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Way4U

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अब मोकामा के नए रेल ब्रिज पर ट्रेन दौड़ने का इंतजार लगभग खत्म!

मोकामा में गंगा नदी पर ऐतिहासिक राजेंद्र सेतु के समानांतर बने नए डबल लाइन रेल ब्रिज पर एनआई का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। रेलवे की टीमें रात-दिन इस महत्वपूर्ण कार्य को पूरा करने में जुटी हैं।

एनआई और रेल नेटवर्क से कनेक्टिविटी का काम पूरा होने के बाद इसी सप्ताह इस नए मेगा रेल ब्रिज से ट्रेनों का परिचालन शुरू होने की उम्मीद है। नए दोहरी रेल लाइन वाले पुल के चालू होने से मोकामा–बरौनी रेलखंड की क्षमता बढ़ेगी और पुराने राजेंद्र सेतु पर निर्भरता काफी कम होगी।

वहीं, इस मेगा रेल ब्रिज के औपचारिक उद्घाटन को लेकर भी तैयारियों और संभावनाओं की चर्चा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों इसके उद्घाटन की संभावना बताई जा रही है, हालांकि आधिकारिक कार्यक्रम की घोषणा का अभी इंतजार है।

फिलहाल देखिए, उद्घाटन से ठीक पहले तेजी से चल रहे एनआई कार्य की ये तस्वीरें।
लखनऊ चारबाग रेलवे स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने का काम तेजी से चल रहा है। स्टेशन के प्लेटफॉर्मों के ऊपर स्टील स्ट्रक्चर तैयार किए जा रहे हैं, जिन पर भविष्य में बड़ा पैसेंजर कॉनकोर्स बनेगा।

इस कॉनकोर्स की कनेक्टिविटी अलग-अलग प्लेटफॉर्मों से होगी और यात्रियों के लिए बेहतर वेटिंग एरिया, सर्कुलेटिंग स्पेस, एसी वेटिंग सुविधा और अन्य आधुनिक सुविधाएँ विकसित की जाएँगी।

खास बात यह है कि चारबाग स्टेशन की ऐतिहासिक पहचान और खूबसूरत आर्किटेक्चर को बरकरार रखते हुए इसे आधुनिक बनाया जा रहा है।

क्या आपने भी चारबाग स्टेशन पर यह काम होते हुए देखा है? कमेंट करके बताइए।

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बिहार की बेटी 
रच रही है इतिहास
अब स्टेशन भी फफूंद
आज मंगलवार के पावन अवसर पर प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या में हनुमानगढ़ी जाकर बजरंगबली के दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य मिला। 

संकटमोचन हनुमान जी सभी के जीवन से दुख और बाधाएँ दूर करें, हर मनोकामना पूर्ण करें और सभी के जीवन में सुख, शांति व समृद्धि बनाए रखें।

जय श्रीराम 🚩
जय बजरंगबली 🙏
जय हनुमानगढ़ी 🚩
पटना जंक्शन पर अब ATM कार्ड के बिना भी कैश निकालने की सुविधा उपलब्ध है। स्टेशन से गांधी मैदान और महावीर मंदिर की ओर निकलते ही, महावीर मंदिर के ठीक सामने कॉर्नर पर Hitachi का UPI ATM लगाया गया है।

इस ATM से आप UPI के जरिए कैश विड्रॉल कर सकते हैं। यानी ATM कार्ड साथ नहीं है, तब भी अपने मोबाइल में मौजूद Google Pay, PhonePe या अन्य समर्थित UPI ऐप से QR कोड स्कैन कर तय प्रक्रिया पूरी करके पैसे निकाल सकते हैं।

यात्रा के दौरान अचानक कैश की जरूरत पड़ जाए तो यह सुविधा यात्रियों के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकती है।

क्या आपने कभी पटना जंक्शन के इस UPI ATM से पैसे निकाले हैं? आपका अनुभव कैसा रहा? कमेंट करके जरूर बताइए।
कोसी नदी में खतरा टला 
घटने लगा पानी 
अब 2 लाख क्यूसेक का प्रवाह
Video 7
पहाड़ों के बीच से गुजरती वंदे भारत की ये खूबसूरत तस्वीरें जितनी रोमांचक दिखती हैं, इनके पीछे की कहानी शायद उससे कहीं ज्यादा दिलचस्प है… 

