद्यार्थियों को देश की विविध सांस्कृतिक परंपराओं, लोक कला, भाषा, संगीत, नृत्य और सांस्कृतिक विरासत को समझने तथा उसे रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान करेगा। कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें छात्र-छात्राएं अपनी प्रतिभा और रचनात्मक क्षमता का प्रदर्शन करेंगे।
    
इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थियों में राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक समरसता, पारस्परिक सम्मान और देश की विविध विरासत के प्रति गौरव की भावना विकसित करना है। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश भी दिया जाएगा कि भारत की वास्तविक शक्ति उसकी विविध संस्कृतियों, भाषाओं, परंपराओं और जीवनशैलियों के बीच विद्यमान एकता में निहित है। केंद्रीय विद्यालय विदिशा द्वारा इस आयोजन को विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायी और यादगार बनाने के लिए आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। ऑनलाइन माध्यम से होने वाले क्लस्टर स्तरीय आयोजन में विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थी और शिक्षक सहभागिता करेंगे तथा अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति की विविधता को प्रदर्शित करेंगे।
    
विद्यालय प्रबंधन द्वारा मीडिया प्रतिनिधियों को कार्यक्रम की व्यापक कवरेज के लिए आमंत्रित किया गया है, ताकि राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक समरसता के इस महत्वपूर्ण संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जा सके। कार्यक्रम विवरण के संदर्भ में संस्थान द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार क्लस्टर स्तरीय ‘राष्ट्रीय एकता पर्व 2026’
आयोजक: पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय विदिशा 17 अगस्त की प्रातः 9 बजे से आनलाइन के माध्यम से आयोजित किया गया है जिसमें भोपाल संकुल के 10 विद्यालय सहभागिता निभाएंगे। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/>
पद्म पुरस्कार वर्ष 2027 के लिए जिला स्तरीय स्थायी समिति गठित 
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जमीनी स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रतिभाशाली एवं योग्य व्यक्तियों की पहचान एवं अनुशंसा करेगी समिति 
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गृह विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुपालन में जिले में पद्म पुरस्कार वर्ष 2027 के लिए पात्र व्यक्तियों की पहचान एवं उनकी अनुशंसा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से स्थायी जिला समिति का गठन किया गया है।
शासन के निर्देशों के अनुसार राज्य में जमीनी स्तर पर उत्कृष्ट एवं उल्लेखनीय कार्य करने वाले प्रतिभाशाली, योग्य तथा समाज के विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले व्यक्तियों की पहचान की जानी है। इसी क्रम में जिला स्तर पर गठित समिति पात्र व्यक्तियों के कार्यों एवं उपलब्धियों का परीक्षण कर पद्म पुरस्कार वर्ष 2027 के लिए उपयुक्त व्यक्तियों की पहचान तथा अनुशंसा की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
 
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी को अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय स्थायी समिति में  पुलिस अधीक्षक, वन मण्डाधिकारी, महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, जिला शिक्षा अधिकारी तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को समिति में सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।
समिति के कार्यों को सुगमता से संपादित कराने हेतु विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किए जाने का प्रावधान तहत  समाज सेवा, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग-व्यवसाय, पर्यावरण, प्रशासनिक एवं अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों की उपलब्धियों का समग्र रूप से परीक्षण किया जा सकेगा। पद्म पुरस्कार देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मानों में शामिल हैं। 

इन पुरस्कारों के माध्यम से ऐसे व्यक्तियों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाता है, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय एवं अनुकरणीय योगदान दिया हो। जिला स्तर पर गठित यह समिति ऐसे प्रतिभाशाली व्यक्तियों तक पहुंच सुनिश्चित करने तथा उनके कार्यों को उचित मंच तक पहुंचाने की दिशा में कार्य करेगी। शासन के निर्देशों के अनुरूप समिति द्वारा पात्र एवं योग्य व्यक्तियों की पहचान, उनके कार्यों एवं उपलब्धियों का परीक्षण तथा निर्धारित प्रक्रिया के तहत अनुशंसा की जाएगी। इससे ग्रामीण एवं जमीनी स्तर पर लंबे समय से समाज और राष्ट्रहित में कार्य कर रहे प्रतिभावान व्यक्तियों को राष्ट्रीय सम्मान के लिए सामने लाने का अवसर मिलेगा।

