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किशनगंज सदर अस्पताल में बढ़ी मरीजों की जांच और उपचार सेवाओं में तेजी: जिला पदाधिकारी ने तय की जवाबदेही किशनगंज जिले में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति बढ़ते भरोसे के बीच अस्पतालों में मरीजों की संख्या और जांच सेवाओं में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी, जवाबदेह और परिणाम आधारित बनाने के उद्देश्य से जिला पदाधिकारी नवीन कुमार की अध्यक्षता में गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सदर अस्पताल की कार्यप्रणाली, चिकित्सकों एवं विशेषज्ञों की उपलब्धता, अनावश्यक रेफरल रोकने, सी-सेक्शन सेवाओं को बढ़ाने, उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था की पहचान, टीबी एवं गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग, परिवार नियोजन और एचपीवी टीकाकरण समेत विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की बिंदुवार समीक्षा की गई। बैठक में अस्पतालों में उपलब्ध सेवाओं के उपयोग से जुड़े आंकड़ों की भी समीक्षा की गई। आंकड़े बताते हैं कि जून की तुलना में जुलाई में ओपीडी, आईपीडी और एक्स-रे जैसी सेवाओं में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं का मूल्यांकन केवल लक्ष्य और रिपोर्ट के आधार पर नहीं, बल्कि मरीजों को मिल रही वास्तविक सुविधा और उपचार के परिणामों के आधार पर किया जाएगा। जुलाई में ओपीडी 53 हजार के पार, एक्स-रे जांच में दोगुने से अधिक वृद्धि समीक्षा के दौरान सामने आए आंकड़ों के अनुसार जून माह में जिले के स्वास्थ्य संस्थानों में 42,820 ओपीडी दर्ज हुई थी, जो जुलाई में बढ़कर 53,043 हो गई। अगस्त में 10 तारीख तक ही 16,826 ओपीडी दर्ज की जा चुकी है। इसी तरह आईपीडी में जून में 2,363, जुलाई में 2,887 और अगस्त की 10 तारीख तक 1,041 मरीज दर्ज हुए।जांच सेवाओं में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई। जून में 7,104 एक्स-रे किए गए थे, जबकि जुलाई में यह संख्या बढ़कर 14,265 हो गई। अगस्त की 10 तारीख तक 5,225 एक्स-रे किए जा चुके हैं। सिटी स्कैन की संख्या जून में 929, जुलाई में 928 और अगस्त की 10 तारीख तक 323 रही। अल्ट्रासाउंड जांच जून के 79 से बढ़कर जुलाई में 286 हो गई, जबकि अगस्त की 10 तारीख तक 139 अल्ट्रासाउंड किए जा चुके हैं। प्रसव और नवजात सेवाओं को मजबूत करने पर जोर मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा में जून में 441 प्रसव, जुलाई में 535 और अगस्त की 10 तारीख तक 248 प्रसव दर्ज किए गए। वहीं एसएनसीयू में जून में 59, जुलाई में 76 तथा अगस्त की 10 तारीख तक 25 नवजातों का उपचार किया गया।जिला पदाधिकारी ने उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था की समय पर पहचान और प्रखंड स्तर तक उसकी लगातार निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। गर्भवती महिलाओं का विवरण व्यवस्थित रूप से दर्ज करने, संभावित प्रसव तिथि के आधार पर महीनेवार निगरानी तथा आवश्यकता के अनुसार समय रहते संस्थागत उपचार उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। सी-सेक्शन सेवाओं को मजबूत करने और गंभीर मामलों की समय पर पहचान को भी प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया। अनावश्यक रेफरल रोककर सदर अस्पताल की विशेषज्ञ सेवाओं का हो बेहतर उपयोग बैठक का प्रमुख केंद्र सदर अस्पताल रहा। समीक्षा में उपलब्ध मानव संसाधन, विशेषज्ञ चिकित्सकों और जांच सुविधाओं के बेहतर उपयोग पर चर्चा हुई। जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि प्रखंड स्तर से सदर अस्पताल रेफर किए जाने वाले मरीजों को यथासंभव सदर अस्पताल में ही विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध कराया जाए और अनावश्यक रेफरल को कम किया जाए।