चंबल की धरती पर विदेशी मेहमानों ने जानी विरासत, संस्कृति और ग्रामीण जीवन की कहानी
मध्यप्रदेश यात्रा बाजार-2026 के तहत मुरैना पहुंचे 13 विदेशी प्रतिनिधि, मितावली की मीरा की हवेली में चखा चंबल का पारंपरिक स्वाद
मध्यप्रदेश को देश-विदेश के पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने तथा प्रदेश के विविध पर्यटन अनुभवों से अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों को परिचित कराने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पर्यटन मंडल द्वारा 7 से 10 अक्टूबर 2026 तक भोपाल में मध्यप्रदेश यात्रा बाजार-2026 का आयोजन किया जा रहा है। यात्रा बाजार के अंतर्गत देश-विदेश से आए पर्यटन व्यवसाय संचालकों, पर्यटन विशेषज्ञों एवं प्रतिनिधियों के लिए प्रदेश के विभिन्न पर्यटन स्थलों की परिचयात्मक यात्राएं आयोजित की जा रही हैं।
इसी क्रम में ग्वालियर-चंबल अंचल पहुंचा पहला दल ग्वालियर की ऐतिहासिक विरासत से लेकर मुरैना के ग्रामीण जीवन से रूबरू हुआ। दल ने ग्वालियर किले सहित प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण किया। इसके बाद प्रतिनिधियों ने मुरैना जिले के बटेश्वर, पढ़ावली और मितावली पहुंचकर प्राचीन मंदिरों, ऐतिहासिक धरोहरों एवं स्थापत्य कला को करीब से जाना। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र के इतिहास, संस्कृति, लोककला, पारंपरिक खान-पान, ग्रामीण जीवनशैली और स्थानीय आतिथ्य का अनुभव किया।
ग्रामीण जीवन और स्थानीय संस्कृति से हुए रूबरू
परिचयात्मक यात्रा की खासियत यह रही कि विदेशी प्रतिनिधियों को केवल ऐतिहासिक स्मारकों का भ्रमण ही नहीं कराया गया, बल्कि उन्हें स्थानीय समुदाय और ग्रामीण जीवन से भी सीधे जोड़ा गया। प्रतिनिधियों ने ग्रामीण परिवारों से संवाद कर स्थानीय परंपराओं, खान-पान, कला, हस्तशिल्प, खेती-किसानी और दैनिक जीवन के बारे में जानकारी प्राप्त की।
मध्यप्रदेश पर्यटन मंडल एवं रागिनी फाउंडेशन के सहयोग से मुरैना जिले के रिठोरा कलां, ऐती और मितावली में कुल 18 ग्रामीण आवास विकसित किए गए हैं। इन ग्रामीण आवासों के माध्यम से पर्यटकों को ग्रामीण क्षेत्र में ठहरने के साथ स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक भोजन, ग्रामीण जीवनशैली और आतिथ्य का प्रत्यक्ष अनुभव उपलब्ध कराया जा रहा है। ग्रामीण परिवारों को पर्यटन से जोड़कर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ाना तथा स्थानीय संस्कृति को देश-विदेश तक पहुंचाना भी इसका उद्देश्य है।
मीरा की हवेली में चखा चंबल का पारंपरिक स्वाद
मितावली स्थित मीरा की हवेली ग्रामीण आवास विदेशी प्रतिनिधियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। यहां उनका पारंपरिक ग्रामीण आतिथ्य के साथ स्वागत किया गया। प्रतिनिधियों ने ग्रामीण परिवार के साथ बैठकर स्थानीय भोजन का स्वाद लिया तथा पारंपरिक व्यंजनों को तैयार करने और परोसने की स्थानीय परंपराओं को जाना।
ग्रामीण परिवारों के साथ आत्मीय संवाद के दौरान प्रतिनिधियों ने गांव की दिनचर्या, खेती-किसानी, खान-पान, पारंपरिक जीवनशैली और स्थानीय रीति-रिवाजों को समझा। इस अनुभव ने उनके सामने चंबल को ऐतिहासिक स्थलों के साथ-साथ लोक संस्कृति, परंपराओं और ग्रामीण जीवन से जुड़ा जीवंत पर्यटन गंतव्य के रूप में प्रस्तुत किया।
माटी कला, दरी निर्माण और लोकगीतों ने मोहा मन
ग्रामीण अनुभव को यादगार बनाने के लिए विदेशी प्रतिनिधियों ने स्थानीय माटी कला, दरी निर्माण और लोकगीतों से जुड़ी गतिविधियों में भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। उन्होंने स्थानीय कारीगरों से माटी कला की पारंपरिक तकनीकों की जानकारी ली और स्वयं भी मिट्टी से कलाकृतियां बनाने का प्रयास किया। उन्होंने दरी निर्माण की पारंपरिक प्रक्रिया एवं स्थानीय बुनाई कला को भी करीब से जाना।
स्थानीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुत लोकगीत एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने प्रतिनिधियों को चंबल की लोक संस्कृति से परिचित कराया। प्रतिनिधियों ने कलाकारों एवं ग्रामीणों से संवाद कर स्थानीय कला, संगीत और परंपराओं को करीब से समझा।
13 विदेशी प्रतिनिधियों ने लिया ग्वालियर-चंबल का अनुभव
ग्वालियर-चंबल परिचयात्मक यात्रा में विभिन्न देशों से आए 13 पर्यटन विशेषज्ञ एवं प्रतिनिधि शामिल रहे। इनमें श्री ग्रेगरी लुई ह्यूग्स ब्रिगैंड, श्री मिहाली एबेल सामू, सुश्री रूथ मार्गरेते कुहन, सुश्री वीरा जिल्स्के, सुश्री ग्रेटा लिब्रा, श्री एलेक्जेंडर गोरडिन, श्री रोडेरिक एगुइलर, श्री नट्टापाच उटेनपिटक, श्रीमती सुशादा उटेनपिटक, सुश्री मैग्डालेना पॉलिना गॉयर, सुश्री नादेज्दा कज़ान्त्सेवा, सुश्री थी न्गोक ली ट्रान तथा सुश्री किया कारोलीना फिन्स्का शामिल रहीं।
प्रतिनिधियों ने ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं ग्रामीण पर्यटन संभावनाओं को जाना तथा स्थानीय समुदाय से जुड़े पर्यटन अनुभव को महत्वपूर्ण बताया।
11 अक्टूबर को दूसरा दल करेगा ग्वालियर-चंबल का भ्रमण
मध्यप्रदेश यात्रा बाजार-2026 के अंतर्गत दूसरा परिचयात्मक यात्रा दल 11 अक्टूबर 2026 को ग्वालियर-चंबल क्षेत्र का भ्रमण करेगा। दल को ग्वालियर की ऐतिहासिक विरासत के साथ मुरैना जिले के बटेश्वर, पढ़ावली, ककनमठ एवं मितावली के ग्रामीण एवं सांस्कृतिक पर्यटन अनुभवों से परिचित कराया जाएगा।
मध्यप्रदेश यात्रा बाजार-2026 के माध्यम से ग्वालियर-चंबल अंचल की ऐतिहासिक विरासत के साथ ग्रामीण पर्यटन, स्थानीय भोजन, हस्तशिल्प, माटी कला, दरी निर्माण, लोकगीत एवं लोक संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन बाजार के समक्ष प्रस्तुत करने का अवसर मिल रहा है। इससे स्थानीय परिवारों, महिलाओं, कारीगरों, कलाकारों और युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर विकसित होने के साथ चंबल की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।
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29 views | Morena, Madhya Pradesh | Oct 7, 2026