जिला स्तरीय समिति की संरचना इस प्रकार है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी अध्यक्ष तथा समिति में 5 सदस्य शामिल किए गए हैं, उनमें पुलिस अधीक्षक,वन मण्डाधिकारी,महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र,जिला शिक्षा अधिकारी,मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी शामिल हैं। समिति पद्म पुरस्कार वर्ष 2027 के लिए जिले से योग्य एवं प्रतिभाशाली व्यक्तियों की पहचान और उनकी अनुशंसा की प्रक्रिया को संस्थागत रूप दिया गया है। समिति का उद्देश्य ऐसे व्यक्तियों को सामने लाना है, जिन्होंने बिना किसी अपेक्षा के समाज, प्रदेश एवं देश के विकास में उल्लेखनीय योगदान दिया है और जिनके कार्य अन्य लोगों के लिए प्रेरणादायी हैं। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/>
सोयाबीन फसल में कीट एवं रोग प्रकोप की आशंका, कृषि विभाग ने जारी की वैज्ञानिक सलाह 
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जिले में वर्तमान समय में सोयाबीन की फसल लगभग 40 से 50 दिन की अवस्था में है। लगातार हो रही वर्षा, खेतों में अधिक नमी और अनुकूल मौसम की स्थिति के चलते सोयाबीन फसल में विभिन्न प्रकार के कीट एवं रोगों का प्रकोप होने की संभावना बनी हुई है। इसे देखते हुए कृषि विभाग, विदिशा ने किसानों को फसल की नियमित निगरानी करने तथा कीट अथवा रोग के लक्षण दिखाई देने पर ही अनुशंसित कीटनाशक एवं फफूंदनाशक का वैज्ञानिक तरीके से उपयोग करने की सलाह दी है।
कृषि विभाग के अनुसार इस अवस्था में किसान खेत में विशेष रूप से पौधों की पत्तियों, तनों और फलियों का नियमित निरीक्षण करें। फसल में किसी भी प्रकार के कीट या रोग के लक्षण दिखाई देने पर पहले उसकी सही पहचान करना जरूरी है। इसके बाद ही कृषि विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार निर्धारित मात्रा में दवा का छिड़काव किया जाए।

प्रमुख कीट एवं उनके नियंत्रण की अनुशंसा -
     तम्बाकू की इल्ली: इसके नियंत्रण के लिए क्लोरेंट्रानिलिप्रोल 18.5 प्रतिशत एससी की 150 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर मात्रा की अनुशंसा की गई है। सेमीलूपर इल्ली: इस कीट के प्रकोप की स्थिति में क्लोरेंट्रानिलिप्रोल 18.5 प्रतिशत एससी 150 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर की दर से उपयोग किया जा सकता है। चक्र भृंग: नियंत्रण के लिए थायमिथोक्साम 21.7 प्रतिशत एससी की 750 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर मात्रा अनुशंसित की गई है। बिहार हेयरी कैटरपिलर: इसके नियंत्रण के लिए फ्लूबेंडियामाइड 39.35 प्रतिशत एससी की 150 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर मात्रा का उपयोग करने की सलाह दी गई है। तना मक्खी एवं सफेद मक्खी: इनके नियंत्रण के लिए थायोमेथोक्साम 12.60 प्रतिशत + लैम्ब्डा साइहेलोथ्रिन 9.50 प्रतिशत जेडसी की 125 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर मात्रा अनुशंसित है।
रोगों की रोकथाम के लिए भी सतर्क रहें।

वर्षा एवं अधिक नमी की परिस्थितियों में सोयाबीन फसल में विभिन्न रोगों का प्रकोप भी बढ़ सकता है। कृषि विभाग ने रायजोक्टोनिया एरियल ब्लाइट की स्थिति में फ्लक्सापायरोक्साड + पायराक्लोस्ट्रोबिन की 300 ग्राम प्रति हेक्टेयर मात्रा तथा एन्थ्रेक्नोज रोग के नियंत्रण के लिए टेबुकोनाजोल 25.9 प्रतिशत ईसी की 625 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर मात्रा की अनुशंसा की है।

अनावश्यक कीटनाशक छिड़काव से बचें -
    कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि केवल आशंका के आधार पर खेत में कीटनाशकों या फफूंदनाशकों का अनावश्यक छिड़काव न करें। पहले फसल का निरीक्षण कर कीट अथवा रोग की सही पहचान करें और उसके बाद ही अनुशंसित दवा का निर्धारित मात्रा में प्रयोग करें।
दवाओं को आपस में मिलाकर छिड़काव करने से पहले उनकी संगतता की जानकारी लेना भी आवश्यक है। किसी भी प्रकार की शंका होने पर कृषि विभाग अथवा कृषि विशेषज्ञ से सलाह लेने की अपील की गई है।
कृषि विभाग की वैज्ञानिक सलाह है कि “फसल की नियमित निगरानी करें, सही समय पर सही दवा का प्रयोग करें और सोयाबीन की उपज को सुरक्षित रखें।” किसानों की सजगता और समय पर किए गए वैज्ञानिक प्रबंधन से कीट एवं रोगों से होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/>
मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान में अवैध शराब के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई, 58 पाव मदिरा जब्त 
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सिरोंज क्षेत्र में शिकायतों पर आबकारी विभाग की कार्रवाई, पांच प्रकरण दर्ज; अवैध मदिरा विक्रय एवं परिवहन के विरुद्ध अभियान जारी 
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मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के अंतर्गत प्राप्त शिकायतों पर आबकारी विभाग द्वारा त्वरित कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में 14 अगस्त  को सिरोंज वृत्त के विभिन्न ग्राम पंचायतों से प्राप्त अवैध मदिरा संबंधी शिकायतों पर आबकारी विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए अवैध मदिरा जब्त की तथा संबंधित आरोपियों के विरुद्ध मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किए गए हैं।

आबकारी उपनिरीक्षक, वृत्त सिरोंज द्वारा जिला आबकारी अधिकारी को भेजे गए पालन प्रतिवेदन के अनुसार ग्राम सरेंखो में लेखराज पिता प्रभुलाल अहिरवार के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 10 पाव मदिरा जब्त की गई और प्रकरण क्रमांक 295/26 दर्ज किया गया। इसी प्रकार ग्राम आमखेड़ा में भूरा पिता भगवान सिंह यादव के विरुद्ध कार्रवाई में 15 पाव मदिरा जब्त कर प्रकरण क्रमांक 296/26 कायम किया गया।