उन्होंने कहा कि अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सकीय संसाधनों का अधिकतम उपयोग तभी सार्थक होगा, जब मरीजों को समय पर जांच, विशेषज्ञ परामर्श और उपचार एक ही स्थान पर मिल सके। गंभीर मरीजों के लिए आवश्यक होने पर ही उच्च संस्थानों में रेफरल किया जाए। एनआरसी में कम नामांकन पर चिंता, आईसीडीएस से समन्वय बढ़ाने का निर्देश पोषण पुनर्वास केंद्र में बच्चों के कम नामांकन को बैठक में गंभीरता से लिया गया। समीक्षा में सामने आया कि पूरे वर्ष में करीब 110 बच्चों का ही नामांकन हो रहा है, जबकि अपेक्षित लक्ष्य कम से कम 2,000 बच्चों का है। जिला पदाधिकारी ने इस अंतर को कम करने के लिए स्वास्थ्य विभाग और आईसीडीएस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया। आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से कुपोषित एवं जरूरतमंद बच्चों की पहचान, परिवारों की काउंसलिंग और एनआरसी में उपलब्ध उपचार एवं पोषण संबंधी सुविधाओं की जानकारी देकर बच्चों को केंद्र तक लाने पर जोर दिया गया। प्रत्येक सोमवार को होने वाली समन्वय बैठकों को अधिक प्रभावी बनाने और संबंधित विभागों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा गया। टीबी, गैर-संचारी रोग, परिवार नियोजन और एचपीवी टीकाकरण की समीक्षा गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग की समीक्षा के दौरान करीब 8 लाख के लक्ष्य के मुकाबले उपलब्ध लगभग 70 हजार स्क्रीनिंग के आंकड़ों पर जिला पदाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि केवल स्क्रीनिंग की संख्या बढ़ाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि रक्तचाप, रक्त शर्करा सहित आवश्यक स्वास्थ्य सूचनाओं का पूर्ण और गुणवत्तापूर्ण डेटा संधारण भी जरूरी है। नियमित रिपोर्टिंग और आंकड़ों की सत्यता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। परिवार नियोजन पखवाड़े की उपलब्धियों की भी समीक्षा की गई। अपेक्षित उपलब्धि नहीं होने पर समुदाय स्तर पर जागरूकता, परामर्श और परिवार नियोजन सेवाओं की पहुंच बढ़ाने पर जोर दिया गया। वहीं एचपीवी एवं गार्डसिल टीकाकरण की समीक्षा में दो प्रखंडों में कार्य शेष रहने तथा 535 मामले लंबित होने की जानकारी दी गई। संबंधित अधिकारियों को अभियान में तेजी लाकर लंबित मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। अस्पतालों में दुर्घटना से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई। जून में 8,746, जुलाई में 8,719 और अगस्त की 10 तारीख तक 2,617 एक्सीडेंट केस दर्ज किए गए। बड़ी संख्या में दुर्घटना पीड़ितों के अस्पताल पहुंचने को देखते हुए समय पर जांच, प्राथमिक उपचार, आवश्यक विशेषज्ञ सेवाएं और जरूरत पड़ने पर उचित रेफरल की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। “अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे स्वास्थ्य सुविधा” जिला पदाधिकारी जिला पदाधिकारी नवीन कुमार ने कहा कि सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं और अस्पतालों में उपलब्ध सुविधाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब समाज के अंतिम व्यक्ति तक समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी केवल कागजी आंकड़ों तक सीमित न रहे, बल्कि यह देखा जाए कि अस्पताल पहुंचने वाले मरीज को वास्तव में कितनी जल्दी जांच, उपचार, दवा और विशेषज्ञ सेवा मिल रही है। उन्होंने कहा कि “हर मरीज को सम्मान के साथ समय पर उपचार मिलना चाहिए। उपलब्ध संसाधनों और विशेषज्ञ सेवाओं का बेहतर उपयोग करते हुए अनावश्यक रेफरल को कम करना हमारी प्राथमिकता है। स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ जिले के अंतिम छोर पर रहने वाले व्यक्ति तक भी पहुंचे, इसके लिए विभागीय समन्वय और जवाबदेही दोनों जरूरी हैं। जिला पदाधिकारी ने अधिकारियों से अपील की कि स्वास्थ्य कार्यक्रमों को केवल लक्ष्य पूरा करने की दृष्टि से नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में वास्तविक सुधार लाने के उद्देश्य से संचालित किया जाए। उन्होंने कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीबी उन्मूलन, गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग, पोषण, टीकाकरण और परिवार नियोजन जैसी सेवाओं की पहुंच गांव-गांव और अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित की जानी चाहिए। बैठक में स्पष्ट किया गया कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में आने वाले प्रत्येक मरीज को समय पर गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति अब केवल कागजी आंकड़ों से नहीं, बल्कि मरीजों को मिले उपचार, सुविधा की उपलब्धता और स्वास्थ्य परिणामों से आंकी जाएगी। #viralpost #viralreelschallenge #viralchallenge #videogames #vacaciones #viralreels #venezuela #newyork #2026Goals #BigBreaking

