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शिक्षा, नवाचार और सामाजिक सेवा में योगदान के लिए डॉ. राजेन्द्र कच्छावा सम्मानित स्वतंत्रता दिवस जिला स्तरीय समारोह में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर एवं जिला कलेक्टर ने किया सम्मान कोटा /भीलवाड़ा:राजकुमार गोयल स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शिक्षा, तकनीकी नवाचार एवं सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) कोटा के कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग में कार्यरत डॉ. राजेन्द्र कच्छावा को कोटा में आयोजित जिला स्तरीय समारोह में सम्मानित किया गया। उन्हें राजस्थान सरकार के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर एवं जिला कलेक्टर, कोटा द्वारा सम्मान प्रदान किया गया। डॉ. कच्छावा शिक्षा एवं तकनीकी क्षेत्र के साथ विद्यार्थियों के कौशल विकास, कैरियर मार्गदर्शन, नवाचार तथा सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों में निरंतर सक्रिय हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को नई तकनीकों, रोजगार के उभरते अवसरों और आधुनिक तकनीकी कौशल से जोड़ने के लिए विभिन्न प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन कार्यक्रमों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। AI और तकनीकी नवाचार में योगदान डॉ. कच्छावा ने AI, डेटा साइंस एवं उभरती तकनीकों के क्षेत्र में विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए उनमें रचनात्मक सोच एवं समस्या समाधान की क्षमता विकसित करने पर विशेष जोर दिया है। AI आधारित कृषि तकनीक के क्षेत्र में भी उन्होंने ऐसा तकनीकी समाधान विकसित करने पर कार्य किया है, जिसका उद्देश्य आधुनिक तकनीक को किसानों के लिए उपयोगी और सुलभ बनाना है। उनके शोध कार्य अंतरराष्ट्रीय स्तर के शोध जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में उनके डिजाइन पेटेंट, अंतरराष्ट्रीय शोध-पत्र, पुस्तकें एवं पुस्तक अध्याय भी प्रकाशित हुए हैं। वे विद्यार्थियों को AI Startup, Smart India Hackathon जैसी गतिविधियों से जोड़कर उन्हें नवाचार और शोध के लिए प्रेरित करते रहे हैं। शिक्षा के साथ सामाजिक सरोकार डॉ. कच्छावा ने कैरियर काउंसलिंग, तकनीकी जागरूकता सत्र, ऑनलाइन मेंटरिंग एवं निःशुल्क प्रशिक्षण जैसी पहलों के माध्यम से विद्यार्थियों को मार्गदर्शन दिया है। Microsoft Certified Trainer के रूप में उन्होंने तकनीकी प्रशिक्षण के क्षेत्र में भी योगदान दिया है। इसके साथ ही स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण अभियान, रक्तदान जागरूकता तथा विभिन्न सामाजिक आउटरीच कार्यक्रमों में उनकी सक्रिय भागीदारी रही है। सम्मान से बढ़ा उत्साह स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर मिले सम्मान पर डॉ. कच्छावा ने राजस्थान सरकार, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, कोटा जिला प्रशासन एवं IIIT कोटा के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन्हें युवाओं, शिक्षा, तकनीकी नवाचार और समाज के लिए और अधिक समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा देगा। डॉ. कच्छावा की शिक्षा, तकनीकी नवाचार और सामाजिक सेवा को साथ लेकर चलने की प्रतिबद्धता ने उन्हें विद्यार्थियों के बीच एक सक्रिय अकादमिक, तकनीकी मार्गदर्शक एवं नवाचार प्रेरक के रूप में पहचान दिलाई है।

Bhilwara, Bhilwara | Aug 16, 2026

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अन्तर्राष्ट्रीय माहेश्वरी कपल क्लब भीलवाड़ा जिला शाखा द्वारा 5100 राखियां सैनिक भाईयों को भेजी गई 

फौजी भाईयों को भेजी राखियों पर पोस्टल चार्जेज निशुल्क करने की मांग 

भीलवाड़ा :राजकुमार गोयल,16 अगस्त 

अन्तर्राष्ट्रीय माहेश्वरी कपल क्लब भीलवाड़ा जिला शाखा द्वारा  " एक धागा स्नेह का - फौजी भाईयों के नाम, बहनों का पैगाम " अभियान के अन्तर्गत इक्यावन सौ राखियां सैनिक भाईयों के लिए  माननीय रक्षा मंत्री, रक्षा मंत्रालय साउथ ब्लॉक, रायसीना हिल, नई दिल्ली भारत सरकार को भेजी गई  !

यह जानकारी देते हुए क्लब के पूर्व भीलवाड़ा जिलाध्यक्ष श्रीमती कुसुम राकेश जागेटिया ने बताया कि हमारे देश के फौजी जवानों के प्रति सम्मान, प्रेम और कृतज्ञता व्यक्त करने हेतु भीलवाड़ा जिला शाखा द्वारा यह राखियां भेजी गई है ! इन राखियों को सामान्य पोस्ट से भेजने के बावजूद 735 रूपये का डाक शुल्क लगा है, क्लब द्वारा भारत सरकार से यह आग्रह भी किया गया है कि अगले वर्ष से पूरे देश में फौजी भाईयों को भेजी गई राखियो पर कहीं भी पोस्टल चार्जेज नहीं ‌लगे ऐसा आदेश आम व्यक्तियों में देश भक्ति की भावना के प्रति जारी किया जाना चाहिए ! 

उन्होंने बताया कि क्लब के राष्ट्रीय महासचिव श्रीमती अनिता डॉ अशोक सोडाणी एवं राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती डाॅ सुमन सुरेश सोनी के नेतृत्व में अन्तर्राष्ट्रीय माहेश्वरी कपल क्लब, भारत की विभिन्न 133 जिला व नगर शाखाओं की बहनों की और से देश की सीमाओं पर तैनात हमारे वीर सैनिक भाईयों के लिए हजारों राखियां एवं स्नेह पत्र दिनांक 10 अगस्त से नियमित रूप से सादर प्रेषित किये जा रहे हैं तथा अब तक इस अभियान के अन्तर्गत पैंतीस हजार से अधिक राखियां भेजी जा चुकी है तथा 20 अगस्त तक यह अभियान जारी रहेगा !