झारखंड के इस खूबसूरत घाट सेक्शन में जब वंदे भारत ऊँची-ऊँची पहाड़ियों, घने जंगलों और घुमावदार रेल लाइन के बीच से गुजरती है, तो दृश्य किसी फिल्मी फ्रेम से कम नहीं लगता। लेकिन ऐसे कुछ सेकेंड के खूबसूरत शॉट्स के पीछे कई घंटे की मेहनत छिपी होती है।

कभी पहाड़ी रास्तों पर लंबी ड्राइव…
कभी गाड़ी छोड़कर घने जंगलों के बीच पैदल सफर…
कभी सही लोकेशन की तलाश…
और फिर इंतजार उस एक पल का, जब दूर पहाड़ियों के बीच से ट्रेन दिखाई दे और कैमरा सही समय पर उसे कैद कर ले।

ड्रोन आसमान में हो या कैमरा जमीन पर—उस वक्त सिर्फ एक ही कोशिश होती है कि झारखंड की इस खूबसूरती और भारतीय रेल के इस शानदार सफर को उसी अंदाज में रिकॉर्ड किया जाए, जैसा आंखों के सामने दिखाई देता है।

और कभी-कभी इसी सफर में कुछ यादगार पल भी मिल जाते हैं… घाट सेक्शन के शानदार नजारे, ड्रोन से दिखती पहाड़ों के बीच दौड़ती ट्रेन और वंदे भारत के कैबिन से जुड़ी कुछ खास तस्वीरें। 

शूट करते वक्त अक्सर यह नहीं पता होता कि आखिर में तस्वीर कैसी निकलेगी… बस मेहनत, धैर्य और उस एक परफेक्ट मोमेंट का इंतजार होता है। और जब फ्रेम सामने आता है, तो लगता है कि पहाड़ों और जंगलों तक पहुंचने की सारी मेहनत सफल हो गई।

क्या आपने कभी पटना–रांची वंदे भारत से इस खूबसूरत घाट सेक्शन का सफर किया है?
अगर हाँ, तो कमेंट में जरूर बताइए—इस रास्ते का कौन-सा नजारा आपको सबसे ज्यादा याद रह गया? 

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WELCOME TO DELHI 

नई दिल्ली स्टेशन पर छठ महापर्व और त्योहारी सीजन में यात्रियों की भारी भीड़ को व्यवस्थित तरीके से संभालने के लिए नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर रेलवे ने खास Color-Coded व्यवस्था की है।

अजमेरी गेट की तरफ लगाए गए संकेतक में यात्रियों के लिए अलग-अलग रंगों में प्रवेश व्यवस्था स्पष्ट की गई है। 🔵 Blue Zone से प्लेटफॉर्म 1 से 15 के Reserved यात्रियों को Gate No. 08 और 11 से प्रवेश मिलेगा। 🟢 Green Zone को प्लेटफॉर्म 16 के Reserved यात्रियों के लिए निर्धारित किया गया है, जिनके लिए Gate No. 07 और 10 चिन्हित हैं। वहीं 🟡 Yellow Zone से प्लेटफॉर्म 1 से 16 तक के Unreserved यानी General यात्रियों को Gate No. 12 से प्रवेश दिया जाएगा।

इस व्यवस्था का मकसद Reserved और General यात्रियों की भीड़ को अलग-अलग दिशा में नियंत्रित करना है, ताकि प्लेटफॉर्म और स्टेशन परिसर में अनावश्यक भीड़ न हो और यात्रियों को अपनी ट्रेन तक पहुंचने में आसानी हो।

इसके साथ ही त्योहारी भीड़ को देखते हुए रेलवे द्वारा Dedicated Waiting/Holding Areas, बैठने की व्यवस्था, पेयजल, टिकटिंग, सूचना और सुरक्षा जैसी सुविधाओं को भी मजबूत किया जा रहा है।

छठ पर बिहार-पूर्वांचल की ओर जाने वाली भारी भीड़ के बीच नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर इस बार रंग बताएंगे—आपको किस रास्ते से अपनी ट्रेन तक जाना है। 

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ट्रेन में इस चाय का अलग ही स्वैग है 😍
पितृपक्ष मेला 2026

Pitrapaksh Mela 2026
नेपाल से फिर बढ़ रहा पानी, कोसी में उफान!