Terhagachh, Kishanganj | Aug 13, 2026

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मंत्री जी को परेड ग्राउंड में निरीक्षण कराया 
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मंत्री जी को परेड ग्राउंड में निरीक्षण कराया #viralpost #viralreelschallenge #viralchallenge #videogames #vacaciones #venezuela #viralreels #2026Goals #newyork

Terhagachh, Kishanganj | Aug 16, 2026

उत्कृष्ट कार्य के लिए स्वास्थ्यकर्मी सम्मानित,आईसीयू से लेकर सीटी स्कैन,डायलिसिस और डिजिटल एक्स-रे तक बढ़ीं सुविधाएं

किशनगंज जिले में आज दिनांक 16-08-2026 को स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को स्वतंत्रता दिवस समारोह में सराहना मिली। अशफाक उल्लाह खान स्टेडियम में आयोजित जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में बिहार सरकार के ऊर्जा मंत्री बुलो मंडल ने ध्वजारोहण किया। समारोह में अपने संबोधन के दौरान जिले में विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे विकास कार्यों की चर्चा की गई। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार, टीबी स्क्रीनिंग, नियमित टीकाकरण, गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग और ई-टेलीमेडिसिन के क्षेत्र में हासिल उपलब्धियों को भी प्रमुखता से रेखांकित किया गया।उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार आम लोगों के जीवन में सीधा बदलाव लाता है। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के साथ-साथ जांच, उपचार और गंभीर मरीजों के लिए आवश्यक सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। स्वास्थ्यकर्मियों के निरंतर प्रयास से सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में लोगों का भरोसा बढ़ रहा है।

उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वास्थ्यकर्मी एवं संस्था सम्मानित

स्वास्थ्य सेवाओं और विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मियों एवं संस्था को समारोह में सम्मानित किया गया। नियमित टीकाकरण में जिले की उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए  डॉ. देवेन्द्र कुमार, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी, किशनगंज को सम्मानित किया गया ।वहीं सुदूर एवं विषम परिस्थितियों में क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए डॉ. प्रमोद कुमार, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र टेढ़ागाछ को सम्मानित किया जाएगा।तीसरे क्रम में प्रखण्ड अंतर्गत संचालित स्वास्थ्य से संबंधित कार्यक्रमों की उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए बसंत कुमार, प्रखण्ड स्वास्थ्य प्रबंधक, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पोठिया को एवं टीबी स्क्रीनिंग, एनसीडी स्क्रीनिंग, ई-टेलीमेडिसिन परामर्श एवं ओपीडी में बेहतर उपलब्धि के लिए राकेश वर्मन, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, आयुष्मान आरोग्य मंदिर गाछपाड़ा, किशनगंज तथा प्रियंका कुमारी, एएनएम, स्वास्थ्य उपकेंद्र बलुआडांगी, टेढ़ागाछ को सम्मानित किया गया।वहीं टीबी मुक्त भारत अभियान में अपने कार्यक्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए नन्द किशोर राजा, एसटीएलएस, जिला यक्ष्मा केंद्र, किशनगंज तथा चंचला कुमारी, एसटीएस, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दिघलबैंक को सम्मानित किया गया। टीबी मरीजों को पोषण सहयोग उपलब्ध कराने में योगदान के लिए रेडक्रॉस सोसाइटी, किशनगंज को भी सम्मानित किया गया। संस्था की ओर से टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत 200 मरीजों को फूड बास्केट उपलब्ध कराया गया।

टीबी स्क्रीनिंग में लक्ष्य से आगे निकला जिला

टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जिले में निर्धारित लक्ष्य से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की गई है। 4,74,720 लोगों की स्क्रीनिंग के लक्ष्य के विरुद्ध 5,44,398 लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। यह लक्ष्य का करीब 115 प्रतिशत है।अभियान के दौरान अब तक 29,964 लाभार्थियों की एक्स-रे जांच तथा 6,500 लाभार्थियों की एनएएटी जांच कराई गई है। वहीं 952 मरीजों को प्रोटीनयुक्त फूड बास्केट उपलब्ध कराया गया है। अभियान के तहत जिले में अब तक 894 टीबी पॉजिटिव मरीजों की पहचान हुई है।

गुणवत्ता आधारित स्वास्थ्य सेवाओं का हो रहा विस्तार

जिले के आठ स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों को राष्ट्रीय स्तर पर एनक्यूएएस प्रमाणन प्राप्त हुआ है। इसके अलावा तीन स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों तथा सदर अस्पताल को राज्य स्तर पर एनक्यूएएस प्रमाणन मिला है। अगले एक वर्ष में जिले के 44 स्वास्थ्य संस्थानों को एनक्यूएएस प्रमाणन दिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।सार्वजनिक-निजी सहभागिता के माध्यम से जिले के सात स्वास्थ्य संस्थानों में पात्र मरीजों को ईसीजी सेवा उपलब्ध कराई जा रही है। सदर अस्पताल में सीटी स्कैन और डायलिसिस की सुविधा के साथ सदर अस्पताल से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर तक डिजिटल एक्स-रे की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

गंभीर मरीजों के उपचार की क्षमता हुई मजबूत

सदर अस्पताल में 10 शय्या वाले आईसीयू के क्रियाशील होने से गंभीर मरीजों को स्थानीय स्तर पर उपचार उपलब्ध कराने की क्षमता बढ़ी है। अस्पताल में 42 शय्या वाला पीकू वार्ड, छह शय्या वाला मॉडल लेबर रूम, मॉडल ब्लड बैंक, सीटी स्कैन, डायलिसिस और डिजिटल एक्स-रे जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।बाल स्वास्थ्य के क्षेत्र में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत संचालित बाल हृदय योजना से अब तक 48 बच्चों की निःशुल्क हृदय सर्जरी कराई जा चुकी है। वर्ष 2025-26 में हृदय रोग से पीड़ित 23 बच्चों और अन्य रोगों से पीड़ित 15 बच्चों का निःशुल्क उपचार कराया गया है।