क्लब की पूर्व जिलाध्यक्ष श्रीमती कुसुम राकेश जागेटिया ने बताया कि इक्यावन सौ राखियों  के साथ रक्षा मंत्री को भेजे ग‌ए स्नेह पत्र में अनुरोध किया गया है कि इन राखियों को हमारे थल सेना, नौसेना एवं वायुसेना के वीर सैनिक भाईयों तक यथाशीघ्र पहुंचाने की व्यवस्था करें । हमें अपने सैनिकों पर गर्व है जो विषम परिस्थितियों में भी देश की रक्षा कर रहे हैं। यह छोटा सा प्रयास हमारी ओर से उनके मनोबल को बढ़ाने के लिए है।

अन्तर्राष्ट्रीय माहेश्वरी कपल क्लब भीलवाड़ा जिला शाखा द्वारा 5100 राखियां सैनिक भाईयों को भेजी गई फौजी भाईयों को भेजी राखियों पर पोस्टल चार्जेज निशुल्क करने की मांग भीलवाड़ा :राजकुमार गोयल,16 अगस्त अन्तर्राष्ट्रीय माहेश्वरी कपल क्लब भीलवाड़ा जिला शाखा द्वारा " एक धागा स्नेह का - फौजी भाईयों के नाम, बहनों का पैगाम " अभियान के अन्तर्गत इक्यावन सौ राखियां सैनिक भाईयों के लिए माननीय रक्षा मंत्री, रक्षा मंत्रालय साउथ ब्लॉक, रायसीना हिल, नई दिल्ली भारत सरकार को भेजी गई ! यह जानकारी देते हुए क्लब के पूर्व भीलवाड़ा जिलाध्यक्ष श्रीमती कुसुम राकेश जागेटिया ने बताया कि हमारे देश के फौजी जवानों के प्रति सम्मान, प्रेम और कृतज्ञता व्यक्त करने हेतु भीलवाड़ा जिला शाखा द्वारा यह राखियां भेजी गई है ! इन राखियों को सामान्य पोस्ट से भेजने के बावजूद 735 रूपये का डाक शुल्क लगा है, क्लब द्वारा भारत सरकार से यह आग्रह भी किया गया है कि अगले वर्ष से पूरे देश में फौजी भाईयों को भेजी गई राखियो पर कहीं भी पोस्टल चार्जेज नहीं ‌लगे ऐसा आदेश आम व्यक्तियों में देश भक्ति की भावना के प्रति जारी किया जाना चाहिए ! उन्होंने बताया कि क्लब के राष्ट्रीय महासचिव श्रीमती अनिता डॉ अशोक सोडाणी एवं राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती डाॅ सुमन सुरेश सोनी के नेतृत्व में अन्तर्राष्ट्रीय माहेश्वरी कपल क्लब, भारत की विभिन्न 133 जिला व नगर शाखाओं की बहनों की और से देश की सीमाओं पर तैनात हमारे वीर सैनिक भाईयों के लिए हजारों राखियां एवं स्नेह पत्र दिनांक 10 अगस्त से नियमित रूप से सादर प्रेषित किये जा रहे हैं तथा अब तक इस अभियान के अन्तर्गत पैंतीस हजार से अधिक राखियां भेजी जा चुकी है तथा 20 अगस्त तक यह अभियान जारी रहेगा ! क्लब की पूर्व जिलाध्यक्ष श्रीमती कुसुम राकेश जागेटिया ने बताया कि इक्यावन सौ राखियों के साथ रक्षा मंत्री को भेजे ग‌ए स्नेह पत्र में अनुरोध किया गया है कि इन राखियों को हमारे थल सेना, नौसेना एवं वायुसेना के वीर सैनिक भाईयों तक यथाशीघ्र पहुंचाने की व्यवस्था करें । हमें अपने सैनिकों पर गर्व है जो विषम परिस्थितियों में भी देश की रक्षा कर रहे हैं। यह छोटा सा प्रयास हमारी ओर से उनके मनोबल को बढ़ाने के लिए है।

Bhilwara, Bhilwara | Aug 16, 2026

*संगम विश्वविद्यालय में 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास से मनाया गया*
भीलवाड़ा :राजकुमार गोयल
संगम विश्वविद्यालय परिसर में 80वां स्वतंत्रता दिवस अत्यंत हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. करुणेश सक्सेना तथा रजिस्ट्रार डॉ आलोक कुमार रहे। उन्होंने एनसीसी कैडेट्स द्वारा प्रस्तुत की गई भव्य परेड का गार्ड निरीक्षण किया तथा  झंडारोहण के साथ सभी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएँ दीं।कार्यक्रम में एनसीसी कैडेट्स ने अनुशासन और देशभक्ति से ओत-प्रोत परेड प्रस्तुत की। इसके पश्चात विद्यार्थियों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई, जिनमें देशप्रेम और राष्ट्रीय एकता की भावना स्पष्ट रूप से झलकती रही।कुलपति प्रो  सक्सेना ने सभी को गणत
इस अवसर पर कुलपति प्रोफेसर करुनेश सक्सेना, रजिस्ट्रार डॉ आलोक कुमार के द्वारा शैक्षणिक, गैर शैक्षणिक, खेलकूद ,एनसीसी, पदोन्नति प्रमाण पत्र, शोध आदि के क्षेत्र में श्रेष्ठ कार्य करने वाले फैकल्टी स्टाफ एवं छात्र-छात्राओं को अवार्ड से सम्मानित किया गया। संचालन डॉ अनुराग शर्मा, डॉ श्वेता बोहरा ने किया। 
समारोह में विश्वविद्यालय के सभी फैकल्टी सदस्य, स्टाफ ,कैडेट एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

