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संगरिया की आवाज़

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<nis:link nis:type=tag nis:id=राजस्थान nis:value=राजस्थान nis:enabled=true nis:link/> में पंचायत चुनावों की घोषणा कल : 4 चरणों में हो सकते हैं चुनाव; आचार संहिता लग जाएगी, तबादलों पर पाबंदी रहेगी
संगरिया की आवाज़। 
प्रदेश में पंचायतीराज चुनावों की घोषणा शनिवार को होने जा रही है। राज्य निर्वाचन आयोग ने 3 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे पंचायतीराज चुनावों के कार्यक्रम की घोषणा के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है।

प्रदेश में चार फेज में चुनाव हो सकते हैं।

वार्ड एससी, 19117 एसटी और 15 हजार वार्ड ओबीसी के लिए आरक्षित किए हैं। चार जिलों बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, सलूंबर में सरपंच के सभी 1253 पद एसटी के लिए रिजर्व है।

पंचायतीराज चुनाव सरकार और विपक्ष दोनों के लिए सियासी चुनौती

पंचायतीराज चुनाव सरकार और विपक्ष दोनों का गांव में सियासी परसेप्शन बनाएगा और बिगाड़ेगा। सत्ताधारी बीजेपी के सामने कांग्रेस से ज्यादा वार्ड जीतने की चुनौती रहेगी।

निकाय चुनाव की तरह ही बीजेपी के सामने पंचायत समितियों और जिला परिषद 

प्रदेश में चार फेज में चुनाव हो सकते हैं। सरपंच और वार्ड पंचों के चुनाव बैलेट से होंगे। पंचायत समिति मेंबर और जिला परिषद मेंबर के चुनाव ईवीएम से होंगे। पंचायतीराज चुनावों में महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण है।

आयोग के चुनाव कार्यक्रमों की घोषणा के साथ ही ग्रामीण इलाकों में आचार संहिता लग जाएगी। करीब दो महीने तक आचार संहिता लागू रह सकती है। साथ ही तबादलों पर पाबंदी लग जाएगी।

1.69 लाख नए पंचायतीराज जनप्रतिनिधि चुने जाएंगे

इन चुनावों में 1.69 लाख नए पंचायतीराज जनप्रतिनधि चुने जाएंगे। 1403 जिला परिषद मेंबर और 8245 पंचायत समिति मेंबर चुने जाएंगे। ये मिलकर 41 जिला प्रमुख और 457 पंचायत समितियों में प्रधान चुनेंगे। 14403 ग्राम पंचायतों में सरपंच, उपसरपंच और 1.30 लाख वार्ड पंचों के चुनाव होंगे।

20 महिला होंगी जिला प्रमुख

<nis:link nis:type=tag nis:id=41जिला_प्रमुखों nis:value=41जिला_प्रमुखों nis:enabled=true nis:link/> में से 20 जिलों में महिला जिला प्रमुख होंगी। बीकानेर संभाग के सभी जिलों में महिला जिला प्रमुख होंगी।

<nis:link nis:type=tag nis:id=221महिलाएं_प्रधान nis:value=221महिलाएं_प्रधान nis:enabled=true nis:link/> बनेंगी

<nis:link nis:type=tag nis:id=राजस्थान nis:value=राजस्थान nis:enabled=true nis:link/> में 457 में से 221 महिलाएं प्रधान बनेंगी। जयपुर-जोधपुर में 11-11 महिलाएं प्रधान होंगी। डूंगरपुर, बांसवाड़ा, सलूंबर और प्रतापगढ़ ऐसे जिले हैं, जहां सिर्फ एसटी वर्ग से ही प्रधान बनेगा।

<nis:link nis:type=tag nis:id=7200महिला_सरपंच nis:value=7200महिला_सरपंच nis:enabled=true nis:link/> बनेंगी 
14403 ग्राम पंचायतों में 7200 महिला सरपंच और वार्ड पंचों के 1,30,584 पदों में से 65 हजार महिला वार्ड पंच बनेंगी। सरपंचों में एसटी के 3058, एससी के 2493 और ओबीसी के लिए 1961 पद आरक्षित है। वार्ड पंचों के 1.30 लाख पदों में से 21,962 वार्ड एससी, 19117 एसटी और 15 हजार वार्ड ओबीसी के लिए आरक्षित किए हैं। चार जिलों बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, सलूंबर में सरपंच के सभी 1253 पद एसटी के लिए रिजर्व है।

पंचायतीराज चुनाव सरकार और विपक्ष दोनों के लिए सियासी चुनौती

पंचायतीराज चुनाव सरकार और विपक्ष दोनों का गांव में सियासी परसेप्शन बनाएगा और बिगाड़ेगा। सत्ताधारी बीजेपी के सामने कांग्रेस से ज्यादा वार्ड जीतने की चुनौती रहेगी।

निकाय चुनाव की तरह ही बीजेपी के सामने पंचायत समितियों और जिला परिषदों में ज्यादा वार्ड जीतने की चुनौती है, गांवों में आम तौर पर कांग्रेस आगे रहती आई है, इसलिए इसे चुनौती माना जा रहा है।

सत्ताधारी बीजेपी ने इस बार विधानसभा चुनावों की तर्ज पर माइक्रो मैनेजमेंट से रणनीति बनाई है, उस रणनीति की असली परीक्षा पंचायतीराज चुनावों से होगी।

प्रधान, प्रमुखों में जोड़-तोड़ चलेगा, असली परसेप्शन वार्डों की जीत से बनेगा

जिला परिषदों और पंचायत समितियों में

जिला परिषदों और पंचायत समितियों में कौन ज्यादा वार्ड जीतता है, उससे असली परसेप्शन बनेगा। जिला परिषद मेंबर मिलकर जिला प्रमुख और पंचायत समिति मेंबर मिलकर प्रधान का चुनाव करते हैं।

निकाय की तरह पंचायतीराज चुनावों में भी दलबदल विरोधी कानून लागू नहीं होता, इसलिए प्रधान और जिला प्रमुख बनाने में खूब सियासी जोड़-तोड़ चलता है। जिस पार्टी के जितने ज्यादा जिला परिषद मेंबर, पंचायत  समिति मेंबर जीतेंगे उससे ही जनमत का रुझान तय हो जाएगा।
संगरिया की आवाज़
<nis:link nis:type=tag nis:id=पंजाब nis:value=पंजाब nis:enabled=true nis:link/> कांग्रेस अध्यक्ष पद छोड़ने के बाद अमरिंदर सिंह राजा वडिंग की पत्नी का आया बयान, राहुल गांधी को दिया बड़ा संदेश
संगरिया की आवाज़। जे
विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब कांग्रेस में बड़ा बदलाव आया है। अमरींदर सिंह राजा वडिंग ने पार्टी प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। इस फैसले के बाद उनकी पत्नी अमृता वडिंग ने पहली बार खुलकर अपनी बात कही।

उन्होंने पार्टी हाईकमान का आभार जताया और कहा कि यह मौका उनके परिवार के लिए बहुत खास था। अमृता वडिंग ने मीडिया से बात करते हुए साफ कहा- मैं पार्टी हाईकमान का बहुत आभार व्यक्त करती हूं कि उन्होंने हमें इतना अच्छा मौका दिया था।

'राजा जी ने दिन-रात मेहनत की'
अमृता ने आगे कहा- राजा जी ने दिन-रात मेहनत की थी और पार्टी को आगे बढ़ाने के अथक प्रयास किए। उनकी लगन देखकर अच्छा लगा। यह उपलब्धि थी। उन्होंने कहा कि वे भगवान और राहुल गांधी जी की भी आभारी हैं।

इस बयान में अमृता ने साफ संकेत दिया कि परिवार अब भी पार्टी के साथ पूरी तरह खड़ा है। उन्होंने कहा कि वे दिन-रात मेहनत करते रहेंगे और कांग्रेस को सत्ता में लाने के लिए काम करेंगे। बस इतना ही कहना चाहूंगी।

पंजाब कांग्रेस में अध्यक्ष पद हमेशा से चर्चा का विष
पंजाब कांग्रेस में अध्यक्ष पद हमेशा से चर्चा का विषय रहा है। राजा वडिंग के कार्यकाल में पार्टी ने कई मोर्चों पर सक्रियता दिखाई। युवाओं से जुड़ाव बढ़ाने और संगठन को मजबूत करने की कोशिशें हुईं। अब पार्टी के अंदर इस बदलाव को लेकर अटकलें तेज हैं। कुछ नेताओं का मानना है कि नया नेतृत्व संगठन को नई दिशा दे सकता है।

क्या बोले राजा वडिंग?
इससे पहले, कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात के बाद अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा- मैं अपने नेता राहुल गांधी से मिला। मैंने पंजाब के बारे में उनके सवालों के जवाब दिए और अपनी बात रखी। उन्होंने बहुत स्नेह दिखाया। उस मुलाकात के बाद, मैं और मेरी पत्नी सीधे गुरुद्वारा बंगला साहिब 'अरदास' (प्रार्थना) करने आए, कार्यकाल लंबा या छोटा हो सकता है, लेकिन ऐसा होना चाहिए जिसे लोग याद रखें।

'जो कुछ भी होता है, अच्छे के लिए होता है'
वडिंग ने आगे कहा- मंत्री के तौर पर मेरा कार्यकाल बिल्कुल वैसा ही था—यादगार—और जो कुछ भी मिले, उसके लिए शुक्रगुजार होना चाहिए। मुझे इस बात का संतोष है कि राज्य अध्यक्ष के तौर पर 4.5 साल के कार्यकाल के बाद, जो कुछ भी होता है, अच्छे के लिए होता है। पार्टी ने जो कुछ भी दिया, मैंने उसे खुशी-खुशी स्वीकार किया और आदेश का पालन किया।
संगरिया की आवाज़
MGGS Dhaban 
संगरिया के शिक्षक का नवाचार:
पीएम ई-विद्या पर विशेष पाठ, 3 अक्टूबर को प्रसारित होगा ‘ऊर्जा और ताजगी का रहस्य’
संगरिया की आवाज़। 
० कक्षा तीन से पांच के विद्यार्थियों के लिए आरजे-149 चैनल पर होगा प्रसारण। 
० शिक्षकों को भी शैक्षिक सामग्री निर्माण के प्रशिक्षण का अवसर।

संगरिया। हनुमानगढ़ जिले के विद्यार्थियों के लिए डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत कक्षा चार पर्यावरण अध्ययन का विशेष शिक्षण कार्यक्रम ‘ऊर्जा और ताजगी का रहस्य’ शनिवार, 3 अक्टूबर 2026 को राजस्थान के पीएम ई-विद्या दूरदर्शन शैक्षिक चैनल पर प्रसारित होगा। इस शिक्षण कार्यक्रम को संगरिया ब्लाक के महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय ढाबां के शिक्षक उदय सिंह बेनीवाल ने राजस्थान राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के लिए तैयार किया है।

