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PRO JS Balaghat

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समन्वित खेती से खेती का जोखिम घटा, 
आय के कई रास्ते खुले

पांडेवाड़ा के कृषक वेदराम राहंगडाले ने 
5 एकड़ में धान, 4 एकड़ में मछली पालन और
 1 एकड़ में दलहन-बागवानी की
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धान से आगे बढ़ा खेती का दायरा, समन्वित कृषि ने घनश्याम की आय को दिए नए रास्ते
पशुपालन, मत्स्य पालन और उद्यानिकी को खेती से जोड़ा, अब सालभर आमदनी का जरिया  <nis:link nis:type=tag nis:id=सेवा_संकल्प_अभियान nis:value=सेवा_संकल्प_अभियान nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=sevasankalpabhiyan nis:value=SevaSankalpAbhiyan nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=cmmadhyapradesh nis:value=CMMadhyaPradesh nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=jansamparkmp nis:value=JansamparkMP nis:enabled=true nis:link/> minmpkrishi
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एफडीडीआई छिंदवाड़ा ने बालाघाट के स्कूलों में किया करियर काउंसलिंग सेमिनार
फैशन, फुटवियर डिजाइनिंग और रिटेल मैनेजमेंट में रोजगार व स्वरोजगार की संभावनाओं से कराया परिचित
 विद्यार्थियों को पारंपरिक करियर विकल्पों के साथ नए एवं रोजगारपरक क्षेत्रों की जानकारी देने के उद्देश्य से फुटवियर डिजाइन एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (एफडीडीआई) छिंदवाड़ा द्वारा बालाघाट शहर के विभिन्न विद्यालयों में करियर काउंसलिंग सेमिनार का आयोजन किया गया। भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय से संबद्ध एफडीडीआई के प्रतिनिधियों ने विद्यार्थियों को फैशन डिजाइनिंग, फुटवियर डिजाइनिंग एवं रिटेल मैनेजमेंट के क्षेत्र में उपलब्ध करियर विकल्पों की जानकारी दी।

कार्यक्रम में एफडीडीआई छिंदवाड़ा की प्रतिनिधि श्रीमती पूजा राजपूत ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए इन क्षेत्रों में उच्च शिक्षा, रोजगार तथा स्वयं का व्यवसाय शुरू करने की संभावनाओं के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि फैशन, फुटवियर और रिटेल उद्योग में डिजाइनिंग के साथ-साथ प्रबंधन, उत्पादन, विपणन एवं अन्य क्षेत्रों में भी रोजगार के अवसर उपलब्ध हैं।

सेमिनार के दौरान विद्यार्थियों को एफडीडीआई में प्रवेश की प्रक्रिया तथा ऑल इंडिया सिलेक्शन टेस्ट के संबंध में भी जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को पाठ्यक्रमों, प्रवेश प्रक्रिया एवं करियर की संभावनाओं के बारे में जानकारी देकर उन्हें अपनी रुचि और क्षमता के अनुरूप करियर विकल्प चुनने के लिए प्रेरित किया गया।

करियर काउंसलिंग सेमिनार का आयोजन महारानी लक्ष्मीबाई शासकीय विद्यालय, संदीपनी विद्यालय तथा पीएम श्री शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बूढ़ी, बालाघाट में किया गया। विद्यार्थियों ने सेमिनार में उत्साहपूर्वक सहभागिता की और फैशन डिजाइनिंग, फुटवियर डिजाइनिंग एवं रिटेल मैनेजमेंट जैसे अपेक्षाकृत नए करियर क्षेत्रों के बारे में जानकारी प्राप्त की।

आयोजकों ने बताया कि इन क्षेत्रों में सरकारी एवं निजी क्षेत्र में रोजगार के साथ-साथ स्वरोजगार की भी संभावनाएं हैं। विद्यार्थियों को इन पाठ्यक्रमों एवं प्रवेश प्रक्रिया से संबंधित अधिक जानकारी के लिए मोबाइल नंबर 8839697772 पर संपर्क करने की जानकारी दी गई।   

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रात्रि में कार्रवाई: घोटी में अवैध रेत खनन और डंप जब्त
एसडीएम श्रीश प्यासी ने ग्रामीणों को दी चेतावनी, अवैध खनन करने पर होगी वैधानिक कार्रवाई

 कलेक्टर श्री कुमार सत्यम के निर्देश पर जिले में अवैध रेत खनन एवं भंडारण के विरुद्ध कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में वारासिवनी एसडीएम श्री श्रीश प्यासी ने 29 सितंबर की रात्रि खनिज विभाग के अधिकारियों के साथ खैरलांजी तहसील के ग्राम घोटी पहुंचकर अवैध रेत खनन एवं रेत के डंप के विरुद्ध कार्रवाई की।

एसडीएम के नेतृत्व में मौके पर पहुंची टीम ने रेत के अवैध खनन से संबंधित सामग्री एवं डंप की जांच की तथा अवैध रूप से डंप की गई रेत को जब्ती की कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान खनिज विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी भी मौजूद रहे।

एसडीएम श्रीश प्यासी ने मौके पर मौजूद ग्रामीणों को समझाइश देते हुए कहा कि रेत का अवैध खनन एवं भंडारण न किया जाए। यदि कोई व्यक्ति अवैध रूप से रेत का खनन, परिवहन अथवा भंडारण करते पाया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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सेवा संकल्प अभियान में ‘अनकही कहानियों’ का भव्य नाट्य मंचन
सेवा, समर्पण और सुशासन के प्रेरक प्रसंगों ने दर्शकों को किया प्रभावित

सेवा संकल्प अभियान 2026 के अंतर्गत बुधवार को खैरलांजी में ‘अनकही कहानियों’ का नाट्य मंचन किया गया। जिला प्रशासन बालाघाट एवं मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में नूतन कला निकेतन के कलाकारों ने विभिन्न प्रेरक प्रसंगों को प्रभावी अभिनय, संवाद और संगीत के माध्यम से मंच पर जीवंत किया।

यह आयोजन शासकीय कन्या शाला खैरलांजी एवं शासकीय सांदीपनि विद्यालय खैरलांजी में किया गया। कार्यक्रम का आयोजन कलेक्टर श्री कुमार सत्यम के निर्देशानुसार सेवा संकल्प अभियान के तहत किया गया। नाट्य प्रस्तुति का निर्देशन एवं संयोजन नूतन कला निकेतन के प्रमुख श्री रूप बनवाले ने किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती एवं स्वामी विवेकानंद के समक्ष पूजन एवं दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। नाट्य प्रस्तुति में सेवा, समर्पण और सुशासन से जुड़े प्रेरक प्रसंगों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। कलाकारों ने समाज सेवा, स्वच्छता, शिक्षा एवं जनकल्याण से जुड़ी कहानियों को मंच पर जीवंत रूप देते हुए सामाजिक जिम्मेदारी और सकारात्मक बदलाव का संदेश दिया।

नाट्य मंचन के दौरान विद्यार्थियों और दर्शकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। प्रस्तुति में संवाद, अभिनय और संगीत के समन्वय ने कार्यक्रम को प्रभावी बनाया। उपस्थित शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं ग्रामीणजनों ने नाट्य प्रस्तुति की सराहना की। कार्यक्रम में लगभग 300 लोगों ने सहभागिता की। नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी के संदेश को आमजन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।

