"प्रतापगढ़ की बेटी यशस्वी सिंह ने पहले ही प्रयास में भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट पद हासिल कर परिवार और जिले का नाम रोशन किया है। 5 सितंबर को हुई परीक्षा के परिणाम में उनका चयन मिलिट्री नर्सिंग सर्विस के लिए हुआ। सफलता की खबर मिलते ही परिवार और शुभचिंतकों में खुशी की लहर दौड़ गई।
"यशस्वी ने कक्षा 12वीं तक की पढ़ाई आत्रेय एकेडमी से पूरी की। इसके बाद वह नीट की तैयारी कर रही थीं। पढ़ाई के साथ उन्होंने सैन्य सेवा में जाने के लक्ष्य पर भी मेहनत जारी रखी। आखिरकार पहले प्रयास में मिली सफलता से उनका सेना में जाने का सपना पूरा हो गया।
यशस्वी के पिता राघवेंद्र प्रताप सिंह उत्तर प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल हैं और वर्तमान में चंदौली में तैनात हैं। मां लीना सिंह गृहिणी हैं। भाई आयुष्मान सिंह अभी पढ़ाई कर रहे हैं। परिवार में राष्ट्र सेवा और अनुशासन के माहौल का यशस्वी की तैयारी में भी योगदान रहा।