पर्यावरण अध्ययन के इस अध्याय के प्रसारण में बच्चों को सुबह की अच्छी दिनचर्या, योग, प्राणायाम और व्यायाम के माध्यम से स्वस्थ, सक्रिय और ऊर्जावान रहने की बातें रोचक तरीके से सीखने को मिलेंगी। बच्चों के दैनिक जीवन से जुड़े उदाहरणों एवं सहज गतिविधियों के माध्यम से स्वास्थ्य, शारीरिक सक्रियता और अच्छी आदतों के महत्व को समझाने का प्रयास किया गया है।

शिक्षक उदय सिंह बेनीवाल ने बताया कि पीएम ई-विद्या के माध्यम से प्रसारित होने वाली यह सामग्री विद्यार्थियों को विद्यालय में पढ़ाए गए पाठ को दोहराने और उसे अपने दैनिक जीवन से जोड़कर समझने का अवसर प्रदान करेगी। विशेष रूप से कक्षा तीन से पांच के विद्यार्थियों के लिए निर्धारित चैनल पर पाठ्यक्रम आधारित शैक्षिक सामग्री नियमित रूप से उपलब्ध कराई जाती है।

राजस्थान में पीएम ई-विद्या के अंतर्गत कक्षा एक से बारह तक के विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग शैक्षिक दूरदर्शन चैनल संचालित किए जा रहे हैं। आरजे-148 पर कक्षा एक-दो, आरजे-149 पर कक्षा तीन-पांच, आरजे-150 पर कक्षा छह-आठ, आरजे-151 पर कक्षा नौ-दस तथा आरजे-152 पर कक्षा ग्यारह-बारह की शैक्षिक सामग्री प्रसारित की जाती है। इन चैनलों पर सामग्री चौबीसों घंटे उपलब्ध रहती है, जिससे विद्यार्थी अपनी सुविधा के अनुसार शैक्षिक कार्यक्रम देख सकते हैं।

उन्होंने बताया कि राज्य स्तर के साथ-साथ जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) स्तर पर भी शिक्षकों को पीएम ई-विद्या के लिए शैक्षिक सामग्री एवं वीडियो निर्माण का नियमित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इच्छुक शिक्षक इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेकर प्रभावी शैक्षिक सामग्री निर्माण की तकनीक सीख सकते हैं और अपने तैयार किए गए शैक्षिक वीडियो के माध्यम से देशभर के विद्यार्थियों तक उपयोगी ज्ञान पहुंचाने में योगदान दे सकते हैं।

गौरतलब है कि नेशनल आईसीटी अवार्डी शिक्षक उदय सिंह बेनीवाल लंबे समय से शिक्षा में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के प्रभावी उपयोग के लिए कार्य कर रहे हैं। उदय सिंह बेनीवाल ने कहा कि आज के समय में दूरदर्शन जैसे सहज माध्यम के जरिए गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक सामग्री विद्यार्थियों तक पहुंचाना विशेष रूप से उपयोगी है। पीएम ई-विद्या के माध्यम से बच्चों को घर बैठे पाठ्यक्रम से जुड़ी रोचक सामग्री उपलब्ध हो रही है, जिसका विद्यार्थी और अभिभावक नियमित रूप से लाभ उठा सकते हैं।

उन्होंने हनुमानगढ़ जिले के विद्यार्थियों और अभिभावकों से अपील की कि वे पीएम ई-विद्या के शैक्षिक प्रसारण को बच्चों की नियमित अध्ययन दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। निर्धारित समय पर कार्यक्रम देखने से विद्यार्थी विद्यालय में पढ़ाए गए पाठ को दोहरा सकेंगे तथा कठिन अवधारणाओं को सरल एवं रोचक तरीके से समझ सकेंगे।
Pmshri State School sangaria 
PM Shri Organic Nutrition Garden 
PM SHRI MGGS Ratanpura ,Sangaria 
Government of Rajasthan 
Government College, Sangaria
<nis:link nis:type=tag nis:id=हनुमानगढ़ nis:value=हनुमानगढ़ nis:enabled=true nis:link/> जिले में कुल 325 ग्राम पंचायतें हैं। 
संगरिया की आवाज़। 
पुराने पुनर्गठन के समय 269 ग्राम पंचायतों में 2,886 वार्ड थे, लेकिन 2025-26 के पुनर्गठन के बाद पंचायतों की संख्या बढ़कर 325 हो गई है।

2026 के लिए अभी निश्चित आंकड़ा:
🏘️ ग्राम पंचायतें: 325
🏛️ पंचायत समितियां: 10
👥 वार्ड पंच: नया पुनर्गठन वाला कुल आंकड़ा अलग से देखना होगा

पंचायत समिति_पंचायत समिति वार्ड
हनुमानगढ़ जंक्शन_19
हनुमानगढ़ टाउन_19
नोहर_35
भादरा_19
राजपुरा_19
रावतसर_17
संगरिया_19
टिब्बी_23
पीलीबंगा_23
पल्लू_15
कुल___208

इसके अलावा:
🏘️ ग्राम पंचायतें — 325 
🏛️ पंचायत समितियां — 10 
🗳️ जिला परिषद सदस्य/जोन — 37 
👥 पंचायत समिति सदस्य वार्ड — 208
Vijay Singh Beniwal ✍️ 
संगरिया की आवाज़
<nis:link nis:type=tag nis:id=राजस्थान nis:value=राजस्थान nis:enabled=true nis:link/> के 8,746 एमसीएफटी होगी चारों रिजर्वायर की जल भंडारण क्षमता: 13 जिलों की आवश्यकता होगी पूरी।

पश्चिमी राजस्थान में 1,274 करोड़ से बनेंगे चार एस्केप रिजर्वायर; इंदिरा गांधी नहर से 13 जिलों में समाप्त होगा जल संकट
संगरिया की आवाज़। 

कम वर्षा, भूजल स्तर में गिरावट और खारे पानी की चुनौती झेल रहे पश्चिमी राजस्थान में इंदिरा गांधी नहर परियोजना पेयजल व सिंचाई का मुख्य आधार बनी हुई है। राज्य सरकार ने नहर प्रणाली के सुदृढीकरण और जल संचयन के लिए 1,274.26 करोड़ रुपए की स्वीकृति देकर चार नए एस्केप रिजर्वायर विकसित करने का फैसला किया है। इससे क्षेत्र में कृषि, पेयजल, ऊर्जा और औद्योगिक गतिविधियों को बड़ा संबल मिलेगा।

पश्चिमी राजस्थान के मरुस्थलीय क्षेत्रों में प्राकृतिक जल संसाधन बेहद सीमित हैं। नहर के माध्यम से उपलब्ध सतही जल लाखों लोगों के लिए पेयजल का मुख्य जरिया है। राज्य सरकार सिंचाई जल को दक्षता बढ़ाने और खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए जलाशय निर्माण, फव्वारा पद्धति, जर्जर खालों के जीर्णोद्धार और नहर सुदृढ़ीकरण के काम करा रही है।

जल संचयन और सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आरही 507, आरडी 750, आरडी 1121 और आरडी 1356 पर चार एस्केप रिजर्वायर विकसित किए जा रहे हैं। इनके लिए 1,274.26 करोड़ रुपए की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति दी गई है। इन चारों रिजवायरों की कुल भंडारण क्षमता 8,746 एमसीएफटी होगी।

इसके साथ ही बजट घोषणा वर्ष 2024-25 और 2025-26 के तहत 2,20,377 हेक्टेयर क्षेत्र में खालों के जीर्णोद्धार और 1,18,248 हेक्टेयर में फव्वारा सिंचाई सुविधा स्थापित करने के काम जारी हैं। सागरमल गोपा शाखा, बाबा रामदेव उपशाखा, फलौदी लिफ्ट नहर, कोलायत व खिदरत वितरिका के जीर्णोद्धार का काम प्रगति पर है। बजट घोषणा वर्ष 2026-27 के तहत 33,543 हेक्टेयर क्षेत्र में खालों के जीर्णोद्धार, सागरमल गोपा शाखा पर बैलेंसिंग रिजर्वायर और गजनेर व कोलायत लिफ्ट नहर के सुधार के लिए 550 करोड़ रुपए के काम स्वीकृत किए गए हैं। इस परियोजना से 13 जिलों की पेयजल पूर्ति के साथ सीमा सुरक्षा बल, सेना, ऊर्जा और औद्योगिक इकाइयों को भी पानी मिल रहा है।

<nis:link nis:type=tag nis:id=एस्केप nis:value=एस्केप nis:enabled=true nis:link/> रिजर्वायर प्रोजेक्ट

कुल स्वीकृत बजट 1,274.26 करोड़ रुपए प्रस्तावित जल भंडारण क्षमताः 8,746 एमसीएफटी रिजर्वायर के स्थान: आरडी 507, आरडी 750, आरडी 1121 एवं आरडी 1356

🎥 2.20 लाख हेक्टेयर में खालों का जीर्णोद्धार

खालों का जीर्णोद्धार (प्रगतिरत): 2,20,377 हेक्टेयर क्षेत्र स्प्रिंकलर (फव्वारा) सिंचाई: 1,18,248 हेक्टेयर क्षेत्र वर्ष 2026-27 बजट प्रावधान: 550 करोड़ रुपए (33,543 हेक्टेयर क्षेत्र)
संगरिया की आवाज़
DhruvRaj Godara
<nis:link nis:type=tag nis:id=राजस्थान nis:value=राजस्थान nis:enabled=true nis:link/> में 2026 के आगामी पंचायती राज चुनावों के लिए कुल 41 जिला परिषदें हैं। इसलिए चुनाव के बाद 41 जिला प्रमुख चुने जाएंगे—हर जिला परिषद का एक जिला प्रमुख। 
संगरिया की आवाज़। 
कुछ महत्वपूर्ण आंकड़े:
जिला परिषद: 41
जिला प्रमुख: 41
जिला परिषद सदस्य वार्ड: 1,403
पंचायत समितियां: 457
पंचायत समिति वार्ड: 8,221
ग्राम पंचायतें: 14,403 

खास बात यह है कि 41 जिला प्रमुख पदों का आरक्षण 13 अगस्त 2026 को ही तय किया जा चुका है। रिपोर्ट के अनुसार जिला प्रमुख के पदों में 50% महिलाओं के लिए आरक्षण रखा गया है और प्रत्येक संभाग से कम-से-कम एक महिला जिला प्रमुख होना अनिवार्य किया गया है। 
संगरिया की आवाज़

राजस्थान के 2026 के 309 नगर निकाय चुनावों में अध्यक्ष/महापौर के चुनाव पूरे होने के बाद उपलब्ध अंतिम आंकड़ों के अनुसार:
🪷 भाजपा — 204 नगर निकायों में बोर्ड
🖐️ कांग्रेस — 96 नगर निकायों में बोर्ड
अन्य 
🎥 दल/निर्दलीय — 9 नगर निकाय
कुल — 309 नगर निकाय
इन आंकड़ों की पुष्टि 26 सितंबर 2026 की रिपोर्ट में हुई है।

