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किशनगंज,गांव-गांव तक पहुंची स्वास्थ्य सुविधा,आरोग्य मंदिरों ने घटाया इलाज का बोझ किशनगंज जिला अन्तर्गत आज दिनांक 14 अगस्त 2026 को स्वास्थ्य सुविधा तक पहुंच केवल अस्पतालों की संख्या बढ़ाने से सुनिश्चित नहीं होती, बल्कि यह भी जरूरी है कि बीमारी की शुरुआती पहचान, जांच, उपचार और नियमित दवा लोगों को उनके घर के नजदीक उपलब्ध हो। इसी उद्देश्य से जिले में संचालित आयुष्मान आरोग्य मंदिर ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी बनकर उभरे हैं। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के रूप में शुरू की गई इन स्वास्थ्य संस्थाओं को अब आयुष्मान आरोग्य मंदिर के नाम से संचालित किया जा रहा है। इन केंद्रों के माध्यम से ग्रामीण आबादी को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ गैर-संचारी रोगों की जांच, उपचार और फॉलोअप को भी मजबूत किया जा रहा है।जिला पदाधिकारी नवीन कुमार ने कहा कि अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाना जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने 80वें स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जिले में 174 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर आयुष्मान आरोग्य मंदिर, 9 एपीएचसी आयुष्मान आरोग्य मंदिर, 5 शहरी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर और एक शहरी एपीएचसी के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर तरीके से उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और सदर अस्पताल के माध्यम से आवश्यक एवं विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों के घर के नजदीक उपलब्ध कराने का उद्देश्य केवल बीमारी का इलाज करना नहीं, बल्कि बीमारी को गंभीर होने से पहले पहचानना और लोगों को अनावश्यक स्वास्थ्य खर्च से बचाना भी है। यदि सामान्य जांच, दवा और गैर-संचारी रोगों की नियमित निगरानी स्थानीय स्तर पर हो जाए तो मरीजों को छोटी-छोटी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए दूर स्थित अस्पतालों की यात्रा नहीं करनी पड़ेगी। इससे समय और इलाज पर होने वाले अतिरिक्त खर्च दोनों की बचत होगी। 14 प्रकार की जांच और 151 तरह की दवाओं की उपलब्धता सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने कहा कि जिले में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को केवल प्राथमिक उपचार केंद्र के रूप में नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र में व्यापक स्वास्थ्य सेवा के केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। जिले में संचालित कार्यशील आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर 14 प्रकार की डायग्नोस्टिक सेवाओं के साथ 151 प्रकार की दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।उन्होंने कहा कि दवाओं की मांग और आपूर्ति के लिए विभागीय डीवीडीएमएस पोर्टल के माध्यम से अधियाचना की जाती है। जिला स्तर से सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। दवाओं की उपलब्धता और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति की लगातार निगरानी भी की जा रही है।आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर पदस्थापित कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर द्वारा निर्धारित दिनों में ओपीडी संचालित कर मरीजों को उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही प्रत्येक माह 12 से 14 तारीख के बीच स्वास्थ्य मेला आयोजित कर ग्रामीणों को जांच, परामर्श और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा जा रहा है। गैर-संचारी रोगों के मरीजों को स्थानीय स्तर पर मिल रही फॉलोअप दवा जिला गैर-संचारी रोग पदाधिकारी सह नोडल पदाधिकारी डॉ. उर्मिला कुमारी ने बताया कि जिला पदाधिकारी के निर्देश पर सभी कार्यशील आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इन केंद्रों पर सामान्य बीमारियों के उपचार के साथ ऐसे मरीजों के फॉलोअप की व्यवस्था भी की गई है, जिन्हें उच्च स्वास्थ्य संस्थानों से उपचार के बाद नियमित दवा की जरूरत होती है।