नेपाल में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच **सप्तकोशी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। कोसी बराज पर पानी का प्रवाह लगभग 2.60 लाख क्यूसेक तक पहुँच चुका है और बढ़ते दबाव को देखते हुए 31 फाटक खोल दिए गए हैं।

नेपाल के पहाड़ी और तराई क्षेत्रों में अभी और भारी बारिश की संभावना जताई गई है। ऐसे में आने वाले समय में कोसी के जलस्तर पर इसका असर देखने को मिल सकता है। बिहार में भी कोसी किनारे के इलाकों में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

कोसी किनारे रहने वाले लोग सतर्क रहें और प्रशासन की आधिकारिक सूचनाओं का पालन करें।

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मोक्ष और आस्था की पावन धरती गया जी में एक बार फिर पितृपक्ष मेले का विधिवत आगाज हो गया है। अगले करीब 15 दिनों तक चलने वाले इस मेले में देश-दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और मोक्ष की कामना लेकर गया जी पहुँच रहे हैं और विधि-विधान से पिंडदान एवं तर्पण कर रहे हैं।

इस बार पितृपक्ष मेले को लेकर राज्य सरकार, रेलवे और विभिन्न संस्थाओं द्वारा व्यापक तैयारियाँ की गई हैं। फाल्गु नदी, विष्णुपद मंदिर क्षेत्र से लेकर गया जी रेलवे स्टेशन तक सुरक्षा, यात्री सुविधा, आवागमन और श्रद्धालुओं की सहायता के लिए विशेष व्यवस्थाएँ की गई हैं।

अगर आप भी देश या दुनिया के किसी हिस्से से अपने पूर्वजों का पिंडदान करने गया जी आ रहे हैं, तो यात्रा से पहले राज्य सरकार एवं पर्यटन विभाग के आधिकारिक हेल्पलाइन नंबरों से जरूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। ठहरने के लिए बिहार पर्यटन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से उपलब्ध आवास एवं ऑनलाइन बुकिंग की जानकारी भी ली जा सकती है।

गया जी की इस पावन धरती पर पितरों के प्रति श्रद्धा, स्मृति और आस्था का यह अद्भुत संगम अगले कई दिनों तक देखने को मिलेगा।
आज से गया जी में विश्वप्रसिद्ध पितृपक्ष मेला 2026 की शुरुआत हो गई है। 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक चलने वाले इस मेले में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। 

तीर्थयात्रियों की सुविधा को देखते हुए गया जी जंक्शन पर रेलवे ने व्यापक तैयारियां की हैं। अतिरिक्त होल्डिंग व वेटिंग एरिया, अतिरिक्त टिकट काउंटर, सहायता व्यवस्था, ट्रेन टाइम-टेबल के होर्डिंग के साथ सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया गया है। स्टेशन परिसर की निगरानी के लिए अतिरिक्त CCTV कैमरे लगाए गए हैं और सुरक्षा बलों की तैनाती भी बढ़ाई गई है। 

वहीं पूरे गया जी शहर में पितृपक्ष मेले की अलग ही रौनक देखने को मिल रही है। श्रद्धा, आस्था और सनातन परंपरा की इस पावन धरती पर आने वाले तीर्थयात्रियों के स्वागत के लिए प्रशासन और रेलवे दोनों ने सुविधाओं को बेहतर बनाने की कोशिश की है।

पितरों के प्रति श्रद्धा और मोक्ष की कामना लेकर दुनिया भर से आने वाले श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए गया जी तैयार है। 🙏

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नेपाल में लगातार हो रही है बारिश 
कोसी बराज पर प्रवाह 
2 लाख 50 हजार पार
बिहार में बन रहा देश का सबसे Powerful Engine | Inside Madhepura Locomotive Factory | WAG-12B | Way4U

बिहार के मधेपुरा में कैसे तैयार होता है देश का सबसे पावरफुल इलेक्ट्रिक रेल इंजन? इस खास वीडियो में हम आपको लेकर चल रहे हैं Madhepura Electric Locomotive Factory (MELPL) के अंदर, जहाँ Indian Railways के लिए अत्याधुनिक 12,000 HP WAG-12B Prima T8 electric locomotives तैयार किए जा रहे हैं।

हमने इस फैक्ट्री में इंजन बनाने की पूरी प्रक्रिया को बेहद करीब से रिकॉर्ड किया है—अलग-अलग components की assembly से लेकर locomotive के final preparation और testing तक। WAG-12B कोई सामान्य रेल इंजन नहीं है। यह 9 MW यानी करीब 12,000 horsepower वाला double-section electric freight locomotive है, जो लगभग 6,000 टन की freight rake को haul करने के लिए बनाया गया है और इसकी design speed 120 kmph तक है।