अब देखना यह है की पंचायत चुनाव के बाद क्या अपनी बढ़त को फिर बनाए रख पाएगी भाजपा या कांग्रेस करेगी विस्तार या रहेगी पहले की तरह ढुलमुल 🙈🙉🙊
Vijay Singh Beniwal ✍️ 
संगरिया की आवाज़-न्यूज़ एजेंसी
राजस्थान के पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह का कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा, डोटासरा पर लगाए गंभीर आरोप
संगरिया की आवाज़। 
राजस्थान की सियासत में इन दिनों भूचाल आया हुआ है, जहां एक तरफ निकाय चुनावों के बाद कांग्रेस पार्टी के भीतर असंतोष खुलकर सामने आ रहा है, वहीं दूसरी तरफ पार्टी के दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। सोशल मीडिया के माध्यम से अपने 'मन की बात' साझा करते हुए विश्वेंद्र सिंह ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष (PCC चीफ) गोविंद सिंह डोटासरा की कार्यप्रणाली और पार्टी की वर्तमान दशा पर बेहद तीखे सवाल खड़े किए हैं। सिंह ने अपने त्यागपत्र में साफ शब्दों में कहा है कि पार्टी में व्याप्त चापलूसी की परंपरा और गलत नीतियों के कारण उनका दम घुट रहा था, और ऐसे माहौल में घुट-घुट कर जीने के बजाय स्वाभिमान के साथ अलग होना बेहतर है।

निकाय चुनावों में हार और टिकट वितरण पर फूटा गुस्सा
हाल ही में संपन्न हुए राजस्थान शहरी निकाय चुनावों में भरतपुर और डीग जिले में कांग्रेस पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद से ही पार्टी के भीतर आंतरिक कलह सतह पर आ गई थी। पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने इस हार के लिए सीधे तौर पर दोनों जिलों के कांग्रेस जिलाध्यक्षों और प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को जिम्मेदार ठहराया है। उनका आरोप है कि संगठन के लचर और पक्षपातपूर्ण रवैये के कारण पार्टी के वफादार तथा असली कार्यकर्ताओं को पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया और केवल चहेतों को टिकट बांटे गए, जिसके परिणामस्वरूप पार्टी को यह दिन देखना पड़ा।

डोटासरा पर गंभीर आरोप और निष्पक्ष जांच की मांग
विवाद तब और गहरा गया जब विश्वेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट लिखकर पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा पर बेहद गंभीर और व्यक्तिगत आरोप मढ़ दिए।

आरएएस भर्ती विवाद: सिंह ने आरोप लगाया कि जब गोविंद सिंह डोटासरा शिक्षा मंत्री के पद पर थे, तब उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपने बेटे, बहू और अन्य रिश्तेदारों को आरएएस (RAS) इंटरव्यू (वर्ष 2016 और 2018) में कथित तौर पर अस्सी-अस्सी अंक दिलवाए।

रीट परीक्षा और प्रमाण पत्र: उन्होंने रीट (REET) परीक्षा में हुई कथित धांधलियों और ओबीसी (OBC) नॉन-क्रीमी लेयर प्रमाण पत्र के दुरुपयोग के मामलों को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

इस्तीफे की मांग: विश्वेंद्र सिंह ने डोटासरा से नैतिक आधार पर तुरंत अपने पद से इस्तीफा देने की मांग की है, साथ ही कांग्रेस आलाकमान से उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाने की अपील की है।

"दम घुटने से मरने के बजाय स्वाभिमान की मौत मरना बेहतर"
अपने त्यागपत्र में विश्वेंद्र सिंह ने अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए लिखा कि उन्होंने हमेशा अपने इष्ट और अंतरात्मा की आवाज सुनकर फैसले लिए हैं। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी के लिए उन्होंने अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया, यदि आज वही पार्टी उनकी निष्ठा, ईमानदारी और कर्तव्यपरायणता का यह सिला दे रही है, तो उनका अंतरमन अंदर से बुरी तरह व्यथित है।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आज पार्टी में चापलूसी की परंपरा हावी हो चुकी है, और यदि सच को सच कहना तथा झूठ का साथ नहीं देना पाप है, तो वे इस पाप को बार-बार करेंगे। सिंह ने स्पष्ट किया कि उनके पुरखों ने कभी भी गलत चीजों से समझौता नहीं किया, और उन्हीं का अनुसरण करते हुए वे पार्टी नेतृत्व को अलविदा कह रहे हैं क्योंकि वे इस गलत रीति-नीति के साथ अब और कदमताल नहीं कर पाएंगे।

<nis:link nis:type=tag nis:id=कांग्रेस_का_पलटवार: nis:value=कांग्रेस_का_पलटवार: nis:enabled=true nis:link/> आरोपों को बताया निराधार
दूसरी ओर, गोविंद सिंह डोटासरा और उनके समर्थक नेताओं ने विश्वेंद्र सिंह द्वारा लगाए गए तमाम आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है डोटासरा का कहना है कि कांग्रेस पार्टी में किसी तरह की कोई गुटबाजी नहीं है और सभी नेता पूरी तरह एकजुट हैं। पार्टी के अन्य नेताओं ने इस घटनाक्रम को विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (BJP) का एक 'टूलकिट' और दुष्प्रचार करार देते हुए विश्वेंद्र सिंह को अवसरवादी और पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल बताया है। इस हाई-प्रोफाइल इस्तीफे के बाद से राजस्थान की राजनीति में सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है।
संगरिया की आवाज़
<nis:link nis:type=tag nis:id=घर_की_सुरक्षा nis:value=घर_की_सुरक्षा nis:enabled=true nis:link/> : घर को बनाए सेफ स्पेस, इन 5 तरह के CCTV कैमरों से रखें हर कोने पर नजर
संगरिया की आवाज़। 
घर सिर्फ चार दीवारों का ढांचा नहीं होता, बल्कि वह सुकून और सुरक्षा का वह दायरा है जहां हम दुनिया की तमाम भागदौड़ के बाद खुद को सबसे महफूज महसूस करते हैं। लेकिन आधुनिक जीवनशैली में काम के सिलसिले में घर से बाहर रहना, बच्चों या बुजुर्गों का घर पर अकेले होना, या डिलीवरी पैकेट का दरवाज़े पर आना आम बात हो गई है। ऐसे में 'होम सिक्योरिटी' अब कोई लग्ज़री नहीं, बल्कि ज़रूरत बन चुकी है।

📷टू-वे ऑडियो युक्त वाई-फाई कैमरा
सुरक्षा का मतलब सिर्फ देखना नहीं, बल्कि संवाद स्थापित करना भी है। टू-वे ऑडियो (Two-Way Talk) फीचर वाले कैमरे माइक्रोफोन और स्पीकर से लैस होते हैं।

<nis:link nis:type=tag nis:id=खूबियां: nis:value=खूबियां: nis:enabled=true nis:link/> घर के मुख्य द्वार या बुजुर्ग माता-पिता के कमरे के लिए यह आदर्श है। आप फोन ऐप के जरिए कैमरे से आवाज़ सुन भी सकते हैं और बोल भी सकते हैं।

<nis:link nis:type=tag nis:id=उपयोगिता: nis:value=उपयोगिता: nis:enabled=true nis:link/> अगर दरवाज़े पर कोई डिलीवरी पर्सन या अजनबी आया है, तो बिना गेट खोले सीधे बात की जा सकती है। बुजुर्गों को किसी आपात स्थिति में तुरंत संपर्क साधने में इससे काफी मदद मिलती है।

📸 कलर नाइट विज़न आउटडोर वेदरप्रूफ कैमरा
अक्सर सुरक्षा की असली परीक्षा रात के अंधेरे में होती है। पारंपरिक कैमरों में रात की रिकॉर्डिंग सिर्फ ब्लैक-एंड-व्हाइट और धुंधली आती है, लेकिन कलर नाइट विज़न कैमरे इस कमी को पूरा करते हैं।

<nis:link nis:type=tag nis:id=खूबियां: nis:value=खूबियां: nis:enabled=true nis:link/> इनडोर कैमरों से अलग, ये IP65 या IP66 वेदरप्रूफ रेटिंग के साथ आते हैं, जो तेज़ धूप, बारिश और धूल से सुरक्षित रहते हैं। इनमें इन-बिल्ट एलईडी स्पॉटलाइट होती है, जो अंधेरे में भी साफ और रंगीन फुटेज देती है।

<nis:link nis:type=tag nis:id=उपयोगिता: nis:value=उपयोगिता: nis:enabled=true nis:link/> घर की बालकनी, छत, मेन गेट और पार्किंग एरिया के लिए यह सबसे पुख्ता सुरक्षा कवच है।

📸 एआई पावर्ड स्मार्ट डिटेक्शन कैमरा (AI Smart Alert)
बार-बार हवा से हिलते पर्दे या पालतू कुत्ते की हलचल पर फोन पर आने वाले झूठे अलर्ट्स (False Alarms) से बचने के लिए एआई कैमरे सबसे सटीक हैं।

<nis:link nis:type=tag nis:id=खूबियां: nis:value=खूबियां: nis:enabled=true nis:link/> इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित ह्यूमन डिटेक्शन, पेट डिटेक्शन और फेस रिकॉग्निशन तकनीक होती है।

<nis:link nis:type=tag nis:id=उपयोगिता: nis:value=उपयोगिता: nis:enabled=true nis:link/> यह कैमरा इंसान और किसी सामान्य वस्तु की हलचल में अंतर पहचान सकता है। जब कोई संदिग्ध व्यक्ति दरवाज़े के आसपास मंडराता है, तभी यह तुरंत आपके फोन पर रियल-टाइम नोटिफिकेशन भेजता है, जिससे अनचाहे अलर्ट्स से राहत मिलती है।

बाज़ार में उपलब्ध आधुनिक स्मार्ट CCTV कैमरों ने सुरक्षा को इतना सुगम बना दिया है कि आप दुनिया के किसी भी कोने में बैठकर अपने फोन की स्क्रीन पर घर की हर हलचल देख सकते हैं। यदि आप भी अपने आशियाने की सुरक्षा को लेकर सजग हैं, तो ये 5 प्रमुख CCTV कैमरे और उनकी खूबियां आपके काम आ सकती हैं।

📷 वायर-फ्री रिचार्जेबल या सोलर-पावर्ड कैमरा
किराए के मकान में रहने वालों या उन जगहों के लिए जहाँ बिजली के तारों का जंजाल फैलाना संभव नहीं है, पूरी तरह वायरलेस कैमरे सबसे मुफीद हैं।

<nis:link nis:type=tag nis:id=खूबियां: nis:value=खूबियां: nis:enabled=true nis:link/> इन्हें किसी ड्रिलिंग या वायरिंग के बिना कहीं भी आसानी से माउंट किया जा सकता है। इनमें लंबे समय तक चलने वाली रिचार्जेबल बैटरी होती है, और कई मॉडल छोटे सोलर पैनल से भी कनेक्ट हो जाते हैं।

खरीदते समय ध्यान रखने योग्य बातें
कैमरा चुनते समय कम से कम 1080p (Full HD) या 2K रेजोल्यूशन का चुनाव करें ताकि चेहरे और नंबर प्लेट साफ दिखें। इसके अलावा, स्टोरेज के लिए माइक्रो एसडी कार्ड और क्लाउड बैकअप दोनों के विकल्प ज़रूर जांचें।

घर को महफ़ूज़ रखना अब जटिल वायरिंग या भारी खर्च का काम नहीं रहा। अपनी ज़रूरत के अनुसार सही कैमरे का चयन करें और अपने घर को सही मायनों में एक सुरक्षित ठिकाना बनाएं।

