जिला पुलिस भिवानी का साईबर जागरूकता अभियान जारी, अभियान के सातवें दिन आमजन को QR Code Scam के प्रति किया जागरूक
पुलिस अधीक्षक भिवानी श्री मयंक मिश्रा, IPS के निर्देशानुसार जिला पुलिस भिवानी द्वारा अक्टूबर माह को राष्ट्रीय साईबर सुरक्षा जागरूकता माह (National Cybersecurity Awareness Month) के रूप में मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में जिला पुलिस द्वारा स्कूल-कॉलेजों, बाजारों एवं विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर साईबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर आमजन को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
अभियान की थीम “STOP–THINK–TAKE ACTION” रखी गई है। अभियान के सातवें दिन निर्धारित विषय “QR Code Scam” के संबंध में प्रबंधक थाना साईबर क्राईम भिवानी उप निरीक्षक विकास कुमार ने अपनी टीम के साथ हुड्डा पार्क, भिवानी में सेवा संकल्प अभियान के दौरान पहुंचे आम नागरिकों को साईबर अपराध के इस तरीके के बारे में विस्तार से जानकारी देकर जागरूक किया।
पुलिस टीम द्वारा आमजन को बताया गया कि QR Code Scam में साईबर ठग QR कोड भेजकर या दिखाकर लोगों को यह विश्वास दिलाते हैं कि QR कोड स्कैन करने से उनके खाते में रिफंड, पेमेंट, कैशबैक या अन्य राशि प्राप्त होगी। जबकि वास्तव में ठग द्वारा भेजे गए QR कोड को स्कैन करने पर पैसे प्राप्त होने के बजाय पीड़ित के खाते से भुगतान (Payment) हो सकता है।
पुलिस टीम ने बताया कि साईबर ठग अक्सर ऑनलाइन खरीद-बिक्री, रिफंड, कैशबैक, नौकरी, इनाम अथवा किसी सामान का भुगतान प्राप्त करने के नाम पर QR कोड भेजते हैं। ठग पीड़ित को QR कोड स्कैन करने तथा उसके बाद UPI PIN डालने के लिए कहते हैं। जैसे ही व्यक्ति QR कोड स्कैन कर UPI PIN दर्ज करता है, उसके बैंक खाते से राशि कट सकती है। इसलिए QR कोड स्कैन करना अपने आप में पैसे प्राप्त करने की प्रक्रिया नहीं है।
आमजन को विशेष रूप से समझाया गया कि पैसे प्राप्त करने के लिए कभी भी UPI PIN डालने की आवश्यकता नहीं होती। UPI PIN का उपयोग भुगतान को अधिकृत करने के लिए किया जाता है। किसी अनजान व्यक्ति द्वारा रिफंड या पैसे भेजने के नाम पर QR कोड स्कैन करने अथवा UPI PIN डालने के लिए कहा जाए तो तुरंत सतर्क हो जाएं।
*पुलिस टीम द्वारा साईबर ठगी से बचाव के लिए निम्न सावधानियां बरतने की अपील की गई—*
अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए QR कोड को स्कैन न करें।
QR कोड स्कैन करने से पहले यह सुनिश्चित करें कि उसका उद्देश्य क्या है और भुगतान किसे किया जा रहा है।
पैसे प्राप्त करने के लिए कभी भी UPI PIN न डालें।
QR कोड स्कैन करने के बाद स्क्रीन पर प्रदर्शित नाम एवं राशि को ध्यानपूर्वक जांचें।
किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर AnyDesk/Remote Access जैसी ऐप डाउनलोड न करें और मोबाइल स्क्रीन शेयर न करें।
ऑनलाइन खरीद-बिक्री या रिफंड के नाम पर प्राप्त संदिग्ध लिंक अथवा QR कोड पर विश्वास न करें।
*किसी भी प्रकार की साईबर ठगी होने पर बिना देरी किए साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें।*
जिला पुलिस भिवानी ने आमजन से अपील की है कि “QR कोड स्कैन करने से पहले सोचें—कहीं आप पैसे प्राप्त करने के बजाय भुगतान तो नहीं कर रहे।” साईबर अपराध से बचने के लिए STOP–THINK–TAKE ACTION के सिद्धांत को अपनाएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
पुलिस प्रवक्ता, भिवानी।।