जनगणना कार्य को केवल शासकीय दायित्व नहीं, विकसित राष्ट्र निर्माण में सहभागिता मानकर करें : कलेक्टर श्री यादव
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संवेदनशीलता, सटीकता और गुणवत्ता के साथ दायित्वों का निर्वहन करने के दिए निर्देश
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भारत की जनगणना के द्वितीय चरण की जनसंख्या गणना के दो दिवसीय प्रशिक्षण की शुरुआत प्रमुख जनगणना अधिकारी एवं कलेक्टर प्रताप नारायण यादव की उपस्थिति में आज स्थानीय ज्ञानचंद श्रीवास्तव शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के ऑडिटोरियम में हुई। प्रशिक्षण जनगणना निदेशालय, भोपाल से आयीं प्रशिक्षक द्वय सुश्री दीपिका कुमारी एवं मोनू चौहान द्वारा अनुविभागीय जनगणना अधिकारी, तहसीलदार ,चार्ज जनगणना अधिकारी, तकनीकी सहायकों सहित संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों को जनगणना 2027 कार्य की परिचालन प्रक्रिया, प्रशासनिक अधिकारियों तथा लिपिकों का दायित्व सीएमएमएस पीई मॉड्यूल - गणना, ब्लॉक का गठन, ईबी किए्टर के माध्यम से उप -गणना, ब्लॉक का सीमांकन एवं ले-आउट , पीई मोबाइल एप्प संचालन स्वगणना पोर्टल सहित अन्य विषयों पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
इस अवसर पर प्रमुख जनगणना अधिकारी एवं कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कहा जनगणना केवल जनसंख्या की गणना नहीं, बल्कि विकसित भारत के निर्माण के लिए भविष्य की योजनाओं और विकास की रूपरेखा तैयार करने की आधारशिला है। इससे देश और समाज की वास्तविक स्थिति, सामाजिक एवं आर्थिक परिस्थितियों तथा आवश्यकताओं की सटीक जानकारी प्राप्त होगी, जो क्षेत्र के समग्र विकास की योजनाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण आधार बनेगी।
कलेक्टर श्री यादव ने कहा जनगणना कार्य के दौरान अधिकारी-कर्मचारी जनता के बीच धैर्य, मर्यादा, संवेदनशीलता और सहयोगपूर्ण व्यवहार रखें, ताकि प्रत्येक व्यक्ति से सही एवं पूर्ण जानकारी प्राप्त की जा सके। उन्होंने कहा कि इस कार्य को केवल शासकीय दायित्व के रूप में न लेते हुए विकसित राष्ट्र के निर्माण में अपनी सहभागिता के रूप में लें तथा पूरी जिम्मेदारी, संवेदनशीलता और गुणवत्ता के साथ दायित्वों का निर्वहन करें।
उन्होंने बताया कि जनगणना का निर्धारित गणना चरण 9 फरवरी से 28 फरवरी तक चलेगा। इसके लिए अभी से प्रशिक्षण एवं मैदानी तैयारियों को व्यवस्थित रूप से पूरा किया जा रहा है।
पहली बार डिजिटल स्वरूप में होगा जनगणना कार्य
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया इस बार जनगणना कार्य में डिजिटल तकनीक का व्यापक उपयोग किया जाएगा। पूर्व में जनगणना का कार्य मुख्य रूप से मैन्युअल एवं कागजी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाता था, जबकि इस बार मोबाइल ऐप के माध्यम से डिजिटल स्वरूप में जानकारी संकलित की जाएगी। प्रशिक्षण में अधिकारियों-कर्मचारियों को मोबाइल ऐप के संचालन, जानकारी दर्ज करने की प्रक्रिया तथा विभिन्न तकनीकी पहलुओं का सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे मैदानी स्तर पर कार्य को सटीक, सुगम एवं त्रुटिरहित ढंग से संपादित किया जा सके।
इसके पूर्व जिला जनगणना अधिकारी एवं अपर कलेक्टर राकेश मोहन ने जनगणना की रूपरेखा एवं कार्यप्रणाली से अधिकारियों को अवगत कराया।