📹 360-डिग्री पैन-टिल्ट स्मार्ट इनडोर कैमरा
घर के लिविंग रूम, हॉल या बच्चों के कमरे के लिए 360-डिग्री कवरेज वाला कैमरा सबसे बेहतरीन विकल्प है।

<nis:link nis:type=tag nis:id=खूबियां: nis:value=खूबियां: nis:enabled=true nis:link/> यह कैमरा बिना किसी ब्लाइंड स्पॉट के पूरे कमरे को कवर करता है। मोबाइल ऐप के ज़रिए आप कैमरे के लेंस को ऊपर-नीचे या दाएं-बाएं घुमा सकते हैं।

<nis:link nis:type=tag nis:id=उपयोगिता: nis:value=उपयोगिता: nis:enabled=true nis:link/> इसमें 'मोशन ट्रैकिंग' फीचर होता है, यानी जैसे ही कमरे में कोई हलचल होती है, कैमरा अपने आप उस दिशा में घूम जाता है। कामकाजी माता-पिता के लिए यह बच्चों या पालतू जानवरों की निगरानी का सबसे सुरक्षित तरीका है।
संगरिया की आवाज़
🌹 परम पूज्य स्वामी जी महाराज की अपार कृपा से 🌹
॥ श्री राम शरणम्, संगरिया ॥
आप सभी राम प्रेमियों को सादर जय श्री राम। 🙏
आपको यह जानकर अत्यंत प्रसन्नता होगी कि रतनपुरा गैस एजेंसी, संगरिया के पास स्थित हमारे राम शरणम् मंदिर में अलौकिक अमृतवाणी पाठ का साप्ताहिक आयोजन किया जाता है।
अमृतवाणी की दिव्य ध्वनि न केवल मन को शांति देती है, बल्कि घर-परिवार में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा लाती है। इस पावन सत्संग का लाभ उठाने के लिए आप सभी सपरिवार सादर आमंत्रित हैं।
📍 स्थान: श्री राम शरणम् मंदिर (रतनपुरा गैस एजेंसी के पास), संगरिया।
⏰ समय: सुबह 8:30 बजे से 9:30 बजे तक।
 दिन: प्रत्येक रविवार।
🚩 विनीत: श्री राम शरणम् परिवार, संगरिया 🚩
पीएम मोदी ने चाकू लगने के बावजूद विमान यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट की तारीफ की
संगरिया की आवाज़ 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुबई - तेल अवीव फ्लाईदुबई फ्लाइट में चाकू लगने के बावजूद ओमानी को-पायलट का मुकाबला कर लगभग 180 यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट स्मित मच्छार की तारीफ की है। पीएम ने X पर कहा, "कैप्टन स्मित एक हीरो हैं... बेहद खतरनाक स्थिति में और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद...उन्होंने ज़बरदस्त हिम्मत और अटूट संकल्प दिखाया।"

'भारत को कैप्टन स्मित पर गर्व है'
संगरिया की आवाज़।
<nis:link nis:type=tag nis:id=संगरिया nis:value=संगरिया nis:enabled=true nis:link/> अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर निर्वाचन विभाग ने शतायु मतदाताओं को किया सम्मानित
संगरिया की आवाज़। 
अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर निर्वाचन विभाग ने शतायु मतदाताओं को किया सम्मानित

संगरिया। अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर निर्वाचन विभाग की टीम ने शतायु मतदाताओं को सम्मानित कर लोकतंत्र में उनकी अटूट आस्था को सलाम किया।  निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं उपखंड अधिकारी जय कौशिक ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार गुरुवार को विधानसभा संगरिया क्षेत्र के शतायु मतदाताओं को सम्मानित किया गया।
बोलांवाली स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में शतायु मतदाता तेज कौर तथा रुक्मा देवी को माला पहनाई गई तथा सम्मान पत्र प्रदान किया गया।  वहीं इसी गांव की एक अन्य शतायु मतदाता मीरां देवी को उनके निवास स्थान पर जाकर सम्मान पत्र से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही प्रधानाचार्य रेणू तनेजा ने शतायु मतदाताओं को लोकतंत्र का असली स्तंभ बताते हुए उनकी मतदान के प्रति जागरूकता और देशभक्ति की भावना की सराहना की।  उन्होंने कहा कि 100 वर्ष की आयु में भी इन बुजुर्गों का मतदान के प्रति लगाव युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
इस अवसर पर नायब तहसीलदार दलीप चंद, चुनाव शाखा के भरत सांवरिया, बीएलओ संजीव भोबिया, राजकुमार तथा भूअभिलेख निरीक्षक राजविंदर सिंह उपस्थित रहे। वृद्धजन दिवस के अवसर पर निर्वाचन विभाग की टीम ने शतायु मतदाताओं को सम्मानित कर लोकतंत्र में उनकी अटूट आस्था को सलाम किया।  निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं उपखंड अधिकारी जय कौशिक ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार गुरुवार को विधानसभा संगरिया क्षेत्र के शतायु मतदाताओं को सम्मानित किया गया।
बोलांवाली स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में शतायु मतदाता तेज कौर तथा रुक्मा देवी को माला पहनाई गई तथा सम्मान पत्र प्रदान किया गया।  वहीं इसी गांव की एक अन्य शतायु मतदाता मीरां देवी को उनके निवास स्थान पर जाकर सम्मान पत्र से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही प्रधानाचार्य रेणू तनेजा ने शतायु मतदाताओं को लोकतंत्र का असली स्तंभ बताते हुए उनकी मतदान के प्रति जागरूकता और देशभक्ति की भावना की सराहना की।  उन्होंने कहा कि 100 वर्ष की आयु में भी इन बुजुर्गों का मतदान के प्रति लगाव युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
इस अवसर पर नायब तहसीलदार दलीप चंद, चुनाव शाखा के भरत सांवरिया, बीएलओ संजीव भोबिया, राजकुमार तथा भूअभिलेख निरीक्षक राजविंदर सिंह उपस्थित रहे।
संगरिया की आवाज़
🕊️ नई फसल, नई उम्मीद 🌾
संगरिया की नई धान मंडी में,
संगरिया की आवाज़। 
मूंग की खुशबू आई है,
मेहनत की इस हरियाली ने,
धरती की शान बढ़ाई है।
दाने-दाने में किसान की,
मेहनत साफ नजर आती है,
इसी हरियाली को देखकर,
कुदरत भी मुस्कुराती है।
मूंगी चुगते ये कबूतर भी,
जैसे खुशियों का गीत सुनाते हैं,
किसान के पसीने से निकली फसल,
सबके जीवन में सुख लाते हैं।
नया मौसम, नई फसल, नई आशा का संदेश,
किसान समृद्ध हो—खुशहाल रहे अपना संगरिया देश। 🌾🕊️
Vijay Singh Beniwal ✍️ 
संगरिया की आवाज़  
— विजयसिहं बैनिवाल
MGGS Dhaban 
एमजीजीएस ढाबां:
कक्षा 10 के छात्रों के लिए पंजाबी विषय का प्रश्न बैंक वितरित
प्रश्न बैंक में विगत पांच साल के प्रश्नों का खजाना
संगरिया की आवाज़। 
संगरिया।महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय ढाबां में गुरुवार को कक्षा 10 के छात्र-छात्राओं के लिए पंजाबी विषय का प्रश्न बैंक वितरित किया गया। विद्यालय के वरिष्ठ अध्यापक सतीश गुम्बर द्वारा बोर्ड परीक्षा की तैयारी को ध्यान में रखते हुए इस प्रश्न बैंक को विशेष रूप से तैयार किया गया है। इस प्रश्न बैंक में विगत पांच वर्षों की बोर्ड परीक्षाओं में पूछे गए महत्वपूर्ण प्रश्नों का संग्रह शामिल है। विद्यालय की इस पहल का उद्देश्य छात्रों को परीक्षा पैटर्न की बेहतर समझ देना और उनकी तैयारी को मजबूत बनाना है।
प्रधानाचार्य नरेश कुमार ने कहा कि यह प्रश्न बैंक छात्रों की परीक्षा तैयारी के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा।  इसके माध्यम से छात्र न केवल पुराने प्रश्नों का अभ्यास कर सकेंगे, बल्कि परीक्षा में आने वाले संभावित प्रश्नों के बारे में भी बेहतर समझ सकेंगे। इस मौके पर विद्यालय स्टाफ गुरदीप सिंह, रोमिल कड़वासरा, सुचित्रा सहू, अनिता सहित दसवीं कक्षा के विद्यार्थी मौजूद रहे।
संगरिया की आवाज़
<nis:link nis:type=tag nis:id=flydubai_flight_fz1073 nis:value=Flydubai_Flight_FZ1073 nis:enabled=true nis:link/>
<nis:link nis:type=tag nis:id=ट्रंप nis:value=ट्रंप nis:enabled=true nis:link/> ने भारतीय पायलट स्मित मच्छार को बताया ‘<nis:link nis:type=tag nis:id=हीरो’, nis:value=हीरो’, nis:enabled=true nis:link/> भारतीय दूतावास ने बताया अब कैसी है हालत
संगरिया की आवाज़। 
Trump Praises Indian Pilot: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की एक नियमित उड़ान अचानक आसमान में जिंदगी और मौत की जंग में बदल गई। कॉकपिट में हुए हिंसक हमले के बाद विमान तेजी से नीचे आया और यात्रियों में दहशत फैल गई। घायल भारतीय कप्तान स्मित मच्छार ने इसके बावजूद ऐसा कदम उठाया, जिसने बचाव का रास्ता खोला। यात्रियों और विमान में मौजूद अन्य पायलटों की मदद से आखिरकार विमान सऊदी अरब के तबूक में सुरक्षित उतरा।

दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट <nis:link nis:type=tag nis:id=fz1073 nis:value=FZ1073 nis:enabled=true nis:link/> बुधवार को उस समय संकट में फंस गई, जब उड़ान के दौरान कॉकपिट में दोनों पायलटों के बीच हिंसक झड़प हो गई। घटना के दौरान भारतीय कप्तान स्मित मच्छार घायल हुए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए मच्छार को ‘हीरो’ बताया और उनकी बहादुरी की तारीफ की। यह जानकारी ANI की रिपोर्ट के हवाले से सामने आई है।

रिपोर्टों के मुताबिक, सह-पायलट ने कथित तौर पर कप्तान पर चाकू से हमला किया। इसी दौरान विमान का नियंत्रण प्रभावित हुआ और बोइंग 737 मैक्स 8 ने बेहद तेजी से ऊंचाई खोनी शुरू कर दी। फ्लाइट-ट्रैकिंग आंकड़ों के अनुसार विमान करीब 34 हजार फीट की ऊंचाई से कुछ ही समय में लगभग 14 हजार फीट नीचे आ गया। एक अन्य रिपोर्ट में लगभग 17 हजार फीट तक की गिरावट का उल्लेख है।

स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि विमान से पहले सामान्य आपातकालीन कोड 7700 और बाद में 7500, यानी गैरकानूनी हस्तक्षेप का संकेत, प्रसारित हुआ। इसके बाद विमान का रास्ता बदला गया और वह सऊदी अरब के तबूक की ओर मुड़ गया। इजरायल की ओर से भी सुरक्षा प्रतिक्रिया के तहत लड़ाकू विमान सक्रिय किए गए।