आयुष्मान योजना से करीब 40 हजार मरीजों को मिला उपचार

आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पात्र परिवारों को प्रति परिवार प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक के निःशुल्क उपचार की सुविधा उपलब्ध है। जिले में अब तक करीब 40 हजार मरीज इस योजना से उपचार का लाभ प्राप्त कर चुके हैं, जबकि करीब 6.50 लाख आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके हैं।जिले के सरकारी अस्पतालों में मरीजों को निःशुल्क दवा और पैथोलॉजिकल जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। स्वास्थ्य संस्थानों में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य स्तर से दवाओं की आपूर्ति की व्यवस्था भी की गई है।

नियमित टीकाकरण में राज्य में प्रथम स्थान

नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में जिले ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध 99.5 प्रतिशत उपलब्धि तथा संपूर्ण टीकाकरण में 101 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की गई। इस बेहतर प्रदर्शन के लिए किशनगंज को राज्य स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त हुआ।वहीं मुख्यमंत्री बालिका कैंसर प्रतिरक्षण योजना के तहत लक्षित 16,240 बालिकाओं में से 15,981 बालिकाओं का प्रतिरक्षण किया जा चुका है। यह लक्ष्य का 98 प्रतिशत से अधिक है।स्वास्थ्य विभाग की इन उपलब्धियों के साथ जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करने की दिशा में प्रयास जारी हैं। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में जांच एवं उपचार की पहुंच बढ़ाने, ई-टेलीमेडिसिन को मजबूत करने, गंभीर मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर उपचार उपलब्ध कराने और सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। District Kishanganj Bihar Health Department 
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उत्कृष्ट कार्य के लिए स्वास्थ्यकर्मी सम्मानित,आईसीयू से लेकर सीटी स्कैन,डायलिसिस और डिजिटल एक्स-रे तक बढ़ीं सुविधाएं किशनगंज जिले में आज दिनांक 16-08-2026 को स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को स्वतंत्रता दिवस समारोह में सराहना मिली। अशफाक उल्लाह खान स्टेडियम में आयोजित जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में बिहार सरकार के ऊर्जा मंत्री बुलो मंडल ने ध्वजारोहण किया। समारोह में अपने संबोधन के दौरान जिले में विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे विकास कार्यों की चर्चा की गई। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार, टीबी स्क्रीनिंग, नियमित टीकाकरण, गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग और ई-टेलीमेडिसिन के क्षेत्र में हासिल उपलब्धियों को भी प्रमुखता से रेखांकित किया गया।उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार आम लोगों के जीवन में सीधा बदलाव लाता है। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के साथ-साथ जांच, उपचार और गंभीर मरीजों के लिए आवश्यक सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। स्वास्थ्यकर्मियों के निरंतर प्रयास से सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में लोगों का भरोसा बढ़ रहा है। उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वास्थ्यकर्मी एवं संस्था सम्मानित स्वास्थ्य सेवाओं और विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मियों एवं संस्था को समारोह में सम्मानित किया गया। नियमित टीकाकरण में जिले की उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए डॉ. देवेन्द्र कुमार, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी, किशनगंज को सम्मानित किया गया ।वहीं सुदूर एवं विषम परिस्थितियों में क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए डॉ. प्रमोद कुमार, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र टेढ़ागाछ को सम्मानित किया जाएगा।तीसरे क्रम में प्रखण्ड अंतर्गत संचालित स्वास्थ्य से संबंधित कार्यक्रमों की उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए बसंत कुमार, प्रखण्ड स्वास्थ्य प्रबंधक, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पोठिया को एवं टीबी स्क्रीनिंग, एनसीडी स्क्रीनिंग, ई-टेलीमेडिसिन परामर्श एवं ओपीडी में बेहतर उपलब्धि के लिए राकेश वर्मन, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, आयुष्मान आरोग्य मंदिर गाछपाड़ा, किशनगंज तथा प्रियंका कुमारी, एएनएम, स्वास्थ्य उपकेंद्र बलुआडांगी, टेढ़ागाछ को सम्मानित किया गया।