*संगम विश्वविद्यालय में 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास से मनाया गया* भीलवाड़ा :राजकुमार गोयल संगम विश्वविद्यालय परिसर में 80वां स्वतंत्रता दिवस अत्यंत हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. करुणेश सक्सेना तथा रजिस्ट्रार डॉ आलोक कुमार रहे। उन्होंने एनसीसी कैडेट्स द्वारा प्रस्तुत की गई भव्य परेड का गार्ड निरीक्षण किया तथा झंडारोहण के साथ सभी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएँ दीं।कार्यक्रम में एनसीसी कैडेट्स ने अनुशासन और देशभक्ति से ओत-प्रोत परेड प्रस्तुत की। इसके पश्चात विद्यार्थियों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई, जिनमें देशप्रेम और राष्ट्रीय एकता की भावना स्पष्ट रूप से झलकती रही।कुलपति प्रो सक्सेना ने सभी को गणत इस अवसर पर कुलपति प्रोफेसर करुनेश सक्सेना, रजिस्ट्रार डॉ आलोक कुमार के द्वारा शैक्षणिक, गैर शैक्षणिक, खेलकूद ,एनसीसी, पदोन्नति प्रमाण पत्र, शोध आदि के क्षेत्र में श्रेष्ठ कार्य करने वाले फैकल्टी स्टाफ एवं छात्र-छात्राओं को अवार्ड से सम्मानित किया गया। संचालन डॉ अनुराग शर्मा, डॉ श्वेता बोहरा ने किया। समारोह में विश्वविद्यालय के सभी फैकल्टी सदस्य, स्टाफ ,कैडेट एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

Bhilwara, Bhilwara | Aug 16, 2026

*"केशव नगर भाग-3 में 'जागृति महिला गोष्ठी' संपन्न"*  
*"डॉ. आशा लता ने महिलाओं को सामाजिक कार्यों में सक्रिय सहभागिता के लिए किया प्रेरित"*
*कमलेश आमेटा विशेष संवाददाता*
*जयपुर।* शहर के केशव नगर में  रविवार को भाग-3 के अंतर्गत *श्री वीर हनुमान मंदिर, वैध वाटिका* में *"जागृति महिला गोष्ठी"* का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में *रुक्मणी  देवी* की विशेष सहभागिता से गोष्ठी सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
कार्यक्रम की *मुख्य वक्ता जयपुर  एसएमएस हॉस्पिटल की डॉ. आशा लता* रहीं। उन्होंने महिलाओं से संबंधित *सामाजिक, सांस्कृतिक एवं सामूहिक विषयों* पर विस्तृत चर्चा की। साथ ही महिलाओं को *जागरूक, आत्मनिर्भर* बनने और *समाजहित के कार्यों में सक्रिय सहभागिता* के लिए प्रेरित किया।
गोष्ठी में उपस्थित महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपने *विचार एवं सुझाव* साझा किए। कार्यक्रम के अंत में *ज्ञापन का वाचन* किया गया तथा सभी उपस्थित महिलाओं के लिए *जलपान की व्यवस्था* की गई।
आयोजकों ने बताया कि सभी महिलाओं की सक्रिय सहभागिता एवं सहयोग से कार्यक्रम *सफल एवं सार्थक* रूप से संपन्न हुआ।

*"केशव नगर भाग-3 में 'जागृति महिला गोष्ठी' संपन्न"* *"डॉ. आशा लता ने महिलाओं को सामाजिक कार्यों में सक्रिय सहभागिता के लिए किया प्रेरित"* *कमलेश आमेटा विशेष संवाददाता* *जयपुर।* शहर के केशव नगर में रविवार को भाग-3 के अंतर्गत *श्री वीर हनुमान मंदिर, वैध वाटिका* में *"जागृति महिला गोष्ठी"* का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में *रुक्मणी देवी* की विशेष सहभागिता से गोष्ठी सफलतापूर्वक संपन्न हुई। कार्यक्रम की *मुख्य वक्ता जयपुर एसएमएस हॉस्पिटल की डॉ. आशा लता* रहीं। उन्होंने महिलाओं से संबंधित *सामाजिक, सांस्कृतिक एवं सामूहिक विषयों* पर विस्तृत चर्चा की। साथ ही महिलाओं को *जागरूक, आत्मनिर्भर* बनने और *समाजहित के कार्यों में सक्रिय सहभागिता* के लिए प्रेरित किया। गोष्ठी में उपस्थित महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपने *विचार एवं सुझाव* साझा किए। कार्यक्रम के अंत में *ज्ञापन का वाचन* किया गया तथा सभी उपस्थित महिलाओं के लिए *जलपान की व्यवस्था* की गई। आयोजकों ने बताया कि सभी महिलाओं की सक्रिय सहभागिता एवं सहयोग से कार्यक्रम *सफल एवं सार्थक* रूप से संपन्न हुआ।

Bhilwara, Bhilwara | Aug 16, 2026

*गुलामी का प्रतीक इंडिया अब गर्व से भारत बोलो, हिंदी हो हमारी राष्ट्रभाषा-आचार्य पुलकसागर* 

 *जिस देश को अपनी भाषा एवं सभ्यता संस्कृति पर गर्व नहीं होता उसे गुलाम होने से कोई नहीं रोक सकता* 

 *चित्रकूटधाम में आचार्य पुलकसागरजी के देश भक्ति के पैगाम से हुआ ज्ञान गंगा महोत्सव का भव्य आगाज* 