ट्रंप ने घटना पर टिप्पणी करते हुए यह भी कहा कि उन्हें कुछ जानकारी इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मिली थी और उन्होंने खुद स्वीकार किया कि वह सभी विवरणों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं कर सकते। वहीं नेतन्याहू ने कप्तान मच्छार की बहादुरी की सार्वजनिक रूप से सराहना की है।

भारतीय दूतावास, रियाद के आधिकारिक बयान के अनुसार, रियाद स्थित दूतावास और जेद्दा स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास पायलट की स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं। मिशन ने बताया कि स्मित मच्छर को आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उनकी सेहत को लेकर पूरी और विस्तृत मेडिकल जानकारी का इंतजार है, हालांकि शुरुआती जानकारी में उनकी हालत स्थिर बताई गई है।

दूतावास ने पायलट के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। साथ ही भारतीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वे स्मित मच्छर के परिवार के संपर्क में हैं और सऊदी अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय कर रहे हैं। भारतीय मिशन ने परिवार को भरोसा दिलाया है कि पायलट के स्वास्थ्य और कल्याण के लिए हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की कोशिश जारी रहेगी।

<nis:link nis:type=tag nis:id=यात्री_की_जुबानी: nis:value=यात्री_की_जुबानी: nis:enabled=true nis:link/> 'लगा 9/11 दोबारा हो रहा है'
चैनल 12 से बात करने वाले यात्री डैनियल ने बताया कि कॉकपिट का दरवाजा हल्का खुला था और उन्होंने देखा कि किसी को बाहर धकेलने की कोशिश की गई। उनके मुताबिक विमान का गोता खाना और चक्कर लगाना दो-तीन मिनट तक चला। उन्होंने फर्श पर खून और कुछ लोगों को घायल पायलट को बाहर लाते हुए देखा।

तीन 'हीरो' और घबराई हुईं दो फ्लाइट अटेंडेंट
कॉकपिट से लड़ाई की आवाजें आईं तो यात्री डैनियल के पीछे बैठे तीन इजरायली यात्री देखने पहुंचे। डैनियल के मुताबिक इन्हीं तीनों ने हमलावर को काबू किया। उन्होंने कहा, 'वे तीनों असली हीरो हैं।' इसके बाद विमान में मौजूद दो अन्य पायलटों ने कमान संभाली। कुछ रिपोर्टों में इन्हें ऑफ-ड्यूटी पायलट बताया गया है। दोनों ने खुद को कॉकपिट में बंद कर लिया और शुरू में यात्रियों से बात नहीं की। केबिन में फ्लाईदुबई की दो अटेंडेंट घबराई हुई थीं और हालात संभाल नहीं पा रही थीं। पायलट ने जब लैंडिंग की घोषणा की, तब यात्रियों ने राहत की सांस ली।

<nis:link nis:type=tag nis:id=हाईजैक_या_साजिश? nis:value=हाईजैक_या_साजिश? nis:enabled=true nis:link/> जांच के घेरे में तीन आशंकाएं
एक इजरायली अधिकारी ने कहा कि इरादा जो भी रहा हो, संदिग्ध ने हाईजैक की कोशिश जरूर की। इजरायली मीडिया ने संदिग्ध को ओमानी नागरिक बताया है, पर आधिकारिक पुष्टि नहीं है। येरूशलम पोस्ट और टाइम्स ऑफ इजरायल के हवाले से कहा गया कि बड़ी तबाही टल गई। डैनियल को भी 'निश्चित रूप से' आतंकी हमला लगा।

<nis:link nis:type=tag nis:id=क्या_चाहता_था_संदिग्ध? nis:value=क्या_चाहता_था_संदिग्ध? nis:enabled=true nis:link/>
जांच इस पर है कि वह विमान को इजरायल ले जाना चाहता था, जमीन पर गिराना चाहता था या 9/11 जैसा हमला करना चाहता था। एक रिपोर्ट में आत्महत्या की कोशिश की आशंका भी बताई गई है।

सऊदी अरब की जमीन पर फंसे इजरायली
नेतन्याहू कार्यालय ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है। सेना प्रमुख इयाल जमीर ने वायुसेना कमांडर के साथ समीक्षा की। फ्लाईदुबई ने सुरक्षित लैंडिंग की पुष्टि की और अपडेट देते रहने की बात कही। इजरायल और सऊदी अरब के बीच औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं। यात्री तबुक में हैं, जहां सऊदी सुरक्षा बल भारी संख्या में तैनात हैं। इजरायल उन्हें नागरिक या सैन्य विमान से लाने के लिए समन्वय कर रहा है। लैंडिंग के बाद की तस्वीरों में देखा गया है कि विमान के राडार को नुकसान पहुंचा है।

<nis:link nis:type=tag nis:id=एफजेड1073 nis:value=एफजेड1073 nis:enabled=true nis:link/> - एक नजर में
फ्लाइट: एफजेड1073, फ्लाईदुबई (एमिरेट्स की कम किराए वाली सहयोगी)
<nis:link nis:type=tag nis:id=विमान: nis:value=विमान: nis:enabled=true nis:link/> बोइंग 737 मैक्स 8
<nis:link nis:type=tag nis:id=यात्री: nis:value=यात्री: nis:enabled=true nis:link/> करीब 180, इनमें 100 से ज्यादा इजरायली

रूट, डाइवर्शन और लैंडिंगः दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट ढाई घंटे बाद जॉर्डन के ऊपर थी, इमरजेंसी सिग्नल गया। मुड़ने के बाद विमान एक मिनट में 17 हजार फीट नीचे आया और इसके बाद इजरायली फाइटर जेट की निगरानी में सऊदी अरब के ताबुक में उतरा।
संगरिया की आवाज़ 
संगरिया की आवाज़-न्यूज़ एजेंसी
<nis:link nis:type=tag nis:id=जयपुर nis:value=जयपुर nis:enabled=true nis:link/> में ठगी गिरोह का भंडाफोड़ : 14 आरोपी गिरफ्तार, अमरीकी नागरिकों को बनाते थे निशाना
संगरिया की आवाज़। 
<nis:link nis:type=tag nis:id=मोबाइल nis:value=मोबाइल nis:enabled=true nis:link/> पर एप्पल के नाम से संदेश आता…आपके खाते पर 399, 499 या 699 डॉलर के प्री-अप्रूव्ड चार्ज लगा दिए गए हैं। नीचे एक टोल फ्री नंबर दिया होता। अमरीकी नागरिक को लगता कि उसके खाते से बिना अनुमति रकम निकलने वाली है। घबराकर नंबर मिलाते ही कॉल जयपुर में बैठे ठगों के कॉल सेंटर में पहुंच जाती। इसके बाद विश्वास में लेने, खाते की जानकारी जुटाने और रकम ऐंठने का खेल शुरू होता था।

साइबर क्राइम यूनिट पुलिस मुख्यालय और जयपुर पश्चिम पुलिस की संयुक्त टीम ने बुधवार को बिंदायका क्षेत्र में मंगलम ग्रैंड रेजिडेंसी और आरआर होम्स में एक ही गिरोह की ओर से संचालित दो फर्जी कॉल सेंटरों पर एक साथ दबिश दी। डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण ने बताया कि दोनों जगह कर्मचारी अमरीकी नागरिकों से कॉल पर बात कर रहे थे। कार्रवाई में 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। मौके से 13 लैपटॉप, 24 मोबाइल फोन, राउटर, सिम कार्ड, चार्जर और एक्सटेंशन बोर्ड जब्त किए गए।

15 दिन पहले शुरू किया था सेंटर
पुलिस के अनुसार, गिरोह ने जयपुर में करीब 15 दिन पहले कॉल सेंटर शुरू किया था। इससे पहले मुंबई और गुजरात में भी इसी तरह के कॉल सेंटर संचालित किए जाने की जानकारी मिली है। इन स्थानों और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भी जांच की जा रही है।

पहले डराते, फिर खाते तक पहुंचते
साइबर क्राइम यूनिट के उप पुलिस अधीक्षक आदित्य पुनियां ने बताया कि आरोपी एप्पल ग्राहक सेवा के नाम पर फर्जी संदेश भेजते थे। इनमें खाते पर बड़ी राशि के शुल्क लगाए जाने की बात होती थी। टोल फ्री नंबर एप्पल का वास्तविक नंबर नहीं था। कॉल जयपुर स्थित सेंटर में पहुंचती थी। आरोपी वीओआइपी और क्लाउड कॉलिंग के जरिए कॉल अपने सिस्टम पर लैंड कराने की व्यवस्था कर रखी थी। लैपटॉप में आइ-बीम और एक्स-लाइट जैसे सॉफ्टवेयर मिले हैं।

कॉल पर आरोपी खुद को एप्पल सपोर्ट से जुड़ा बताते और शुल्क लगने के कारण बताते थे। ग्राहक के झांसे में आने पर बैंक खाते और आर्थिक स्थिति की जानकारी जुटाते। खाते में रकम का पता चलने के बाद ठगी की रकम और तरीका तय करते थे।

गिफ्ट कार्ड से छोटी ठगी, बड़े खातों पर डिजिटल अरेस्ट
कम रकम वाले ग्राहकों को एप्पल स्टोर से गिफ्ट कार्ड खरीदकर उसका कोड भेजने के लिए कहते थे। बड़े खाताधारकों को ‘क्लोजर’ तक ले जाकर खुद को बैंक अधिकारी बताते और एफबीआइ, एफडीए या जिला अटॉर्नी के फर्जी गिरफ्तारी वारंट भेजते थे। मनी लॉन्ड्रिंग जैसे आरोप लगाकर डिजिटल अरेस्ट के नाम पर बड़ी रकम ऐंठते थे। स्पूफ कॉलिंग और अमरीकी ई-सिम से कॉल कर भरोसा बढ़ाते थे। पुलिस अब पता लगा रही है कि गिरोह ने कितने अमरीकी नागरिकों से ठगी की है।

मास्टर माइंड गुजरात का हिरेश भाई, जिसकी तलाश

जयपुर में खोले गए ठगी के कॉल सेंटर का मास्टर माइंड गुजरात का हिरेश भाई है, जो फरार चल रहा है। पुलिस टीम उसकी तलाश में जुटी है। वहीं पुलिस ने मौके पर मिले गोहिल निकुंज, वाहिद, रहीस, ईरशाद, मोहम्मद ईनाम हुसैन चौधरी, सौरभ शर्मा, निशिथ, मानस खटनियार, अक्षय नारायण भाई पटेल, श्रेय भारद्वाज, गगन पाल, शिवम प्रजापति, देव दलाल और दर्पन को गिरफ्तार किया।
संगरिया की आवाज़
Rajasthan Police Hanumangarh Police संगरिया पुलिस Ganganagar Police Bikaner Police
<nis:link nis:type=tag nis:id=झारखंड nis:value=झारखंड nis:enabled=true nis:link/> जमीन घोटाला मामले में सीएम हेमंत सोरेन की बढ़ीं मुश्किलें, स्पेशल PMLA कोर्ट ने तय किए आरोप, 30 नवंबर से ट्रायल
संगरिया की आवाज़। 
रांची की स्पेशल PMLA कोर्ट ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले (ECIR 06/23) में आरोप तय कर दिए हैं। यह मामला बरगाईं सर्कल में 8.86 एकड़ जमीन घोटाले से जुड़ा है। बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश हुए। उनके वकीलों, संजीव सहाय और संजय कुमार ने बताया कि स्पेशल जज द्वारा आरोप पढ़कर सुनाए जाने के बाद मुख्यमंत्री ने खुद को बेगुनाह बताते हुए सभी आरोपों को खारिज कर दिया और मुकदमे का सामना करने की बात कही। इसके बाद, कोर्ट ने अगली सुनवाई और गवाहों के बयान व सबूत पेश करने के लिए 30 नवंबर की तारीख तय की