ग्राम मूंडरा घाट में कोमल पिता रतन सिंह लोधी के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 12 पाव मदिरा बरामद की गई तथा प्रकरण क्रमांक 299/26 दर्ज किया गया। ग्राम झण्डवा में सोनू पिता मोतीलाल कुशवाह के विरुद्ध कार्रवाई में 10 पाव मदिरा जब्त कर प्रकरण क्रमांक 300/26 कायम किया गया।

इसके अतिरिक्त ग्राम भोरिया में अनिल पिता पन्नालाल वाल्मीकि के घर पर 13 अगस्त को दबिश देकर 11 पाव मदिरा बरामद की गई थी, जिसके आधार पर आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण क्रमांक 294/26 दर्ज किया गया। इस प्रकार उक्त कार्रवाई में कुल 58 पाव अवैध मदिरा जब्त किए जाने की जानकारी दी गई है।

दोबारा की गई तलाशी, नहीं मिली अवैध मदिरा -
    आबकारी विभाग द्वारा शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए कार्रवाई को आगे भी जारी रखा गया। 15 अगस्त को ग्राम भोरिया में अनिल पिता पन्नालाल वाल्मीकि के घर एवं हसनपुर रोड पर स्थित उसकी गुमटी/दुकान की पुनः तलाशी ली गई, लेकिन इस दौरान कोई मदिरा बरामद नहीं हुई।
इसी प्रकार ग्राम आमखेड़ा में मायवन यादव के संबंध में प्राप्त शिकायत पर तलाशी कार्रवाई की गई। मायवन यादव मौके पर उपस्थित नहीं मिला, लेकिन तलाशी के दौरान उसका भाई भूरा यादव मदिरा विक्रय करते पाया गया। उसके विरुद्ध आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया।

कई स्थानों पर शिकायतों की जांच -
    आबकारी विभाग द्वारा प्राप्त शिकायतों के आधार पर ग्राम रामनगर, कोरवासा तथा पारधा में भी कार्रवाई एवं तलाशी की गई। इन स्थानों पर तलाशी के दौरान अवैध मदिरा बरामद नहीं होने के कारण कोई प्रकरण दर्ज नहीं किया गया। वहीं शिकायतों के आधार पर ग्राम स्तर पर निगरानी एवं जांच की कार्रवाई जारी रखी जा रही है।

आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के अंतर्गत प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए अवैध मदिरा के विक्रय, कब्जे और परिवहन के विरुद्ध कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। विभागीय अमले द्वारा शिकायत प्राप्त होने पर मौके पर पहुंचकर जांच, तलाशी एवं नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध शराब के कारोबार में संलिप्त लोगों में हड़कंप की स्थिति है। विभाग द्वारा नागरिकों से भी अपील की जा रही है कि वे अवैध मदिरा के विक्रय अथवा भंडारण से संबंधित जानकारी प्रशासन एवं आबकारी विभाग तक पहुंचाएं, ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/>
पीएम पोषण शक्ति निर्माण सहभोज किया
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प्रदेश के आनंद विभाग (स्वतंत्र प्रभार) राज्यमंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री श्री लखन पटेल ने कक्षा चैथी की छात्रा कुमारी कशिश सेन को पीएम पोषण शक्ति निर्माण के तहत आयोजित सहभोज कार्यक्रम में खाना खिलाकर शुरूआत की। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती गीता रघुवंशी, विदिशा विधायक श्री मुकेश टण्डन, नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती प्रीति शर्मा, श्री श्यामसुन्दर शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों, कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता, पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी के साथ कक्षा चैथी की कुमारी चंद्रा साहू ने भी पीएम पोषण शक्ति निर्माण तहत आयोजित सहभोज में बच्चो के साथ शामिल होकर सहभोज किया है। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/>
शहीदो की स्मृति में पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि 
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प्रदेश के आनंद विभाग (स्वतंत्र प्रभार) राज्यमंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री श्री लखन पटेल, विधायक श्री मुकेश टण्डन ने शहीद ज्योति स्तंभ पर पहुंचकर स्वतंत्रता संग्राम में योगदान देने वाले सभी शहीदो की स्मृति में शहीद ज्योति स्तंभ पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धाजलि अर्पित की। इस अवसर पर अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण, गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/>
महात्मा गांधी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण
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महात्मा गांधी की प्रतिमा पर प्रदेश के आनंद विभाग (स्वतंत्र प्रभार) राज्यमंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री श्री लखन पटेल, विदिशा विधायक श्री मुकेश टण्डन सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने माल्यार्पण पुष्पांजलि अर्पित की। नीमताल पर सम्पन्न हुए उपरोक्त कार्यक्रम में विभिन्न जनप्रतिनिधियों के विभिन्न विभागो के अधिकारी, कर्मचारी गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/>
प्रभारी मंत्री श्री लखन पटेल ने ध्वजारोहण कर परेड़ की सलामी ली, उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुरस्कृत हुए
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स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त पर विदिशा जिला मुख्यालय स्थित पुलिस परेड ग्राउंड में गरिमामय एवं भव्य समारोह आयोजित किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि प्रदेश के आनंद विभाग (स्वतंत्र प्रभार) राज्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री लखन पटेल ने ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली।
स्वतंत्रता दिवस समारोह का शुभारंभ राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के सामूहिक गायन के साथ हुआ। समारोह में  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का लाइव उद्बोधन भोपाल में आयोजित कार्यक्रम का सीधा प्रसारण जिला व खण्ड स्तरीय कार्यक्रम स्थलों पर देखा सुना गया है। इसके लिए एलईडी स्क्रीन एवं साउंड सिस्टम की विशेष व्यवस्था की गई थी। मुख्य समारोह में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों, छात्र-छात्राओं तथा शहर के गणमान्य नागरिकों ने मुख्यमंत्री जी के संदेश का लाइव प्रसारण देखा और सुना।
     
