बेरोजगारी और विपक्ष की आवाज दबाने के मुद्दे पर एनएसयूआई पूर्व जिला अध्यक्ष ने सांसद दीपेंद्र हुड्डा व प्रदीप नरवाल से की मुलाकात
विधायकों के निलंबन पर एनएसयूआई के पूर्व जिलाध्यक्ष मंजीत लांगयान ने जताया रोष
सरकार विपक्ष की आवाज दबाकर विफलताओं पर पर्दा डाल रही है : मनजीत लांग्यान
भिवानी, 31 अगस्त : हरियाणा के वर्तमान राजनीतिक हालात, बेरोजगारी और विधानसभा में विपक्ष की आवाज दबाए जाने के मुद्दे को लेकर एनएसयूआई भिवानी के पूर्व जिला अध्यक्ष मंजीत लांगयान ने रोहतक से सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रदीप नरवाल से मुलाकात की। इस शिष्टाचार व राजनीतिक बैठक के दौरान प्रदेश में युवाओं, विद्यार्थियों और आम जनता से जुड़े अहम विषयों पर गंभीर चर्चा हुई। नेताओं ने संयुक्त रूप से भाजपा सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार जनहित के मुद्दों से भाग रही है और विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है।
इस मौके पर रोहतक सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि लोकतंत्र में जनता के सवालों का जवाब देना सरकार की पहली जिम्मेदारी होती है, लेकिन भाजपा सरकार विपक्ष की आवाज दबाकर अपनी विफलताओं पर पर्दा डालना चाहती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का युवा आज बेरोजगारी और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की कमी के कारण अपने भविष्य को लेकर चिंतित है। विधानसभा में जनप्रतिनिधियों को निलंबित कर उनकी आवाज को दबाना पूरी तरह लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विपरीत है। सरकार को यह स्पष्ट करना होगा कि युवाओं को स्थायी रोजगार और मजबूत शिक्षा व्यवस्था कब तक मिलेगी।
पूर्व एआईसीसी राष्ट्रीय सचिव एवं बवानी खेड़ा से कांग्रेस प्रत्याशी रहे प्रदीप नरवाल ने कहा कि भाजपा सरकार जनता के बुनियादी मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है। आज प्रदेश में महंगाई चरम पर है, वंचित वर्ग अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहा है और युवा रोजगार के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। विपक्ष की आवाज बंद करना किसी समस्या का हल नहीं हो सकता। कांग्रेस पार्टी सदन से लेकर सडक़ तक किसानों, मजदूरों, युवाओं और आम जनता की आवाज को मजबूती से उठाती रहेगी।
एनएसयूआई भिवानी के पूर्व जिला अध्यक्ष मंजीत लांगयान ने विधानसभा के भीतर विपक्ष के विधायकों के निलंबन और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा सहित अन्य नेताओं को बोलने से रोकने की कार्रवाई पर कड़ा रोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यदि लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर में चुने हुए प्रतिनिधियों की आवाज को दबाया जाएगा, तो प्रदेश का आम नागरिक, छात्र, किसान और मजदूर न्याय की उम्मीद किससे करेगा। सरकार को सत्ता का दुरुपयोग छोडक़र जनता को महंगाई और बेरोजगारी से राहत देनी चाहिए।
मुलाकात के अंत में मंजीत लांगयान ने सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा और नेता प्रदीप नरवाल का आभार जताते हुए कहा कि उनका मार्गदर्शन छात्रों, युवाओं और जनता के अधिकारों के लिए संघर्ष को नई ऊर्जा प्रदान करता है।