#फिर_कांग्रेस_में_शामिल_हुए_नेमसिंह..
भरतपुर। भरतपुर की राजनीति में एक दिलचस्प घटनाक्रम देखने को मिला है। कुछ दिनों पूर्व, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने जाट आरक्षण मामले को लेकर नेमसिंह फौजदार और नगर निकाय चुनाव को लेकर भरतपुर व डीग के कांग्रेस जिला अध्यक्षों सहित प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर जमकर हमला बोला था। अब इस पूरे सियासी घमासान के बीच खुद नेमसिंह फौजदार ने फिर से कांग्रेस का दामन थाम लिया है। जयपुर में पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने नेमसिंह और मालपुरा (टोंक) के नेता गोपाल गुर्जर को पार्टी का दुपट्टा पहनाकर विधिवत सदस्यता ग्रहण कराई। गौरतलब है कि, जाट आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक नेमसिंह फौजदार लंबे समय से पूर्वी राजस्थान के भरतपुर, डीग और धौलपुर क्षेत्र के जाट समुदाय को केंद्र में ओबीसी आरक्षण दिलाने की मांग को लेकर आंदोलनरत रहे हैं। इसी सिलसिले में उन्होंने 22 जून 2026 को भरतपुर में हनुमान बेनीवाल के मुख्य आतिथ्य में एक विशाल जाट हुंकार सभा का आयोजन भी किया था। नेमसिंह, पूर्व में भाजपा, कांग्रेस सहित अन्य पार्टियों में शामिल रह चुके है। वह डीग जिले के नगर विधानसभा क्षेत्र से राजस्थान विकास पार्टी, समाजवादी पार्टी, आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के टिकट पर 4 बार चुनाव मैदान में उतर चुके हैं। हालांकि उन्हें कभी भाजपा या कांग्रेस का आधिकारिक टिकट नहीं मिल सका। भरतपुर से जिला परिषद सदस्य रह चुके नेमसिंह ने भारतीय किसान यूनियन के युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली है। विश्वेंद्र सिंह के तीखे बयानों के तुरंत बाद नेमसिंह फौजदार की कांग्रेस में इस तरह अचानक वापसी को क्षेत्र के नए सियासी समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है।