इस कहानी की सबसे खास बात यहाँ काम कर रहीं महिला कर्मचारी हैं। हमारी टीम ने उन महिला कर्मियों से बातचीत की जो देश के इस अत्याधुनिक locomotive को तैयार करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इनमें कई महिलाएँ बिहार से ही आती हैं। हमारे कैमरे पर उन्होंने बताया कि जब अपने हाथों से तैयार किया गया इंजन रेलवे ट्रैक पर दौड़ता दिखाई देता है, तो उन्हें कितना गर्व महसूस होता है।

इस वीडियो में हमारी मुलाकात एक ऐसी महिला कर्मी से भी हुई जो पटना के मोहुली हॉल्ट क्षेत्र से आती हैं और फैक्ट्री में locomotive operation से जुड़े काम में अपनी भूमिका निभा रही हैं। सीमित संसाधनों वाले क्षेत्र से निकलकर देश की सबसे आधुनिक locomotive manufacturing facilities में से एक तक पहुँचना अपने आप में बिहार की बदलती तस्वीर की एक प्रेरक कहानी है।
बदल रहा है मुजफ्फरपुर रेलवे स्टेशन का स्वरूप!

मुजफ्फरपुर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। स्टेशन परिसर का एक हिस्सा अब तैयार भी हो चुका है, जहाँ LED डिस्प्ले, बेहतर सर्कुलेटिंग एरिया, एस्केलेटर, आधुनिक FOB और नई यात्री सुविधाएँ, देखने को मिल रही हैं।

स्टेशन को विश्वस्तरीय स्वरूप देने के लिए प्लेटफॉर्म के ऊपर एक आधुनिक कॉन्कोर्स** का निर्माण भी तेजी से किया जा रहा है। खास बात यह है कि यहाँ Arrival और Departure के लिए अलग-अलग व्यवस्था होगी। Arrival ग्राउंड फ्लोर पर, जबकि Departure फर्स्ट फ्लोर से होगा और इसके लिए वाहन रैम्प के जरिए सीधे फर्स्ट फ्लोर तक पहुँच सकेंगे।

आने वाले समय में इस आधुनिक कॉन्कोर्स में यात्रियों के लिए बेहतर बैठने की व्यवस्था, वातानुकूलित वेटिंग एरिया, कैफेटेरिया सहित कई ऐसी सुविधाएँ उपलब्ध होंगी, जो आमतौर पर आधुनिक एयरपोर्ट्स पर देखने को मिलती हैं।

फिलहाल निर्माण कार्य तेजी से जारी है। मुजफ्फरपुर स्टेशन के बदलते स्वरूप की कुछ ताज़ा तस्वीरें हम आपके साथ साझा कर रहे हैं।

आपको मुजफ्फरपुर रेलवे स्टेशन का यह नया रूप कैसा लग रहा है? कमेंट बॉक्स में अपनी राय जरूर बताइएगा।
बिहार की बेटी अंकिता पर गर्व है ❤️

मधेपुरा रेल लोकोमोटिव कारखाने में जब देश के लिए शक्तिशाली रेल इंजन तैयार होते हैं, तो उनके निर्माण में **बिहार की बेटी अंकिता के मेहनती हाथ और हुनर भी अपनी अहम भूमिका निभाते हैं।

यह तस्वीर सिर्फ एक बेटी के काम करने की नहीं है, बल्कि उस बदलते बिहार की तस्वीर है जहाँ बेटियाँ अब बड़े सपने ही नहीं देख रहीं, बल्कि अपने हुनर और मेहनत से देश के विकास की रफ्तार भी बढ़ा रही हैं।

लोहे के इन विशाल इंजनों के बीच खड़ी अंकिता यह संदेश दे रही हैं कि हौसला मजबूत हो तो बेटियाँ किसी भी क्षेत्र में अपनी पहचान बना सकती हैं।

मधेपुरा की धरती से निकलकर भारतीय रेलवे को ताकत देने वाली इस बेटी को दिल से सलाम।
मीठापुर–महुली एलिवेटेड रोड का वेस्टर्न फ्लैंक बंद नहीं हुआ है, बल्कि निर्माण कार्य के कारण इसे फिलहाल अस्थायी रूप से बंद किया गया है।

दरअसल, सिपारा में बन रहे ROB के निर्माण के लिए एलिवेटेड रोड के ऊपर गार्डर रखे गए हैं और नीचे क्रेन लगाकर काम किया जा रहा है। निर्माण के दौरान यातायात में किसी तरह की परेशानी या सुरक्षा संबंधी दिक्कत न हो, इसी वजह से वेस्टर्न फ्लैंक पर फिलहाल वाहनों की आवाजाही रोकी गई है।