जिले के प्रभारी मंत्री श्री लखन पटेल ने विदिशा जिले के विकास उपलब्धियों का से संदेश वाचन के माध्यम से दिया। इसके पश्चात् प्रगति के प्रतीक गुब्बारो को मुक्त आकाश में छोड़ा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रभारी मंत्री श्री पटेल ने विदिशा के पुलिस परेड ग्राउण्ड में आयोजित समारोह में खुली जीप मे सवार होकर परेड़ का निरीक्षण किया। उनके साथ कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता, पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी भी मौजूद थे। समारोह में विशेष सशस्त्र बल, जिला पुलिस बल, शौर्यादल के द्वारा आकर्षक मार्च पास्ट किया गया। गणतंत्र दिवस अमर रहे के नारो के बीच हर्ष फायर किया गया। प्रभारी मंत्री श्री पटेल नेे परेड कमाण्डरों से परिचय प्राप्त किया। 
 
सांस्कृतिक कार्यक्रम -
 
जिले की तीन शैक्षणिक संस्थाओ के द्वारा देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां प्रस्तुत की गई। जिसमंे सांदीपनी स्कूल बरईपुरा के विद्यार्थियों द्वारा आज तिरंगे..........., एमएलबी स्कूल की छात्राओं के द्वारा ‘‘आकाश छू ले आजाद रहे तिरंगा............ और अंत में साकेत एमजीएम स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा सामूहिक लोक नृत्य ‘‘ हे जन्म भूूमि भारत.....’’ उपरोक्त कार्यक्रम के माध्यम से भारत देश की एकता अखण्डता को रेखांकित करने वाला मंचन चित्रण प्रस्तुत किया गया है। 

शौर्या दल -
 
स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह में शौर्या दल ने भी मार्चपास्ट मंे शामिल होकर सहभागिता निभाई है वहीं पुलिस बैंड दल व वात्सल्य स्कूल बैड दल ने परेड में शामिल होकर  देशभक्ति पर आधारित मनमोहक धुन का वादन करते हुए मुख्य अतिथि को सलामी दी गई। 

मीसाबंदी, परिजन सम्मानित -
 
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश के आनंद विभाग (स्वतंत्र प्रभार) राज्यमंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री श्री लखन पटेल ने जिले के मीसाबंदियों का स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह स्थल पर  शाल, श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया। 

पुरस्कृत -
 
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश के आनंद विभाग (स्वतंत्र प्रभार) राज्यमंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री श्री लखन पटेल, विदिशा विधायक श्री मुकेश टण्डन, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती गीता कैलाश रघुवंशी, नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती प्रीति राकेश शर्मा, कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता, पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी ने सामूहिक रूप से जिले में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी, कर्मचारियों और स्वंयसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों के द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट स्थान हासिल करने पर उन्हें प्रशंसा पत्र एवं शील्ड प्रदाय कर सम्मानित किया। 
 
गौरतलब हो कि जिला मुख्यालय पर आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में सोेशल मीडिया हेण्डलर श्री हरेकृष्णा सेन सहित जिले के 96 चयनितो को मुख्य अतिथि द्वारा सम्मानित किया गया है इसके अलावा परेड़ में शामिल व सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुतियों पर जूरी द्वारा चयनित प्रथम तीन दलो के सदस्यों को भी सम्मानित किया गया है। 
 
जिला मुख्यालय पर आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह स्थल पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती गीता रघुवंशी, विदिशा विधायक श्री मुकेश टण्डन, नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती प्रीति शर्मा, पूर्व काॅपरेटिव बैंक के द्वय अध्यक्ष श्री बाबूलाल ताम्रकार, श्री श्यामसुन्दर शर्मा सहित अन्य अतिथिगण, कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता, पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी, वन मण्डलाधिकारी श्री हेमंत यादव, विभिन्न विभागो के अधिकारी, कर्मचारी, मीडियाकर्मी, स्कूली विद्यार्थी, शिक्षकगण मौजूद थे। समारोह में देशभक्ति से ओतप्रोत वातावरण के बीच विभिन्न कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के सामूहिक गायन के साथ हुआ। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/>
मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान में 216 दिन पुरानी शिकायत का मौके पर निराकरण
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ग्राम आमखेड़ा में अतिक्रमण हटाकर आवागमन सुगम कराया, नामांतरण, पात्रता पर्ची और हैंडपंप संबंधी समस्याओं का भी तत्काल समाधान
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मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के अंतर्गत प्रशासन द्वारा ग्रामीणों की लंबित समस्याओं का मौके पर पहुंचकर समाधान किया जा रहा है। इसी क्रम में ग्राम पंचायत सरेखों के ग्राम आमखेड़ा में शिकायतकर्ता अनिल यादव की 216 दिन पुरानी शिकायत का मौके पर ही निराकरण किया गया। शिकायत में शासकीय मार्गों पर रहवासियों द्वारा किए गए अतिक्रमण के कारण आवागमन बाधित होने तथा ग्रामीणों को दैनिक कार्यों में परेशानी होने की बात सामने आई थी।
    
अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कुरवाई श्री मनीष कुमार जैन द्वारा जन विश्वास अभियान के दौरान ग्राम चौपाल आयोजित कर ग्रामीणों से सीधे संवाद किया गया। समस्या की वास्तविक स्थिति जानने के लिए अधिकारियों ने पूरे ग्राम का भ्रमण किया। मौके पर शासकीय मार्गों पर किए गए अतिक्रमण को चिन्हित कर संबंधित अतिक्रमणकर्ताओं को समझाइश दी गई। आपसी सहमति और संवाद के माध्यम से समस्या का समाधान करते हुए ग्रामीणों के आवागमन का मार्ग सुगम कराया गया।

 12 प्रकरणों में नामांतरण की प्रक्रिया शुरू - 
    ग्राम सभा के दौरान पटवारी द्वारा बी-1 का वाचन कराया गया। इसमें 12 ऐसे प्रकरण सामने आए, जिनमें संबंधित भूमि स्वामियों की मृत्यु हो चुकी थी और राजस्व अभिलेखों में आवश्यक कार्रवाई लंबित थी। प्रशासन द्वारा मौके पर ही पंचनामा एवं सजरा तैयार कराकर नामांतरण की प्रक्रिया प्रारंभ कराई गई। इससे संबंधित परिवारों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिली।

मौके पर जारी हुई पात्रता पर्ची -
    जन विश्वास अभियान के अंतर्गत ग्राम भ्रमण के दौरान ग्राम सरेखों निवासी रामबाबू अहिरवार पुत्र बारेलाल ने पात्रता पर्ची जारी करने की मांग रखी। अधिकारियों ने मामले को तत्काल संज्ञान में लेते हुए ग्राम सचिव एवं खाद्य विभाग के अधिकारी से समन्वय किया और मौके पर ही पात्रता पर्ची जारी कराई। इससे हितग्राही को शासन की खाद्यान्न योजना का लाभ प्राप्त करने का रास्ता साफ हुआ।

 सार्वजनिक हैंडपंप को अतिक्रमण से कराया मुक्त -
   इसी दौरान भूरी बाई कुर्मी द्वारा सार्वजनिक हैंडपंप पर निजी व्यक्ति द्वारा कब्जा किए जाने की शिकायत की गई। शिकायत पर प्रशासनिक अमला तत्काल मौके पर पहुंचा। जांच में सार्वजनिक हैंडपंप के आसपास की गई निजी फेंसिंग को हटवाकर हैंडपंप को सर्वसामान्य के उपयोग के लिए मुक्त कराया गया। कार्रवाई के बाद ग्रामीणों को पेयजल सुविधा का निर्बाध उपयोग सुनिश्चित हुआ।

एक वर्ष से बंद हैंडपंप भी सुधारा गया -
     मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के अंतर्गत 14 अगस्त को आयोजित कार्यक्रम के दौरान ग्राम पंचायत सरेखों के नोडल अधिकारी एवं एसडीएम कुरवाई श्री मनीष कुमार जैन के समक्ष ग्रामीणों द्वारा लंबे समय से बंद हैंडपंप की समस्या भी रखी गई। ग्रामीणों के अनुसार यह हैंडपंप लगभग एक वर्ष से बंद था। अभियान की भावना के अनुरूप त्वरित कार्रवाई करते हुए 15 अगस्त को ही हैंडपंप का सुधार कार्य कराया गया, जिससे ग्रामीणों को पेयजल सुविधा पुनः उपलब्ध हो गई।

अवैध शराब बिक्री के विरुद्ध भी कार्रवाई -
   जन विश्वास अभियान के दौरान ग्रामीणों से प्राप्त शिकायतों एवं सूचनाओं को गंभीरता से लेते हुए ग्राम पंचायत सरेखों में अवैध रूप से शराब बेचने वालों के विरुद्ध भी कार्रवाई की गई। प्रशासन द्वारा अन्य लंबित समस्याओं के शीघ्र निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
    मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान का उद्देश्य प्रशासन और आमजन के बीच सीधा संवाद स्थापित कर समस्याओं का त्वरित एवं मौके पर समाधान सुनिश्चित करना है। ग्राम सरेखों और आमखेड़ा में हुई कार्रवाई से यह संदेश गया है कि ग्रामीणों की समस्याओं को केवल आवेदन तक सीमित न रखते हुए प्रशासन द्वारा मौके पर पहुंचकर समाधान की दिशा में ठोस कार्रवाई की जा रही है। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/>
मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान: गांव-गांव पहुंचा प्रशासन, ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर समाधान
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प्रशासन ने गांवों में पहुंचकर जन समस्याओं का मौके पर कराया निराकरण
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मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत जिला प्रशासन के नोडल अधिकारियों ने शुक्रवार को विभिन्न ग्रामों का दौरा किया। इस दौरान अधिकारियों ने ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं, शिकायतें और आवश्यकताएं सुनीं। अधिकारियों ने मौके पर ही संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश देकर कई समस्याओं का त्वरित निराकरण कराया। अभियान का उद्देश्य शासन की योजनाओं और सेवाओं का लाभ ग्रामीणों तक पहुंचाना तथा उनकी समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ समाधान सुनिश्चित करना है। इससे ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति विश्वास और संतोष की भावना मजबूत हुई।