भीलवाड़ा:निलेश काठेड़ ( वरिष्ठ पत्रकार), 16 अगस्त। धर्मनगरी भीलवाड़ा में श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर ट्रस्ट, मैन सेक्टर शास्त्रीनगर के तत्वावधान में सकल दिगम्बर जैन समाज की ओर से भीलवाड़ा में पहली बार पहली बार चातुर्मास कर रहे राष्ट्र संत मनोज्ञाचार्य पुलकसागर महाराज के सानिध्य में 30 अगस्त तक चलने वाले ज्ञान गंगा महोत्सव का भव्य आगाज राष्ट्रीय पर्व स्वाधीनता दिवस पर जश्ने आजादी के साथ हुआ। नगर निगम के चित्रकूटधाम में करीब तीन घंटे तक चले इस आयोजन में आचार्यश्री के मुखारबिंद से राष्ट्र भक्ति की भावना जागृत करने वाला प्रेरणादायी उद्बोधन हुआ तो देशभक्ति के भावों से ओतप्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी हुई। पूरा पांडाल राष्ट्रभक्ति के रंगों में रंगा नजर आया। पहले ही दिन हजारों श्रद्धालु ज्ञान की गंगा में डूबकी लगाने पहुंचे। आचार्य पुलकसागर महाराज ने 80वें स्वाधीनता दिवस का संदेश देते हुए कहा कि स्वाधीनता दिवस के अवसर पर आज तीन प्रश्नों का उत्तर खोजने की जरूरत है जब हमारा देश आजाद हो चुका तो अब नाम इंडिया क्यों है, हमारे देश की भाषा क्या है ओर हमारी सभ्यता, संस्कृति व परिधान क्या है। यदि देश का नाम भारत है तो आजादी के इतने वर्ष बाद भी इंडिया क्यो बोलते है। मैं 80 वर्ष के इंडिया को फिर से भारत बनाने का प्रयास करना चाहता हूं। इंडिया गुलामी के दिन याद दिलाता है ओर भारत बोलते है तो ऋषभदेव पुत्र भरत, शकुन्तला पुत्र भरत ओर दशरथ पुत्र भरत की याद आती है। गुलामी के प्रतीक इंडिया शब्द का बहिष्कार कर गर्व से भारत बोलो। उन्होंने भाषागत गुलामी से बचने का आह्वान करते हुए कहा कि हमारे नेता वोट तो हमारी भाषा में मांगते ओर संसद में अंग्रेजी बोलते है। देश में मराठी, गुजराती, तमिल, बंगाली सहित 18 भाषाएं है ओर सभी हमारी माताएं है पर इन माताओं के माथे की बिंदी हिंदी है। अंग्रेजी वैश्विक भाषा ओर व्यापार की भाषा हो सकती पर राष्ट्रभाषा हिंदी ही हो सकती है। हिंदी हमारे रिश्तों ओर दिलों की भाषा है पर अफसोस आजादी के 80 वर्ष बाद भी उसे राष्ट्रभाषा का दर्जा नहीं मिल पाया है, उसकी प्राण प्रतिष्ठा होनी चाहिए। आचार्य पुलकसागर ने कहा कि जिस देश के लोगों को अपनी भाषा,नाम, सभ्यता, संस्कृति, परिधान, रीति रिवाज पर गर्व नहीं होता उसे गुलाम होने से कोई नहीं रोक सकता। हमे इंडिया में फिर से भारत की स्थापना करनी है तो संस्कृति के नाम पर वेलेन्टाइन डे ओर रोज डे को छोड़ राम नवमी, रक्षाबंधन, दीपावली ओर महावीर जयंति जैसे पर्व मनाने है। उन्होंने कहा कि भारत भूमि को नमन करते हुए कहा कि यही एक मात्र ऐसा देश है जहां जन्म लेने को देवता भी तरसते है। दुनिया में भारत जैसा कोई देश नहीं जिसे माता कहकर बुलाते हो। आचार्य पुलकसागर महाराज ने कश्मीर में धारा 370 समाप्त करने का जिक्र करते हुए कहा कि देश को आजादी 1947 मंें मिल गई पर कश्मीर को वास्तविक आजादी 2019 में धारा 370 हटाने से मिली। कश्मीर भारत मां की मांग का सिंदूर है जिसे कोई नहीं छीन सकता। भारत अब बदल चुका है ओर बदला लेना जानता है। आज का भारत किसी को छेड़ता नहीं है ओर कोई छेड़ दे तो उसे छोड़ता नहीं है। आचार्य पुलकसागर महाराज ससंघ के सानिध्य में जश्ने आजादी में दस ग्रुपों ने राष्ट्रभक्ति के जज्बे से ओतप्रोत एक से बढ़कर एक प्रस्तुति दी तो पांडाल भारत माता की जय ओर जय हिंद के उद्घोष से गूंजायमान हो उठा। प्रस्तुतियां इतनी राष्ट्रीय के भावों से भरपुर थी कि निर्णायकों के लिए विजेताओं का चयन करना आसान नहीं रहा। इस प्रतियोगिता में प्रथम संभव ग्रुप, द्वितीय भारत की बेटियां ग्रुप एवं तृतीय आजादी की वीरांगना ग्रुप रहा। विजेता ग्रुप को चातुर्मास समिति द्वारा नगद पुरस्कार से सम्मानित किया गया। आयोजन के शुरू में ध्वजारोहण सांसद दामोदर अग्रवाल ने किया। आचार्यश्री का पाद प्रक्षालन एवं श्रीफल समर्पित कर अभिनंदन भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशान्त मेवाड़ा, पूर्व विधायक विट्ठलशंकर अवस्थी ने किया। अतिथियों का स्वागत श्री पुलकसागर चातुर्मास समिति के अध्यक्ष प्रवीण चौधरी, संयोजक मनीष शाह एवं सह संयोजक लोकेश अजमेरा आदि पदाधिकारियों ने किया। संचालन चातुर्मास समिति के महामंत्री जयकुमार पाटनी ने किया। राजस्थान के उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने शनिवार दोपहर सूर्यमहल पहुंचकर वहां विराजित राष्ट्र संत मनोज्ञाचार्य पुलकसागर महाराज के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। बैरवा ने आचार्यश्री से विभिन्न विषयों पर धर्म चर्चा भी की।