उन्होंने बताया कि उच्च रक्तचाप, मधुमेह, हृदय रोग, कैंसर, दमा और सांस संबंधी बीमारियों जैसे गैर-संचारी रोगों के मरीजों को नियमित फॉलोअप सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे मरीजों को हर बार बड़े अस्पताल या निजी दवा दुकान तक जाने की आवश्यकता कम हुई है। स्थानीय स्तर पर दवा उपलब्ध होने से उपचार जारी रखना आसान हुआ है और मरीजों के समय तथा आने-जाने के खर्च में भी कमी आती है।डॉ. उर्मिला कुमारी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की अद्यतन स्थिति का आकलन किया जा रहा है। इसमें चिकित्सा अधिकारी एवं स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता, भवन की स्थिति, स्वच्छ पेयजल, शौचालय, मरीजों के बैठने की व्यवस्था और अन्य आधारभूत सुविधाओं की समीक्षा शामिल है। जहां भी कमियां चिह्नित हो रही हैं, उन्हें दूर करने की दिशा में आवश्यक पहल की जा रही है। जन आरोग्य समिति से स्थानीय स्तर पर मजबूत हो रही जवाबदेही आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए जन आरोग्य समितियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। इसके माध्यम से स्थानीय पंचायतों के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों को स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़ा जा रहा है। केंद्र पर उपलब्ध सुविधाओं, स्थानीय समस्याओं और आवश्यक सुधार को लेकर समिति के स्तर पर चर्चा की जाती है, जिससे छोटी समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर ही संभव हो सके।इस व्यवस्था से स्वास्थ्य संस्थानों के संचालन, प्रबंधन, उपलब्ध सुविधाओं के उपयोग और जवाबदेही को मजबूत करने में मदद मिल रही है। ग्रामीणों की भागीदारी बढ़ने से स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक जरूरतों को समझना और उसके अनुरूप सुधार करना भी आसान हो रहा है। बीमारी की रोकथाम पर जोर, घटेगा परिवारों का स्वास्थ्य खर्च आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की सबसे बड़ी उपयोगिता यह है कि यहां स्वास्थ्य समस्या गंभीर होने का इंतजार करने के बजाय समय रहते जांच और पहचान पर जोर दिया जा रहा है। गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग, मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, सामान्य बीमारियों का उपचार और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता ग्रामीणों को उनके घर के नजदीक मिल रही है।दूर-दराज के गांवों में रहने वाले लोगों के लिए यह व्यवस्था विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। पहले सामान्य जांच या दवा के लिए भी अस्पताल तक आने-जाने में समय और पैसा खर्च होता था। अब स्थानीय स्तर पर जांच और दवा मिलने से उस अतिरिक्त खर्च को कम करने में मदद मिल रही है। साथ ही शुरुआती स्तर पर बीमारी की पहचान होने से समय पर उपचार शुरू किया जा सकता है, जिससे आगे चलकर गंभीर बीमारी और अधिक खर्च की स्थिति से बचाव संभव है।जिले में प्राथमिक स्वास्थ्य व्यवस्था को आयुष्मान आरोग्य मंदिरों से जोड़कर स्वास्थ्य विभाग का जोर अब इलाज के साथ रोकथाम और शुरुआती पहचान पर भी है। ग्रामीण क्षेत्र में मजबूत होती यह व्यवस्था सदर अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचने वाले अनावश्यक मरीजों की संख्या को कम करने के साथ वहां उपलब्ध विशेषज्ञ सेवाओं का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने में भी सहायक बन रही है। इस तरह आयुष्मान आरोग्य मंदिर अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाने और परिवारों को अनावश्यक स्वास्थ्य खर्च से बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण आधार तैयार कर रहे हैं। #viralpost #viralreelschallenge #viralchallenge #videogames #viralreels #vacaciones 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Terhagachh, Kishanganj | Aug 14, 2026