ROB का काम पूरा होते ही वेस्टर्न फ्लैंक को फिर से यातायात के लिए खोल दिया जाएगा। अभी ईस्टर्न फ्लैंक से ही दोनों दिशाओं की गाड़ियां गुजर रही हैं और यातायात सुचारू रूप से चल रहा है।

इसलिए अगर आप इस रास्ते से गुजर रहे हैं तो घबराइए नहीं—वेस्टर्न फ्लैंक की बंदी अस्थायी है।
Bihar के Madhepura बन रहा है देश का सबसे पावरफूल इंजन। 
इसे बनाने मे अहम भूमिका निभाती देश की बेटियाँ ।
महिलाएँ आज हर क्षेत्र में अपनी मेहनत और हुनर का परचम लहरा रही हैं, और इसकी एक शानदार तस्वीर देखने को मिलती है मधेपुरा रेल लोकोमोटिव फैक्ट्री में। 

देश के सबसे शक्तिशाली रेल इंजनों के निर्माण में यहाँ काम कर रही महिला कर्मियों की भी अहम भूमिका है। इस फैक्ट्री में हर साल करीब 200 लोकोमोटिव तैयार किए जाते हैं और इनके निर्माण से लेकर कई तकनीकी प्रक्रियाओं तक महिलाएँ पूरी दक्षता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं।

हाल ही में कवरेज के दौरान इन महिला कर्मियों से बातचीत का मौका मिला। उनका कहना था—जब अपने हाथों से तैयार किए गए इंजन को रेलवे ट्रैक पर दौड़ते देखते हैं, तो गर्व होता है कि देश के विकास और भारतीय रेलवे की इस नई ताकत में हमारा भी योगदान है।

इनकी मेहनत, अनुभव और गर्व से जुड़ी ऐसी ही कई सच्ची कहानियों पर आधारित हमारा विशेष वीडियो अभी एडिट हो रहा है। जल्द ही Way4U के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आपको इन महिला कर्मियों का इंटरव्यू भी देखने को मिलेगा।

फिलहाल इन तस्वीरों को देखिए और बताइए—देश के विकास में महिलाओं की इस मजबूत भागीदारी को आप कैसे देखते हैं? अपनी राय कमेंट सेक्शन में जरूर लिखिए।
बदल रही है पटना से बेतिया की कनेक्टिविटी!

ये तस्वीरें सोनपुर में पटना–बेतिया रोड कॉरिडोर (NH-139W) के तहत बन रहे शानदार Trumpet Interchange की हैं। इसका निर्माण कार्य इन दिनों तेजी से आगे बढ़ रहा है।

पटना AIIMS से शुरू होकर सोनपुर, वैशाली क्षेत्र, बाकरपुर, माणिकपुर, साहेबगंज और अरेराज होते हुए बेतिया तक बेहतर एवं तेज सड़क कनेक्टिविटी तैयार की जा रही है। इस महत्वपूर्ण कॉरिडोर में दीघा–सोनपुर के बीच गंगा नदी पर 6-लेन का नया ब्रिज भी बन रहा है, जबकि आगे के हिस्सों में 4-लेन हाईवे विकसित किया जा रहा है। 

सोनपुर में बन रहा यह Trumpet Interchange अलग-अलग दिशाओं से आने वाले ट्रैफिक को बिना अनावश्यक रुकावट के कॉरिडोर से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा।

क्या आपने भी इस रास्ते से गुजरते हुए इस विशाल इंटरचेंज का निर्माण देखा है? कमेंट सेक्शन में अपनी राय जरूर बताइए।
पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक श्री डिंपी गर्ग ने आज हाजीपुर स्थित मुख्यालय में पत्रकारों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने आगामी त्योहारी सीजन, विशेषकर छठ महापर्व के दौरान यात्रियों की सुविधा और भीड़ प्रबंधन को लेकर रेलवे की विशेष तैयारियों के बारे में भी बताया। 

Video :- ECR
पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक श्री डिंपी गर्ग ने आज हाजीपुर स्थित मुख्यालय में पत्रकारों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने पूर्व मध्य रेलवे क्षेत्र में रेल नेटवर्क के विस्तार, यात्री सुविधाओं में हो रही बढ़ोतरी और चल रही विभिन्न विकास परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी साझा की।

महाप्रबंधक ने आगामी त्योहारी सीजन, विशेषकर छठ महापर्व के दौरान यात्रियों की सुविधा और भीड़ प्रबंधन को लेकर रेलवे की विशेष तैयारियों के बारे में भी बताया।