कार्यक्रम में शासकीय सांदीपनि विद्यालय के प्राचार्य श्री शैलेंद्र सहारे, शासकीय कन्या शाला के प्राचार्य श्री प्यारेलाल मेश्राम, दोनों विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाएं, विकासखंड समन्वयक खैरलांजी सुश्री श्वेता मिश्रा, समिति के सदस्य, नवांकुर संस्था के अध्यक्ष श्री राजेंद्र नगपुरे, श्री पुरण लिल्हारे, परामर्शदाता श्री चेतनपाल सोलंकी, श्री सुनीत कुमार अटराहे, श्री कृष्णसिंह लिल्हारे, श्री सुधीर चौहान, श्रीमती पुष्पांजलि तेलासे सहित सामाजिक कार्यकर्ता एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
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88 मत्स्यपालकों ने लिया विभागीय प्रशिक्षण
मत्स्यपालन के साथ योजनाओं का लाभ लेने दी गई जानकारी

 मत्स्योद्योग विभाग द्वारा वर्ष 2026-27 का विभागीय मत्स्य प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में 88 मत्‍स्‍यपालकों ने भाग लिया और वे मत्‍स्‍यपालन के साथ ही विभागीय योजनाओं के लाभ से भी अवगत हुए। कार्यक्रम में संयुक्त संचालक मत्स्योद्योग जबलपुर संभाग, जबलपुर श्री गिरीष मेश्राम की उपस्थिति रही।

संयुक्त संचालक श्री मेश्राम ने प्रशिक्षणार्थियों से मत्स्यपालन को लेकर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान NFDP पोर्टल पर पंजीयन, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना, बचत सह राहत योजना सहित विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि प्रशिक्षण का उद्देश्य मत्स्यपालकों को विभागीय योजनाओं एवं सुविधाओं से अवगत कराकर उनका लाभ अंतिम छोर तक पहुंचाना है। कार्यक्रम में उप संचालक मत्स्योद्योग बालाघाट श्रीमती पूजा रोड़गे, सहायक मत्स्य अधिकारी व्ही.के. मेश्राम, श्रीमती वैशाली मेश्राम, रितेश चौधरी सहित विभागीय कर्मचारी उपस्थित रहे।

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जिला विकास समन्‍वय एवं जिला मूल्‍यांकन समिति (दिशा) की बैठक स्‍थगित

 01 अक्टूबर 2026 गुरुवार को आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक अपरिहार्य कारणों से स्‍थगित कर दी गई है। आगामी बैठक की सूचना पृथक से प्रदाय की जाएगी।

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बिरसा-बैहर के 57 गांवों में जारी स्वास्थ्य अभियान, 691 मरीजों में 670 स्वस्थ होकर घर लौटे, 35,827 बच्चों का टीकाकरण पूर्ण

आज कोई भी नया मरीज भर्ती नही किया गया
 जिले के बिरसा एवं बैहर क्षेत्र के 57 ग्रामों में स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य समस्याओं और मौसमी बीमारियों की रोकथाम एवं उपचार के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत घर-घर पहुंचकर लोगों की स्क्रीनिंग, उपचार और दवाओं का वितरण किया जा रहा है। साथ ही बच्चों के स्वास्थ्य एवं टीकाकरण पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है।

30 सितंबर तक 46,157 लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। जांच के दौरान सर्दी-खांसी एवं बुखार के 5,894, मलेरिया के 1,068, दाने के साथ बुखार के 478 तथा चर्मरोग के 255 मरीज चिन्हित किए गए। कुल 7,695 मरीजों में से 7,004 का उपचार घर पर किया गया, जबकि 691 मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। इनमें से उपचार के बाद 670 मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं और 21 मरीजों का उपचार जारी है, जो स्वस्थ अवस्था में हैं। 30 सितंबर को कोई भी नया मरीज अस्पताल में भर्ती नहीं किया गया और न ही किसी मरीज को डिस्चार्ज किया गया।

स्वास्थ्य विभाग की 57 सर्वेक्षण टीमें घर-घर जाकर स्वास्थ्य परीक्षण कर रही हैं। बीमार व्यक्तियों की जांच और उपचार के लिए 6 पीएम जनमन एएमएमयू, 18 चिकित्सा अधिकारी तथा मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए 12 एम्बुलेंस तैनात हैं। अभियान के दौरान बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर भी विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। सर्वे में 1,386 बच्चों को विटामिन-ए की खुराक, ओआरएस एवं जिंक दिया गया। वहीं 1,291 बच्चों को आयरन सिरप तथा 1,189 बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोली दी गई। अब तक 807 सत्रों में 35,827 बच्चों का टीकाकरण किया जा चुका है।

बीमारियों की रोकथाम के लिए मच्छर नियंत्रण गतिविधियां भी लगातार जारी हैं। 30 सितंबर को 72 ग्रामों के 8,387 मकानों में कीटनाशक का छिड़काव किया गया। इसके अलावा 45 ग्रामों के 8,653 घरों में इनडोर एवं आउटडोर फॉगिंग कराई गई। स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांवों में लगातार निगरानी रखते हुए लोगों को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं और उपचार उपलब्ध करा रही हैं।

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अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर जिलेभर में लगेंगे मेगा स्वास्थ्य शिविर
जिला चिकित्सालय सहित सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में वृद्धजनों का होगा स्वास्थ्य परीक्षण, आयुष्मान कार्ड व हेल्थ आईडी भी बनेगी

अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर जिले में वृद्धजनों के स्वास्थ्य की जांच एवं उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने के उद्देश्य से जिला चिकित्सालय सहित जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में मेगा स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शत्रुघन सिंह दाहिया ने बताया कि शिविरों में आने वाले वृद्धजनों का स्वास्थ्य परीक्षण करने के साथ पात्र हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड एवं हेल्थ आईडी बनाए जाएंगे तथा आवश्यकता के अनुसार उन्हें स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

शिविरों के माध्यम से वृद्धजनों को स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं के साथ विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी। सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के प्रतिनिधि शिविर में उपस्थित रहकर वृद्धजनों के लिए संचालित योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी उपलब्ध कराएंगे। शिविर का शुभारंभ जनप्रतिनिधि अथवा वरिष्ठ नागरिक के माध्यम से कराया जाएगा।

वृद्धजनों का होगा समग्र स्वास्थ्य परीक्षण

स्वास्थ्य शिविर में आने वाले वृद्धजनों का वृद्धजन स्वास्थ्य मूल्यांकन पुस्तिका के अनुसार स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा और जांच से संबंधित जानकारी दर्ज की जाएगी। स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा वृद्धजनों की प्रमुख स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान कर आवश्यकता के अनुसार उपचार एवं परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

जिले के सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में भी अक्टूबर माह में आयोजित होने वाले आयुष्मान शिविर के अंतर्गत वृद्धजन स्वास्थ्य शिविर की गतिविधियां संचालित की जाएंगी। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, उप स्वास्थ्य केंद्रों तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आने वाले वृद्धजनों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा।

एनसीडी, आंखों और मानसिक स्वास्थ्य की होगी जांच

शिविरों में वृद्धजनों के स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान मुख्य रूप से गैर संचारी रोग (एनसीडी), मोतियाबिंद एवं अन्य नेत्र संबंधी समस्याओं, मानसिक स्वास्थ्य तथा बधिरता आदि के लिए स्क्रीनिंग की जाएगी। जरूरत के अनुसार आगे की जांच एवं उपचार के लिए स्वास्थ्य संस्थानों से जोड़ा जाएगा।