MORE NEWS

सखी वार्ता कार्यक्रम में छात्राओं को अधिकारों एवं सुरक्षा के प्रति किया गया जागरूक।

किशनगंज जिला अन्तर्गत आज दिनांक 17 अगस्त 2026 को जिला पदाधिकारी नवीन कुमार के आदेश के आलोक में तथा जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, आईसीडीएस सह नोडल पदाधिकारी, डब्ल्यूसीडीसी, अंकिता सिंह के मार्गदर्शन में आज कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, दिघलबैंक में छात्राओं एवं शिक्षकों के साथ ‘सखी वार्ता’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में जेंडर स्पेशलिस्ट सुशील कुमार झा, केस वर्कर सुश्री टुम्पा दास एवं वन स्टॉप सेंटर (OSC) के वर्कर श्री सुनील कुमार राम ने छात्राओं के साथ संवाद किया तथा उन्हें महिला एवं किशोरियों की सुरक्षा, अधिकारों एवं सशक्तीकरण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी।

कार्यक्रम के दौरान लिंग आधारित हिंसा, बाल विवाह, घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न एवं मानव तस्करी जैसे गंभीर विषयों पर छात्राओं को जागरूक किया गया। छात्राओं को बताया गया कि किसी भी प्रकार की हिंसा, शोषण अथवा उत्पीड़न की स्थिति में चुप न रहें और उचित माध्यम से इसकी जानकारी संबंधित पदाधिकारी अथवा सक्षम प्राधिकार को दें।

इस अवसर पर OSC Worker श्री सुनील कुमार राम ने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक एवं आत्मविश्वासी बनना चाहिए। उन्होंने छात्राओं को किसी भी कठिन परिस्थिति में हिम्मत नहीं हारने तथा अपने साथ होने वाली गलत घटनाओं के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जागरूकता और आत्मविश्वास के साथ छात्राएं अपने भविष्य को बेहतर बनाने के साथ-साथ समाज में भी सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं।

जेंडर स्पेशलिस्ट सुशील कुमार झा एवं केस वर्कर सुश्री टुम्पा दास ने भी छात्राओं के प्रश्नों का उत्तर देते हुए उन्हें विभिन्न सामाजिक समस्याओं एवं उनसे बचाव के उपायों के बारे में जानकारी दी। छात्राओं ने कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लिया और विभिन्न विषयों पर अपनी जिज्ञासाएं एवं विचार साझा किए।

कार्यक्रम में विद्यालय की वार्डन, अकाउंटेंट, शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं छात्राएं उपस्थित रहीं। विद्यालय की छात्राओं ने कार्यक्रम को काफी उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताया। छात्राओं ने कहा कि “सखी वार्ता कार्यक्रम बहुत अच्छा था। इस कार्यक्रम के माध्यम से हम लोगों को महिलाओं एवं किशोरियों की सुरक्षा, अधिकारों तथा विभिन्न सामाजिक कुरीतियों के बारे में बहुत कुछ सीखने को मिला।”

इस अवसर पर डब्ल्यूसीडीसी की नोडल पदाधिकारी सुश्री अंकिता सिंह ने कहा कि “सखी वार्ता जैसे जागरूकता कार्यक्रमों का उद्देश्य किशोरियों एवं महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति सजग बनाना तथा उन्हें किसी भी प्रकार की हिंसा एवं शोषण के विरुद्ध आवाज उठाने के लिए सशक्त करना है। जागरूकता, आत्मविश्वास और सही जानकारी के माध्यम से ही किशोरियों को सुरक्षित एवं सशक्त बनाया जा सकता है।”

उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन के निर्देश एवं संबंधित विभागों के समन्वय से महिलाओं एवं किशोरियों के सशक्तीकरण और सुरक्षा को लेकर लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