वहीं टीबी मुक्त भारत अभियान में अपने कार्यक्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए नन्द किशोर राजा, एसटीएलएस, जिला यक्ष्मा केंद्र, किशनगंज तथा चंचला कुमारी, एसटीएस, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दिघलबैंक को सम्मानित किया गया। टीबी मरीजों को पोषण सहयोग उपलब्ध कराने में योगदान के लिए रेडक्रॉस सोसाइटी, किशनगंज को भी सम्मानित किया गया। संस्था की ओर से टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत 200 मरीजों को फूड बास्केट उपलब्ध कराया गया। टीबी स्क्रीनिंग में लक्ष्य से आगे निकला जिला टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जिले में निर्धारित लक्ष्य से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की गई है। 4,74,720 लोगों की स्क्रीनिंग के लक्ष्य के विरुद्ध 5,44,398 लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। यह लक्ष्य का करीब 115 प्रतिशत है।अभियान के दौरान अब तक 29,964 लाभार्थियों की एक्स-रे जांच तथा 6,500 लाभार्थियों की एनएएटी जांच कराई गई है। वहीं 952 मरीजों को प्रोटीनयुक्त फूड बास्केट उपलब्ध कराया गया है। अभियान के तहत जिले में अब तक 894 टीबी पॉजिटिव मरीजों की पहचान हुई है। गुणवत्ता आधारित स्वास्थ्य सेवाओं का हो रहा विस्तार जिले के आठ स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों को राष्ट्रीय स्तर पर एनक्यूएएस प्रमाणन प्राप्त हुआ है। इसके अलावा तीन स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों तथा सदर अस्पताल को राज्य स्तर पर एनक्यूएएस प्रमाणन मिला है। अगले एक वर्ष में जिले के 44 स्वास्थ्य संस्थानों को एनक्यूएएस प्रमाणन दिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।सार्वजनिक-निजी सहभागिता के माध्यम से जिले के सात स्वास्थ्य संस्थानों में पात्र मरीजों को ईसीजी सेवा उपलब्ध कराई जा रही है। सदर अस्पताल में सीटी स्कैन और डायलिसिस की सुविधा के साथ सदर अस्पताल से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर तक डिजिटल एक्स-रे की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। गंभीर मरीजों के उपचार की क्षमता हुई मजबूत सदर अस्पताल में 10 शय्या वाले आईसीयू के क्रियाशील होने से गंभीर मरीजों को स्थानीय स्तर पर उपचार उपलब्ध कराने की क्षमता बढ़ी है। अस्पताल में 42 शय्या वाला पीकू वार्ड, छह शय्या वाला मॉडल लेबर रूम, मॉडल ब्लड बैंक, सीटी स्कैन, डायलिसिस और डिजिटल एक्स-रे जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।बाल स्वास्थ्य के क्षेत्र में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत संचालित बाल हृदय योजना से अब तक 48 बच्चों की निःशुल्क हृदय सर्जरी कराई जा चुकी है। वर्ष 2025-26 में हृदय रोग से पीड़ित 23 बच्चों और अन्य रोगों से पीड़ित 15 बच्चों का निःशुल्क उपचार कराया गया है। आयुष्मान योजना से करीब 40 हजार मरीजों को मिला उपचार आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पात्र परिवारों को प्रति परिवार प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक के निःशुल्क उपचार की सुविधा उपलब्ध है। जिले में अब तक करीब 40 हजार मरीज इस योजना से उपचार का लाभ प्राप्त कर चुके हैं, जबकि करीब 6.50 लाख आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके हैं।जिले के सरकारी अस्पतालों में मरीजों को निःशुल्क दवा और पैथोलॉजिकल जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। स्वास्थ्य संस्थानों में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य स्तर से दवाओं की आपूर्ति की व्यवस्था भी की गई है। नियमित टीकाकरण में राज्य में प्रथम स्थान नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में जिले ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध 99.5 प्रतिशत उपलब्धि तथा संपूर्ण टीकाकरण में 101 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की गई। इस बेहतर प्रदर्शन के लिए किशनगंज को राज्य स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त हुआ।वहीं मुख्यमंत्री बालिका कैंसर प्रतिरक्षण योजना के तहत लक्षित 16,240 बालिकाओं में से 15,981 बालिकाओं का प्रतिरक्षण किया जा चुका है। यह लक्ष्य का 98 प्रतिशत से अधिक है।स्वास्थ्य विभाग की इन उपलब्धियों के साथ जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करने की दिशा में प्रयास जारी हैं। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में जांच एवं उपचार की पहुंच बढ़ाने, ई-टेलीमेडिसिन को मजबूत करने, गंभीर मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर उपचार उपलब्ध कराने और सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। District Kishanganj Bihar Health Department #viralpost #viralreelschallenge #viralchallenge #videogames #vacaciones #venezuela #viralreels #2026Goals #newyork