वृद्धावस्था में होने वाली गैर संचारी बीमारियों, मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं एवं शारीरिक अक्षमता जैसे विषयों पर सामुदायिक स्वास्थ्य संवाद सत्र भी आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों के माध्यम से वृद्धजनों और उनके परिजनों को स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान, बचाव और समय पर उपचार के संबंध में जानकारी दी जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी संबंधित स्वास्थ्य संस्थाओं को शिविरों में वृद्धजनों के स्वास्थ्य परीक्षण की जानकारी वृद्धजन स्वास्थ्य मूल्यांकन पुस्तिका में दर्ज करने तथा पुस्तिका उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में आयोजित गतिविधियों की रिपोर्ट एएएम पोर्टल पर दर्ज की जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि राज्य कार्यालय द्वारा निर्धारित गतिविधियों का निर्धारित समय-सीमा में पालन सुनिश्चित करते हुए अधिक से अधिक वृद्धजनों को स्वास्थ्य सेवाओं एवं शासकीय योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए।

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मुर्रा भैंसों ने खोली अंकित की आमदनी की नई राह
मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना से मिला सहारा, 
रोजाना 20 लीटर दूध उत्पादन से बढ़ी आर्थिक आत्मनिर्भरता
मेहनत, पशुपालन के प्रति रुचि और सरकारी योजना का सही लाभ मिले तो गांव में रहते हुए भी आय का मजबूत जरिया तैयार किया जा सकता है। बालाघाट विकासखंड के ग्राम भमोड़ी के युवा पशुपालक अंकित बिसेन ने इसे अपने प्रयासों से साबित किया है। मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना का लाभ लेकर उन्होंने मुर्रा नस्ल की दो दुधारू भैंसें खरीदीं और अब इनके दूध से हर माह करीब 5 से 6 हजार रुपये की शुद्ध बचत अर्जित कर रहे हैं। बढ़ती आमदनी से उत्साहित अंकित अब अपने डेयरी व्यवसाय का विस्तार करने की दिशा में प्रयासरत हैं।
अंकित बताते हैं कि पशुपालन को आय का अतिरिक्त साधन बनाने की इच्छा थी, लेकिन अच्छी नस्ल के दुधारू पशु खरीदने के लिए पर्याप्त पूंजी जुटाना चुनौती थी। ऐसे समय में उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं डॉ. घनश्याम परते की सलाह उनके लिए उपयोगी साबित हुई। उन्होंने मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना की जानकारी लेकर इसका लाभ उठाया और योजना के माध्यम से मुर्रा नस्ल की दो दुधारू भैंसें खरीदीं।
2.95 लाख की इकाई, आधी राशि पर मिला अनुदान
अंकित ने बताया कि योजना के तहत दोनों भैंसों की इकाई लागत 2 लाख 95 हजार रुपये निर्धारित थी। इसमें उन्हें 50 प्रतिशत अर्थात 1 लाख 47 हजार 500 रुपये का अंशदान स्वयं करना पड़ा, जबकि इतनी ही राशि शासन से अनुदान के रूप में प्राप्त हुई। इस आर्थिक सहायता से उनके लिए बेहतर नस्ल के दुधारू पशु खरीदना संभव हो सका।
रोजाना 20 लीटर दूध, हर माह बचत
मुर्रा नस्ल की दोनों भैंसों से अंकित को वर्तमान में प्रतिदिन करीब 20 लीटर दूध प्राप्त हो रहा है। दूध की बिक्री से उन्हें नियमित आय मिल रही है। पशुओं के चारे, देखभाल और अन्य खर्चों को निकालने के बाद अंकित को हर माह करीब 5 से 6 हजार रुपये की शुद्ध बचत हो रही है। यह राशि उनके परिवार की आर्थिक जरूरतों में सहायक बन रही है।
अंकित कहते हैं कि डेयरी व्यवसाय में नियमित मेहनत और पशुओं की उचित देखभाल बेहद जरूरी है। वे पशुओं के स्वास्थ्य, खान-पान और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। उनका लक्ष्य आने वाले समय में पशुओं की संख्या बढ़ाकर दूध उत्पादन और आमदनी में वृद्धि करना है।
योजना बनी आत्मनिर्भरता की सीढ़ी
अंकित बिसेन की कहानी बताती है कि सरकारी योजनाएं केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ग्रामीण परिवारों के लिए आय के नए अवसर तैयार करने का माध्यम भी बन सकती हैं। योजना के माध्यम से मिली सहायता ने अंकित को बेहतर नस्ल के पशु खरीदने में मदद की और अब वे पशुपालन को व्यवस्थित व्यवसाय के रूप में आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं।
गांव के युवा के रूप में अंकित का यह प्रयास दूसरे ग्रामीण युवाओं के लिए भी प्रेरणादायी है। उन्होंने दिखाया है कि यदि उपलब्ध योजनाओं की जानकारी लेकर उनका सही उपयोग किया जाए और मेहनत के साथ पशुपालन किया जाए, तो खेती के साथ डेयरी व्यवसाय को अतिरिक्त आय के प्रभावी साधन के रूप में विकसित किया जा सकता है।

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बटुआ में 9वें राष्ट्रीय पोषण माह का आयोजन
‘हमारी आंगनवाड़ी हमारी जिम्मेवारी’ थीम पर पोषण प्रदर्शनी, मातृ संवाद और बाल पोषण गतिविधियां आयोजित

 महिला एवं बाल विकास विभाग बालाघाट ग्रामीण के सेक्टर चांगोटोला अंतर्गत ग्राम पंचायत बटुआ में मंगलवार को 9वें राष्ट्रीय पोषण माह 2026 के तहत परियोजना स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री देवेंद्र सुन्द्रियाल के निर्देशन एवं परियोजना अधिकारी श्री शैलेन्द्र कुमार चौकसे के मार्गदर्शन में किया गया।

इस वर्ष राष्ट्रीय पोषण माह की मुख्य थीम “हमारी आंगनवाड़ी हमारी जिम्मेवारी” निर्धारित की गई है। कार्यक्रम के दौरान पोषण एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। पोषण माह के दौरान आहार विविधता, पर्याप्त प्रोटीन, गर्म पका भोजन, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना तथा बाल विकास के लिए पोषण जैसे पांच प्रमुख विषयों पर विशेष रूप से कार्य किया गया।

पोषण प्रदर्शनी में बताए संतुलित आहार के महत्व

कार्यक्रम स्थल पर पोषण प्रदर्शनी लगाई गई, जिसमें विभिन्न प्रकार के पोषक आहार एवं संतुलित भोजन की जानकारी प्रदर्शित की गई। उपस्थित महिलाओं और परिवारों को बच्चों, गर्भवती महिलाओं तथा धात्री माताओं के लिए पौष्टिक एवं विविधतापूर्ण आहार के महत्व के बारे में जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में आंगन मिलन के साथ सेवा की कार्ययोजना के अनुसार ग्राम बटुआ में मातृ संवाद एवं बाल पोषण गतिविधियों का भी आयोजन किया गया। इन गतिविधियों में महिलाओं के साथ पुरुषों और बच्चों ने भी सहभागिता की। बच्चों के पोषण, उचित खान-पान और उनके समुचित विकास के लिए परिवार की भूमिका पर भी चर्चा की गई।

