व्हाट्सएप पर निवेश का झांसा देकर 14 लाख ठगे, हरियाणा से साइबर ठग गिरफ्तार
मंदसौर पुलिस ने सोनीपत से दबोचा 22 वर्षीय आरोपी, 10 लाख रुपये फ्रीज
मंदसौर। व्हाट्सएप पर संपर्क कर यूएस ड्रॉप शिपिंग बिजनेस में निवेश के नाम पर मोटे मुनाफे का लालच देकर दलौदा क्षेत्र के एक व्यक्ति से 14 लाख रुपये की साइबर ठगी करने वाले आरोपी को मंदसौर पुलिस ने हरियाणा के सोनीपत से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के खाते में ठगी की करीब 10 लाख रुपये की राशि फ्रीज कराई है। आरोपी के पास से तीन मोबाइल फोन और मूल दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार दिसंबर 2025 में दलौदा निवासी व्यक्ति को अनजान व्हाट्सएप नंबर से मैसेज आया था। इसमें यूएस ड्रॉप शिपिंग बिजनेस में निवेश कर घर बैठे अच्छा रिटर्न कमाने का लालच दिया गया। आरोपी लगातार व्हाट्सएप पर संपर्क करता रहा और एआई से तैयार फर्जी पोर्टफोलियो के जरिए मुनाफा दिखाता रहा।
पहले 4 लाख रुपये निवेश करवाकर आरोपी ने कुछ समय बाद 4 लाख रुपये मूलधन और 70 हजार रुपये मुनाफे के साथ वापस कर दिए। इससे पीड़ित का भरोसा बढ़ गया। इसके बाद आरोपी ने अधिक रकम निवेश करने पर ज्यादा मुनाफा देने और अन्य लोगों से निवेश करवाने पर कमीशन का लालच दिया।
पीड़ित ने अपने और मित्र के माध्यम से कुल 14 लाख रुपये आरोपी के खातों में जमा कर दिए। रकम वापस मांगने पर आरोपी ने पैसे अटकने का बहाना बनाया और 8 लाख रुपये और निवेश करने की मांग की। इसके बाद पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ और उसने 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई।
तकनीकी जांच के बाद पुलिस ने आरोपी की पहचान सिद्धांत पिता दुर्गादास दहिया, उम्र 22 वर्ष, निवासी पटेल नगर, सोनीपत, हरियाणा के रूप में की। पुलिस टीम सोनीपत पहुंची तो आरोपी के घर पर ताला मिला। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर तलाश जारी रखते हुए पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक आरोपी ने पीड़ित का विश्वास जीतने के लिए फर्जी नाम-पता और पहचान का इस्तेमाल किया था। उसने फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड की फोटो भी पीड़ित को भेजी थी। घटना के बाद आरोपी ने अपने कई मोबाइल नंबर बंद कर दिए थे।
पुलिस ने आरोपी से आईफोन के दो और मोटोरोला कंपनी का एक मोबाइल फोन बरामद किया है, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 3 लाख रुपये है। आरोपी के मूल आधार कार्ड और पैन कार्ड भी जब्त किए गए हैं। ठगी की करीब 10 लाख रुपये की राशि आरोपी के खाते में फ्रीज कराई गई है। वैधानिक प्रक्रिया के बाद यह राशि पीड़ित को वापस दिलाने की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस आरोपी से मनी ट्रेल, अन्य साइबर अपराधों और घटना में शामिल अन्य लोगों के संबंध में पूछताछ कर रही है। कार्रवाई थाना प्रभारी दलौदा उप निरीक्षक रविन्द्र प्रताप डांगी के नेतृत्व में सहायक उप निरीक्षक कैलाश बघेल, दलौदा पुलिस टीम और साइबर सेल मंदसौर द्वारा की गई।