गरीबी रेखा की सूची में अपात्र नामों पर कार्रवाई, जांच में आर्थिक रूप से संपन्न परिवार चिन्हित
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कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता के निर्देश पर कुरवाई अनुभाग में बीपीएल सूची का गहन परीक्षण जारी — अपात्र पाए गए नाम पृथक करने की कार्रवाई
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कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता के निर्देशानुसार जिले में पात्र हितग्राहियों को शासकीय योजनाओं का वास्तविक लाभ सुनिश्चित करने तथा अपात्र व्यक्तियों को गरीबी रेखा (बीपीएल) की सूची से हटाने की कार्रवाई निरंतर की जा रही है। इसी क्रम में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कुरवाई श्री मोतीलाल अहिरवार द्वारा अनुभाग की बीपीएल सूची का गहन परीक्षण एवं सत्यापन कराया जा रहा है। जांच के दौरान ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें आर्थिक रूप से संपन्न व्यक्तियों द्वारा गरीबी रेखा की सूची में नाम दर्ज कराकर शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ लिया जा रहा था। प्रशासन द्वारा जांच में अपात्र पाए गए हितग्राहियों के नाम बीपीएल सूची से पृथक करने की कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है।
जांच में ग्राम पैरोखेड़ी, तहसील कुरवाई निवासी प्राण सिंह, जो वेयरहाउस संचालक हैं, को बीपीएल सूची के लिए अपात्र पाया गया है। इसी प्रकार पृथ्वी सिंह दांगी, जो प्राथमिक शिक्षक हैं, तथा उनकी पत्नी मीना दांगी, जो आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हैं, का नाम भी जांच में अपात्र पाया गया है। इसी क्रम में ग्राम करमेड़ी, तहसील कुरवाई निवासी जयपाल यादव, जो सिरोंज क्षेत्र के पथरिया में नवांकर स्कूल संचालित करते हैं, तथा ग्राम माला निवासी राजमल पुत्र रघुवीर भी बीपीएल सूची के लिए अपात्र पाए गए हैं। संबंधित व्यक्तियों के नाम सूची से पृथक करने की कार्रवाई की जा रही है।
अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्री मोतीलाल अहिरवार ने कहा कि बीपीएल सूची का उद्देश्य वास्तविक रूप से जरूरतमंद एवं पात्र परिवारों को शासन की योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना है। अपात्र एवं आर्थिक रूप से संपन्न व्यक्तियों द्वारा सूची में नाम दर्ज कराकर शासकीय योजनाओं का लाभ लेना पात्र हितग्राहियों के अधिकारों को प्रभावित करता है। इसलिए सूची का सत्यापन कर अपात्र नामों को हटाने की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने आर्थिक रूप से संपन्न ऐसे व्यक्तियों से अपील की है कि यदि उनका नाम गरीबी रेखा की सूची में दर्ज है और वे निर्धारित मापदंडों के अनुसार पात्र नहीं हैं, तो वे स्वेच्छा से अपना नाम बीपीएल सूची से पृथक कराने के लिए आवेदन करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच के दौरान अपात्र पाए जाने पर नाम बीपीएल सूची से हटाने के साथ-साथ पूर्व में लिए गए शासकीय आर्थिक लाभ की नियमानुसार वसूली की कार्रवाई भी की जा सकती है। #vidisha
1 views | Vidisha, Madhya Pradesh | Oct 6, 2026