जनप्रतिनिधियों ने किया सहभागिता का आह्वान

कार्यक्रम सांसद प्रतिनिधि श्री शिवकुमार हरिनखेड़े, मंडल अध्यक्ष श्रीमती सरिता पटले एवं ग्राम पंचायत बटुआ की सरपंच श्रीमती संगीता हरिनखेड़े के आतिथ्य में संपन्न हुआ। अतिथियों ने पोषण को परिवार और समाज की साझा जिम्मेदारी बताते हुए आंगनवाड़ी केंद्रों से संचालित गतिविधियों में समुदाय की सक्रिय सहभागिता पर जोर दिया।

कार्यक्रम को सफल बनाने में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती अनुसूइया वंशकार, श्रीमती विमला परते एवं श्रीमती उर्मिला वर्मन का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम में ग्रामीणों, महिलाओं एवं बच्चों की सहभागिता रही तथा पोषण के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया।

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पिता का अधूरा सपना बेटी ने किया पूरा, अदिति मिश्रा बनीं सब-इंस्पेक्टर

आईटीआई बालाघाट में स्टेनो ट्रेड की टॉपर रहीं अदिति, दो साल शहडोल में गेस्ट फैकल्टी के रूप में दी सेवाएं

 कुछ सफलताएं केवल एक व्यक्ति की नहीं होतीं। उनके पीछे परिवार के वर्षों के संघर्ष, त्याग, उम्मीद और लगातार प्रोत्साहन की कहानी छिपी होती है। ऐसी ही प्रेरणादायी कहानी है अदिति लालित्य मिश्रा की, जिन्होंने अपने परिश्रम और दृढ़ संकल्प के दम पर मध्यप्रदेश पुलिस विभाग में सब-इंस्पेक्टर (स्टेनो/बैक ऑफिस) पद पर चयन हासिल कर परिवार का मान बढ़ाया है।

    अदिति का चयन उनके लिए तो बड़ी उपलब्धि है ही, लेकिन उनके पिता लालित्य मिश्रा के लिए यह सफलता भावनाओं से जुड़ा एक खास पल है। बचपन से भारतीय सेना में जाकर देशसेवा करने का सपना देखने वाले लालित्य मिश्रा परिस्थितियों के चलते अपना यह सपना पूरा नहीं कर सके। वर्तमान में वे एमपीईबी, वारासिवनी में सेवाएं दे रहे हैं। अब बेटी का पुलिस सेवा में चयन उनके उस अधूरे सपने को एक नई अनुभूति दे रहा है।

आईटीआई में टॉप से पुलिस सेवा तक का सफर
     अदिति ने आईटीआई बालाघाट से स्टेनो ट्रेड में टॉप किया। इसके बाद उन्होंने करीब दो वर्षों तक आईटीआई शहडोल में गेस्ट फैकल्टी के रूप में सेवाएं दीं। नौकरी के साथ-साथ उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी जारी रखी।

     इस सफर में सफलता हमेशा उनके साथ नहीं रही। उन्होंने कई प्रतियोगी परीक्षाओं में हिस्सा लिया, लेकिन कुछ परीक्षाओं में वे महज एक-दो अंकों के अंतर से चयन से चूक गईं। ऐसी परिस्थितियां किसी भी अभ्यर्थी के हौसले को कमजोर कर सकती हैं, लेकिन अदिति ने असफलताओं को रुकावट नहीं बनने दिया। उन्होंने अपनी कमियों से सीखते हुए तैयारी जारी रखी और आखिरकार वह मुकाम हासिल किया, जिसका सपना उन्होंने देखा था।

मां ने हर कदम पर दिया साथ
    अदिति की सफलता के पीछे उनके माता-पिता के सहयोग की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनकी मां श्रीमती आरती मिश्रा ने बेटी की तैयारी के दौरान हर कदम पर उसका साथ दिया। परीक्षा और अन्य जरूरी कार्यों के लिए बेटी के साथ सैकड़ों किलोमीटर की यात्राएं करने से लेकर शहडोल में उसके साथ रहकर उसकी तैयारी में सहयोग करने तक, मां ने बेटी का हौसला बनाए रखा।

     परिवार का यह सहयोग अदिति के लिए उस समय और महत्वपूर्ण रहा, जब उन्हें लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रयास करने के बावजूद अपेक्षित सफलता नहीं मिल रही थी।

असफलताओं से सीखकर हासिल की सफलता
     अदिति की कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान असफलताओं का सामना कर रहे हैं। एक-दो अंकों से चयन से चूकने के बाद भी उन्होंने प्रयास नहीं छोड़ा। लगातार मेहनत, धैर्य और अपने लक्ष्य पर विश्वास बनाए रखा और अंततः मध्यप्रदेश पुलिस में सब-इंस्पेक्टर के पद तक पहुंचने में सफल रहीं।

     आगामी दिनों में अदिति भोपाल पहुंचकर अपनी नई जिम्मेदारी संभालेंगी। उनकी इस उपलब्धि से परिवार, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों में खुशी का माहौल है।

बेटी की सफलता बनी पूरे परिवार का गौरव
     अदिति की सफलता ने यह साबित किया है कि लक्ष्य बड़ा हो तो रास्ते में आने वाली असफलताएं मंजिल को रोक नहीं सकतीं। पिता का अधूरा सपना बेटी ने अपने परिश्रम से पूरा करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। यह उपलब्धि अदिति के साथ-साथ उनके माता-पिता के त्याग, विश्वास और वर्षों की मेहनत की भी जीत है। अदिति की सफलता पर परिजनों एवं शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।
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जन-विश्वास अभियान के तहत कटंगी में 03 अक्टूबर को जिला स्तरीय शिविर
 मौके पर मिलेगी समस्याओं के समाधान की सुविधा

मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026 के अंतर्गत 03 अक्टूबर को विकासखंड मुख्यालय कटंगी स्थित सांदीपनि विद्यालय में जिला स्तरीय जन-विश्वास शिविर आयोजित किया जाएगा। कलेक्टर श्री कुमार सत्यम के मार्गदर्शन में आयोजित होने वाले इस शिविर में विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहेंगे। शिविर का उद्देश्य आमजन की समस्याओं और शिकायतों का निराकरण करने के साथ शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति की जानकारी लेना है।
शिविर के आयोजन से पहले अधिकारियों को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, जनसुनवाई और लोक सेवा गारंटी से संबंधित लंबित प्रकरणों की समीक्षा कर प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करने के निर्देश दिए गए हैं। शिविर में प्राप्त होने वाले नए आवेदनों और शिकायतों का भी यथासंभव मौके पर समाधान किया जाएगा। शिविर में नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा, फार्मर आईडी, आयुष्मान कार्ड, समग्र ई-केवाईसी, प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, आंगनवाड़ी, स्वास्थ्य एवं शिक्षा सेवाओं सहित खाद-बीज वितरण और सार्वजनिक वितरण प्रणाली की व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाएगी।
जन-विश्वास अभियान के तहत अधिकारी केवल शिविर में ही नहीं, बल्कि क्षेत्र में पहुंचकर विभिन्न विकास कार्यों का भी निरीक्षण करेंगे। सड़कों, तालाबों, अमृत सरोवरों, बांधों, जल जीवन मिशन की संरचनाओं और शासकीय भवनों की स्थिति का जायजा लिया जाएगा। निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और उपयोगिता की भी जानकारी ली जाएगी। इसके साथ ही स्वास्थ्य केंद्र, आईटीआई, सहकारी समितियों, कृषि मंडियों, पुलिस थानों, लोक सेवा केंद्रों और शासकीय देवस्थानों का निरीक्षण भी किया जाएगा। इन संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं तथा आमजन को मिल रही सेवाओं की स्थिति की जानकारी लेकर आवश्यक सुधार के निर्देश दिए जाएंगे।
अभियान के दौरान खाद-बीज दुकानों, गैस गोदामों, पेट्रोल पंपों, पटाखा एवं विस्फोटक लाइसेंसधारियों तथा अधिकृत शस्त्र विक्रेताओं के दस्तावेज और व्यवस्थाओं की भी जांच की जाएगी। निजी विद्यालयों का निरीक्षण कर विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं एवं शैक्षणिक व्यवस्थाओं की जानकारी ली जाएगी।
मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के माध्यम से प्रशासन और आमजन के बीच सीधा संवाद स्थापित कर समस्याओं के समाधान तथा शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया जा रहा है। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी समस्याओं, शिकायतों एवं योजनाओं से संबंधित प्रकरण लेकर 03 अक्टूबर को सांदीपनि विद्यालय, कटंगी में आयोजित जिला स्तरीय जन-विश्वास शिविर में उपस्थित होकर इसका लाभ उठाएं।