 *प्रेम को बना ले जीवन का महामंत्र जीने का आनंद आ जाएगा* 

ज्ञान गंगा महोत्सव में रविवार सुबह आचार्य पुलकसागर महाराज ने कहा कि हमारे पास सब कुछ है फिर भी घर में सुख शांति नहीं है, सब कुछ सेट है पर दिमाग अपसेट है। उस दिमाग को सेट करने के लिए ज्ञान गंगा महोत्सव प्रारंभ किया है। यहां ज्ञान की नहीं प्रेम की गंगा बहाने आया हूं। घर को स्वर्ग बनाना है ओर जीने का आनंद उठाना है तो प्रेम को जीवन का महामंत्र बना ले। प्रेम के महामंत्र को जपने की नहीं जीने की जरूरत है। प्रेम के ढाई अक्षर को जीवन का आधार बनो ले। उन्होंने जीवन में प्रेम का महत्व समझाते हुए कहा कि प्रेम की भाषा इंसान ही नहीं जानवर भी समझ जाते है। हर तरफ प्रेम की बांसुरी बजनी चाहिए। घर में पैसा, संपति सब कुछ होकर भी प्रेम नहीं बचा तो दुनिया जीने लायक नहीं रहेगी। जिस घर में प्रेम होता है वहां 90 वर्ष का बुर्जुग भी जीने की कामना करता है ओर जहां प्रेम का अभाव हो जाता है वहां 20 वर्ष का युवा भी आत्महत्या कर लेता है। आचार्यश्री ने कहा कि जहां प्रेम प्रगाढ़ होता है वहां वाणी मौन हो जाती है। हर घर के आंगन में प्रेम का पौधा लगना चाहिए ओर उसमें समझदारी रूपी एक लौटा जल रोजाना डालना चाहिए। उन्होंने कहा कि घरों में प्रेम बढ़ाने के लिए सप्ताह में एक बार ओर संभव नहीं हो तो कम से कम माह में एक बार सभी सदस्य साथ बैठकर भोजन करे। प्रवचन के प्रारंभ में दीप प्रज्वलन, पाद प्रक्षालन एवं शास्त्र भेंट का सौभाग्य श्री पुलकसागर चातुर्मास समिति के सदस्यों ने प्राप्त किया। इनमें समिति के अध्यक्ष प्रवीण चौधरी, संयोजक मनीष शाह, सह संयोजक लोकेश अजमेरा, महामंत्री जयकुमार पाटनी आदि शामिल थे। विशिष्ट अतिथि दिल्ली से आए हंसकुमार जैन, दीपेश जैन एवं इन्दौर के नेमीचंद जैन का स्वागत चातुर्मास समिति द्वारा किया गया। श्री पार्श्वनाथ महिला मण्डल की सदस्यों ने स्वागत नृत्य की प्रस्तुति दी। ज्ञान गंगा महोत्सव के तहत 30 अगस्त तक प्रतिदिन सुबह 8.30 से 10 बजे तक चित्रकूटधाम में प्रवचन होंगे। है। शाम 7 से 8 बजे तक आनंद यात्रा एवं आरती का आयोजन किया जा रहा है जिसमें भी शहर के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु शामिल होकर लाभ प्राप्त कर रहे है।

