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Public Khabar Today

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*पंचायतीराज लॉटरी स्थगित*
*राज्य सरकार ने 17 और 18 अगस्त को पंचायतीराज संस्थाओं के वार्डों की होने वाली लॉटरी को स्थगित कर दिया है। अब यह लॉटरी 17 और 18 सितंबर को होगी। सोमवार को 309 शहरी निकायों के वार्डों की ही लॉटरी निकलेगी।*

पंचायत समिति प्रधानों, पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्यों के वार्डों की लॉटरी सोमवार को जिला स्तर पर निकाली जानी थी। 18 अगस्त को सरंपचों और वार्ड पंचों के आरक्षण की लॉटरी निकाली जानी थी।
अब पंचायतीराज विभाग ने सोमवार को होने वाली लॉटरी को 1 महीने के लिए आगे बढ़ा दिया है। अब प्रधानों, पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्यों के वार्डों की लॉटरी 17 सितंबर और सरपंच-वार्ड पंच के आरक्षण की लॉटरी 18 सितंबर को निकाली जाएगी।
लाखनवास में बड़ी चोरी: घर से लाखों के सोने-चांदी के जेवरात व नकदी पार, पुलिस में मामला दर्ज
बूढ़ेर सरपंच ने बीते कार्यकाल में करवाए 12 करोड़ रूपये के विकास कार्य , हर वर्ष गांव के स्कूली विद्यार्थियों को देते है ढाई लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि । देखिए बूढ़ेर पंचायत के सरपंच दिलबाग गोदारा की विकास कार्यों की यात्रा... 
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सावित्री देवी उम्र 80 वर्ष जो विवेकानंद हॉस्पिटल भादरा में एडमिट है इनको ओ पीजीटीव बल्ड ग्रुप के बल्ड की आवश्यकता है कृप्या इस नम्बर पर संपर्क करे 9785078338 Balwan singh
बलवान पुनिया ने संगरिया विधायक अभिमन्यु पुनिया को दिया करारा जवाब बोले न्यौता डबल करेंगे !
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सूरतपुरा में स्वतंत्रता दिवस समारोह हर्षोल्लास से मनाया , भामाशाहों ने की कई घोषणाएं 
सूरतपुरा :- राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सूरतपुरा में आज स्वतंत्रता दिवस समारोह बड़े ही हर्षोल्लास से मनाया गया । बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं बच्चों ने कार्यक्रम में शिरकत की । इस दौरान स्कूली बच्चों ने शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रमो की प्रस्तुतियां दी । कार्यक्रम में भामाशाह सुरेन्द्र बेनीवाल ने स्कूल में लाइब्रेरी निर्माण की अनुमानित लागत 11 लाख से बढ़ाकर 15 से 18 लाख रुपए तक की घोषणा के साथ साथ राजकीय महाविद्यालय भादरा में सीसीटीवी लगाने , सूरतपुरा स्कूल में 10 पंखे लगाने , स्कूल में लाईट सुचारू करने के लिए एक इनवर्टर बैटरी सेट , गांव के खेल मैदान में भर्ती की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए ट्रैक बनाने , वाटर कूलर से पेयजल व्यवस्था करने की घोषणा की सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लेने वालों बच्चो को पारितोषिक दिया । सुरेश बेनीवाल ने 5 पंखो की घोषणा के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लेने वालों बच्चो को पारितोषिक दिया ।  शहीद भगत सिंह नव निर्माण युवा समिति की तरफ से स्कूल में 51 कुर्सी भेंट करने की घोषणा हुई । गांव के ठइयां ग्रुप ने 63000 की लागत से साउंड सिस्टम भेंट किया । संजय मितड़ ओर राजकुमार खिचड़ की ओर से कब्बडी टीम, खो खो टीम को ड्रेस भेंट की । शहीद भगत सिंह नव निर्माण युवा समिति ने सभी भामाशाहों को सम्मानित किया । इस दौरान कई भामाशाहों ने स्कूल में आर्थिक सहयोग किया घोषणाएं हुई । राजकीय स्कूल सूरतपुरा के स्टाफ ने सभी ग्रामवासियों भामशाहो का आभार व्यक्त किया ।
साहस और शौर्य के प्रतीक आज़ादी के महापर्व <nis:link nis:type=tag nis:id=स्वतंत्रता_दिवस nis:value=स्वतंत्रता_दिवस nis:enabled=true nis:link/> की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।