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पूर्व गणतंत्र दिवस परेड के लिए जिला स्तरीय चयन प्रक्रिया संपन्न
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 8 स्वयंसेवकों का विश्वविद्यालय स्तरीय चयन के लिए हुआ चयन

 गणतंत्र दिवस-2027 के अवसर पर नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाली गणतंत्र दिवस परेड एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के स्वयंसेवकों की सहभागिता के लिए पूर्व गणतंत्र दिवस परेड (Pre-RDC) की जिला स्तरीय चयन प्रक्रिया 28 सितंबर को सांदीपनि विद्यालय, बालाघाट में आयोजित की गई।

रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर के अंतर्गत आयोजित चयन प्रक्रिया में जिले के विभिन्न महाविद्यालयों के NSS स्वयंसेवकों ने सहभागिता की। किरनापुर, परसवाड़ा, वारासिवनी, प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शासकीय जटाशंकर त्रिवेदी स्नातकोत्तर महाविद्यालय बालाघाट, कमला नेहरू कन्या महाविद्यालय सहित अन्य महाविद्यालयों के स्वयंसेवकों ने परेड, दौड़, साक्षात्कार एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के पूजन एवं स्वामी विवेकानंद के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन व माल्यार्पण से हुआ। मुख्य अतिथि प्राचार्य डॉ. अशोक कुमार मराठे, सांदीपनि विद्यालय के प्राचार्य डॉ. युवराज राहंगडाले, एनसीसी अधिकारी अशोक कुमार रावडे एवं जिला संगठक NSS डॉ. डुलेश्वरी टेम्भरे उपस्थित रहे। जिला स्तरीय चयन में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर 8 स्वयंसेवकों का विश्वविद्यालय स्तरीय चयन प्रक्रिया के लिए चयन किया गया। इनमें श्रुति गौतम, वीणा बांगरे, तुषार बांगरे, निलेश नागेश्वर, सुदय थापा एवं नितिन सैयाम (पीजी कॉलेज बालाघाट), वंदना उइके (कमला नेहरू कन्या महाविद्यालय) तथा मिताली चौधरी (एसएसपी कॉलेज वारासिवनी) शामिल हैं।

चयन प्रक्रिया को व्यवस्थित एवं अनुशासित बनाने में लेफ्टिनेंट डॉ. गजानन कटरे, एनसीसी प्रशिक्षक एस.के. पालेवार एवं कृष्ण पाल यादव का सहयोग रहा। आयोजन प्रो. सुखचंद एडे एवं श्री अशोक कुमार कोर्राम के नेतृत्व में किया गया। जिला संगठक डॉ. डुलेश्वरी टेम्भरे ने चयनित स्वयंसेवकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास एवं राष्ट्रसेवा की भावना को विकसित करने का अवसर प्रदान करते हैं।

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मृत नर चीतल का वन विभाग ने कराया विधिवत दाह संस्कार
चांदमारी रोड स्थित केंद्रीय डिपो के पास की गई निस्तारण की कार्रवाई

 तहसील बालाघाट अंतर्गत सामान्य वन परिक्षेत्र में एक नर चीतल की मृत्यु होने के बाद वन विभाग द्वारा नियमानुसार उसके निस्तारण एवं भस्मीकरण (दाह संस्कार) की कार्रवाई की गई।

    मृत नर चीतल के दाह संस्कार की कार्रवाई बालाघाट में चांदमारी रोड स्थित केंद्रीय डिपो के पास की गई। वन्यप्राणी की मृत्यु की सूचना के बाद वन विभाग के अधिकारियों एवं संबंधित विभागीय अमले की मौजूदगी में नियमानुसार आवश्यक प्रक्रिया पूरी की गई।

    इस दौरान तहसीलदार सुश्री छवि पंत सहित वन विभाग के अधिकारी तथा पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति में मृत चीतल का निस्तारण एवं दाह संस्कार कराया गया। वन विभाग द्वारा वन्यप्राणी की मृत्यु के बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की गई, ताकि मृत वन्यप्राणी का सुरक्षित एवं नियमानुसार निस्तारण किया जा सके।

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सेवा मेरा योगदान’ अभियान में जनभागीदारी बढ़ाने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कलेक्टरों को दिए निर्देश,
 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टर एवं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर सेवा संकल्प अभियान-2026 सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं और अभियानों की समीक्षा की। बैठक में 17 सितंबर से संचालित सेवा संकल्प अभियान-2026 के अंतर्गत 2 से 10 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले ‘सेवा मेरा योगदान’ अभियान की तैयारियों की जानकारी ली गई।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि ‘सेवा मेरा योगदान’ अभियान के तहत स्वच्छता, स्वास्थ्य, वृद्धजनों एवं अनाथ बच्चों की सेवा, नेत्र परीक्षण, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, वृक्षारोपण, सैनिकों एवं उनके परिवारों का सम्मान तथा जरूरतमंद विद्यार्थियों की सहायता जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएं। इन गतिविधियों को जिला मुख्यालय तक सीमित न रखते हुए विकासखंड, नगरीय निकाय और ग्राम पंचायत स्तर तक जनभागीदारी के साथ आयोजित करने के निर्देश दिए गए। उन्‍होने कहा कि सेवा कार्य केवल शासकीय कार्यक्रम बनकर न रह जाएं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग को इनसे जोड़ा जाए। जनभागीदारी के माध्यम से सामाजिक जिम्मेदारी और सेवा की भावना को मजबूत किया जाना आवश्यक है।

बैठक में नशामुक्त भारत अभियान की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक जिले में नशामुक्ति के संबंध में प्रतिमाह बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कलेक्टरों को स्कूलों, अस्पतालों सहित अन्य महत्वपूर्ण स्थानों का नियमित निरीक्षण करने को कहा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि नशामुक्ति की जिम्मेदारी केवल पुलिस विभाग की नहीं है, बल्कि कलेक्टर सहित सभी संबंधित विभागों को समन्वित रूप से कार्य करना होगा। उन्होंने नशामुक्ति हेल्पलाइन नंबर 14446 का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश भी दिए, ताकि जरूरतमंद लोगों को सहायता उपलब्ध हो सके।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में स्वामित्व योजना के कार्यों की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को योजना से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यों में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित पटवारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। बैठक में प्रदेश में प्रारंभ होने वाली सुगम परिवहन सेवा से संबंधित प्रस्तावित योजना पर भी चर्चा की गई तथा अधिकारियों को आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान बालाघाट जिले से कलेक्टर श्री कुमार सत्यम, पुलिस अधीक्षक श्री आदित्य मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ सुश्री तनुश्री मीणा एवं अपर कलेक्टर श्री डी.पी. बर्मन उपस्थित रहे।

