बारिश में काटा उमापुर का मुख्य मार्ग, मरम्मत के इंतजार में ग्रामीण
स्कूली बच्चों और बुजुर्गों समेत ग्रामीणों को खेतों के रास्ते करना पड़ रहा आवागमन, शिकायत के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई
बारा, प्रयागराज। बारा तहसील क्षेत्र के ग्राम उमापुर में बारिश के दौरान जलभराव से निजात दिलाने के लिए काटा गया गांव का मुख्य संपर्क मार्ग अब ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि जल निकासी के लिए अधिकारियों ने जेसीबी से सड़क काट दी, लेकिन पानी निकलने के बाद सड़क की मरम्मत कराना जिम्मेदार अधिकारी भूल गए। कई सप्ताह बीत जाने के बावजूद मार्ग को आवागमन योग्य नहीं बनाया गया है।
ग्रामीणों के अनुसार उमापुर गांव का मुख्य मार्ग करीब एक किलोमीटर लंबा है और यही रास्ता गांव को आसपास के क्षेत्रों से जोड़ता है। अतिवृष्टि के दौरान जलभराव की स्थिति पैदा होने पर विकासखंड के अधिकारियों और पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में जेसीबी से पक्की सड़क को करीब 15 फीट लंबाई, 5 फीट चौड़ाई और 5 फीट गहराई तक काटकर पानी की निकासी कराई गई थी।
ग्रामीणों का कहना है कि जल निकासी का काम पूरा होने के बाद संबंधित अधिकारी और कर्मचारी अपना काम करके चले गए, लेकिन सड़क के कटे हिस्से को दोबारा दुरुस्त नहीं कराया गया। अब करीब एक माह से जल प्रवाह पूरी तरह समाप्त हो चुका है, इसके बावजूद कटे हुए हिस्से में मिट्टी-पत्थर डालकर मार्ग को बहाल नहीं किया गया।
मुख्य मार्ग बाधित होने से स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और अन्य ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों को कई बार खेतों के रास्ते से होकर आवागमन करना पड़ रहा है। इससे गांव का सामान्य जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि समस्या को लेकर उच्च अधिकारियों से भी शिकायत की गई, लेकिन अभी तक सड़क की मरम्मत के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि मामले का तत्काल संज्ञान लेकर सड़क के कटे हिस्से को मिट्टी-पत्थर डालकर दुरुस्त कराया जाए, ताकि गांव का मुख्य संपर्क मार्ग फिर से सुचारु हो सके।
यूनाइटेड भारत बारा
मनोज कुमार बिन्द