
वन अधिकार अधिनियम के तहत जारी 11 हक प्रमाण-पत्र शून्य घोषित
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सतना 01 अक्टूबर 2026/कलेक्टर #सतना डॉ. सतीश कुमार एस ने वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत जारी किए गए 11 हक प्रमाण-पत्रों को शून्य घोषित किया है। यह कार्यवाही जिला स्तरीय वन अधिकार समिति की बैठक में लिए गए निर्णय तथा उचेहरा अनुविभाग से प्राप्त जांच प्रतिवेदन के आधार पर की गई है। कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) उचेहरा द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन में पाया गया कि संबंधित हितग्राहियों को वन भूमि का हक प्रमाण-पत्र जारी करते समय आवश्यक दस्तावेजों एवं पात्रता का समुचित परीक्षण नहीं किया गया। जांच में यह भी उल्लेख किया गया कि 13 दिसंबर 2005 से पूर्व कम से कम तीन पीढ़ियों तक वन अथवा वन भूमि पर प्राथमिक रूप से निवास करने तथा आजीविका के लिए उस पर निर्भर होने संबंधी आवश्यक साक्ष्य उपलब्ध नहीं थे। इसके बावजूद वन अधिकार के पट्टे जारी किए गए।
जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित 11 व्यक्तियों के नाम जिला स्तरीय वन अधिकार समिति की कार्यवाही विवरण पंजी में दर्ज नहीं पाए गए। उचेहरा अनुविभाग एवं जनपद पंचायत से प्राप्त जानकारी के अनुसार कार्यवाही विवरण पंजी, आवक-जावक पंजी, नोटशीट एवं ऑर्डरशीट से संबंधित आवश्यक दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं पाए गए। इन परिस्थितियों को देखते हुए जिला स्तरीय वन अधिकार समिति की 31 जुलाई 2025 को आयोजित बैठक में लिए गए निर्णय तथा कलेक्टर कार्यालय के 31 जुलाई 2025 के कार्यवाही विवरण के आधार पर वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत जारी सभी 11 हक प्रमाण-पत्रों को शून्य घोषित किया गया है।
शून्य घोषित किए गए हक प्रमाण-पत्रों में शिवकुमारी पिता कामता प्रसाद ब्राम्हण, कामता प्रसाद ब्राम्हण पिता रामसहाय ब्राम्हण, दीपक ब्राम्हण पिता किशोर ब्राम्हण, सुधारानी पति राजेश कुमार ब्राम्हण निवासी कुल्हरिया, रामशरण गड़ारी पिता सोनमा गड़ारी, स्वामीदीन पिता कंछेदी गड़ारी, शंकर प्रसाद गुप्ता पिता रामहेत गुप्ता, संतोष पिता रामशरण गड़ारी निवासी कोटराही, हरीराम पिता रामचरण गुप्ता निवासी कुल्हरिया तथा राजललन यादव पिता छोटकाई यादव एवं शारदा यादव पिता छोटकाई यादव निवासी बिचवा शामिल हैं।
CM Madhya Pradesh
Dr Mohan Yadav
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