बुलेटिन पॉइंट -

- ग्राम पंचायत पामाखेड़ी: डिप्टी कलेक्टर एवं ग्राम नोडल अधिकारी श्री मोतीलाल अहिरवार ने ग्राम पंचायत पामाखेड़ी पहुंचकर स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र एवं शासकीय उचित मूल्य दुकान का निरीक्षण किया। उचित मूल्य दुकान में 400 राशन कार्ड दर्ज हैं। जुलाई माह में दुकान से 91.25 प्रतिशत खाद्यान्न का उठाव हुआ, जिसकी उन्होंने जानकारी लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

- ग्राम पंचायत भोरा: डिप्टी कलेक्टर सुश्री आरूषी गुप्ता ने ग्राम पंचायत भोरा पहुंचकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं के तत्काल निराकरण की पहल की। स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से आयुष्मान योजना अंतर्गत ग्राम के 6 पात्र हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड बनाए गए।

- ग्राम पंचायत भौंरिया: शासकीय आईटीआई प्राचार्या एवं नोडल अधिकारी सुश्री कविता रघुवंशी ने ग्रामीणों की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से बिक रही शराब की गुमठी हटवाई।

- ग्राम पंचायत बांसखेड़ी असपाल: जनपद सीईओ एवं नोडल अधिकारी श्री आयुष अग्रवाल ने पंचायत, स्कूल, आंगनबाड़ी और अन्य शासकीय कार्यालयों का निरीक्षण किया। जनपद सीईओ एवं नोडल अधिकारी श्री आयुष अग्रवाल ने बांसखेड़ी असपाल का निरीक्षण कर 8 वर्ष से स्कूल नहीं जाने वाली बालिका भावना दांगी के स्कूल में प्रवेश की पहल की।

- ग्राम पंचायत संतोषपुर: लीड बैंक ऑफिसर श्री बीएस बघेल ने स्कूल, आंगनबाड़ी और उचित मूल्य दुकान का निरीक्षण किया तथा ग्रामीणों को बैंकिंग योजनाओं की जानकारी दी। संतोषपुर में ग्रामीणों से प्राप्त बैंक संबंधी शिकायतों का मौके पर निराकरण किया।

- ग्राम पंचायत कोरवासा: जिला कार्यक्रम अधिकारी एवं नोडल अधिकारी श्रीमती विनीता कांस्बा ने स्कूल, आंगनबाड़ी और आरोग्यम केंद्र का निरीक्षण किया। कोरवासा में ग्रामीणों की समस्याएं सुनने के साथ आंगनबाड़ी केंद्र की व्यवस्थाओं और वहां संचालित गतिविधियों का जायजा लिया।

- ग्राम पंचायत भगवंतपुर: जनपद पंचायत सीईओ एवं नोडल अधिकारी श्री उदय प्रताप सिंह ने भगवंतपुर ग्राम पंचायत पहुंचकर शासकीय कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की तथा ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और शीघ्र निराकरण का आश्वासन दिया। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=janvishwasabhiyan2026 nis:value=JanVishwasAbhiyan2026 nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=हर_शुक्रवार_जनता_के_नाम nis:value=हर_शुक्रवार_जनता_के_नाम nis:enabled=true nis:link/>
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में लाल परेड मैदान, भोपाल में आयोजित 'राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह'

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स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त के पावन पर्व पर विदिशा जिला मुख्यालय पर आयोजित गरिमामय समारोह में मुख्य अतिथि प्रदेश के आनंद विभाग (स्वतंत्र प्रभार) राज्यमंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री श्री लखन पटेल ने प्रगति के प्रतीक गुब्बारों को मुक्त आकाश में छोड़ा। <nis:link nis:type=tag nis:id=madhyapradesh nis:value=MadhyaPradesh nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=independenceday nis:value=IndependenceDay nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=independenceday2026 nis:value=IndependenceDay2026 nis:enabled=true nis:link/>
Video 18
Video 19
विमुक्त, घुमंतु एवं अर्धघुमंतु परिवारों के सर्वेक्षण का पूर्व कलेक्टर बुद्धेश वैद्य ने किया निरीक्षण
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विमुक्त, घुमंतु एवं अर्धघुमंतु विभाग के संचालक एवं विदिशा के पूर्व कलेक्टर श्री बुद्धेश वैद्य का शुक्रवार को विदिशा आगमन हुआ। इस दौरान उन्होंने शमशाबाद सेक्टर के ग्राम करैया हीरालाल टापरा का भ्रमण कर जन अभियान परिषद द्वारा विमुक्त, घुमंतु एवं अर्धघुमंतु जाति के परिवारों के किए जा रहे सर्वेक्षण कार्य का निरीक्षण किया।
   