कार्यक्रम के अंत में छात्राओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने, बाल विवाह एवं अन्य सामाजिक कुरीतियों का विरोध करने तथा किसी भी प्रकार की हिंसा या उत्पीड़न की स्थिति में उचित सहायता प्राप्त करने का संदेश दिया गया।
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सखी वार्ता कार्यक्रम में छात्राओं को अधिकारों एवं सुरक्षा के प्रति किया गया जागरूक। किशनगंज जिला अन्तर्गत आज दिनांक 17 अगस्त 2026 को जिला पदाधिकारी नवीन कुमार के आदेश के आलोक में तथा जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, आईसीडीएस सह नोडल पदाधिकारी, डब्ल्यूसीडीसी, अंकिता सिंह के मार्गदर्शन में आज कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, दिघलबैंक में छात्राओं एवं शिक्षकों के साथ ‘सखी वार्ता’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जेंडर स्पेशलिस्ट सुशील कुमार झा, केस वर्कर सुश्री टुम्पा दास एवं वन स्टॉप सेंटर (OSC) के वर्कर श्री सुनील कुमार राम ने छात्राओं के साथ संवाद किया तथा उन्हें महिला एवं किशोरियों की सुरक्षा, अधिकारों एवं सशक्तीकरण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान लिंग आधारित हिंसा, बाल विवाह, घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न एवं मानव तस्करी जैसे गंभीर विषयों पर छात्राओं को जागरूक किया गया। छात्राओं को बताया गया कि किसी भी प्रकार की हिंसा, शोषण अथवा उत्पीड़न की स्थिति में चुप न रहें और उचित माध्यम से इसकी जानकारी संबंधित पदाधिकारी अथवा सक्षम प्राधिकार को दें। इस अवसर पर OSC Worker श्री सुनील कुमार राम ने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक एवं आत्मविश्वासी बनना चाहिए। उन्होंने छात्राओं को किसी भी कठिन परिस्थिति में हिम्मत नहीं हारने तथा अपने साथ होने वाली गलत घटनाओं के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जागरूकता और आत्मविश्वास के साथ छात्राएं अपने भविष्य को बेहतर बनाने के साथ-साथ समाज में भी सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं। जेंडर स्पेशलिस्ट सुशील कुमार झा एवं केस वर्कर सुश्री टुम्पा दास ने भी छात्राओं के प्रश्नों का उत्तर देते हुए उन्हें विभिन्न सामाजिक समस्याओं एवं उनसे बचाव के उपायों के बारे में जानकारी दी। छात्राओं ने कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लिया और विभिन्न विषयों पर अपनी जिज्ञासाएं एवं विचार साझा किए। कार्यक्रम में विद्यालय की वार्डन, अकाउंटेंट, शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं छात्राएं उपस्थित रहीं। विद्यालय की छात्राओं ने कार्यक्रम को काफी उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताया। छात्राओं ने कहा कि “सखी वार्ता कार्यक्रम बहुत अच्छा था। इस कार्यक्रम के माध्यम से हम लोगों को महिलाओं एवं किशोरियों की सुरक्षा, अधिकारों तथा विभिन्न सामाजिक कुरीतियों के बारे में बहुत कुछ सीखने को मिला।” इस अवसर पर डब्ल्यूसीडीसी की नोडल पदाधिकारी सुश्री अंकिता सिंह ने कहा कि “सखी वार्ता जैसे जागरूकता कार्यक्रमों का उद्देश्य किशोरियों एवं महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति सजग बनाना तथा उन्हें किसी भी प्रकार की हिंसा एवं शोषण के विरुद्ध आवाज उठाने के लिए सशक्त करना है। जागरूकता, आत्मविश्वास और सही जानकारी के माध्यम से ही किशोरियों को सुरक्षित एवं सशक्त बनाया जा सकता है।” उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन के निर्देश एवं संबंधित विभागों के समन्वय से महिलाओं एवं किशोरियों के सशक्तीकरण और सुरक्षा को लेकर लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। कार्यक्रम के अंत में छात्राओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने, बाल विवाह एवं अन्य सामाजिक कुरीतियों का विरोध करने तथा किसी भी प्रकार की हिंसा या उत्पीड़न की स्थिति में उचित सहायता प्राप्त करने का संदेश दिया गया। #viralpost #viralreelschallenge #viralchallenge #videogames #vacaciones #venezuela #viralreels #2026Goals #newyork

Terhagachh, Kishanganj | Aug 17, 2026

BIG BREAKING -PK विधायक पद की शपथ लेने के बाद बोले - जिस सदन के सदस्य बाबू, अनुग्रह नारायण जी, कर्पूरी जी, नीतीश जी, लालू जी, रामविलास जी और सुशील मोदी जी रहे हैं, उस सदन के सदस्य के तौर शपथ लेना मेरे लिए गौरव की बात है। ये मेरे लिए बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। #viralpost #viralreelschallenge #viralchallenge #videogames #viralreels #vacaciones #venezuela #2026Goals #newyork #BigBreaking

