
सेवा संकल्प अभियान: सरकारी योजनाओं ने बदली जिंदगी की दिशा, हुनर को मिला आत्मनिर्भरता का आधार
उरई/जालौन। जनपद में सेवा संकल्प अभियान के तहत सरकारी योजनाओं से लाभान्वित लोगों की सफलता की कहानियां सामने आ रही हैं। ऋण, टूल किट, आधुनिक उपकरण, पेंशन और सहायक उपकरणों ने लोगों को रोजगार और स्वावलंबन की नई राह दिखाई है।
ग्राम कूदईया निवासी शिशुपाल सिंह को प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत 5 लाख रुपये का ऋण मिला, जिससे उन्होंने टेंट व्यवसाय शुरू कर 26 से 29 हजार रुपये मासिक आय अर्जित करना शुरू किया। आटा निवासी विचित्र वत्स ने मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना के तहत 2 लाख रुपये के ऋण से इलेक्ट्रिक चाक व भट्टी खरीदी और अब 15 से 20 हजार रुपये प्रतिमाह कमा रहे हैं। ग्राम सामी की मीना देवी ने 5 लाख रुपये के ऋण से तेलघानी उद्योग शुरू कर 18 से 22 हजार रुपये मासिक आय अर्जित की।
इसी तरह टीहर निवासी दीपक वर्मा को निःशुल्क दौना-पत्तल मशीन मिलने से उनकी आय 19 से 24 हजार रुपये प्रतिमाह पहुंची, जबकि मुसमरिया के किशन प्रजापति को निःशुल्क विद्युत चाक मिलने से माटीकला व्यवसाय को गति मिली और आय 9 से 12 हजार रुपये प्रतिमाह हो गई।
दिव्यांगजनों के लिए संचालित योजनाओं से राजकुमार, सागर और कमला को दिव्यांग पेंशन, 10 हजार रुपये का ऋण और स्मार्ट केन का लाभ मिला, जिससे उन्होंने खोखा-गुमटी के माध्यम से स्वरोजगार शुरू किया। वहीं 100 प्रतिशत दिव्यांग सुनील कुमार को पेंशन, 10 हजार रुपये का ऋण और मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल मिली, जिसके सहारे वह खोखा-गुमटी चलाकर जीवनयापन कर रहे हैं।
इन लाभार्थियों की सफलता बताती है कि सरकारी योजनाओं का लाभ जब मेहनत और हुनर से जुड़ता है, तो रोजगार के अवसर बढ़ते हैं और आत्मनिर्भरता की राह मजबूत होती है। सेवा संकल्प अभियान ऐसी ही बदलाव की कहानियों को सामने ला रहा है।
Orai, Jalaun | Sep 26, 2026