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सेवा और संकल्प का संदेश लेकर बैहर-गढ़ी पहुंची ‘वडनगर से वाराणसी’ यात्रा
बैहर में सफाई कर्मियों से संवाद, नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों ने साझा किए अनुभव
सेवा, जनसंपर्क और राष्ट्र निर्माण के संदेश के साथ निकली ‘वडनगर से वाराणसी जल, जन एवं सेवा संकल्प यात्रा’ 28 सितंबर को बालाघाट जिले के बैहर पहुंची। यात्रा के बैहर पहुंचने पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें यात्रियों ने सफाई कर्मियों से संवाद किया।

इस दौरान जिले के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से नक्सल हिंसा से प्रभावित लोगों ने भी अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में परिस्थितियों में आए बदलाव के बाद अब वे और उनके परिवार स्वयं को अधिक सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले हिंसा के भय के बीच जीवनयापन करना पड़ता था, जबकि अब गांवों में विकास और सुविधाओं का विस्तार दिखाई देने लगा है। बैहर में रात्रि विश्राम के बाद 29 सितंबर को यात्रा गढ़ी के लिए रवाना हुई। गढ़ी पहुंचने पर यात्रा का स्वागत किया गया। यहां पौधारोपण, जनसंवाद सहित विभिन्न गतिविधियों में यात्रियों ने सहभागिता की। कार्यक्रमों के बाद यात्रा मंडला जिले के बिछिया के लिए रवाना हो गई।

यात्रा में गुजरात की सांसद शोभनाबेन बारैया, दाहोद लोकसभा क्षेत्र के सांसद जसवंतसिंह सुमनभाई भाभोर, यात्रा प्रभारी विवेक शर्मा, अमन गांधी, शिवादित्य नेताम सहित बड़ी संख्या में युवा शामिल हैं। यात्रा के बैहर एवं गढी पहुंचने पर बालाघाट सांसद श्रीमती भारती पारधी, अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्‍य श्री भगत सिंह नेताम, अनुपमा नेताम, नगर पंचायत बैहर के अध्‍यक्ष, गुड्डा मरकाम, पार्षद, ग्राम पंचायत गढी के सरपंच, पंच द्वारा स्‍वागत किया गया। यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर सेवा गतिविधियों, जनसंवाद और सामाजिक सहभागिता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

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बैठक में दिए निर्देशों का पालन न करने पर आठ कर्मचारियों का तीन-तीन दिन का वेतन राजसात
एसडीएम कटंगी विजय सिंह यादव ने राजस्व एवं पंचायत विभाग की समीक्षा के बाद दिए कार्रवाई के निर्देश

 शासकीय कार्यों में लापरवाही और समीक्षा बैठकों में दिए गए निर्देशों का पालन नहीं करने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध एसडीएम कटंगी विजय सिंह यादव ने कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। राजस्व एवं पंचायत विभाग की समीक्षा के दौरान अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर कुल आठ कर्मचारियों का तीन-तीन दिन का वेतन राजसात करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए हैं।

     एसडीएम विजय सिंह यादव द्वारा विगत दिनों चरणबद्ध तरीके से राजस्व विभाग तथा पंचायत विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों की बैठक लेकर विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं कार्यों की समीक्षा की गई थी। बैठक में सीएम हेल्पलाइन सहित अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं एवं विभागीय लक्ष्यों की सतत निगरानी करते हुए लंबित कार्यों में प्रगति लाने के निर्देश दिए गए थे। निर्धारित समय बीतने के बाद भी कुछ कर्मचारियों द्वारा निर्देशों का अपेक्षित पालन नहीं किया गया।

पांच पटवारियों का वेतन राजसात
     राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान पटवारियों को फार्मर रजिस्ट्री, फसल गिरदावरी, बायोमेट्रिक ई-केवाईसी, नक्शा तरमीम, नामांतरण प्रकरणों में प्रतिवेदन प्रस्तुत करने, सेल्फ रजिस्ट्रेशन के प्रतिवेदन, सीएम हेल्पलाइन तथा राजस्व वसूली के लिए अतिक्रमण संबंधी प्रकरण तैयार करने सहित अन्य राजस्व लक्ष्यों की पूर्ति के निर्देश दिए गए थे।

     लगभग एक सप्ताह का समय बीतने के बाद भी कुछ पटवारियों द्वारा फार्मर रजिस्ट्रेशन एवं फसल गिरदावरी सहित निर्धारित कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं की गई। इस पर एसडीएम ने तहसीलदार तिरोड़ी को पटवारी शिवांशु मिश्रा, गौरव तिवारी, प्रदीप शर्मा, प्रहलाद कुमरे एवं कमलेश भगत का माह सितंबर का तीन-तीन दिन का वेतन राजसात करने के निर्देश दिए हैं।

तीन पंचायत सचिवों पर भी कार्रवाई
    इसी प्रकार पंचायत विभाग के एडीओ एवं पीसीओ की बैठक लेकर लंबित सीएम हेल्पलाइन शिकायतों की समीक्षा की गई। इसमें नल-जल योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना तथा पंचायतों में साफ-सफाई से संबंधित शिकायतों की स्थिति की विशेष रूप से समीक्षा की गई।

    समीक्षा के दौरान कुछ पंचायत सचिवों द्वारा लंबित सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के निराकरण में लापरवाही बरतना पाया गया। शिकायतों का समय पर निराकरण नहीं कराने पर एसडीएम ने पंचायत सचिव अजीत बोरकर, खिलेंद्र भारती एवं विपिन हरिनखेड़े के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए तीन-तीन दिन का वेतन राजसात करने के निर्देश जनपद पंचायत सीईओ कटंगी को दिए हैं।

    एसडीएम विजय सिंह यादव ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि शासकीय योजनाओं, सीएम हेल्पलाइन तथा विभागीय लक्ष्यों की नियमित समीक्षा करते हुए लंबित कार्यों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बैठकों में दिए गए निर्देशों के पालन में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

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दुल्हापुर में जनसमस्या निवारण शिविर, बैगा परिवारों को मौके पर मिली शासकीय योजनाओं की सुविधा

175 जाति प्रमाण पत्र वितरित, 90 आवेदनों पर कार्रवाई शुरू; 47 संबल पंजीयन किए गए

 बिरसा विकासखंड के बैगा जनजाति बहुल एवं बीमारी से प्रभावित ग्रामों में जिला प्रशासन द्वारा ग्रामीणों को गांव में ही शासकीय सेवाओं और योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में ग्राम दुल्हापुर में आयोजित शिविर में बड़ी संख्या में बैगा परिवारों ने पहुंचकर विभिन्न योजनाओं और शासकीय सेवाओं के लिए आवेदन किए। अधिकारियों ने मौके पर ही अनेक मामलों का निराकरण किया तथा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़ा।

ग्रामीणों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए शिविर स्थल पर विभिन्न विभागों के काउंटर लगाए गए थे। यहां संबल पंजीयन, आधार, समग्र आईडी, राशन, जन्म एवं विवाह प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र सहित अन्य सेवाओं से स�
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राजा भोज कृषि महाविद्यालय में राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों ने अनुसंधान परियोजनाओं का किया निरीक्षण