BIG BREAKING -PK विधायक पद की शपथ लेने के बाद बोले - जिस सदन के सदस्य बाबू, अनुग्रह नारायण जी, कर्पूरी जी, नीतीश जी, लालू जी, रामविलास जी और सुशील मोदी जी रहे हैं, उस सदन के सदस्य के तौर शपथ लेना मेरे लिए गौरव की बात है। ये मेरे लिए बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। #viralpost #viralreelschallenge #viralchallenge #videogames #viralreels #vacaciones #venezuela #2026Goals #newyork #BigBreaking

Terhagachh, Kishanganj | Aug 17, 2026

किशनगंज जिले-कोचाधामन प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय कन्हैयाबारी में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के दौरान बिजली तार में पाइप लग जाने के कारण तीन शिक्षक समेत एक छात्र घायल हो गया, सभी का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा हैं, उक्त जानकारी पूर्व विधायक मुजाहिद आलम ने दी। #viralreels #viralreelschallenge #viralpost #venezuela #vacaciones #viralchallenge #videogames #2026Goals #newyork

किशनगंज जिले-कोचाधामन प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय कन्हैयाबारी में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के दौरान बिजली तार में पाइप लग जाने के कारण तीन शिक्षक समेत एक छात्र घायल हो गया, सभी का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा हैं, उक्त जानकारी पूर्व विधायक मुजाहिद आलम ने दी। #viralreels #viralreelschallenge #viralpost #venezuela #vacaciones #viralchallenge #videogames #2026Goals #newyork

Terhagachh, Kishanganj | Aug 17, 2026

मंत्री जी को परेड ग्राउंड में निरीक्षण कराया 
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मंत्री जी को परेड ग्राउंड में निरीक्षण कराया #viralpost #viralreelschallenge #viralchallenge #videogames #vacaciones #venezuela #viralreels #2026Goals #newyork

Terhagachh, Kishanganj | Aug 16, 2026

उत्कृष्ट कार्य के लिए स्वास्थ्यकर्मी सम्मानित,आईसीयू से लेकर सीटी स्कैन,डायलिसिस और डिजिटल एक्स-रे तक बढ़ीं सुविधाएं

किशनगंज जिले में आज दिनांक 16-08-2026 को स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को स्वतंत्रता दिवस समारोह में सराहना मिली। अशफाक उल्लाह खान स्टेडियम में आयोजित जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में बिहार सरकार के ऊर्जा मंत्री बुलो मंडल ने ध्वजारोहण किया। समारोह में अपने संबोधन के दौरान जिले में विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे विकास कार्यों की चर्चा की गई। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार, टीबी स्क्रीनिंग, नियमित टीकाकरण, गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग और ई-टेलीमेडिसिन के क्षेत्र में हासिल उपलब्धियों को भी प्रमुखता से रेखांकित किया गया।उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार आम लोगों के जीवन में सीधा बदलाव लाता है। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के साथ-साथ जांच, उपचार और गंभीर मरीजों के लिए आवश्यक सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। स्वास्थ्यकर्मियों के निरंतर प्रयास से सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में लोगों का भरोसा बढ़ रहा है।

उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वास्थ्यकर्मी एवं संस्था सम्मानित

स्वास्थ्य सेवाओं और विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मियों एवं संस्था को समारोह में सम्मानित किया गया। नियमित टीकाकरण में जिले की उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए  डॉ. देवेन्द्र कुमार, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी, किशनगंज को सम्मानित किया गया ।वहीं सुदूर एवं विषम परिस्थितियों में क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए डॉ. प्रमोद कुमार, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र टेढ़ागाछ को सम्मानित किया जाएगा।तीसरे क्रम में प्रखण्ड अंतर्गत संचालित स्वास्थ्य से संबंधित कार्यक्रमों की उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए बसंत कुमार, प्रखण्ड स्वास्थ्य प्रबंधक, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पोठिया को एवं टीबी स्क्रीनिंग, एनसीडी स्क्रीनिंग, ई-टेलीमेडिसिन परामर्श एवं ओपीडी में बेहतर उपलब्धि के लिए राकेश वर्मन, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, आयुष्मान आरोग्य मंदिर गाछपाड़ा, किशनगंज तथा प्रियंका कुमारी, एएनएम, स्वास्थ्य उपकेंद्र बलुआडांगी, टेढ़ागाछ को सम्मानित किया गया।वहीं टीबी मुक्त भारत अभियान में अपने कार्यक्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए नन्द किशोर राजा, एसटीएलएस, जिला यक्ष्मा केंद्र, किशनगंज तथा चंचला कुमारी, एसटीएस, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दिघलबैंक को सम्मानित किया गया। टीबी मरीजों को पोषण सहयोग उपलब्ध कराने में योगदान के लिए रेडक्रॉस सोसाइटी, किशनगंज को भी सम्मानित किया गया। संस्था की ओर से टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत 200 मरीजों को फूड बास्केट उपलब्ध कराया गया।