*गुलामी का प्रतीक इंडिया अब गर्व से भारत बोलो, हिंदी हो हमारी राष्ट्रभाषा-आचार्य पुलकसागर* *जिस देश को अपनी भाषा एवं सभ्यता संस्कृति पर गर्व नहीं होता उसे गुलाम होने से कोई नहीं रोक सकता* *चित्रकूटधाम में आचार्य पुलकसागरजी के देश भक्ति के पैगाम से हुआ ज्ञान गंगा महोत्सव का भव्य आगाज* भीलवाड़ा:निलेश काठेड़ ( वरिष्ठ पत्रकार), 16 अगस्त। धर्मनगरी भीलवाड़ा में श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर ट्रस्ट, मैन सेक्टर शास्त्रीनगर के तत्वावधान में सकल दिगम्बर जैन समाज की ओर से भीलवाड़ा में पहली बार पहली बार चातुर्मास कर रहे राष्ट्र संत मनोज्ञाचार्य पुलकसागर महाराज के सानिध्य में 30 अगस्त तक चलने वाले ज्ञान गंगा महोत्सव का भव्य आगाज राष्ट्रीय पर्व स्वाधीनता दिवस पर जश्ने आजादी के साथ हुआ। नगर निगम के चित्रकूटधाम में करीब तीन घंटे तक चले इस आयोजन में आचार्यश्री के मुखारबिंद से राष्ट्र भक्ति की भावना जागृत करने वाला प्रेरणादायी उद्बोधन हुआ तो देशभक्ति के भावों से ओतप्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी हुई। पूरा पांडाल राष्ट्रभक्ति के रंगों में रंगा नजर आया। पहले ही दिन हजारों श्रद्धालु ज्ञान की गंगा में डूबकी लगाने पहुंचे। आचार्य पुलकसागर महाराज ने 80वें स्वाधीनता दिवस का संदेश देते हुए कहा कि स्वाधीनता दिवस के अवसर पर आज तीन प्रश्नों का उत्तर खोजने की जरूरत है जब हमारा देश आजाद हो चुका तो अब नाम इंडिया क्यों है, हमारे देश की भाषा क्या है ओर हमारी सभ्यता, संस्कृति व परिधान क्या है। यदि देश का नाम भारत है तो आजादी के इतने वर्ष बाद भी इंडिया क्यो बोलते है। मैं 80 वर्ष के इंडिया को फिर से भारत बनाने का प्रयास करना चाहता हूं। इंडिया गुलामी के दिन याद दिलाता है ओर भारत बोलते है तो ऋषभदेव पुत्र भरत, शकुन्तला पुत्र भरत ओर दशरथ पुत्र भरत की याद आती है। गुलामी के प्रतीक इंडिया शब्द का बहिष्कार कर गर्व से भारत बोलो। उन्होंने भाषागत गुलामी से बचने का आह्वान करते हुए कहा कि हमारे नेता वोट तो हमारी भाषा में मांगते ओर संसद में अंग्रेजी बोलते है। देश में मराठी, गुजराती, तमिल, बंगाली सहित 18 भाषाएं है ओर सभी हमारी माताएं है पर इन माताओं के माथे की बिंदी हिंदी है। अंग्रेजी वैश्विक भाषा ओर व्यापार की भाषा हो सकती पर राष्ट्रभाषा हिंदी ही हो सकती है। हिंदी हमारे रिश्तों ओर दिलों की भाषा है पर अफसोस आजादी के 80 वर्ष बाद भी उसे राष्ट्रभाषा का दर्जा नहीं मिल पाया है, उसकी प्राण प्रतिष्ठा होनी चाहिए। आचार्य पुलकसागर ने कहा कि जिस देश के लोगों को अपनी भाषा,नाम, सभ्यता, संस्कृति, परिधान, रीति रिवाज पर गर्व नहीं होता उसे गुलाम होने से कोई नहीं रोक सकता। हमे इंडिया में फिर से भारत की स्थापना करनी है तो संस्कृति के नाम पर वेलेन्टाइन डे ओर रोज डे को छोड़ राम नवमी, रक्षाबंधन, दीपावली ओर महावीर जयंति जैसे पर्व मनाने है। उन्होंने कहा कि भारत भूमि को नमन करते हुए कहा कि यही एक मात्र ऐसा देश है जहां जन्म लेने को देवता भी तरसते है। दुनिया में भारत जैसा कोई देश नहीं जिसे माता कहकर बुलाते हो। आचार्य पुलकसागर महाराज ने कश्मीर में धारा 370 समाप्त करने का जिक्र करते हुए कहा कि देश को आजादी 1947 मंें मिल गई पर कश्मीर को वास्तविक आजादी 2019 में धारा 370 हटाने से मिली। कश्मीर भारत मां की मांग का सिंदूर है जिसे कोई नहीं छीन सकता। भारत अब बदल चुका है ओर बदला लेना जानता है। आज का भारत किसी को छेड़ता नहीं है ओर कोई छेड़ दे तो उसे छोड़ता नहीं है। आचार्य पुलकसागर महाराज ससंघ के सानिध्य में जश्ने आजादी में दस ग्रुपों ने राष्ट्रभक्ति के जज्बे से ओतप्रोत एक से बढ़कर एक प्रस्तुति दी तो पांडाल भारत माता की जय ओर जय हिंद के उद्घोष से गूंजायमान हो उठा। प्रस्तुतियां इतनी राष्ट्रीय के भावों से भरपुर थी कि निर्णायकों के लिए विजेताओं का चयन करना आसान नहीं रहा। इस प्रतियोगिता में प्रथम संभव ग्रुप, द्वितीय भारत की बेटियां ग्रुप एवं तृतीय आजादी की वीरांगना ग्रुप रहा। विजेता ग्रुप को चातुर्मास समिति द्वारा नगद पुरस्कार से सम्मानित किया गया। आयोजन के शुरू में ध्वजारोहण सांसद दामोदर अग्रवाल ने किया। आचार्यश्री का पाद प्रक्षालन एवं श्रीफल समर्पित कर अभिनंदन भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशान्त मेवाड़ा, पूर्व विधायक विट्ठलशंकर अवस्थी ने किया। अतिथियों का स्वागत श्री पुलकसागर चातुर्मास समिति के अध्यक्ष प्रवीण चौधरी, संयोजक मनीष शाह एवं सह संयोजक लोकेश अजमेरा आदि पदाधिकारियों ने किया। संचालन चातुर्मास समिति के महामंत्री जयकुमार पाटनी ने किया। राजस्थान के उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने शनिवार दोपहर सूर्यमहल पहुंचकर वहां विराजित राष्ट्र संत मनोज्ञाचार्य पुलकसागर महाराज के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। बैरवा ने आचार्यश्री से विभिन्न विषयों पर धर्म चर्चा भी की। *प्रेम को बना ले जीवन का महामंत्र जीने का आनंद आ जाएगा* ज्ञान गंगा महोत्सव में रविवार सुबह आचार्य पुलकसागर महाराज ने कहा कि हमारे पास सब कुछ है फिर भी घर में सुख शांति नहीं है, सब कुछ सेट है पर दिमाग अपसेट है। उस दिमाग को सेट करने के लिए ज्ञान गंगा महोत्सव प्रारंभ किया है। यहां ज्ञान की नहीं प्रेम की गंगा बहाने आया हूं। घर को स्वर्ग बनाना है ओर जीने का आनंद उठाना है तो प्रेम को जीवन का महामंत्र बना ले। प्रेम के महामंत्र को जपने की नहीं जीने की जरूरत है। प्रेम के ढाई अक्षर को जीवन का आधार बनो ले। उन्होंने जीवन में प्रेम का महत्व समझाते हुए कहा कि प्रेम की भाषा इंसान ही नहीं जानवर भी समझ जाते है। हर तरफ प्रेम की बांसुरी बजनी चाहिए। घर में पैसा, संपति सब कुछ होकर भी प्रेम नहीं बचा तो दुनिया जीने लायक नहीं रहेगी। जिस घर में प्रेम होता है वहां 90 वर्ष का बुर्जुग भी जीने की कामना करता है ओर जहां प्रेम का अभाव हो जाता है वहां 20 वर्ष का युवा भी आत्महत्या कर लेता है। आचार्यश्री ने कहा कि जहां प्रेम प्रगाढ़ होता है वहां वाणी मौन हो जाती है। हर घर के आंगन में प्रेम का पौधा लगना चाहिए ओर उसमें समझदारी रूपी एक लौटा जल रोजाना डालना चाहिए। उन्होंने कहा कि घरों में प्रेम बढ़ाने के लिए सप्ताह में एक बार ओर संभव नहीं हो तो कम से कम माह में एक बार सभी सदस्य साथ बैठकर भोजन करे। प्रवचन के प्रारंभ में दीप प्रज्वलन, पाद प्रक्षालन एवं शास्त्र भेंट का सौभाग्य श्री पुलकसागर चातुर्मास समिति के सदस्यों ने प्राप्त किया। इनमें समिति के अध्यक्ष प्रवीण चौधरी, संयोजक मनीष शाह, सह संयोजक लोकेश अजमेरा, महामंत्री जयकुमार पाटनी आदि शामिल थे। विशिष्ट अतिथि दिल्ली से आए हंसकुमार जैन, दीपेश जैन एवं इन्दौर के नेमीचंद जैन का स्वागत चातुर्मास समिति द्वारा किया गया। श्री पार्श्वनाथ महिला मण्डल की सदस्यों ने स्वागत नृत्य की प्रस्तुति दी। ज्ञान गंगा महोत्सव के तहत 30 अगस्त तक प्रतिदिन सुबह 8.30 से 10 बजे तक चित्रकूटधाम में प्रवचन होंगे। है। शाम 7 से 8 बजे तक आनंद यात्रा एवं आरती का आयोजन किया जा रहा है जिसमें भी शहर के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु शामिल होकर लाभ प्राप्त कर रहे है।