हेमंत सोरेन ने आरोपों को बताया झूठा और बेबुनियाद
हेमंत सोरेन के वकील संजय कुमार के मुताबिक, सुनवाई के दौरान स्पेशल कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा लगाए गए आरोपों को एक-एक करके पढ़कर सुनाया। आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कोर्ट से कहा कि अभियोजन पक्ष द्वारा उन पर लगाए गए आरोप पूरी तरह गलत हैं और वह इस मामले में बेगुनाह हैं। कानूनी प्रक्रिया के तहत, जब कोई आरोपी आरोपों को मानने से इनकार कर देता है, तो कोर्ट मामले को ट्रायल के लिए आगे बढ़ाती है।

हेमंत सोरेन के वकीलों ने क्या कहा
इस मामले से जुड़े वकील संजय कुमार ने कहा, "इस मामले में अन्य सभी आरोपियों के खिलाफ आरोप पहले ही तय किए जा चुके थे। सिर्फ मुख्यमंत्री का मामला लंबित था क्योंकि वह ऊपरी अदालतों में कुछ कानूनी विकल्पों पर विचार कर रहे थे। आज स्पेशल कोर्ट में उनके खिलाफ औपचारिक रूप से आरोप तय किए गए। उन्होंने खुद को बेगुनाह बताया है, जिससे मुकदमे के आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है। ED की चार्जशीट में शामिल गवाहों और दस्तावेजों को अब गवाही के लिए कोर्ट के सामने पेश किया जाएगा।"

वहीं, हेमंत सोरेन के वकील संजीव सहाय ने बताया कि बचाव पक्ष ने कोर्ट में नॉट गिल्टी प्लीड किया है। उन्होंने कहा, "कोर्ट ने अब इस मामले में आगे विचार और सबूतों के लिए 30 नवंबर की तारीख तय की है। हाई कोर्ट के मामले में हमने PMLA की धारा 44(1)(d) की संवैधानिक वैधता को चुनौती देते हुए एक रिट याचिका दायर की थी, हाई कोर्ट ने सभी पक्षों से जवाब मांगते हुए नोटिस जारी किए हैं। यह एक गंभीर संवैधानिक मुद्दा है, और कोर्ट सभी पक्षों को सुनने के बाद ही कोई फैसला करेगा।"

<nis:link nis:type=tag nis:id=16अन्य nis:value=16अन्य nis:enabled=true nis:link/> आरोपियों पर पहले ही तय हो चुके हैं आरोप
कोर्ट ने इस मामले में 16 अन्य आरोपियों पर पहले ही आरोप तय कर दिए थे, लेकिन हेमंत सोरेन पर आरोप तय करने की प्रक्रिया बाकी थी। 24 सितंबर को हुई सुनवाई के दौरान, कोर्ट ने सोरेन पर आरोप तय करने की प्रक्रिया को 30 सितंबर तक के लिए टाल दिया था, ताकि उन्हें ED द्वारा दिए गए कुछ दस्तावेजों की जांच करने का समय मिल सके। इसके बाद 30 सितंबर को आरोप तय करने की प्रक्रिया पूरी हो गई।

8.86 एकड़ जमीन से जुड़ा है मामला
यह मामला रांची के बरगाईं इलाके में लगभग 8.86 एकड़ जमीन के कथित अवैध अधिग्रहण से संबंधित है। ED के अनुसार, जांच में जमीन के रिकॉर्ड में हेरफेर और जाली दस्तावेजों के इस्तेमाल के आरोप सामने आए हैं। ED यह जांच ECIR केस नंबर 06/2023 के तहत कर रही है। ED द्वारा लगाए गए आरोपों में जमीन के रिकॉर्ड में हेरफेर और अवैध रूप से संपत्ति हासिल करने में एक कथित सिंडिकेट की भूमिका को उजागर किया गया है।
30 नवंबर से नियमित ट्रायल शुरू होगा
विशेष अदालत द्वारा आरोप तय किए जाने के बाद बरगाईं जमीन घोटाले मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ अब नियमित ट्रायल शुरू होगी। 30 नवंबर को होने वाली सुनवाई के दौरान, जांच एजेंसी (ED) अदालत के समक्ष अपने गवाह पेश करेगी और एकत्र किए गए सबूतों को साबित करने की प्रक्रिया शुरू करेगी।
संगरिया की आवाज़-न्यूज़ एजेंसी
OBC राजनीतिक प्रतिनिधित्व आयोग का कार्यकाल बढ़ा, अब 31 मार्च 2027 तक जारी रहेगा काम
संगरिया की आवाज़। 
राजस्थान सरकार ने अन्य पिछड़ा वर्ग के राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर काम कर रहे राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग (राजनीतिक प्रतिनिधित्व) आयोग का कार्यकाल 31 मार्च 2027 तक बढ़ा दिया है। आयोग का गठन स्थानीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं में अन्य पिछड़ा वर्ग को राजनीतिक प्रतिनिधित्व एवं आरक्षण से जुड़े विषयों का अध्ययन करने के उद्देश्य से किया गया था। राज्य सरकार के इस फैसले से आयोग को अपने निर्धारित दायित्वों पर आगे काम करने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा।

आयोग का गठन 9 मई 2025 को किया गया था। इसकी अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायाधीश मदनलाल भाटी कर रहे हैं। सरकार के आदेश के अनुसार अध्यक्ष मदनलाल भाटी सहित सदस्य मोहन मोरवाल, प्रो. राजीव सक्सैना, एडवोकेट गोपाल कृष्णा और पवन मंडाविया का कार्यकाल भी 31 मार्च 2027 तक बढ़ाया गया है।

आयोग के आगे के काम के लिए टर्म ऑफ रेफरेंस यानी कार्य दायरा अलग से जारी किया जाएगा। इसका मतलब है कि आगामी अवधि में आयोग को सौंपे जाने वाले विशिष्ट कार्य और अध्ययन के विषय अलग आदेश के माध्यम से निर्धारित किए जाएंगे

5 अगस्त को सरकार को दे चुका है अनुशंसाएं
आयोग ने स्थानीय निकाय चुनावों में अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण से संबंधित अपनी अनुशंसाएं 5 अगस्त को राज्य सरकार को प्रस्तुत की थीं। अब कार्यकाल बढ़ाए जाने के बाद आयोग को राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जुड़े अन्य विषयों पर भी अध्ययन और परीक्षण जारी रखने का अवसर मिलेगा।

स्थानीय निकाय और पंचायती राज पर फोकस
आयोग के काम का प्रमुख क्षेत्र स्थानीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं में अन्य पिछड़ा वर्ग के राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जुड़े विषय हैं। आयोग इन मामलों में अध्ययन, परीक्षण और आवश्यक अनुशंसाओं से संबंधित कार्य आगे बढ़ाएगा।

पांच सदस्यीय आयोग को मिला अतिरिक्त समय
आयोग में अध्यक्ष के अलावा चार सदस्य हैं। सरकार ने अध्यक्ष और सभी सदस्यों का कार्यकाल एक समान रूप से 31 मार्च 2027 तक बढ़ाया है। इससे आयोग की मौजूदा टीम को आगे के काम में निरंतरता बनी रहेगी।

अध्यक्ष ने सरकार का जताया आभार
आयोग के अध्यक्ष मदन भाटी ने कार्यकाल बढ़ाए जाने पर राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विस्तार से अन्य पिछड़ा वर्ग के राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जुड़े विषयों पर गंभीरता और व्यापकता के साथ अध्ययन एवं परीक्षण करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने आयोग के दायित्वों को निष्पक्षता, पारदर्शिता और संवैधानिक भावना के अनुरूप समयबद्ध तरीके से पूरा करने की बात कही।

राज्य सरकार के इस फैसले के बाद आयोग अब 31 मार्च 2027 तक अपने आगामी दायित्वों पर काम कर सकेगा। इसके लिए टर्म ऑफ रेफरेंस जारी होने के बाद आयोग के कार्यक्षेत्र और आगामी प्राथमिकताओं की तस्वीर और स्पष्ट होगी।
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Hanuman Beniwal हनुमान बेनीवाल पहुंचे बीकानेर, बोले- पंचायत चुनाव में तीसरी ताकत के रूप में उभरेगी RLP
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<nis:link nis:type=tag nis:id=बीकानेर। nis:value=बीकानेर। nis:enabled=true nis:link/> राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के सुप्रीमो और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल बुधवार को बीकानेर पहुंचे। सर्किट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने आगामी पंचायतीराज चुनाव, निकाय चुनाव में कथित गड़बड़ियों और प्रदेश की राजनीतिक स्थिति को लेकर अपनी बात रखी। बीकानेर पहुंचने पर RLP कार्यकर्ताओं ने पार्टी प्रभारी दानाराम घिंटाला के नेतृत्व में बेनीवाल का स्वागत किया।

बेनीवाल ने दावा किया कि आगामी पंचायतराज चुनाव में RLP राजस्थान की राजनीति में तीसरी ताकत के रूप में मजबूती से उभरेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी प्रदेश के 30 जिलों में पूरी ताकत के साथ चुनाव मैदान में उतरेगी। उनके मुताबिक मौजूदा राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए RLP 11 से 18 जिलों में जिला प्रमुख बनाने की स्थिति तक पहुंच सकती है।

पानी की बोतल के चुनाव चिन्ह पर उतरेगी पार्टी
बेनीवाल ने कहा कि पिछले पंचायतीराज चुनाव में RLP ने 52 से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ा था। इस बार भी पार्टी पानी की बोतल चुनाव चिन्ह के साथ मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से गांव, पंचायत और बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया।

उन्होंने भाजपा और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि दोनों प्रमुख दलों से जनता परेशान है और अब तीसरे विकल्प के लिए जगह बन रही है। हालिया निकाय चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशियों की जीत को भी उन्होंने इसी राजनीतिक बदलाव का संकेत बताया।

चुनावी गड़बड़ियों पर भाजपा-कांग्रेस को घेरा
निकाय चुनावों में कथित गड़बड़ियों को लेकर बेनीवाल ने सत्ता और पुलिस के इस्तेमाल पर सवाल उठाए। उन्होंने भाजपा की कार्यशैली को ‘अघोषित आपातकाल’ जैसा बताया। वहीं कांग्रेस पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि चुनावी पारदर्शिता के मुद्दे को वह अपने राजनीतिक हित के लिए इस्तेमाल करना चाहती है और छोटे दलों के लिए राजनीतिक स्थान सीमित करने की कोशिश करती है।

