➡️ सेवा संकल्प अभियान 2026: सेवा की कहानी
➡️ नवाचार और जैविक खेती से किसान हीरालाल कुशवाहा की बदली तकदीर
सेवा संकल्प अभियान 2026 के तहत 'कहानी सेवा की' श्रृंखला में आज हम बात कर रहे हैं बीना विकासखंड के ग्राम गुलौआ के प्रगतिशील किसान श्री हीरालाल कुशवाहा की, जिन्होंने पारंपरिक खेती के साथ सब्जी उत्पादन, दुग्ध उत्पादन और कृषि नवाचार को अपनाकर खेती को लाभकारी व्यवसाय बनाया है।
श्री कुशवाहा पिछले दो वर्षों से लगभग एक एकड़ भूमि में बैंगन, भिंडी, टमाटर, ककड़ी, करेला सहित अन्य सब्जियों की जैविक एवं प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि शुरुआत में उत्पादन कम हुआ, लेकिन धीरे-धीरे प्राकृतिक खेती की पद्धति सफल होती गई और अब उन्हें अच्छा उत्पादन प्राप्त हो रहा है। वर्तमान में वे प्रतिदिन लगभग 40 किलोग्राम जैविक सब्जियों का उत्पादन कर रहे हैं। उनकी उगाई गई सब्जियों को आसपास के जागरूक उपभोक्ता पसंद कर रहे हैं। इसके साथ ही वे प्रत्येक रविवार को कृषि विभाग द्वारा बीना में आयोजित जैविक हाट बाजार में अपनी सब्जियां विक्रय के लिए भेजते हैं।
श्री कुशवाहा के पास पांच पशु हैं। उनके गोबर का उपयोग वे खेतों में जैविक खाद के रूप में करते हैं। इससे खेती की लागत कम करने में मदद मिल रही है और मिट्टी की उर्वरता भी बढ़ रही है।
कृषि विभाग द्वारा उनके खेत की मिट्टी की जांच कर उन्हें सॉइल हेल्थ कार्ड प्रदान किया गया। जांच के दौरान मिट्टी में पाई गई कमियों और आवश्यक पोषक तत्वों की जानकारी दी गई, जिससे वे भूमि की उर्वरता एवं उत्पादन क्षमता को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक उपाय कर सकें।
श्री कुशवाहा ने बताया कि वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री अवधेश राय द्वारा उन्हें लगातार प्रोत्साहित किया गया। कृषि विभाग की ओर से मसूर एवं गेहूं के बीज अनुदान पर उपलब्ध कराए गए, जिससे उन्हें खेती में लाभ मिला।
श्री हीरालाल कुशवाहा का अनुभव बताता है कि जैविक एवं प्राकृतिक खेती, पशुपालन और कृषि विभाग के मार्गदर्शन को अपनाकर किसान खेती की लागत कम करने और अपनी आय बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
#jansamparkMP #sagar