इंदौर, मध्य प्रदेश। स्मार्ट सिटी के तौर पर पहचान रखने वाले इंदौर में करीब 40 करोड़ रुपये की लागत से तैयार सड़क का एक हिस्सा नई पानी की पाइपलाइन की टेस्टिंग के दौरान अचानक फटकर धंस गया। घटना के बाद सड़क निर्माण की गुणवत्ता और परियोजना की निगरानी को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
बताया जा रहा है कि घटना गोराकुंड चौराहे से करीब 20 मीटर दूर हुई। पाइपलाइन में टेस्टिंग के दौरान दबाव बढ़ने पर सड़क के बीच से अचानक पानी निकलने लगा। कुछ ही सेकंड में पानी का तेज बहाव फैल गया और सड़क का एक हिस्सा टूटकर धंस गया। घटना का वीडियो भी सामने आया है।
मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। बाद में नगर निगम ने क्षतिग्रस्त हिस्से के आसपास बैरिकेडिंग कराई। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
इंजीनियरों के अनुसार, पाइपलाइन टेस्टिंग के दौरान बने पानी के दबाव के कारण सड़क का हिस्सा धंसा। हालांकि, घटना ने सवाल खड़ा किया है कि करोड़ों रुपये की लागत से तैयार सड़क पाइपलाइन टेस्टिंग के दबाव को क्यों नहीं झेल सकी और निर्माण के दौरान गुणवत्ता एवं तकनीकी मानकों की जांच किस स्तर पर की गई।
बताया जा रहा है कि 24 घंटे जलापूर्ति के लिए बिछाई जा रही पाइपलाइन परियोजना पर 50 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने की बात सामने आई है, जबकि परियोजना का काम निर्धारित समय से पीछे चल रहा है।
अब सवाल सड़क के धंसने तक सीमित नहीं है, बल्कि करोड़ों रुपये की लागत से होने वाले सार्वजनिक निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, निगरानी, जवाबदेही और समयबद्धता पर भी उठ रहे हैं।
रिपोर्ट: अंकुश सिंह
जिला प्रयागराज
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