टीबी स्क्रीनिंग में लक्ष्य से आगे निकला जिला

टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जिले में निर्धारित लक्ष्य से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की गई है। 4,74,720 लोगों की स्क्रीनिंग के लक्ष्य के विरुद्ध 5,44,398 लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। यह लक्ष्य का करीब 115 प्रतिशत है।अभियान के दौरान अब तक 29,964 लाभार्थियों की एक्स-रे जांच तथा 6,500 लाभार्थियों की एनएएटी जांच कराई गई है। वहीं 952 मरीजों को प्रोटीनयुक्त फूड बास्केट उपलब्ध कराया गया है। अभियान के तहत जिले में अब तक 894 टीबी पॉजिटिव मरीजों की पहचान हुई है।

गुणवत्ता आधारित स्वास्थ्य सेवाओं का हो रहा विस्तार

जिले के आठ स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों को राष्ट्रीय स्तर पर एनक्यूएएस प्रमाणन प्राप्त हुआ है। इसके अलावा तीन स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों तथा सदर अस्पताल को राज्य स्तर पर एनक्यूएएस प्रमाणन मिला है। अगले एक वर्ष में जिले के 44 स्वास्थ्य संस्थानों को एनक्यूएएस प्रमाणन दिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।सार्वजनिक-निजी सहभागिता के माध्यम से जिले के सात स्वास्थ्य संस्थानों में पात्र मरीजों को ईसीजी सेवा उपलब्ध कराई जा रही है। सदर अस्पताल में सीटी स्कैन और डायलिसिस की सुविधा के साथ सदर अस्पताल से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर तक डिजिटल एक्स-रे की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

गंभीर मरीजों के उपचार की क्षमता हुई मजबूत

सदर अस्पताल में 10 शय्या वाले आईसीयू के क्रियाशील होने से गंभीर मरीजों को स्थानीय स्तर पर उपचार उपलब्ध कराने की क्षमता बढ़ी है। अस्पताल में 42 शय्या वाला पीकू वार्ड, छह शय्या वाला मॉडल लेबर रूम, मॉडल ब्लड बैंक, सीटी स्कैन, डायलिसिस और डिजिटल एक्स-रे जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।बाल स्वास्थ्य के क्षेत्र में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत संचालित बाल हृदय योजना से अब तक 48 बच्चों की निःशुल्क हृदय सर्जरी कराई जा चुकी है। वर्ष 2025-26 में हृदय रोग से पीड़ित 23 बच्चों और अन्य रोगों से पीड़ित 15 बच्चों का निःशुल्क उपचार कराया गया है।

आयुष्मान योजना से करीब 40 हजार मरीजों को मिला उपचार

आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पात्र परिवारों को प्रति परिवार प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक के निःशुल्क उपचार की सुविधा उपलब्ध है। जिले में अब तक करीब 40 हजार मरीज इस योजना से उपचार का लाभ प्राप्त कर चुके हैं, जबकि करीब 6.50 लाख आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके हैं।जिले के सरकारी अस्पतालों में मरीजों को निःशुल्क दवा और पैथोलॉजिकल जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। स्वास्थ्य संस्थानों में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य स्तर से दवाओं की आपूर्ति की व्यवस्था भी की गई है।