IRRI फिलीपींस के वैज्ञानिक सहित विशेषज्ञ दल ने चावल, दलहन एवं मशरूम अनुसंधान कार्यों का लिया जायजा

 राजा भोज कृषि महाविद्यालय, बालाघाट में मंगलवार को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के वैज्ञानिकों का वैज्ञानिक भ्रमण एवं अनुसंधान परियोजनाओं के निरीक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर के निदेशालय अनुसंधान सेवाएं के निदेशक डॉ. ए.के. जैन के नेतृत्व में पहुंचे वैज्ञानिक दल ने महाविद्यालय में संचालित विभिन्न अनुसंधान परियोजनाओं, प्रक्षेत्रों, प्रयोगशालाओं एवं शैक्षणिक सुविधाओं का अवलोकन किया।

    वैज्ञानिक दल में अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान (IRRI), फिलीपींस के वैज्ञानिक डॉ. जौहर अली, जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक डॉ. आशीष गुप्ता एवं डॉ. शिवरामकृष्णन शामिल रहे। संपूर्ण भ्रमण का आयोजन एवं समन्वय महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. घनश्याम देशमुख के मार्गदर्शन में किया गया।

चावल और दलहन अनुसंधान प्रक्षेत्रों का अवलोकन

    वैज्ञानिक दल ने महाविद्यालय के विभिन्न प्रक्षेत्रों में संचालित अनुसंधान गतिविधियों का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान डॉ. उत्तम बिसेन द्वारा संचालित चावल अनुसंधान प्रक्षेत्र में पहुंचकर वैज्ञानिकों ने चावल की फसल में किए जा रहे अनुसंधान एवं प्रयोगात्मक गतिविधियों की जानकारी ली। फसल विविधीकरण और नवीन कृषि तकनीकों पर भी वैज्ञानिकों ने चर्चा की।

     इसके बाद डॉ. प्रतिभा बिसेन, डॉ. अतुल श्रीवास्तव एवं डॉ. राजू पांसे द्वारा संचालित विभिन्न दलहनी फसलों के अनुसंधान प्रक्षेत्रों का निरीक्षण किया गया। वैज्ञानिकों ने दलहनी फसलों में किए जा रहे अनुसंधान, जर्मप्लाज्म संरक्षण, फसल विविधीकरण एवं उत्पादन संबंधी गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की।

     मशरूम उत्पादन इकाई भी देखी

    वैज्ञानिक दल ने डॉ. श्रद्धा करचो एवं डॉ. रमेश अमूले द्वारा संचालित मशरूम उत्पादन इकाई का भी निरीक्षण किया। यहां मशरूम उत्पादन तथा प्रशिक्षण के लिए संचालित गतिविधियों की जानकारी ली गई। वैज्ञानिकों ने अनुसंधान को व्यावहारिक कृषि, स्वरोजगार तथा विद्यार्थियों के कौशल विकास से जोड़ने के प्रयासों को महत्वपूर्ण बताया।

    प्रयोगशालाओं और शैक्षणिक सुविधाओं का किया निरीक्षण

भ्रमण के दौरान वैज्ञानिकों ने महाविद्यालय के संग्रहालय, प्रयोगशालाओं, कक्षाओं एवं अन्य शैक्षणिक सुविधाओं का भी अवलोकन किया। उन्होंने उपलब्ध आधारभूत संरचना और विद्यार्थियों के लिए संचालित शैक्षणिक एवं अनुसंधान गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की।

    वैज्ञानिकों ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कृषि अनुसंधान, नवाचार, आधुनिक कृषि तकनीकों और कृषि क्षेत्र में उपलब्ध व्यावसायिक अवसरों के संबंध में मार्गदर्शन दिया। विद्यार्थियों ने वैज्ञानिकों से हुए संवाद को ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायी बताया।

     छात्रावास की आवश्यकता पर भी हुई चर्चा

    भ्रमण के दौरान महाविद्यालय में छात्राओं के लिए नवीन छात्रावास की आवश्यकता एवं मांग को लेकर भी चर्चा हुई। वैज्ञानिक दल को छात्राओं के लिए छात्रावास सुविधा की आवश्यकता से अवगत कराया गया तथा इस दिशा में उपलब्ध संभावनाओं एवं आवश्यकताओं पर विचार-विमर्श किया गया।

इसके साथ ही वैज्ञानिक दल ने महाविद्यालय परिसर में नवनिर्मित आवासीय क्वार्टर्स का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

          अनुसंधान गतिविधियों की सराहना

     वैज्ञानिक दल ने महाविद्यालय में संचालित विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान गतिविधियों और परियोजनाओं का अवलोकन करते हुए उनकी सराहना की। अधिष्ठाता डॉ. घनश्याम देशमुख के मार्गदर्शन में शिक्षण, अनुसंधान एवं प्रायोगिक गतिविधियों के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की भी प्रशंसा की गई।

     इस दौरान राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ समन्वय के माध्यम से अनुसंधान गतिविधियों को और सुदृढ़ करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।

    कार्यक्रम में डॉ. विक्रम गौड़, डॉ. सुरेंद्र राय, डॉ. ऋषिकेश ठाकुर सहित महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक, वैज्ञानिक, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। वैज्ञानिकों के भ्रमण से विद्यार्थियों एवं शोधकर्ताओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों से सीधे संवाद करने और नवीनतम कृषि अनुसंधान गतिविधियों की जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिला।

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जिला विकास समन्‍वय एवं जिला मूल्‍यांकन समिति (दिशा) की बैठक 01 अक्टूबर को आयोजित
जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक 01 अक्टूबर 2026 गुरुवार को दोपहर 12 बजे कलेक्ट्रेट सभाकक्ष, बालाघाट में आयोजित की जाएगी। बैठक सांसद श्रीमती भारती पारधी की अध्यक्षता में आयोजित होगी।

बैठक में जिले की विभिन्न विकास योजनाओं की समीक्षा की जाएगी। विशेष रूप से लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं यांत्रिकी, महिला एवं बाल विकास विभाग, जनजातीय कार्य विभाग, लोक निर्माण विभाग (भवन/सेतु), खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, दूर संचार विभाग की योजनाओं पर चर्चा एवं समीक्षा प्रस्तावित है। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहेंगे और योजनाओं की प्रगति, समस्याओं एवं समाधान पर विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करेंगे। जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री तनुश्री मीणा ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय पर बैठक में उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं।

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नहलेसरा डेम के पास मृत मिला बाघ, पोस्टमार्टम के बाद प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार
वन विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया गया निस्तारण

 कटंगी तहसील के अंतर्गत ग्राम नहलेसरा (डेम) के पास एक बाघ मृत अवस्था में पाया गया। बाघ की मृत्यु के कारणों का तत्काल पता नहीं चल सका है। सूचना मिलने पर वन विभाग का अमला मौके पर पहुंचा और आवश्यक कार्रवाई प्रारंभ की।

    वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की मौजूदगी में मृत बाघ का नियमानुसार पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद वन्यप्राणी प्रबंधन से संबंधित निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन करते हुए मृत बाघ के अंतिम संस्कार की कार्रवाई की गई।

     इस दौरान कटंगी तहसीलदार श्री शांडिल्य, वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति में आवश्यक विभागीय प्रक्रिया पूरी की गई।

