एक दौर था जब बॉलीवुड में कैंपस रोमांस और हॉस्टल लाइफ की कहानियों का बोलबाला था। बदलते वक्त के साथ रिश्तों की जटिलताएं बढ़ीं और फिल्मों के विषय भी ज्यादा गंभीर होते चले गए। ऐसे समय में अपूर्व सिंह कार्की ‘प्रेम कीटाणु’ के जरिए फिर से कॉलेज के दिनों के मासूम प्यार, दोस्ती और बेफिक्र मस्ती की दुनिया में लौटने की कोशिश करते हैं।