नियमित टीकाकरण में राज्य में प्रथम स्थान

नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में जिले ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध 99.5 प्रतिशत उपलब्धि तथा संपूर्ण टीकाकरण में 101 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की गई। इस बेहतर प्रदर्शन के लिए किशनगंज को राज्य स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त हुआ।वहीं मुख्यमंत्री बालिका कैंसर प्रतिरक्षण योजना के तहत लक्षित 16,240 बालिकाओं में से 15,981 बालिकाओं का प्रतिरक्षण किया जा चुका है। यह लक्ष्य का 98 प्रतिशत से अधिक है।स्वास्थ्य विभाग की इन उपलब्धियों के साथ जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करने की दिशा में प्रयास जारी हैं। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में जांच एवं उपचार की पहुंच बढ़ाने, ई-टेलीमेडिसिन को मजबूत करने, गंभीर मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर उपचार उपलब्ध कराने और सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। District Kishanganj Bihar Health Department 
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उत्कृष्ट कार्य के लिए स्वास्थ्यकर्मी सम्मानित,आईसीयू से लेकर सीटी स्कैन,डायलिसिस और डिजिटल एक्स-रे तक बढ़ीं सुविधाएं किशनगंज जिले में आज दिनांक 16-08-2026 को स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को स्वतंत्रता दिवस समारोह में सराहना मिली। अशफाक उल्लाह खान स्टेडियम में आयोजित जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में बिहार सरकार के ऊर्जा मंत्री बुलो मंडल ने ध्वजारोहण किया। समारोह में अपने संबोधन के दौरान जिले में विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे विकास कार्यों की चर्चा की गई। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार, टीबी स्क्रीनिंग, नियमित टीकाकरण, गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग और ई-टेलीमेडिसिन के क्षेत्र में हासिल उपलब्धियों को भी प्रमुखता से रेखांकित किया गया।उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार आम लोगों के जीवन में सीधा बदलाव लाता है। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के साथ-साथ जांच, उपचार और गंभीर मरीजों के लिए आवश्यक सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। स्वास्थ्यकर्मियों के निरंतर प्रयास से सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में लोगों का भरोसा बढ़ रहा है। उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वास्थ्यकर्मी एवं संस्था सम्मानित स्वास्थ्य सेवाओं और विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मियों एवं संस्था को समारोह में सम्मानित किया गया। नियमित टीकाकरण में जिले की उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए डॉ. देवेन्द्र कुमार, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी, किशनगंज को सम्मानित किया गया ।वहीं सुदूर एवं विषम परिस्थितियों में क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए डॉ. प्रमोद कुमार, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र टेढ़ागाछ को सम्मानित किया जाएगा।तीसरे क्रम में प्रखण्ड अंतर्गत संचालित स्वास्थ्य से संबंधित कार्यक्रमों की उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए बसंत कुमार, प्रखण्ड स्वास्थ्य प्रबंधक, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पोठिया को एवं टीबी स्क्रीनिंग, एनसीडी स्क्रीनिंग, ई-टेलीमेडिसिन परामर्श एवं ओपीडी में बेहतर उपलब्धि के लिए राकेश वर्मन, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, आयुष्मान आरोग्य मंदिर गाछपाड़ा, किशनगंज तथा प्रियंका कुमारी, एएनएम, स्वास्थ्य उपकेंद्र बलुआडांगी, टेढ़ागाछ को सम्मानित किया गया।वहीं टीबी मुक्त भारत अभियान में अपने कार्यक्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए नन्द किशोर राजा, एसटीएलएस, जिला यक्ष्मा केंद्र, किशनगंज तथा चंचला कुमारी, एसटीएस, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दिघलबैंक को सम्मानित किया गया। टीबी मरीजों को पोषण सहयोग उपलब्ध कराने में योगदान के लिए रेडक्रॉस सोसाइटी, किशनगंज को भी सम्मानित किया गया। संस्था की ओर से टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत 200 मरीजों को फूड बास्केट उपलब्ध कराया गया। टीबी स्क्रीनिंग में लक्ष्य से आगे निकला जिला टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जिले में निर्धारित लक्ष्य से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की गई है। 