     वन विभाग द्वारा बाघ की मृत्यु के संबंध में नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की गई तथा निर्धारित प्रक्रिया के तहत उसके अवशेषों का निस्तारण किया गया।
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जिले के तीन बच्चों की आंखों का होगा निःशुल्क उपचार, रोशनी लौटने की जागी उम्मीद
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जबलपुर मेडिकल कॉलेज भेजे गए बच्चे

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के अंतर्गत जिले के तीन बच्चों को आंखों से संबंधित गंभीर समस्याओं के उपचार एवं सर्जरी के लिए नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज, जबलपुर भेजा गया है। इन बच्चों का उपचार आयुष्मान भारत योजना एवं राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत पूर्णतः निःशुल्क कराया जाएगा।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शत्रुघ्न दहिया ने बताया कि मंगलवार को तीन बच्चों को उपचार के लिए जबलपुर रेफर किया गया है। इनमें तिरोड़ी-कटंगी क्षेत्र के नीमटोला निवासी चित्ररेखा मर्सकोले की 3 माह की बच्ची तथा लालबर्रा विकासखंड के ग्राम घोटी निवासी दियांश मस्करे की बच्ची को रेटिनोपैथी ऑफ प्रीमेच्योरिटी (ROP) के उपचार के लिए भेजा गया है। वहीं बैहर क्षेत्र के वार्ड क्रमांक-8, झांगुल, तुमड़ीभाठ निवासी 8 वर्षीय प्रिंस नारनौरे को मोतियाबिंद के उपचार के लिए रेफर किया गया है।
इन तीनों बच्चों की स्वास्थ्य जांच एवं उपचार की प्रक्रिया जिला चिकित्सालय स्थित जिला शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र (DEIC) के माध्यम से की गई। जिला अस्पताल में पदस्थ डॉ. अदिति विधा एवं डॉ. उन्नति पिछोड़े द्वारा बच्चों की जांच कर उन्हें आगे के उपचार के लिए चिन्हित किया गया। तीनों बच्चों को मंगलवार 29 सितम्बकर को सुबह 11 बजे जिला चिकित्सालय स्थित DEIC से जिला शीघ्र हस्तक्षेप प्रबंधक राजाराम चक्रवर्ती की उपस्थिति में जबलपुर के लिए रवाना किया गया। मेडिकल कॉलेज में आवश्यक जांच एवं सर्जरी के बाद बच्चों को विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों में जन्मजात एवं अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की समय पर पहचान कर उन्हें उच्च संस्थानों में उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को भी बच्चों के उपचार में बड़ी राहत मिल रही है।

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बकरी पालन ने येति कुमार को दिया अतिरिक्त आय का मजबूत सहारा

पशुपालन विभाग की योजना से 70 हजार की लागत में शुरू की इकाई, अब 18 बकरियां

ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन किसानों के लिए अतिरिक्त आय का मजबूत जरिया बन रहा है। पशुपालन विभाग की योजनाओं का लाभ लेकर जिले के कई ग्रामीण परिवार स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। बालाघाट विकासखंड के ग्राम प्रतापपुर निवासी येति कुमार बिसेन भी ऐसे ही पशुपालकों में शामिल हैं, जिन्होंने बकरी पालन को अपनी आय का साधन बनाया है।

येति कुमार ने पशुपालन विभाग की बकरी पालन योजना के अंतर्गत लगभग 70 हजार रुपये की लागत से बकरी पालन इकाई स्थापित की। योजना के तहत उन्हें 30 हजार रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ। योजना से मिली सहायता का उपयोग करते हुए उन्होंने उन्नत नस्ल की 10 मादा बकरियां और एक नर बकरा खरीदा और व्यवस्थित तरीके से बकरी पालन शुरू किया।

इकाई की स्थापना के बाद येति कुमार की मेहनत रंग लाने लगी। वर्तमान में उनके पास 18 बकरियां हैं, जबकि 9 बकरियां बच्चे देने वाली हैं। इससे आने वाले समय में उनकी बकरी पालन इकाई में पशुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना है।

बकरी पालन से उन्हें अब आमदनी भी होने लगी है। इकाई स्थापित करने के बाद येति कुमार अब तक 6 बकरियां बेचकर करीब 12 हजार रुपये की आय अर्जित कर चुके हैं। इस आय से उन्होंने अपने बैंक ऋण की किश्त भी जमा की है। उनके लिए यह आमदनी न केवल आर्थिक सहयोग बनी, बल्कि बैंक ऋण की अदायगी में भी सहायक साबित हुई।

योजना से मिला स्वरोजगार का अवसर

येति कुमार बताते हैं कि पशुपालन विभाग की योजना ने उन्हें अपनी मेहनत के बल पर आय अर्जित करने का अवसर दिया है। शुरुआत में सीमित संख्या में बकरियों से शुरू की गई इकाई अब धीरे-धीरे बढ़ रही है। बकरियों के प्रजनन से पशुधन बढ़ने के साथ भविष्य में बिक्री के माध्यम से आय के और अवसर बनने की उम्मीद है।

वे पशुपालन विभाग की योजना से काफी खुश हैं। उनके लिए बकरी पालन अब केवल पशुपालन नहीं, बल्कि परिवार की आय बढ़ाने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का माध्यम बन गया है। उनका कहना है कि योजनाओं का सही तरीके से लाभ लेकर ग्रामीण परिवार छोटे स्तर से शुरुआत कर अपनी आमदनी का स्थायी जरिया तैयार कर सकते हैं।

येति कुमार की कहानी यह बताती है कि सरकारी योजना से मिली आर्थिक सहायता, सही पशुधन का चयन और मेहनत—तीनों मिलकर ग्रामीण परिवार के लिए स्वरोजगार और अतिरिक्त आय का रास्ता खोल सकते हैं।

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विश्व रेबीज दिवस पर 50 पालतू श्वानों का निःशुल्क टीकाकरण
जिला पशु चिकित्सालय में आयोजित जनजागरूकता कार्यक्रम में बताए गये रेबीज से बचाव के उपाय
 विश्व रेबीज दिवस के अवसर पर 28 सितंबर को जिला पशु चिकित्सालय, बालाघाट में पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा निःशुल्क रेबीज टीकाकरण एवं जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान 50 पालतू श्वानों का निःशुल्क रेबीज टीकाकरण किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य पशुपालकों एवं आम नागरिकों को रेबीज जैसी गंभीर एवं घातक बीमारी के प्रति जागरूक करना तथा इसके संक्रमण से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियों की जानकारी देना रहा। इस दौरान पशुपालकों को रेबीज के संक्रमण के कारण, लक्षण, बचाव के उपाय, पशुओं के नियमित टीकाकरण तथा पशु के काटने की स्थिति में तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेने के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।

उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं डॉ. घनश्याम परते ने पशुपालकों से अपील की कि वे अपने पालतू श्वानों का निर्धारित समय पर रेबीज टीकाकरण अवश्य कराएं। उन्होंने कहा कि पालतू पशुओं के नियमित टीकाकरण के साथ उनके स्वास्थ्य एवं व्यवहार पर भी निगरानी रखना जरूरी है। पशु के काटने अथवा उसके असामान्य व्यवहार की स्थिति में लापरवाही न बरतते हुए तत्काल पशु चिकित्सा विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए।

कार्यक्रम में पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उपस्थित पशुपालकों और नागरिकों को रेबीज से बचाव के संबंध में जागरूक किया। इस अवसर पर “रेबीज से बचाव ही सुरक्षा है” का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।

कार्यक्रम में जिला पशु चिकित्सालय एवं पशुपालन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, पशुपालक तथा आम नागरिक उपस्थित रहे।

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