Bhilwara, Bhilwara | Aug 16, 2026

*"निंबाहेड़ा बना 'बलि का बकरा'? वंडर सीमेंट के विस्तार को लेकर जनता में भारी रोष*

*वंडर सीमेंट के 1000 करोड़ के मेगा विस्तार प्रोजेक्ट पर उठे सवाल*  
*ग्रामीणों का आरोप: जल दोहन, प्रदूषण और झूठे वादों से हो रहा जनजीवन प्रभावित*  
* कमलेश आमेटा विशेष संवाददाता*
*जयपुर/निंबाहेड़ा,  वंडर सीमेंट द्वारा प्रस्तावित 1000 करोड़ के मेगा विस्तार प्रोजेक्ट को लेकर निंबाहेड़ा और आसपास के क्षेत्र में लोगों द्वारा गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि फैक्ट्री का लगातार विस्तार आम जनजीवन और पर्यावरण के लिए घातक साबित हो रहा है।  

*ग्रामीणों द्वारा लगाए गए प्रमुख आरोप:*  

*डार्क जोन में भूजल दोहन:* निंबाहेड़ा को पहले से "डार्क जोन" घोषित किया जा चुका है। इसके बावजूद कंपनी को भारी-भरकम भूजल दोहन की मंजूरी मिलने का आरोप है। ग्रामीणों का कहना है कि यह भविष्य में नगरवासियों के लिए घातक होगा और CGWB के नियमों का उल्लंघन है।  

 *ग्रीनबेल्ट पर सवाल:* प्रोजेक्ट में "सघन हरित पट्टी" विकसित करने का दावा किया गया है, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि धरातल पर स्थिति इसके विपरीत है।  

. *फ्लाई ऐश से खेती को नुकसान:* पावर प्लांट से उड़ने वाली राख सांगरिया, बोराखेड़ी, पीरखेड़ा, रसूलपुरा के खेतों में पहुंच रही है। ग्रामीणों का कहना है कि इससे उपजाऊ जमीन प्रभावित हो रही है और किसान परेशान हैं।  

 *रोजगार के वादे अधूरे:* जनसुनवाई में स्थानीय युवाओं को नौकरी देने का वादा किया गया था, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि आज भी युवा रोजगार के लिए भटक रहे हैं। वहीं बाहरी लोगों को ज्यादा से ज्यादा इस कंपनी में बढ़ावा मिल रहा है , आखिर क्यों?

 *दस्तावेजों पर सवाल:* कुछ लोगों का आरोप है कि पर्यावरण स्वीकृति की प्रक्रिया में अनियमितता बरती गई है और सभी मंजूरियां जल्दबाजी में दी गई हैं।  

*ग्रामीणों के सवाल:*  
❓ करोड़ों के प्रोजेक्ट में जनता के स्वास्थ्य और अधिकारों का ध्यान क्यों नहीं रखा जा रहा?  
❓ डार्क जोन में भूजल दोहन, प्रदूषण नियंत्रण और वाइल्डलाइफ प्लान जैसी मंजूरियां कैसे मिलीं?  
❓ जिम्मेदार विभाग कब तक कार्रवाई करेंगे?  

स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि फैक्ट्री विस्तार से पहले ब्लास्टिंग की तीव्रता, भूजल दोहन, प्रदूषण नियंत्रण और ग्रीनबेल्ट की स्वतंत्र वैज्ञानिक जांच कराई जाए। साथ ही प्रभावित परिवारों का सर्वे कर उचित मुआवजा दिया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो वे लोकतांत्रिक तरीके से बहुत जल्द आंदोलन पर उतरने को मजबूर होंगे।  

_नोट: यह प्रेस नोट स्थानीय नागरिकों द्वारा लगाए गए आरोपों एवं जनचर्चा पर आधारित है। वंडर सीमेंट कंपनी तथा संबंधित विभागों का पक्ष आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।_

