श्रीमद्भागवत कथा में झूम उठे श्रद्धालु, श्रीकृष्ण जन्म और वामन अवतार की कथा सुन भावविभोर हुए भक्त
धर्म की स्थापना और भक्तों के उद्धार के लिए अवतार धारण करते हैं ईश्वर : हर्षवर्धन मान
भिवानी, 05 अक्तूबर : स्थानीय कीर्ति नगर स्थित पंडित गोपीराम की कुई के समीप मंगेज भवन में इन दिनों संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। शिव शक्ति सनातन धर्म चैरिटेबल ट्रस्ट (रजि.) द्वारा आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में धर्म और भक्ति की अविरल धारा बह रही है। यह सात दिवसीय ज्ञान यज्ञ 9 अक्तूबर तक निरंतर जारी रहेगा, जिसमें प्रतिदिन दोपहर 2:15 बजे से सायं 5:15 बजे तक कथा वाचन एवं मनमोहक भजनों का संकीर्तन किया जा रहा है। आयोजन में सहयोगी संस्था बाबा भगतू चैरिटेबल ट्रस्ट (रजि.) की संस्थापक श्रीमती ओमपती का भी विशेष योगदान बना हुआ है। सोमवार को आयोजित कथा सत्र में नैमिषारण्य (हरदोई, उत्तर प्रदेश) से पधारे कथावाचक पंडित अजय मिश्रा महाराज ने अपने श्रीमुख से श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण के जन्म उत्सव एवं वामन अवतार की अत्यंत प्रसंगमयी कथा का रसपान कराया। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिला महामंत्री हर्षवर्धन मान ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत कर व्यास पीठ का आशीर्वाद प्राप्त किया। कथा के दौरान श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कथावाचक पंडित अजय मिश्रा महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि साक्षात भगवान श्रीकृष्ण का वांग्मय स्वरूप है। जब-जब धरती पर अधर्म, अन्याय और असत्य का प्रभाव बढ़ता है, तब-तब ईश्वर धर्म की स्थापना और भक्तों के उद्धार के लिए अवतार धारण करते हैं। वामन अवतार हमें सिखाता है कि अहंकार का त्याग करके ही ईश्वर को प्राप्त किया जा सकता है, जबकि श्रीकृष्ण जन्म का प्रसंग हमें यह संदेश देता है कि जब जीव ईश्वर की शरण में जाता है तो उसके जीवन के समस्त अंधकार दूर हो जाते हैं। इस मौके पर भाजपा के पूर्व जिला महामंत्री हर्षवर्धन मान ने कहा कि ऐसे भव्य और अलौकिक आयोजन समाज में आध्यात्मिक चेतना जगाने का कार्य करते हैं। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में श्रीमद्भागवत कथा जैसी धार्मिक संगोष्ठियां मानव मन को शांति और सही दिशा प्रदान करती हैं। इस दौरान वासुदेव की भूमिका विकास ने, यशोदा की भूमिका पूजा ने तथा नन्हा गोपाल सात्विक बने। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के जन्म प्रसंग पर पूरा पांडाल नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। भजनों की मधुर धुन पर श्रद्धालु भावविभोर होकर नृत्य करने लगे। इस अवसर पर शशी परमार, चंदा गुप्ता, राजेश गुप्ता, त्रिलोक महता, ओमपति देवी, माया मुदगिल, विकास घणघस, सतीश सांवरिया, जय किशन गोस्वामी, सरला जांगड़ा, मनजीत तंवर, संतोष हुड्डा, रामोतार पाराशर, कमलेश, मनजीत प्रजापत, जगीश, कंवरसेन, लोकेश, प्रवीण, उषा, विष्णु टेंट सहित अनेक श्रद्धालुगण मौजूद रहे।