#राजस्थान के 8,746 एमसीएफटी होगी चारों रिजर्वायर की जल भंडारण क्षमता: 13 जिलों की आवश्यकता होगी पूरी।
पश्चिमी राजस्थान में 1,274 करोड़ से बनेंगे चार एस्केप रिजर्वायर; इंदिरा गांधी नहर से 13 जिलों में समाप्त होगा जल संकट
संगरिया की आवाज़।
कम वर्षा, भूजल स्तर में गिरावट और खारे पानी की चुनौती झेल रहे पश्चिमी राजस्थान में इंदिरा गांधी नहर परियोजना पेयजल व सिंचाई का मुख्य आधार बनी हुई है। राज्य सरकार ने नहर प्रणाली के सुदृढीकरण और जल संचयन के लिए 1,274.26 करोड़ रुपए की स्वीकृति देकर चार नए एस्केप रिजर्वायर विकसित करने का फैसला किया है। इससे क्षेत्र में कृषि, पेयजल, ऊर्जा और औद्योगिक गतिविधियों को बड़ा संबल मिलेगा।
पश्चिमी राजस्थान के मरुस्थलीय क्षेत्रों में प्राकृतिक जल संसाधन बेहद सीमित हैं। नहर के माध्यम से उपलब्ध सतही जल लाखों लोगों के लिए पेयजल का मुख्य जरिया है। राज्य सरकार सिंचाई जल को दक्षता बढ़ाने और खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए जलाशय निर्माण, फव्वारा पद्धति, जर्जर खालों के जीर्णोद्धार और नहर सुदृढ़ीकरण के काम करा रही है।
जल संचयन और सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आरही 507, आरडी 750, आरडी 1121 और आरडी 1356 पर चार एस्केप रिजर्वायर विकसित किए जा रहे हैं। इनके लिए 1,274.26 करोड़ रुपए की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति दी गई है। इन चारों रिजवायरों की कुल भंडारण क्षमता 8,746 एमसीएफटी होगी।
इसके साथ ही बजट घोषणा वर्ष 2024-25 और 2025-26 के तहत 2,20,377 हेक्टेयर क्षेत्र में खालों के जीर्णोद्धार और 1,18,248 हेक्टेयर में फव्वारा सिंचाई सुविधा स्थापित करने के काम जारी हैं। सागरमल गोपा शाखा, बाबा रामदेव उपशाखा, फलौदी लिफ्ट नहर, कोलायत व खिदरत वितरिका के जीर्णोद्धार का काम प्रगति पर है। बजट घोषणा वर्ष 2026-27 के तहत 33,543 हेक्टेयर क्षेत्र में खालों के जीर्णोद्धार, सागरमल गोपा शाखा पर बैलेंसिंग रिजर्वायर और गजनेर व कोलायत लिफ्ट नहर के सुधार के लिए 550 करोड़ रुपए के काम स्वीकृत किए गए हैं। इस परियोजना से 13 जिलों की पेयजल पूर्ति के साथ सीमा सुरक्षा बल, सेना, ऊर्जा और औद्योगिक इकाइयों को भी पानी मिल रहा है।
#एस्केप रिजर्वायर प्रोजेक्ट
कुल स्वीकृत बजट 1,274.26 करोड़ रुपए प्रस्तावित जल भंडारण क्षमताः 8,746 एमसीएफटी रिजर्वायर के स्थान: आरडी 507, आरडी 750, आरडी 1121 एवं आरडी 1356
🎥 2.20 लाख हेक्टेयर में खालों का जीर्णोद्धार
खालों का जीर्णोद्धार (प्रगतिरत): 2,20,377 हेक्टेयर क्षेत्र स्प्रिंकलर (फव्वारा) सिंचाई: 1,18,248 हेक्टेयर क्षेत्र वर्ष 2026-27 बजट प्रावधान: 550 करोड़ रुपए (33,543 हेक्टेयर क्षेत्र)
संगरिया की आवाज़
DhruvRaj Godara