ब्रह्मसरोवर पर जितिया पर्व… और याद आ गईं जीवनसंगिनी!
मऊ के ब्रह्मस्थान स्थित ब्रह्मसरोवर पर जीवित्पुत्रिका (जितिया) पर्व के मौके पर भावुक हुआ एक पिता का मन।
अपने बेटे-बेटी की लंबी उम्र, उत्तम स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना लेकर पहुंचे दलित चिंतक एड. राजेंद्र राम ने अपनी जिंदगी से जुड़ी एक भावुक कहानी साझा की।
उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी अपने बच्चों की दीर्घायु के लिए जितिया का व्रत रखा करती थीं। वर्ष 2018 में पत्नी के आकस्मिक निधन के बाद आज वह स्वयं अपनी पत्नी की जगह अपने बेटे बेटी के लिए इस पर्व पर ब्रह्मसरोवर पहुंचे हैं।
एक मां की परंपरा… एक पिता की जिम्मेदारी… और बच्चों के लिए वही मंगलकामना।
ब्रह्मसरोवर तट पर जितिया पर्व को लेकर श्रद्धा और आस्था का अद्भुत माहौल देखने को मिला। व्रती महिलाओं ने भगवान जीमूतवाहन की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर संतान की दीर्घायु और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
सुनिए, जितिया पर्व और अपनी पत्नी की यादों को लेकर एड. राजेंद्र राम ने क्या कहा…
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