*"निंबाहेड़ा बना 'बलि का बकरा'? वंडर सीमेंट के विस्तार को लेकर जनता में भारी रोष* *वंडर सीमेंट के 1000 करोड़ के मेगा विस्तार प्रोजेक्ट पर उठे सवाल* *ग्रामीणों का आरोप: जल दोहन, प्रदूषण और झूठे वादों से हो रहा जनजीवन प्रभावित* * कमलेश आमेटा विशेष संवाददाता* *जयपुर/निंबाहेड़ा, वंडर सीमेंट द्वारा प्रस्तावित 1000 करोड़ के मेगा विस्तार प्रोजेक्ट को लेकर निंबाहेड़ा और आसपास के क्षेत्र में लोगों द्वारा गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि फैक्ट्री का लगातार विस्तार आम जनजीवन और पर्यावरण के लिए घातक साबित हो रहा है। *ग्रामीणों द्वारा लगाए गए प्रमुख आरोप:* *डार्क जोन में भूजल दोहन:* निंबाहेड़ा को पहले से "डार्क जोन" घोषित किया जा चुका है। इसके बावजूद कंपनी को भारी-भरकम भूजल दोहन की मंजूरी मिलने का आरोप है। ग्रामीणों का कहना है कि यह भविष्य में नगरवासियों के लिए घातक होगा और CGWB के नियमों का उल्लंघन है। *ग्रीनबेल्ट पर सवाल:* प्रोजेक्ट में "सघन हरित पट्टी" विकसित करने का दावा किया गया है, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि धरातल पर स्थिति इसके विपरीत है। . *फ्लाई ऐश से खेती को नुकसान:* पावर प्लांट से उड़ने वाली राख सांगरिया, बोराखेड़ी, पीरखेड़ा, रसूलपुरा के खेतों में पहुंच रही है। ग्रामीणों का कहना है कि इससे उपजाऊ जमीन प्रभावित हो रही है और किसान परेशान हैं। *रोजगार के वादे अधूरे:* जनसुनवाई में स्थानीय युवाओं को नौकरी देने का वादा किया गया था, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि आज भी युवा रोजगार के लिए भटक रहे हैं। वहीं बाहरी लोगों को ज्यादा से ज्यादा इस कंपनी में बढ़ावा मिल रहा है , आखिर क्यों? *दस्तावेजों पर सवाल:* कुछ लोगों का आरोप है कि पर्यावरण स्वीकृति की प्रक्रिया में अनियमितता बरती गई है और सभी मंजूरियां जल्दबाजी में दी गई हैं। *ग्रामीणों के सवाल:* ❓ करोड़ों के प्रोजेक्ट में जनता के स्वास्थ्य और अधिकारों का ध्यान क्यों नहीं रखा जा रहा? ❓ डार्क जोन में भूजल दोहन, प्रदूषण नियंत्रण और वाइल्डलाइफ प्लान जैसी मंजूरियां कैसे मिलीं? ❓ जिम्मेदार विभाग कब तक कार्रवाई करेंगे? स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि फैक्ट्री विस्तार से पहले ब्लास्टिंग की तीव्रता, भूजल दोहन, प्रदूषण नियंत्रण और ग्रीनबेल्ट की स्वतंत्र वैज्ञानिक जांच कराई जाए। साथ ही प्रभावित परिवारों का सर्वे कर उचित मुआवजा दिया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो वे लोकतांत्रिक तरीके से बहुत जल्द आंदोलन पर उतरने को मजबूर होंगे। _नोट: यह प्रेस नोट स्थानीय नागरिकों द्वारा लगाए गए आरोपों एवं जनचर्चा पर आधारित है। वंडर सीमेंट कंपनी तथा संबंधित विभागों का पक्ष आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।_

Bhilwara, Bhilwara | Aug 16, 2026

शिक्षा, नवाचार और सामाजिक सेवा में योगदान के लिए डॉ. राजेन्द्र कच्छावा सम्मानित स्वतंत्रता दिवस जिला स्तरीय समारोह में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर एवं जिला कलेक्टर ने किया सम्मान कोटा /भीलवाड़ा:राजकुमार गोयल स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शिक्षा, तकनीकी नवाचार एवं सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) कोटा के कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग में कार्यरत डॉ. राजेन्द्र कच्छावा को कोटा में आयोजित जिला स्तरीय समारोह में सम्मानित किया गया। उन्हें राजस्थान सरकार के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर एवं जिला कलेक्टर, कोटा द्वारा सम्मान प्रदान किया गया। डॉ. कच्छावा शिक्षा एवं तकनीकी क्षेत्र के साथ विद्यार्थियों के कौशल विकास, कैरियर मार्गदर्शन, नवाचार तथा सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों में निरंतर सक्रिय हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को नई तकनीकों, रोजगार के उभरते अवसरों और आधुनिक तकनीकी कौशल से जोड़ने के लिए विभिन्न प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन कार्यक्रमों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। AI और तकनीकी नवाचार में योगदान डॉ. कच्छावा ने AI, डेटा साइंस एवं उभरती तकनीकों के क्षेत्र में विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए उनमें रचनात्मक सोच एवं समस्या समाधान की क्षमता विकसित करने पर विशेष जोर दिया है। AI आधारित कृषि तकनीक के क्षेत्र में भी उन्होंने ऐसा तकनीकी समाधान विकसित करने पर कार्य किया है, जिसका उद्देश्य आधुनिक तकनीक को किसानों के लिए उपयोगी और सुलभ बनाना है। उनके शोध कार्य अंतरराष्ट्रीय स्तर के शोध जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में उनके डिजाइन पेटेंट, अंतरराष्ट्रीय शोध-पत्र, पुस्तकें एवं पुस्तक अध्याय भी प्रकाशित हुए हैं। वे विद्यार्थियों को AI Startup, Smart India Hackathon जैसी गतिविधियों से जोड़कर उन्हें नवाचार और शोध के लिए प्रेरित करते रहे हैं। शिक्षा के साथ सामाजिक सरोकार डॉ. कच्छावा ने कैरियर काउंसलिंग, तकनीकी जागरूकता सत्र, ऑनलाइन मेंटरिंग एवं निःशुल्क प्रशिक्षण जैसी पहलों के माध्यम से विद्यार्थियों को मार्गदर्शन दिया है। Microsoft Certified Trainer के रूप में उन्होंने तकनीकी प्रशिक्षण के क्षेत्र में भी योगदान दिया है। इसके साथ ही स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण अभियान, रक्तदान जागरूकता तथा विभिन्न सामाजिक आउटरीच कार्यक्रमों में उनकी सक्रिय भागीदारी रही है। सम्मान से बढ़ा उत्साह स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर मिले सम्मान पर डॉ. कच्छावा ने राजस्थान सरकार, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, कोटा जिला प्रशासन एवं IIIT कोटा के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन्हें युवाओं, शिक्षा, तकनीकी नवाचार और समाज के लिए और अधिक समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा देगा। डॉ. कच्छावा की शिक्षा, तकनीकी नवाचार और सामाजिक सेवा को साथ लेकर चलने की प्रतिबद्धता ने उन्हें विद्यार्थियों के बीच एक सक्रिय अकादमिक, तकनीकी मार्गदर्शक एवं नवाचार प्रेरक के रूप में पहचान दिलाई है। - Bhilwara News