#बालाघाट
कान्हा टाइगर रिजर्व में उपचाराधीन मादा बाघ की मौत
NTCA की SOP के तहत हुआ शव परीक्षण, जैविक नमूने जांच के लिए जबलपुर भेजे
कान्हा टाइगर रिजर्व के मुक्की परिक्षेत्र स्थित वन्य प्राणी उपचार केंद्र में उपचाराधीन एक मादा बाघ शावक की 6 अक्टूबर को मृत्यु हो गई। बाघ शावक को करीब डेढ़ माह पहले वन क्षेत्र में अकेले और अत्यंत कमजोर अवस्था में देखा गया था। इसके बाद वन विभाग द्वारा उसकी जीवन रक्षा एवं स्वास्थ्य सुधार के लिए लगातार उपचार किया जा रहा था।
जानकारी के अनुसार, गश्ती दल ने 26 अगस्त को मादा बाघ शावक को वन क्षेत्र में अकेले और कमजोर शारीरिक अवस्था में पाया था। इसके बाद उसे उपचार केंद्र में लाकर 27 अगस्त से वन्य प्राणी चिकित्सा विशेषज्ञों की निगरानी में उपचार शुरू किया गया। चिकित्सकीय देखरेख के बावजूद 6 अक्टूबर को उसकी मृत्यु हो गई।
मृत्यु के बाद राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) की मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के प्रावधानों के अनुसार 7 अक्टूबर को मादा बाघ का शव परीक्षण किया गया। कान्हा टाइगर रिजर्व के वन्य प्राणी चिकित्सा अधिकारी तथा बैहर के पशु चिकित्सक ने संयुक्त रूप से पोस्टमार्टम किया। शव परीक्षण के बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत शवदाह की कार्रवाई भी संपन्न की गई।
शव परीक्षण के दौरान आवश्यक शारीरिक अंगों एवं जैविक नमूनों को फोरेंसिक एवं पैथोलॉजिकल जांच के लिए जबलपुर स्थित प्रयोगशाला भेजा गया है। प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही बाघ की मृत्यु के वास्तविक कारणों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
शव परीक्षण एवं शवदाह की कार्रवाई के दौरान कान्हा टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक, उपसंचालक (कोर), सहायक संचालक (हालोन), मुक्की परिक्षेत्र अधिकारी, NTCA प्रतिनिधि श्री रंजीत सत्रसुलय, स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
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49 views | Balaghat, Madhya Pradesh | Oct 7, 2026