4,74,720 लोगों की स्क्रीनिंग के लक्ष्य के विरुद्ध 5,44,398 लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। यह लक्ष्य का करीब 115 प्रतिशत है।अभियान के दौरान अब तक 29,964 लाभार्थियों की एक्स-रे जांच तथा 6,500 लाभार्थियों की एनएएटी जांच कराई गई है। वहीं 952 मरीजों को प्रोटीनयुक्त फूड बास्केट उपलब्ध कराया गया है। अभियान के तहत जिले में अब तक 894 टीबी पॉजिटिव मरीजों की पहचान हुई है। गुणवत्ता आधारित स्वास्थ्य सेवाओं का हो रहा विस्तार जिले के आठ स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों को राष्ट्रीय स्तर पर एनक्यूएएस प्रमाणन प्राप्त हुआ है। इसके अलावा तीन स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों तथा सदर अस्पताल को राज्य स्तर पर एनक्यूएएस प्रमाणन मिला है। अगले एक वर्ष में जिले के 44 स्वास्थ्य संस्थानों को एनक्यूएएस प्रमाणन दिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।सार्वजनिक-निजी सहभागिता के माध्यम से जिले के सात स्वास्थ्य संस्थानों में पात्र मरीजों को ईसीजी सेवा उपलब्ध कराई जा रही है। सदर अस्पताल में सीटी स्कैन और डायलिसिस की सुविधा के साथ सदर अस्पताल से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर तक डिजिटल एक्स-रे की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। गंभीर मरीजों के उपचार की क्षमता हुई मजबूत सदर अस्पताल में 10 शय्या वाले आईसीयू के क्रियाशील होने से गंभीर मरीजों को स्थानीय स्तर पर उपचार उपलब्ध कराने की क्षमता बढ़ी है। अस्पताल में 42 शय्या वाला पीकू वार्ड, छह शय्या वाला मॉडल लेबर रूम, मॉडल ब्लड बैंक, सीटी स्कैन, डायलिसिस और डिजिटल एक्स-रे जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।बाल स्वास्थ्य के क्षेत्र में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत संचालित बाल हृदय योजना से अब तक 48 बच्चों की निःशुल्क हृदय सर्जरी कराई जा चुकी है। वर्ष 2025-26 में हृदय रोग से पीड़ित 23 बच्चों और अन्य रोगों से पीड़ित 15 बच्चों का निःशुल्क उपचार कराया गया है। आयुष्मान योजना से करीब 40 हजार मरीजों को मिला उपचार आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पात्र परिवारों को प्रति परिवार प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक के निःशुल्क उपचार की सुविधा उपलब्ध है। जिले में अब तक करीब 40 हजार मरीज इस योजना से उपचार का लाभ प्राप्त कर चुके हैं, जबकि करीब 6.50 लाख आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके हैं।जिले के सरकारी अस्पतालों में मरीजों को निःशुल्क दवा और पैथोलॉजिकल जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। स्वास्थ्य संस्थानों में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य स्तर से दवाओं की आपूर्ति की व्यवस्था भी की गई है। नियमित टीकाकरण में राज्य में प्रथम स्थान नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में जिले ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध 99.5 प्रतिशत उपलब्धि तथा संपूर्ण टीकाकरण में 101 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की गई। इस बेहतर प्रदर्शन के लिए किशनगंज को राज्य स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त हुआ।वहीं मुख्यमंत्री बालिका कैंसर प्रतिरक्षण योजना के तहत लक्षित 16,240 बालिकाओं में से 15,981 बालिकाओं का प्रतिरक्षण किया जा चुका है। यह लक्ष्य का 98 प्रतिशत से अधिक है।स्वास्थ्य विभाग की इन उपलब्धियों के साथ जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करने की दिशा में प्रयास जारी हैं। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में जांच एवं उपचार की पहुंच बढ़ाने, ई-टेलीमेडिसिन को मजबूत करने, गंभीर मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर उपचार उपलब्ध कराने और सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। District Kishanganj Bihar Health Department #viralpost #viralreelschallenge #viralchallenge #videogames #vacaciones #venezuela #viralreels #2026Goals #newyork

Terhagachh, Kishanganj | Aug 16, 2026