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कांवरिया सूचना केंद्रों के माध्यम से बिछड़े श्रद्धालुओं को परिजनों से मिलाने का सिलसिला जारी सुल्तानगंज से देवघर तक पैदल कांवर यात्रा के क्रम में लगभग 54 किलोमीटर मार्ग बांका जिले से होकर गुजरता है। श्रावणी मेला के दौरान कांवरिया श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए यात्रा के क्रम में अपने परिजनों से बिछड़ने वाले श्रद्धालुओं तथा गुम हुए सामान की बरामदगी एवं वापसी में सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से जिला पदाधिकारी, बांका के निर्देश पर कांवरिया पथ पर 15 सूचना केंद्र एवं नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं। इन सूचना केंद्रों के माध्यम से बिछड़े हुए श्रद्धालुओं की पहचान एवं उनके परिजनों से संपर्क कर उन्हें सुरक्षित रूप से मिलाने का कार्य लगातार किया जा रहा है। प्रतिदिन की तरह आज भी विभिन्न सूचना केंद्रों के माध्यम से कई बिछड़े श्रद्धालुओं को उनके परिजनों से मिलाया गया। सूईयां सूचना केंद्र के माध्यम से भागलपुर जिले के रहने वाले 40 वर्षीय अशोक शर्मा को उनके परिजनों से मिलाया गया। अशोक शर्मा असरगंज के समीप अपने परिजनों से बिछड़ गए थे। इसी प्रकार अबरखा सूचना केंद्र पर जमुई जिले के रहने वाले 50 वर्षीय पंचा तांती अपनी पत्नी उमा देवी से बिछड़ गए थे। सूचना केंद्र द्वारा लगातार अनाउंसमेंट कर उनके परिजनों की तलाश की गई, जिसके बाद उन्हें उनकी पत्नी से सकुशल मिलाया गया। वहीं, धनबाद की रहने वाली 40 वर्षीय बबीता देवी कटोरिया के समीप अपने परिजनों से बिछड़ गई थीं। सुग्गासार सूचना केंद्र के प्रयास से उन्हें उनके बिछड़े परिजनों से सकुशल मिलाया गया। जिलेबिया मोड़ सूचना केंद्र के माध्यम से कुटुम्बा, जिला औरंगाबाद के रहने वाले शिवनाथ साह को उनके साथी धीरज कुमार एवं सावन कुमार से मिलाया गया। इसी प्रकार बरमसिया, झाझा, जिला जमुई की रहने वाली बबिता देवी अपने पति लालमुनि यादव से बिछड़ गई थीं, जिन्हें जिलेबिया मोड़ सूचना केंद्र के माध्यम से उनके पति से मिलाया गया। इसके अतिरिक्त गोलू कुमार अपने दादा से बिछड़ गए थे। उन्हें रातभर शिवलोक अस्थायी थाना में सुरक्षित रखा गया। इसके बाद उनके चाचा से संपर्क कर उन्हें आरा जिले से बुलाया गया तथा गोलू कुमार को उनके चाचा के सुपुर्द कर सुरक्षित रूप से परिवार के साथ भेज दिया गया। जिला प्रशासन द्वारा स्थापित सूचना केंद्र श्रावणी मेला के दौरान कांवरिया श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण सहायता केंद्र के रूप में कार्य कर रहे हैं। इन केंद्रों के माध्यम से लगातार अनाउंसमेंट, परिजनों से संपर्क एवं समन्वय के जरिए बिछड़े श्रद्धालुओं को उनके परिवारजनों से मिलाने का मानवीय एवं सराहनीय कार्य किया जा रहा है। - Banka News