Terhagachh, Kishanganj | Aug 16, 2026

देश के 80वे स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर फुलबड़ीया हाट  गैलैक्सी कोचिंग सेंटर
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देश के 80वे स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर फुलबड़ीया हाट गैलैक्सी कोचिंग सेंटर #viralpost #viralreelschallenge #viralchallenge #videogames #vacaciones #viralreels #venezuela #2026Goals #newyork

Terhagachh, Kishanganj | Aug 16, 2026

किशनगंज जिला में स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त 2026 ) के अवसर पर अभियान बसेरा -02 के कार्यक्रम के तहत जिलेभर में कुल लक्ष्य 495 सुयोग्य श्रेणी के भूमिहीन परिवारों को बंदोबस्ती प्रमाण पत्र वितरण किया जाना है । 
 इसी परिपेक्ष्य में किशनगंज जिलान्तर्गत अभियान बसेरा- 02 के तहत आज स्वतंत्रता दिवस समारोह के शुभ अवसर पर माननीय प्रभारी मंत्री तथा जिला पदाधिकारी एवं पुलिस कप्तान के कर कमलों द्वारा पांच सुयोग्य श्रेणी के चिन्हित  परिवारों के बीच बंदोबस्ती प्रमाण पत्र  वितरण किया गया ।

शेष 511 सुयोग्य श्रेणी के चिन्हित भूमिहीन परिवारों के बीच बंदोबस्ती प्रमाण पत्र का वितरण अंचल स्तर पर किया गया है।
जिले भर में कुल लक्ष्य 495 के विरुद्ध 516 सुयोग्य श्रेणी के चिन्हित भूमिहीन परिवारों के बीच बंदोबस्ती प्रमाण पत्र का वितरण किया गया है। #viralpost 
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किशनगंज जिला में स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त 2026 ) के अवसर पर अभियान बसेरा -02 के कार्यक्रम के तहत जिलेभर में कुल लक्ष्य 495 सुयोग्य श्रेणी के भूमिहीन परिवारों को बंदोबस्ती प्रमाण पत्र वितरण किया जाना है । इसी परिपेक्ष्य में किशनगंज जिलान्तर्गत अभियान बसेरा- 02 के तहत आज स्वतंत्रता दिवस समारोह के शुभ अवसर पर माननीय प्रभारी मंत्री तथा जिला पदाधिकारी एवं पुलिस कप्तान के कर कमलों द्वारा पांच सुयोग्य श्रेणी के चिन्हित परिवारों के बीच बंदोबस्ती प्रमाण पत्र वितरण किया गया । शेष 511 सुयोग्य श्रेणी के चिन्हित भूमिहीन परिवारों के बीच बंदोबस्ती प्रमाण पत्र का वितरण अंचल स्तर पर किया गया है। जिले भर में कुल लक्ष्य 495 के विरुद्ध 516 सुयोग्य श्रेणी के चिन्हित भूमिहीन परिवारों के बीच बंदोबस्ती प्रमाण पत्र का वितरण किया गया है। #viralpost #viralreelschallenge #viralchallenge #vacaciones #venezuela #videogames #viralreels #newyork #2026Goals

Terhagachh, Kishanganj | Aug 16, 2026

किशनगंज जिला के टेढ़ागाछ प्रखंड मुख्यालय स्थित +2 हाई स्कूल स्टेडियम में आज दिनांक 15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रखंड प्रशासन एकादश एवं नागरिक एकादश के बीच एक मैत्रीपूर्ण क्रिकेट मुकाबले का आयोजन हुआ, जिसमें आम नागरिक टिम ने मैच जीते वही 
यह रोमांचक मुकाबला प्रखंड विकास पदाधिकारी के मार्गदर्शन एवं दिशा-निर्देशन में संपन्न हुआ। जिसमें उपस्थित रहे अंचल पदाधिकारी, पंचायती राज पदाधिकारी,शिक्षा पदाधिकारी, कृषि पदाधिकारी,थानाध्यक्ष,माफिटोला SSB चौकी इंस्पेक्टर,पैकटोला SSB चौकी अधिकारी जवान, के साथ अन्य अधिकारी कर्मचारी, की मौजूदगी में क्रिकेट मैच 12-12 ओवर का खेला गया जिसमें आम नागरिक टॉस जीतकर बल्लेबाजी करते हुए 234 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया वही प्रखंड प्रशासन क्रिकेट टिम बल्लेबाजी करने उतरे और 12 ओवर में 151 रन ही बना सके, इस प्रकार आम नागरिक 83 रन से मैच जीते, वही प्रशासन द्वारा दोनों टिमों को कप मैडल इत्यादि से सम्मानित किया, 
दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने खेल भावना, अनुशासन एवं आपसी सौहार्द का उत्कृष्ट परिचय दिया। मुकाबला प्रारंभ से ही रोमांचक रहा और दर्शकों ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया गया  #viralpost 
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District Kishanganj Kishanganj Police

किशनगंज जिला के टेढ़ागाछ प्रखंड मुख्यालय स्थित +2 हाई स्कूल स्टेडियम में आज दिनांक 15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रखंड प्रशासन एकादश एवं नागरिक एकादश के बीच एक मैत्रीपूर्ण क्रिकेट मुकाबले का आयोजन हुआ, जिसमें आम नागरिक टिम ने मैच जीते वही यह रोमांचक मुकाबला प्रखंड विकास पदाधिकारी के मार्गदर्शन एवं दिशा-निर्देशन में संपन्न हुआ। जिसमें उपस्थित रहे अंचल पदाधिकारी, पंचायती राज पदाधिकारी,शिक्षा पदाधिकारी, कृषि पदाधिकारी,थानाध्यक्ष,माफिटोला SSB चौकी इंस्पेक्टर,पैकटोला SSB चौकी अधिकारी जवान, के साथ अन्य अधिकारी कर्मचारी, की मौजूदगी में क्रिकेट मैच 12-12 ओवर का खेला गया जिसमें आम नागरिक टॉस जीतकर बल्लेबाजी करते हुए 234 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया वही प्रखंड प्रशासन क्रिकेट टिम बल्लेबाजी करने उतरे और 12 ओवर में 151 रन ही बना सके, इस प्रकार आम नागरिक 83 रन से मैच जीते, वही प्रशासन द्वारा दोनों टिमों को कप मैडल इत्यादि से सम्मानित किया, दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने खेल भावना, अनुशासन एवं आपसी सौहार्द का उत्कृष्ट परिचय दिया। मुकाबला प्रारंभ से ही रोमांचक रहा और दर्शकों ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया गया #viralpost #viralreelschallenge #viralchallenge #vacaciones #videogames #venezuela #viralreels #2026Goals #newyork District Kishanganj Kishanganj Police