ग्राम भ्रमण के दौरान श्री वैद्य ने संबंधित समुदाय के परिवारों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली। उन्होंने सर्वेक्षण के लिए तैयार किए जा रहे प्रपत्रों का अवलोकन करते हुए सर्वेक्षण कार्य की प्रगति की जानकारी प्राप्त की। समुदाय के लोगों द्वारा बताई गई स्थानीय समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उनके समाधान के लिए आवश्यक पहल किए जाने का आश्वासन दिया। उन्होंने जन अभियान परिषद के सर्वेक्षणकर्ताओं से भी चर्चा की और सर्वेक्षण के दौरान सामने आ रही समस्याओं तथा व्यावहारिक कठिनाइयों का आकलन किया। श्री वैद्य ने निर्देश दिए कि सर्वेक्षण कार्य को व्यवस्थित एवं निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप शीघ्र पूर्ण किया जाए, ताकि विमुक्त, घुमंतु एवं अर्धघुमंतु समुदाय के पात्र परिवारों की वास्तविक स्थिति और आवश्यकताओं का समुचित संकलन किया जा सके।
     
भ्रमण के दौरान जन अभियान परिषद की जिला समन्वयक श्रीमती पूजा श्रीवास्तव सहित विकासखंड नटेरन के समस्त सर्वेक्षणकर्ता उपस्थित रहे। पिछड़ा वर्ग छात्रावास के अधीक्षक श्री यशपाल धाकड़, नवांकुर संस्थाओं के प्रतिनिधि श्री बाबूलाल धाकड़, सर्वेक्षणकर्ता श्री मनोज मेहर, श्री निलेश धाकड़, श्री प्रकाश मीणा एवं श्री अभिषेक शर्मा सहित ग्राम सरपंच श्री मनोज गुर्जर, ग्राम पंचायत करैया के सचिव, जीआरएस तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे। इस अवसर पर अधिकारियों एवं सर्वेक्षणकर्ताओं ने सर्वेक्षण कार्य को प्रभावी बनाने तथा समुदाय के अधिक से अधिक परिवारों तक पहुंच सुनिश्चित करने के संबंध में भी विचार-विमर्श किया। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=jansamparkmp nis:value=JansamparkMP nis:enabled=true nis:link/>
संयुक्त संचालक सहित वरिष्ठ अधिकारियों का दौरा; व्यवस्थाओं का जायजा लिया
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वृक्षारोपण में सहभागिता कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश 
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शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था, विदिशा में संभागीय वरिष्ठ
अधिकारियों के दल ने दौरा कर शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था आईटीआई की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं का विस्तृत निरीक्षण किया। इस अवसर पर भोपाल संभाग के संयुक्त संचालक श्री विवेक सिंह, संयुक्त संचालक (छात्रवृत्ति प्रकोष्ठ) श्री श्रीकांत गोलाईत एवं सहायक संचालक श्री दीपक सोनगिरे विशेष रूप से उपस्थित रहे। संस्था परिसर में आगमन पर सर्वप्रथम सभी अधिकारियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत किया गया।

विभागीय निरीक्षण एवं अभिलेखों की जांच -
     निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने संस्था के विभिन्न ट्रेड्स, कार्यशालाओं, मुख्य भंडार एवं कार्यालयीन व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। इस दौरान प्रशिक्षण की गुणवत्ता, प्रयोगात्मक सामग्री तथा संस्था के समस्त आधिकारिक अभिलेखों की गहन जांच की गई। अधिकारियों ने संस्था की व्यवस्थाओं, स्वच्छता और रिकॉर्ड संधारण पर संतोष व्यक्त किया।

पर्यावरण संरक्षण हेतु वृक्षारोपण -
    निरीक्षण के पश्चात परिसर में वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा वृक्षारोपण किया गया। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए संयुक्त संचालक श्री विवेक सिंह ने परिसर को हरा-भरा रखने एवं पौधों की नियमित देखभाल करने हेतु प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान संस्था के समस्त अधिकारी, मेहमान प्रवक्ता एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/>
विभाजन विभीषिका का विस्मृति दिवस, स्मृति इतिहास बोध एवं राष्ट्रीय एकता का समारोह। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सौंठिया।
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विभाजन की विभीषिका विषय पर जिले की शासकीय एवं अशासकीय संस्थाओं में प्रदर्शनी एवं डिजिटल माध्यम से छात्रों को देश के विभाजन एवं विभाजन के दौरान हुई जन धन की हानि से अवगत कराया। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/>
मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में अपर कलेक्टर सहित अन्य अधिकारियों ने किया भ्रमण
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जन विश्वास अभियान अंतर्गत चौपाल लगाकर सुनी ग्रामीणों की समस्याएं
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मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के अंतर्गत आज सिरोंज तहसील के विभिन्न ग्रामों में अधिकारियों द्वारा भ्रमण कर शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति का जायजा लिया गया। अधिकारियों ने ग्रामीणों के बीच पहुंचकर चौपाल एवं जन संवाद के माध्यम से उनकी समस्याएं सुनीं तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश देकर समस्याओं के त्वरित निराकरण की पहल की।

