
अनुसूचित जाति अध्यापकों एवं कर्मचारियों की मांगों को लेकर हजरस ने सौंपा ज्ञापन
भिवानी, 29 सितंबर। हरियाणा अनुसूचित जाति राजकीय अध्यापक संघ जिला भिवानी की ओर से अनुसूचित जाति अध्यापकों एवं कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर आज उपमंडल अधिकारी (नागरिक), भिवानी के माध्यम से हरियाणा के मुख्यमंत्री तथा केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन मेघवाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन जिला प्रधान संत कुमार के नेतृत्व में सौंपा गया। संघ ने अनुसूचित जाति वर्ग के अध्यापकों एवं कर्मचारियों को संवैधानिक प्रतिनिधित्व देने, पदोन्नति में 20 प्रतिशत आरक्षण लागू करने, रोस्टर एवं बैकलॉग की पूर्ति करने, एसीपी से संबंधित शर्तों की समीक्षा करने तथा ईएसएचएम की सेवा एवं पदोन्नति से जुड़ी विसंगतियों का समाधान करने सहित विभिन्न मांगें सरकार के समक्ष रखीं। जिला प्रधान संत कुमार ने कहा कि हाल ही में देशभर के सेवारत अध्यापकों पर लागू की गई अध्यापक पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता को लेकर अध्यापकों में चिंता है। उन्होंने सेवारत अध्यापकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त करने की मांग की। उन्होंने कहा कि राजकीय विद्यालयों में वर्षों से कार्यरत अध्यापक अपनी शैक्षणिक योग्यता, अनुभव एवं विभागीय सेवा नियमों के आधार पर सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में सेवारत अध्यापकों पर दोबारा पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता लागू होने से उनके भविष्य, पदोन्नति एवं सेवा सुरक्षा को लेकर असमंजस उत्पन्न हो रहा है। ज्ञापन में अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों की लंबित छात्रवृत्ति एवं प्रोत्साहन राशि का भुगतान करने, छात्रवृत्ति के लिए आय सीमा बढ़ाकर 8 लाख रुपये करने, अध्यापकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करने, विद्यालयों में चौकीदार एवं सफाई कर्मचारियों की व्यवस्था करने तथा अनुसूचित जाति वर्ग के बैकलॉग पदों को विशेष अभियान चलाकर भरने की मांग भी शामिल है। राज्य मुख्य सलाहकार बलजीत सिंह दहिया ने कहा कि सरकार को प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी की पदोन्नतियों में आरक्षण को बहाल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अध्यापकों के सेवा नियम-2012 को उसकी लागू होने की तिथि से प्रभावी किया जाना चाहिए तथा इससे पूर्व भर्ती हुए अध्यापकों पर सेवा नियम-2012 को अनावश्यक रूप से पूर्व प्रभाव से लागू नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में उत्पन्न विसंगतियों के कारण मौलिक विद्यालय मुख्य अध्यापकों की योग्यता तथा अन्य पदोन्नति पदों के लिए आवश्यक योग्यता को लेकर विभाग की ओर से आज तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। उन्होंने सरकार से इस विसंगति का स्थायी समाधान करने की मांग की। संघ पदाधिकारियों ने कहा कि संगठन लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से अपनी मांगें सरकार के समक्ष रखता रहा है। उन्होंने सरकार से मांगों पर उच्चस्तरीय बैठक बुलाकर समयबद्ध एवं स्थायी समाधान करने की अपेक्षा व्यक्त की। साथ ही कहा कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो संगठन प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा। इस अवसर पर जिला सचिव सुनील चोपड़ा, जिला उपप्रधान रामनिवास तालू, जिला कोषाध्यक्ष जोगिंद्र भानखढ़ , भिवानी ब्लॉक प्रधान मनजीत ग्रेवाल, केरू ब्लॉक प्रधान भगत सिंह, तोशाम खंड प्रधान सुंदर सिंह लोहान, बहल खंड प्रधान मुकेश कुमार, खंड सचिव बवानी वानी खेड़ा विनोद कुमार रंगा, प्राचार्य संतोष देवी, प्राचार्य रणवीर काजल, प्राचार्य बलराज, हेडमास्टर राजेंद्र सिंह, विनोद सांगा बामसेफ उपाध्यक्ष, उप प्रधान रमेश कुमार, सीताराम रंगा, महादेव, त्रिलोकचंद, रोशन लाल गोरी, रमेश कुमार, अशोक सरोहा, हरीश गोष्छी, विजय कुमार, धवन, सतीश, शमशेर सिंह, संदीप दुग्गल, लाल सिंह, सुशीला देवी , संतोष , अमरनाथ पीटीआई, सुखबीर रंगा, राम अवतार, डीपीई सुखदेव, अनुप कलशन, जितेन्द्र सरोहा, दीपक मेहरा, भागुराम, रामचन्द्र चौहान सहित संघ के अन्य पदाधिकारी एवं अध्यापक उपस्थित रहे।