एक्शन मोड में कलेक्टर, सीएमएचओ कार्यालय का किया औचक निरीक्षण, दवा स्टोर में मिली एक्सपायर दवाएं,
2 कर्मचारी निलंबित, 16 कर्मचारी अनुपस्थित मिलने पर की गई कार्यवाही
दमोह जिला अस्पताल के दवा स्टोर रूम और सीएमएचओ कार्यालय के निरीक्षण में गंभीर लापरवाही सामने आई। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने आज गुरुवार सुबह करीब 10 बजे निरीक्षण किया। जहां स्टोर में एक्सपायर दवाएं मिलीं, कई फ्रीजर बंद पाए गए और दवाओं के स्टॉक में भी भारी विसंगतियां सामने आईं। मामले में दो कर्मचारियों को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टर ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों के अस्पतालों में दवाएं नहीं मिलने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। डॉक्टरों द्वारा डिमांड भेजने के बावजूद दवाएं नहीं पहुंचने से मरीजों को बाजार से दवा खरीदनी पड़ रही थी। निरीक्षण में वर्ष 2025 की डिमांड पेंडिंग मिलीं, जबकि वर्ष 2026 की 39 डिमांड भी लंबित पाई गईं। कलेक्टर ने कहा कि जरूरी दवाएं 24 घंटे में उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
स्टॉक की जांच में छह दवाओं में विसंगति मिली। कुछ दवाएं रिकॉर्ड से कम तो कुछ हजारों की संख्या में अधिक मिलीं। फ्रीजर बंद होने से उसमें रखी दवाओं के खराब होने की आशंका भी सामने आई। कलेक्टर ने एमपी औषधि पोर्टल के अनुसार ही दवाओं की आवक-जावक और वितरण करने के निर्देश दिए।
वहीं सीएमएचओ कार्यालय में निरीक्षण के दौरान 16 कर्मचारी अनुपस्थित मिले। सभी की तीन दिन की वेतन कटौती के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान एक युवक ने नवजात की मौत को लेकर अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया, जिस पर कलेक्टर ने सिविल सर्जन को जांच के निर्देश दिए।
Damoh, Damoh | Aug 21, 2026