अपर कलेक्टर श्री अनिल कुमार डामोर ने सिरोंज तहसील के विभिन्न ग्रामों का भ्रमण कर शासकीय संस्थाओं एवं योजनाओं की जमीनी स्थिति का निरीक्षण किया। उन्होंने सर्वप्रथम ग्राम धानोदा पहुंचकर एकीकृत माध्यमिक शाला, पंचायत भवन एवं आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से व्यवस्थाओं तथा शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली। इसके पश्चात अपर कलेक्टर श्री डामोर ने भौंरिया ग्राम का भ्रमण किया। यहां उन्होंने उप स्वास्थ्य केंद्र, शासकीय उचित मूल्य राशन दुकान, हाई स्कूल एवं पंचायत भवन का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के बाद ग्राम भौंरिया में जन संवाद आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। जन संवाद के दौरान ग्रामीणों ने अपर कलेक्टर के समक्ष अपनी व्यक्तिगत एवं सार्वजनिक समस्याएं रखीं। ग्रामीणों द्वारा पेयजल, सड़क, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा सहित विभिन्न विषयों से संबंधित समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित कराया गया। अपर कलेक्टर ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए तथा पात्र मामलों में मौके पर ही त्वरित निराकरण की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 

इसके बाद अपर कलेक्टर श्री डामोर गरेंठा ग्राम पहुंचे, जहां उन्होंने बहुउद्देशीय कृषि साख समिति एवं पंचायत भवन का निरीक्षण किया। इसके साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध चिकित्सीय सुविधाओं, व्यवस्थाओं एवं स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति का जायजा लिया।
 
अपर कलेक्टर श्री अनिल कुमार ने मुगलसराय ग्राम पंचायत भवन का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बालक छात्रावास, बालिका छात्रावास, उप स्वास्थ्य केंद्र, आयुष केंद्र, पुलिस थाना, आंगनबाड़ी भवन तथा एकीकृत माध्यमिक शाला का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से व्यवस्थाओं और सुविधाओं की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
    
अपर कलेक्टर ने आम नागरिकों से संवाद कर उनकी समस्याएं एवं सुझाव भी सुने तथा स्थानीय उद्यमियों से चर्चा कर क्षेत्र में रोजगार और विकास की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया। निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मोनिका तिवारी सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने क्षेत्र में बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था और जनसुविधाओं को प्राथमिकता देने की बात कही। <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=janvishwasabhiyan2026 nis:value=JanVishwasAbhiyan2026 nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=हर_शुक्रवार_जनता_के_नाम nis:value=हर_शुक्रवार_जनता_के_नाम nis:enabled=true nis:link/>
धर्म, प्रकृति और कृषि के समन्वय से ही समृद्ध समाज का निर्माण संभव - क्षुल्लक श्री 105 तत्व सागर महाराज जी 
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बलराम कृषि महोत्सव के अवसर पर परम पूज्य क्षुल्लक श्री 105 तत्व सागर महाराज जी ने उपस्थित किसानों, जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों को संबोधित करते हुए कृषि, प्रकृति, पर्यावरण संरक्षण, गौ संवर्धन के लिए संचालित गौशालाओं तथा सदाचार के महत्व पर प्रेरणादायी संदेश दिया।
महाराज श्री ने कहा कि भारत की संस्कृति और अर्थव्यवस्था में किसान तथा कृषि का महत्वपूर्ण स्थान है। किसान केवल अन्नदाता ही नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की समृद्धि का आधार है। जिस भूमि पर किसान अपने परिश्रम से अन्न उत्पन्न करता है, उसकी उर्वरता और प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखना भी हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कृषि के क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाने के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान देना आवश्यक है। जल, मिट्टी और पर्यावरण का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा विषय है। किसानों को ऐसी कृषि पद्धतियों को अपनाना चाहिए, जिससे उत्पादन बढ़ने के साथ भूमि की उर्वरता भी बनी रहे। क्षुल्लक श्री तत्व सागर महाराज ने किसानों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि कृषि केवल जीविकोपार्जन का साधन नहीं, बल्कि सेवा और राष्ट्र निर्माण का माध्यम भी है। किसान अपने खेतों में मेहनत कर करोड़ों लोगों के लिए अन्न उपलब्ध कराता है। इसलिए किसान का सम्मान और उसकी समृद्धि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं से भी कृषि क्षेत्र से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि नई पीढ़ी आधुनिक तकनीक, नवाचार और ज्ञान के माध्यम से कृषि को नई दिशा दे सकती है। कृषि में तकनीकी ज्ञान, उचित प्रबंधन और संसाधनों के संतुलित उपयोग से किसानों की आय में वृद्धि के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल सकती है।
महाराज श्री ने अपने संबोधन में सदाचार, संयम, अहिंसा और जीव मात्र के प्रति करुणा का संदेश देते हुए कहा कि प्रकृति के साथ संतुलित जीवन ही वास्तविक सुख और समृद्धि का आधार है। उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय से पर्यावरण संरक्षण, जल बचाने तथा स्वच्छता को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आग्रह किया। बलराम कृषि महोत्सव में उनका संबोधन किसानों और उपस्थित लोगों के लिए प्रेरणादायी रहा। उन्होंने सभी को परिश्रम, ईमानदारी, प्रकृति संरक्षण और सामाजिक सद्भाव के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया तथा किसानों की खुशहाली और देश की समृद्धि की मंगलकामना की। Jansampark Madhya Pradesh <nis:link nis:type=tag nis:id=vidisha nis:value=vidisha nis:enabled=true nis:link/>