बीकानेर नगर निगम के उपमहापौर चुनाव में क्रॉस वोटिंग को लेकर बेनीवाल ने भाजपा और कांग्रेस दोनों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि दोनों दलों ने मिलकर अल्पसंख्यक प्रत्याशी को हराया। हालांकि इन आरोपों पर संबंधित दलों की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

कांग्रेस और गांधी परिवार पर भी साधा निशाना
बेनीवाल ने कांग्रेस नेतृत्व पर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी, सोनिया गांधी और गांधी परिवार को देश की सत्ता से ज्यादा अपने परिवार की चिंता है। उनका आरोप था कि कांग्रेस गंभीरता से सरकार बनाने की कोशिश करने के बजाय दूसरी राजनीतिक ताकतों को मजबूत होने से रोकने में लगी है।

RLP सुप्रीमो ने कहा कि पार्टी पंचायत चुनाव के साथ 2028 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों को भी ध्यान में रखते हुए संगठन विस्तार पर काम कर रही है। बीकानेर प्रवास के बाद बेनीवाल श्रीगंगानगर के लिए रवाना हो गए।
संगरिया की आवाज़
दवा घपला : सूखे कुएं में छिपा था 5 करोड़ की दवाइयों का जखीरा, 274 कार्टून बरामद, आगरा तक जुड़े तार
संगरिया की आवाज़। 
भरतपुर जिले में दवाइयों की अवैध सप्लाई और उनके संभावित गलत इस्तेमाल से जुड़ा बड़ा मामला सामने आया है। बयाना तहसील के खटनावाली गांव में एक सूखे कुएं से करीब 5 करोड़ रुपए मूल्य की 274 कार्टून दवाइयां बरामद की गई हैं। इतनी बड़ी मात्रा में दवाइयों को खुले बाजार और सामान्य स्टोरेज व्यवस्था से दूर सूखे कुएं में छिपाकर रखा जाना जांच एजेंसियों के लिए गंभीर सवाल बन गया है।

मुखबिर से मिली सूचना के बाद सहायक औषधि नियंत्रक भरतपुर के नेतृत्व में औषधि नियंत्रण विभाग की टीम ने स्थानीय पुलिस और ग्रामीणों की मदद से कार्रवाई की। तलाशी के दौरान कुएं से दवाइयों के 274 कार्टून निकाले गए। विभाग ने इन्हें नियमानुसार जब्त कर लिया है।

हार्ट और डायबिटीज की दवाइयां भी मिलीं
बरामद दवाइयों में सामान्य दवाइयों के साथ हृदय रोग, डायबिटीज और एलर्जी के उपचार में इस्तेमाल होने वाली दवाइयां भी शामिल हैं। इनमें लोसार-50, जानुमेट, केटोरोल-एम, एलेग्रा-एम और जालरा जैसी दवाइयां बताई गई हैं। इतनी बड़ी मात्रा में ऐसी दवाइयों का कुएं में मिलना पूरे मामले को गंभीर बना रहा है।

सबसे बड़ा सवाल: दवाइयां कुएं तक पहुंचीं कैसे?
औषधि नियंत्रण विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि करोड़ों रुपए की दवाइयां आखिर कुएं तक कैसे पहुंचीं। जांच में निर्माता, डिपो, सीएंडएफ, वितरक और अन्य सप्लाई चैन की कड़ियों को खंगाला जा रहा है। बैच नंबर, निर्माण तिथि, समाप्ति तिथि और वितरण से जुड़े दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है।

एक्सपायरी डेट बदलकर बेचने की आशंका भी जांच के दायरे में
विभाग इस एंगल से भी जांच कर रहा है कि कहीं अवधि-पार दवाइयों को अवैध तरीके से निकालकर उनकी समाप्ति तिथि बदलने के बाद दोबारा बाजार में बेचने की तैयारी तो नहीं थी। हालांकि अभी यह केवल जांच का एक पहलू है। दवाइयों के नमूनों की प्रयोगशाला जांच और निर्माता स्तर पर बैच सत्यापन के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

भरतपुर से आगरा तक कार्रवाई, वहां भी मिली संबंधित दवाइयां
मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी सूचना उत्तर प्रदेश के औषधि नियंत्रण अधिकारियों और संबंधित निर्माता कंपनियों को भी दी गई। इसके बाद आगरा में भी संबंधित दवाइयां जब्त की गईं। थाना मलपुरा, आगरा में संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। इससे मामले की जांच का दायरा राजस्थान से आगे बढ़कर उत्तर प्रदेश तक पहुंच गया है।

जांच के लिए 10 नमूने लिए

औषधि नियंत्रण अधिकारी भरतपुर की टीम ने बरामद दवाइयों में से गुणवत्ता जांच के लिए 10 नमूने लिए हैं। इन नमूनों को प्रयोगशाला परीक्षण के लिए भेजा जा रहा है। साथ ही निर्माता स्तर से बैचवार सत्यापन और वितरण संबंधी अभिलेख जुटाए जा रहे हैं।

विभाग के अनुसार जांच में यदि दवाइयां नकली, मिलावटी, परिवर्तित या अवैध तरीके से बाजार में बेचने के लिए रखी गई पाई जाती हैं, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि करीब 5 करोड़ रुपये की दवाइयों का इतना बड़ा जखीरा सूखे कुएं में किसने छिपाया और इसका असली मकसद क्या था।
संगरिया की आवाज़ 
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Rajasthan Police 🚨
<nis:link nis:type=tag nis:id=हनुमानगढ़भाखडा nis:value=हनुमानगढ़भाखडा nis:enabled=true nis:link/> रेगुलेशन कमेटी की बैठक ,आईजीएनपी में बेटर इन्फलौ 42.74%ओर भाखडा में मात्र 2% सिंचाई विभाग ने सोचा कि किसान इतना कहा जानता है कि हमारी चालाकी को पकड़ लेगा  Om Jangu 

Vijay Singh Beniwal  ✍️ 
संगरिया की आवाज़।
<nis:link nis:type=tag nis:id=हनुमानगढ़ nis:value=हनुमानगढ़ nis:enabled=true nis:link/> राज्य स्तरीय अण्डर 23 पुरुष प्रतियोगिता हेतु हनुमानगढ़ टीम का चयन ट्रायल 02 अक्टूबर को। 
संगरिया की आवाज़। 
राज्य स्तरीय अण्डर 23 पुरुष क्रिकेट प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए हनुमानगढ़ जिले की प्रतिनिधि टीम के चयन हेतु  चयन ट्रायल का आयोजन किया जा रहा है। यह ट्रायल शुक्रवार  , दिनांक 02 अक्टूबर 2026 को प्रातः 07:30 बजे से जिला क्लब क्रिकेट मैदान, हनुमानगढ़ जंक्शन में आयोजित होगा। 

जिला क्रिकेट संघ, हनुमानगढ़ के सचिव श्री मनीष धारणिया Manish Dharnia ने जानकारी देते हुए बताया कि ट्रायल में भाग लेने की पात्रता केवल हनुमानगढ़ जिले के मूल निवासी खिलाड़ियों की ही होगी। 

उक्त चयन ट्रायल  हेतु  01-09-2003 के बाद जन्मे खिलाड़ी ही पात्र होंगे। 

 इच्छुक खिलाड़ियों से अपेक्षा की जाती है कि वे समय का पालन करते हुए निर्धारित तिथि व स्थान पर प्रातः 07:30 बजे उपस्थित रहें।

ट्रायल में भाग लेने वाले प्रत्येक खिलाड़ी को नीचे दर्शाए गए दस्तावेजों की मूल एवं स्वप्रमाणित छायाप्रतियों के साथ उपस्थित होना अनिवार्य है:
 • खिलाड़ी एवं उनके पिता का मूल निवास प्रमाण पत्र / वैध पासपोर्ट
 • खिलाड़ी, माता एवं पिता का आधार कार्ड (खिलाड़ी के आधार कार्ड की फोटो 01 अप्रैल 2026 या उसके बाद की हो )
 • राशन कार्ड
 • पिछले तीन वर्षों की शैक्षणिक अंक तालिकाएं
 • हाल ही में खिंचवाई गई पासपोर्ट आकार की दो रंगीन फोटो

इसके अतिरिक्त, सभी खिलाड़ियों को ट्रायल के दौरान  निर्धारित सफेद  क्रिकेट किट पहनकर आना अनिवार्य होगा।

संघ ने जिले के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों से इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाने का आग्रह किया है। 
चयन समिति द्वारा चयनित टीम हनुमानगढ़ का प्रतिनिधित्व आगामी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में करेगी।
Vijay Singh Beniwal ✍️
संगरिया की आवाज़
<nis:link nis:type=tag nis:id=नकली_घी nis:value=नकली_घी nis:enabled=true nis:link/> की पैकिंग का भंडाफोड़, कोडवर्ड में लेते ऑर्डर : 61,600 कार्टन-पाउच बरामद, सरस, लोट्स, महान और कृष्णा-ब्रांड के नाम पर तैयार हो रही थी फर्जी पैकिंग; 3 गिरफ्तार
संगरिया की आवाज़। 
खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत जयपुर कमिश्नरेट की CST और झोटवाड़ा थाना पुलिस ने नकली घी की पैकिंग पर करने वाले गिरोह की CST और झोटवाड़ा थाना पुलिस ने नकली घी की पैकिंग तैयार करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। टीम ने मंगलवार को झोटवाड़ा के फैक्ट्री एरिया स्थित एक गोदाम पर दबिश देकर सरस, लोट्स, महान और कृष्णा घी के नाम पर इस्तेमाल होने वाली 61,600 खाली मोनो कार्टन, पाउच पैक और बारकोड स्कैनर बरामद किए हैं। मौके से पैकिंग और प्रिंटिंग में इस्तेमाल होने वाली मशीनें और सप्लाई में इस्तेमाल वाहन भी जब्त किए गए हैं। पुलिस ने मामले में मुख्य सरगना अनिल अग्रवाल समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

🚨आरोपियों की पहचान अनिल अग्रवाल (35) पुत्र टीकमचंद अग्रवाल, निवासी कोटड़ा मोहल्ला, वार्ड नंबर 6, चाकसू, मोहनलाल शर्मा (42) पुत्र राजेंद्र प्रसाद शर्मा, निवासी वार्ड नंबर 19, मालियों का मोहल्ला, चाकसू और याकूब (40) पुत्र इब्राहीम निवासी मकान नं डी-17, पुरानी बस्ती, नाहरगढ़ किले के नीचे, नीम घर की मस्जिद के पास, नाहरगढ़ थाना के रूप में हुई है।

पुलिस ने पूछताछ के बाद तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

एक महीने तक निगरानी के बाद दबिश

डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण ने बताया कि झोटवाड़ा थाना पुलिस और सीएसटी टीम ने आरोपियों की गतिविधियों पर करीब एक महीने तक निगरानी रखी। तकनीकी सहायता से उनकी गतिविधियों की जानकारी जुटाई गई। इसके बाद फैक्ट्री एरिया स्थित गोदाम पर दबिश दी गई।