आज का दिन उन अमर बलिदानियों को वंदन और नमन करने का दिन है, जिन्होंने अपनी अटूट आस्था, अदम्य साहस और सर्वस्व बलिदान से देश को आज़ादी दिलाई।

इस पावन दिवस पर हम सब मिलकर संकल्प लें कि भारत की आन, बान और शान के लिए सदैव एकजुट रहेंगे।

जय हिंद, जय भारत।

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पूर्व विधायक बलवान पुनिया डूंगराना न्याय सभा से लाईव , अभिषेक शर्मा नेठराणा हत्या प्रकरण में हत्यारों की गिरफ्तारी समेत कई मांग को लेकर हजारों लोग जुटे
अभिषेक शर्मा नेठराणा हत्या प्रकरण के कातिलों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर डूंगराना में न्याय सभा , पूर्व विधायक बलवान पुनिया समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद
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*हनुमानगढ़ जिले के निकाय प्रमुख के लिए निकली लाटरी में पदों का वर्गीकरण....*
➖नगर पालिका गोलूवाला -एससी ओपन
 ➖नगर पालिका टिब्बी-एससी आरक्षित
 ➖नगरपालिका रावतसर - सामान्य
 ➖नगर पालिका पीलीबंगा- सामान्य
➖नगर परिषद हनुमानगढ़ - सामान्य महिला
➖नगर पालिका संगरिया -  सामान्य
➖नगर पालिका नोहर - सामान्य महिला
➖नगर पालिका भादरा - सामान्य
माकपा नेताओं की गिरफ्तारी, भजनलाल सरकार लोकतंत्र का गला घोंटने पर उतारू

अनूपगढ़, गंगानगर की बहादुर जनता देगी जबाब - सांसद अमराराम 
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भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी के पोलित ब्यूरो सदस्य व सीकर सांसद अमराराम ने अनूपगढ़ एवं गंगानगर जिले के मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, किसान सभा के नेताओं व छात्र युवाओं के नेताओं को हाउस अरेस्ट करने एवं बड़े पैमाने पर गिरफ्तारी की निंदा करते हुए कहा है कि भजनलाल सरकार लोकतंत्र का गला घोटने पर उतारू हो रही है। अमराराम ने कहा कि अनूपगढ़ इलाके की जनता पिछले कई सालों से नहरी पानी के लिए आंदोलन कर रही है। हाल ही में पिछले दो महीनो से किसान नहर में पर्याप्त पानी की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं इसी क्रम में 10 अगस्त को जेल भरो आंदोलन के दौरान किसान नेताओं ने 14 अगस्त को एडीएम कार्यालय पर आम सभा कर अपनी मांगे रखने का ऐलान किया था। यह बहुत ही अफसोसजनक है कि राजस्थान केनाल में 12000 क्यूसेक पानी होने के बावजूद किसानों को पानी नहीं मिल रहा है। अमराराम ने कहा कि गंगानगर की बहादुर जनता ने पहले भी राजस्थान की सरकारों का गुरूर तोड़ा है अपने हकों के लिए कुर्बानियां दी हैं और दमन का मुकाबला किया है इस बार भी यहां की बहादुर जनता इसका माकूल जवाब देगी।

सीपीआईएम राज्य सचिव किशन पारीक ने कहा कि माकपा के प्रदेश सचिव मंडल सदस्य व अखिल भारतीय किसान सभा की केंद्रीय कमेटी के सदस्य श्योपत मेघवाल को पुलिस ने कल से हाउस अरेस्ट कर रखा है और आज कामरेड पालाराम, राजू सहित अनेक दूसरे नेतृत्वकारी साथियों को डिटेन किया गया है। इससे पहले राज्य सरकार ने अनूपगढ़ का जिले का दर्जा खत्म कर जनता के हितों पर कुठाराघात किया था। हम सरकार को कहना चाहते हैं दमनकारी कार्यवाहियां बंद करें गिरफ्तार तमाम नेताओं व कार्यकर्ताओं को रिहा करें एवं आम जनता की मांगों का समाधान करें। 