Terhagachh, Kishanganj | Aug 15, 2026

किशनगंज सदर अस्पताल में बढ़ी मरीजों की जांच और उपचार सेवाओं में तेजी: जिला पदाधिकारी ने तय की जवाबदेही किशनगंज जिले में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति बढ़ते भरोसे के बीच अस्पतालों में मरीजों की संख्या और जांच सेवाओं में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी, जवाबदेह और परिणाम आधारित बनाने के उद्देश्य से जिला पदाधिकारी नवीन कुमार की अध्यक्षता में गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सदर अस्पताल की कार्यप्रणाली, चिकित्सकों एवं विशेषज्ञों की उपलब्धता, अनावश्यक रेफरल रोकने, सी-सेक्शन सेवाओं को बढ़ाने, उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था की पहचान, टीबी एवं गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग, परिवार नियोजन और एचपीवी टीकाकरण समेत विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की बिंदुवार समीक्षा की गई। बैठक में अस्पतालों में उपलब्ध सेवाओं के उपयोग से जुड़े आंकड़ों की भी समीक्षा की गई। आंकड़े बताते हैं कि जून की तुलना में जुलाई में ओपीडी, आईपीडी और एक्स-रे जैसी सेवाओं में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं का मूल्यांकन केवल लक्ष्य और रिपोर्ट के आधार पर नहीं, बल्कि मरीजों को मिल रही वास्तविक सुविधा और उपचार के परिणामों के आधार पर किया जाएगा। जुलाई में ओपीडी 53 हजार के पार, एक्स-रे जांच में दोगुने से अधिक वृद्धि समीक्षा के दौरान सामने आए आंकड़ों के अनुसार जून माह में जिले के स्वास्थ्य संस्थानों में 42,820 ओपीडी दर्ज हुई थी, जो जुलाई में बढ़कर 53,043 हो गई। अगस्त में 10 तारीख तक ही 16,826 ओपीडी दर्ज की जा चुकी है। इसी तरह आईपीडी में जून में 2,363, जुलाई में 2,887 और अगस्त की 10 तारीख तक 1,041 मरीज दर्ज हुए।जांच सेवाओं में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई। जून में 7,104 एक्स-रे किए गए थे, जबकि जुलाई में यह संख्या बढ़कर 14,265 हो गई। अगस्त की 10 तारीख तक 5,225 एक्स-रे किए जा चुके हैं। सिटी स्कैन की संख्या जून में 929, जुलाई में 928 और अगस्त की 10 तारीख तक 323 रही। अल्ट्रासाउंड जांच जून के 79 से बढ़कर जुलाई में 286 हो गई, जबकि अगस्त की 10 तारीख तक 139 अल्ट्रासाउंड किए जा चुके हैं। प्रसव और नवजात सेवाओं को मजबूत करने पर जोर मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा में जून में 441 प्रसव, जुलाई में 535 और अगस्त की 10 तारीख तक 248 प्रसव दर्ज किए गए। वहीं एसएनसीयू में जून में 59, जुलाई में 76 तथा अगस्त की 10 तारीख तक 25 नवजातों का उपचार किया गया।जिला पदाधिकारी ने उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था की समय पर पहचान और प्रखंड स्तर तक उसकी लगातार निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। गर्भवती महिलाओं का विवरण व्यवस्थित रूप से दर्ज करने, संभावित प्रसव तिथि के आधार पर महीनेवार निगरानी तथा आवश्यकता के अनुसार समय रहते संस्थागत उपचार उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। सी-सेक्शन सेवाओं को मजबूत करने और गंभीर मामलों की समय पर पहचान को भी प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया। अनावश्यक रेफरल रोककर सदर अस्पताल की विशेषज्ञ सेवाओं का हो बेहतर उपयोग बैठक का प्रमुख केंद्र सदर अस्पताल रहा। समीक्षा में उपलब्ध मानव संसाधन, विशेषज्ञ चिकित्सकों और जांच सुविधाओं के बेहतर उपयोग पर चर्चा हुई। जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि प्रखंड स्तर से सदर अस्पताल रेफर किए जाने वाले मरीजों को यथासंभव सदर अस्पताल में ही विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध कराया जाए और अनावश्यक रेफरल को कम किया जाए।