#बालाघाट
बीमारी प्रभावित क्षेत्रों में बच्चों को पौष्टिक खिचड़ी एवं भोजन का वितरण
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने घर-घर पहुंचकर बच्चों को दिया पौष्टिक आहार, परिजनों को स्वच्छता एवं स्वास्थ्य के प्रति किया जागरूक
बिरसा विकासखंड के बीमारी से प्रभावित ग्रामों में बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण में सुधार के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। विभाग द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में आंगनवाड़ी केंद्रों से जुड़े बच्चों को प्रतिदिन सुबह नाश्ता एवं भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसी क्रम में 24 अगस्त 2026 को बैहर एवं बिरसा क्षेत्र के विभिन्न प्रभावित ग्रामों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने घर-घर पहुंचकर बच्चों को पौष्टिक खिचड़ी एवं लेप्सी का वितरण किया।
महिला एवं बाल विकास विभाग की टीमों द्वारा बैगा टोला, घुम्मुर, अडोरी, लूद, कोंगेवानी, माड़ी, आमा टोला, सुकुलपाठ सहित अन्य प्रभावित ग्रामों में पहुंचकर बच्चों की स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी जरूरतों का ध्यान रखा जा रहा है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के साथ उनके परिजनों से चर्चा कर बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी भी ली जा रही है।
घर-घर पहुंचकर दिया जा रहा पौष्टिक आहार
बीमारी प्रभावित क्षेत्रों में छोटे बच्चों को पर्याप्त एवं पौष्टिक आहार मिल सके, इसके लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर पौष्टिक खिचड़ी एवं लेप्सी का वितरण किया जा रहा है। विभाग का उद्देश्य बच्चों को नियमित रूप से पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराकर उनके स्वास्थ्य एवं पोषण की स्थिति में सुधार लाना है।
बच्चों के परिजनों को समझाया जा रहा है कि बीमारी की स्थिति में बच्चों की विशेष देखभाल करें और उनमें किसी प्रकार के स्वास्थ्य संबंधी लक्षण दिखाई देने पर तत्काल स्वास्थ्य केंद्र ले जाकर जांच एवं उपचार कराएं। स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग की टीमों द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी भी की जा रही है।
घर एवं आसपास स्वच्छता रखने की दी सलाह
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने बच्चों के परिजनों को घर में साफ-सफाई रखने तथा व्यक्तिगत एवं घरेलू स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी। परिवारों को बताया गया कि घर के आसपास गंदगी और पानी का जमाव न होने दें। विशेष रूप से घरों के आसपास पानी एकत्र होने से मच्छरों के पनपने की संभावना बढ़ जाती है, जिससे मलेरिया सहित मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। परिजनों को पानी के बर्तनों एवं अन्य स्थानों पर पानी जमा न होने देने, घर के आसपास साफ-सफाई रखने तथा स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के लिए जागरूक किया गया।
साफ और सुरक्षित पानी का करें उपयोग
बैगा जनजाति के परिवारों को स्वच्छ पेयजल के महत्व की जानकारी देते हुए साफ पानी का उपयोग करने की सलाह दी गई। उन्हें बताया गया कि पीने के पानी को सुरक्षित रखने के साथ आवश्यकता होने पर पानी को उबालकर पीना स्वास्थ्य के लिए बेहतर है। बच्चों को भी साफ पानी ही पिलाने और भोजन बनाने में स्वच्छ पानी का उपयोग करने के लिए कहा गया।
बीमारी में झाड़-फूंक के बजाय स्वास्थ्य केंद्र जाएं
जागरूकता अभियान के दौरान परिवारों को यह भी समझाया जा रहा है कि बीमारी की स्थिति में पंडा-पुजारी या झाड़-फूंक के भरोसे न रहें। किसी बच्चे या परिवार के सदस्य के बीमार होने पर उसे तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाकर चिकित्सकीय जांच कराएं और चिकित्सक की सलाह के अनुसार दवाइयां लें।
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में पोषण आहार वितरण के साथ स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति जागरूकता का यह अभियान लगातार जारी है। विभागीय अमले का प्रयास है कि बीमारी प्रभावित क्षेत्रों में प्रत्येक बच्चे तक पौष्टिक भोजन पहुंचे और परिवारों को स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल एवं समय पर उपचार के प्रति जागरूक किया जाए, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य में निरंतर सुधार सुनिश्चित हो सके।
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32 views | Balaghat, Madhya Pradesh | Aug 24, 2026