अखिल भारतीय किसान सभा के प्रदेशाध्यक्ष व पूर्व विधायक पेमाराम ने कहा कि अनूपगढ़ की जनता नहर में पानी छोड़े जाने, गरीबों के आशियाने नहीं उजाड़ने, आवासीय पट्टा जारी करने जैसी ज्वलंत मांगों के लिए अपनी मांग सरकार के सामने रखना चाहते थी लेकिन सरकार ने आजादी के पर्व 15 अगस्त से ठीक पहले जन नेताओं की गिरफ्तारी कर अपने फासीवादी चेहरे को उजागर किया है लेकिन जनता की आवाज दवाई नहीं जा सकेगी।
*🎯पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव-2026*
*🎯जिला प्रमुखों के आरक्षण की लॉटरी प्रक्रिया संपन्न*
*🎯हनुमानगढ़ जिला प्रमुख का पद सामान्य महिला के लिए आरक्षित हुआ*
जयपुर, 13 अगस्त।                             🎯पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव-2026 की तैयारियों के क्रम में गुरुवार को जयपुर स्थित इंदिरा गांधी पंचायती राज संस्थान में जिला प्रमुखों के पदों के आरक्षण की लॉटरी प्रक्रिया संपन्न हुई। लॉटरी प्रक्रिया शासन सचिव एवं आयुक्त, पंचायती राज विभाग डॉ. जोगाराम की अध्यक्षता में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित की गई।
🎯राजस्थान की सभी 41 जिला परिषदों के लिए जिला प्रमुख पदों का श्रेणीवार आरक्षण लॉटरी के माध्यम से निर्धारित किया गया। निर्धारित आरक्षण एवं रोटेशन व्यवस्था के तहत ओबीसी वर्ग के लिए 5 पद आरक्षित किए गए, जिनमें ब्यावर एवं सीकर में महिला जिला प्रमुख का पद आरक्षित हुआ।
🎯इसी प्रकार अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग के लिए 8 पद आरक्षित किए गए, जिनमें दौसा, भरतपुर, टोंक एवं धौलपुर में महिला जिला प्रमुख का पद निर्धारित हुआ। अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग के लिए 7 पद आरक्षित किए गए, जिनमें सलूम्बर, प्रतापगढ़ एवं अलवर में महिला जिला प्रमुख का पद आरक्षित हुआ।
🎯सामान्य महिला के लिए चूरू, अजमेर, झुंझुनू, चित्तौड़गढ़, हनुमानगढ़, डीग, श्रीगंगानगर, झालावाड़, फलोदी, बीकानेर एवं कोटा जिला परिषदों के जिला प्रमुख पद निर्धारित किए गए।
🎯वहीं बारां, बाड़मेर, भीलवाड़ा, जयपुर, जोधपुर, करौली, कोटपूतली-बहरोड़, राजसमंद, सिरोही एवं उदयपुर जिला परिषदों के जिला प्रमुख पद अनारक्षित रहे।
🎯शासन सचिव डॉ. जोगाराम ने कहा कि लॉटरी प्रक्रिया में आरक्षण के निर्धारित प्रावधानों एवं रोटेशन व्यवस्था का पूर्णतः पालन करते हुए जिला प्रमुखों के पदों का श्रेणीवार निर्धारण किया गया है। पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव में सामान्य, ओबीसी, एससी एवं एसटी सभी श्रेणियों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान लागू रहेगा।
🎯उन्होंने बताया कि पूरी लॉटरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से निर्धारित नियमों एवं प्रावधानों के अनुरूप संपन्न कराई गई। प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई, ताकि इसका संपूर्ण रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जा सके।
🎯लॉटरी प्रक्रिया में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि, अधिकारीगण, पत्रकार एवं आमजन उपस्थित रहे। जिला प्रमुखों के आरक्षण की लॉटरी संपन्न होने के साथ ही पंचायती राज संस्थाओं के आगामी आम चुनाव की तैयारियों का एक महत्वपूर्ण चरण पूरा हो गया है। आरक्षण प्रक्रिया के पश्चात चुनाव संबंधी आगामी कार्रवाई राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार की जाएगी।
🎯लॉटरी प्रक्रिया के दौरान भारत भूषण गोयल, उप शासन सचिव तथा रामचंद्र सैनी, सहायक आयुक्त, पंचायती राज विभाग सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
*बीकानेर संभाग में बीकानेर जिला प्रमुख सामान्य महिला के लिए आरक्षित*
हनुमानगढ़, गंगानगर, चूरू जिला प्रमुख सामान्य
➡️मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय—
➡️खेजड़ी सहित 29 प्रजातियों के वृक्षों के संरक्षण के लिए बनेगा कानून,
विवाह, विवाह विच्छेद, उत्तराधिकार, भरण-पोषण तथा लिव-इन के लिए लाया जाएगा एक समान और पारदर्शी कानून—
➡️विधानसभा के आगामी सत्र में लाए जाएंगे द राजस्थान ट्रीज (प्रोटेक्शन) बिल और द राजस्थान यूनिफॉर्म सिविल कोड बिल 