उन्होंने कहा कि अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सकीय संसाधनों का अधिकतम उपयोग तभी सार्थक होगा, जब मरीजों को समय पर जांच, विशेषज्ञ परामर्श और उपचार एक ही स्थान पर मिल सके। गंभीर मरीजों के लिए आवश्यक होने पर ही उच्च संस्थानों में रेफरल किया जाए। एनआरसी में कम नामांकन पर चिंता, आईसीडीएस से समन्वय बढ़ाने का निर्देश पोषण पुनर्वास केंद्र में बच्चों के कम नामांकन को बैठक में गंभीरता से लिया गया। समीक्षा में सामने आया कि पूरे वर्ष में करीब 110 बच्चों का ही नामांकन हो रहा है, जबकि अपेक्षित लक्ष्य कम से कम 2,000 बच्चों का है। जिला पदाधिकारी ने इस अंतर को कम करने के लिए स्वास्थ्य विभाग और आईसीडीएस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया। आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से कुपोषित एवं जरूरतमंद बच्चों की पहचान, परिवारों की काउंसलिंग और एनआरसी में उपलब्ध उपचार एवं पोषण संबंधी सुविधाओं की जानकारी देकर बच्चों को केंद्र तक लाने पर जोर दिया गया। प्रत्येक सोमवार को होने वाली समन्वय बैठकों को अधिक प्रभावी बनाने और संबंधित विभागों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा गया। टीबी, गैर-संचारी रोग, परिवार नियोजन और एचपीवी टीकाकरण की समीक्षा गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग की समीक्षा के दौरान करीब 8 लाख के लक्ष्य के मुकाबले उपलब्ध लगभग 70 हजार स्क्रीनिंग के आंकड़ों पर जिला पदाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि केवल स्क्रीनिंग की संख्या बढ़ाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि रक्तचाप, रक्त शर्करा सहित आवश्यक स्वास्थ्य सूचनाओं का पूर्ण और गुणवत्तापूर्ण डेटा संधारण भी जरूरी है। नियमित रिपोर्टिंग और आंकड़ों की सत्यता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। परिवार नियोजन पखवाड़े की उपलब्धियों की भी समीक्षा की गई। अपेक्षित उपलब्धि नहीं होने पर समुदाय स्तर पर जागरूकता, परामर्श और परिवार नियोजन सेवाओं की पहुंच बढ़ाने पर जोर दिया गया। वहीं एचपीवी एवं गार्डसिल टीकाकरण की समीक्षा में दो प्रखंडों में कार्य शेष रहने तथा 535 मामले लंबित होने की जानकारी दी गई। संबंधित अधिकारियों को अभियान में तेजी लाकर लंबित मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। अस्पतालों में दुर्घटना से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई। जून में 8,746, जुलाई में 8,719 और अगस्त की 10 तारीख तक 2,617 एक्सीडेंट केस दर्ज किए गए। बड़ी संख्या में दुर्घटना पीड़ितों के अस्पताल पहुंचने को देखते हुए समय पर जांच, प्राथमिक उपचार, आवश्यक विशेषज्ञ सेवाएं और जरूरत पड़ने पर उचित रेफरल की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। “अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे स्वास्थ्य सुविधा” जिला पदाधिकारी जिला पदाधिकारी नवीन कुमार ने कहा कि सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं और अस्पतालों में उपलब्ध सुविधाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब समाज के अंतिम व्यक्ति तक समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी केवल कागजी आंकड़ों तक सीमित न रहे, बल्कि यह देखा जाए कि अस्पताल पहुंचने वाले मरीज को वास्तव में कितनी जल्दी जांच, उपचार, दवा और विशेषज्ञ सेवा मिल रही है। उन्होंने कहा कि “हर मरीज को सम्मान के साथ समय पर उपचार मिलना चाहिए। उपलब्ध संसाधनों और विशेषज्ञ सेवाओं का बेहतर उपयोग करते हुए अनावश्यक रेफरल को कम करना हमारी प्राथमिकता है। स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ जिले के अंतिम छोर पर रहने वाले व्यक्ति तक भी पहुंचे, इसके लिए विभागीय समन्वय और जवाबदेही दोनों जरूरी हैं। जिला पदाधिकारी ने अधिकारियों से अपील की कि स्वास्थ्य कार्यक्रमों को केवल लक्ष्य पूरा करने की दृष्टि से नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में वास्तविक सुधार लाने के उद्देश्य से संचालित किया जाए। उन्होंने कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीबी उन्मूलन, गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग, पोषण, टीकाकरण और परिवार नियोजन जैसी सेवाओं की पहुंच गांव-गांव और अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित की जानी चाहिए। बैठक में स्पष्ट किया गया कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में आने वाले प्रत्येक मरीज को समय पर गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति अब केवल कागजी आंकड़ों से नहीं, बल्कि मरीजों को मिले उपचार, सुविधा की उपलब्धता और स्वास्थ्य परिणामों से आंकी जाएगी। #viralpost #viralreelschallenge #viralchallenge #videogames #vacaciones #viralreels #venezuela #newyork #2026Goals #BigBreaking - Terhagachh News