सरस डेयरी अधिकारियों ने की सामग्री की जांच

गोदाम से बड़ी मात्रा में नकली पैकिंग सामग्री मिलने के बाद पुलिस ने सरस डेयरी के अधिकारियों को मौके पर बुलाया। अधिकारियों ने बरामद रैपर, मोनो कार्टन और हॉलमार्क की जांच की। जांच में पैकिंग सामग्री और हॉलमार्क को नकली बताया गया।

इसके बाद सरस डेयरी के राजाराम कार्यालय की ओर से रिपोर्ट पुलिस को दी गई। रिपोर्ट के आधार पर झोटवाड़ा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। मामले में कॉपीराइट एक्ट और ट्रेडमार्क अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। मामले की जांच ACP झोटवाड़ा शिव कुमार भारद्वाज कर रहे हैं।

ऐसे तैयार होती थी नकली घी की पैकिंग

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी अनिल अग्रवाल टोंक निवासी अमन जैन से रैपर और खाली मोनो कार्टन खरीदकर लाता था। इसके बाद झोटवाड़ा स्थित गोदाम में प्रिंटिंग मशीन की मदद से इन कार्टनों और रैपर पर सरस, नोट्स, महान और कृष्णा घी के ब्रांड, तारीख और हॉलमार्क फर्जी तरीके से अंकित किए जाते थे।

तैयार पैकिंग को जयपुर और आसपास के इलाकों में छोटे व्यापारियों को सप्लाई किया जाता था पुलिस के अनुसार इन फर्जी रैपर और कार्टनों का इस्तेमाल नकली घी की पैकिंग में किया जाता था।

दूसरे नकली घी कारोबारियों को होती थी सप्लाई

पुलिस के मुताबिक गोदाम से तैयार नकली पैकिंग को प्रमोद अग्रवाल, श्यामसुंदर राठौड़ और अन्य नकली घी कारोबारियों को सप्लाई किया जाता था। इस तरह आरोपी सीधे नकली घी बनाने के बजाय उसकी पैकिंग के लिए ब्रांडेड कंपनियों की फर्जी पैकिंग तैयार कर सप्लाई कर रहे थे।

कोडवर्ड में लेते थे ऑर्डर, रास्ते और वाहन भी बदलते थे

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पुलिस की नजर से बचने के लिए काफी सतर्कता से काम करते थे। नकली कार्टुन और रैपर की सप्लाई के लिए अलग-अलग रास्तों और वाहनों का इस्तेमाल किया जाता था। व्यापारियों से कोडवर्ड में डिमांड ली जाती थी और मांग के अनुसार पैकिंग सामग्री पहुंचाई जाती थी।

पुलिस टीम के अनुसार आरोपियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी और तकनीकी इनपुट के आधार पर पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।

गोदाम से ये सामान बरामद

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 61,600 खाली मोनो कार्टन, 61, 600 पाउच पैक, 61,600 बारकोड स्कैनर, 1 इलेक्ट्रिक मशीन, 1 प्रिंटर/कन्वेयर, 1 इलेक्ट्रिक कांटा, 1 सिलाई मशीन, सरस, नोट्स, महान और कृष्णा के नाम के नकली रैपर, फर्जी हॉलमार्क और अन्य पैकिंग सामग्री, 1 अर्टिगा कार, 1 लोडिंग टेम्पो जब्त किया

पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि फर्जी पैकिंग किन-किन कारोबारियों को सप्लाई की जाती थी और नकली घी के कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की इसमें क्या भूमिका थी।
संगरिया की आवाज़ 
Government of Rajasthan CMO Rajasthan Rajasthan Police संगरिया पुलिस Hanumangarh Police 🚨
<nis:link nis:type=tag nis:id=हनुमानगढ़ nis:value=हनुमानगढ़ nis:enabled=true nis:link/> जिला परिषद चुनाव: जोन नंबर 34 में युवा चेहरे के रूप में पीयूष वर्मा की चर्चा तेज, विकास और जनसेवा की उम्मीदों के साथ उभरता नाम
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<nis:link nis:type=tag nis:id=संगरिया nis:value=संगरिया nis:enabled=true nis:link/> विधानसभा क्षेत्र में जब भी उभरते युवा नेतृत्व, जनसेवा और विकास की बात होती है, तो कांग्रेस नेता जगदीश वर्मा और उनके बेटे पीयूष वर्मा का नाम प्रमुखता से सामने आता है। कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान शिक्षा सहित विभिन्न जनहित के मुद्दों पर उनके प्रयासों की चर्चा क्षेत्र में लगातार होती रही है।

जगदीश वर्मा और पीयूष वर्मा की जोड़ी ने बिना विधायक का पद संभाले ही क्षेत्र की समस्याओं को सरकार और संबंधित विभागों तक पहुंचाने तथा उनके समाधान के लिए प्रयास करने की अपनी अलग पहचान बनाई। यही वजह रही कि क्षेत्र के विभिन्न गांवों से पंच, सरपंच, जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य और आम नागरिक अपनी समस्याओं और उम्मीदों के साथ उनके पास पहुंचते रहे।

शिक्षा के क्षेत्र में किए गए प्रयासों की रही खास चर्चा
स्कूलों की क्रमोन्नति, विद्यालयों में विषयों की उपलब्धता, शिक्षकों की नियुक्ति और स्टाफ की कमी जैसी समस्याओं को लेकर किए गए प्रयासों का उल्लेख क्षेत्र में अक्सर सुनने को मिलता है। ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में उनकी सक्रियता ने उन्हें जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बनाए रखा।
अब जब पंचायतीराज चुनाव 2026 की सरगर्मियां तेज हो रही हैं और जिला परिषद के जोन नंबर 34 को लेकर राजनीतिक गतिविधियां बढ़ रही हैं, तो पीयूष वर्मा का नाम एक युवा, शिक्षित और सक्रिय चेहरे के रूप में जोरदार तरीके से उभर रहा है।
क्षेत्र के अनेक जनप्रतिनिधियों और समर्थकों की ओर से यह मांग उठाई जा रही है कि पीयूष वर्मा को जिला परिषद के जोन नंबर 34 से चुनाव मैदान में उतारा जाए, ताकि क्षेत्र की समस्याओं को जिला परिषद के मंच पर प्रभावी ढंग से उठाया जा सके और विकास कार्यों को नई गति देने के प्रयास किए जा सकें।
युवा नेतृत्व, शिक्षा और विकास की उम्मीदें
जिला परिषद का चुनाव केवल एक प्रतिनिधि चुनने का अवसर नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों की आवश्यकताओं, शिक्षा, सड़क, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को आगे बढ़ाने का भी एक महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसे में जोन नंबर 34 में पीयूष वर्मा के नाम को लेकर बढ़ती चर्चा ने राजनीतिक माहौल को नई दिशा दी है।

अब सबकी निगाहें कांग्रेस पार्टी के निर्णय पर टिकी हैं। यदि पार्टी पीयूष वर्मा की उम्मीदवारी पर मुहर लगाती है, तो जोन नंबर 34 के चुनावी समीकरणों में एक नई हलचल देखने को मिल सकती है।
जोन नंबर 34 में अब चर्चा एक ही नाम की—<nis:link nis:type=tag nis:id=पीयूष_वर्मा। nis:value=पीयूष_वर्मा। nis:enabled=true nis:link/>
युवा सोच, शिक्षा के प्रति सक्रियता और जनसेवा के अनुभव के साथ जिला परिषद की राजनीति में उनकी संभावित भूमिका को लेकर क्षेत्र में उत्सुकता बनी हुई है।
Vijay Singh Beniwal  ✍️ 
संगरिया की आवाज़।
🌙संगरिया रात्रि चौपाल | वार्ड नंबर 26 एवं 27
चुनाव हारकर भी जनता के बीच सक्रिय, वार्ड की समस्याओं के समाधान के लिए तत्पर हैं समाजसेवी सुरेश खीचड़
संगरिया की आवाज़। 
जनसेवा का जज्बा किसी पद या चुनावी जीत का मोहताज नहीं होता। इसका एक सकारात्मक उदाहरण वार्ड नंबर 26 एवं 27 में देखने को मिला, जहां पार्षद का चुनाव हारने के बावजूद समाजसेवी सुरेश खीचड़ वार्डवासियों की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं।

वार्ड नंबर 26 एवं 27 के गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में आयोजित रात्रि चौपाल में वार्ड की विभिन्न समस्याओं पर गंभीरता से चर्चा की गई। पार्षद अनिल एवं समाजसेवी सुरेश खीचड़ के आग्रह पर आयोजित इस चौपाल में संगरिया पुलिस की ओर से एएसआई सूरजभान जी एवं कांस्टेबल जयनारायण जी भी मौजूद रहे।
🚨 चोरी और नशे की समस्या पर हुई गंभीर चर्चा

रात्रि चौपाल में वार्ड में बढ़ रही चोरी और नशे की समस्या को लेकर वार्डवासियों ने अपनी चिंताएं रखीं। इस दौरान सुरेश खीचड़ ने पुलिस अधिकारियों से आग्रह किया कि वार्ड में नियमित रात्रि गश्त बढ़ाई जाए तथा विशेष रूप से उधम सिंह चौक पर भी रात के समय निगरानी और गश्त सुनिश्चित की जाए, ताकि असामाजिक गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सके और आमजन में सुरक्षा का विश्वास मजबूत हो।

सुरेश खीचड़ ने कहा कि सुरक्षित और शांतिपूर्ण वार्ड का निर्माण केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि पुलिस और आमजन के आपसी सहयोग, जागरूकता और सहभागिता से ही एक बेहतर व्यवस्था बनाई जा सकती है।
🤝 जनसेवा ही सबसे बड़ी जिम्मेदारी
चुनाव में हार-जीत लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन जनता के सुख-दुख में साथ खड़े रहना ही सच्ची जनसेवा की पहचान है। सुरेश खीचड़ की इस पहल से यह संदेश मिलता है कि जनप्रतिनिधि हो या समाजसेवी, वार्ड के विकास और सुरक्षा के लिए निरंतर प्रयास करना ही सबसे महत्वपूर्ण है।
📢 वार्डवासियों से विशेष अपील
वार्ड में

वार्ड में किसी भी संदिग्ध गतिविधि, चोरी या नशे से संबंधित जानकारी मिलने पर उसे नजरअंदाज न करें। समय रहते पुलिस को सूचना दें और अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करें। आपातकालीन स्थिति में 112 पर संपर्क करें।
🙏 रात्रि चौपाल में पधारे सभी वार्डवासियों एवं संगरिया पुलिस का हार्दिक आभार और धन्यवाद।
सुरक्षित वार्ड, जागरूक नागरिक और मजबूत जनसहयोग—यही बेहतर संगरिया की पहचान है।
Vijay Singh Beniwal ✍️ 
 संगरिया की आवाज़
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संगरिया की आवाज़। द्वारा 16 अगस्त को लगाए विडियो पर नवनियुक्त अध्यक्ष श्रीमती सुमन सोनी ने दिया संज्ञान धन्यवाद आपका 💐
Sanjeev Kumar Soni 

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