➡️जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में गुरुवार को आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में पर्यावरण संरक्षण एवं वृक्षों की अवैध कटाई को रोकने के लिए द राजस्थान ट्रीज (प्रोटेक्शन) बिल-2026, विवाह, विवाह विच्छेद, उत्तराधिकार, भरण-पोषण तथा लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़े कानूनों को व्यवस्थित रूप देने के लिए राजस्थान यूनिफॉर्म सिविल कोड बिल-2026 के प्रारूपों का अनुमोदन, ग्रामीण क्षेत्र में जलापूर्ति ढांचे को मजबूत बनाने के लिए संचालन एवं संधारण नीति लाने सहित सैनिक कल्याण एवं कार्मिक कल्याण से सम्बन्धित कई महत्वपूर्ण फैसले किए गए। प्रेसवार्ता में उपमुख्यमंत्री डाॅ. प्रेमचन्द बैरवा, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैया लाल और उद्योग एवं वाणिज्य राज्य मंत्री के.के. विश्नोई ने मंत्रिमंडल के निर्णयों की जानकारी दी। 

➡️संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने बताया कि पर्यावरण एवं जैव विविधता के संरक्षण की दिशा में ‘द राजस्थान ट्रीज (प्रोटेक्शन) बिल-2026’ आगामी विधानसभा सत्र में प्रस्तुत किया जाएगा। कैबिनेट द्वारा इस महत्वपूर्ण विधेयक के प्रारूप का अनुमोदन किया गया है। इस विधेयक के अंतर्गत राज्य वृक्ष खेजड़ी, राज्य पुष्प रोहिड़ा, बरगद, पीपल, लसोड़ा, तेंदू, महुआ, कैर और चिरोंजी सहित कुल 29 महत्वपूर्ण वृक्ष प्रजातियों के संवर्धन एवं संरक्षण को विशेष बढ़ावा मिलेगा। 

➡️गैर वन भूमि में वृक्षों की अवैध कटाई पर एक वर्ष की जेल और एक लाख जुर्माना—

➡️उन्होंने बताया कि ग्रामीण एवं आदिवासी जनजीवन में इन वृक्षों के विशेष महत्व को देखते हुए विधेयक में गैर वन भूमि में खड़े वृक्षों की कटाई को नियंत्रित करने तथा जवाबदेही निर्धारित करने हेतु ऐसे अपराधों को संज्ञेय एवं जमानती बनाया गया है। दोष सिद्ध पाये जाने पर एक वर्ष का कारावास या एक लाख रुपये जुर्माने अथवा दोनों का प्रावधान किया गया है। कोई भी व्यक्ति अपनी स्वामित्व वाली या कब्जे वाली भूमि पर खड़े किसी भी वृक्ष को अधिकृत प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना नहीं काटेगा और न ही काटने का कारण बनेगा। यदि कोई व्यक्ति अधिकृत प्राधिकारी की अनुमति से किसी वृक्ष को काटता अथवा हटाता है तो प्रत्येक वृक्ष के स्थान पर उसी क्षेत्र में निर्धारित संख्या में वृक्षों का रोपण होगा। इन वृक्षों के प्रभावी संरक्षण से आदिवासी एवं मरुस्थलीय अंचल के निवासियों की आजीविका और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ पहुंचेगा।

➡️सभी विवाहों का 60 दिनों के भीतर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा—

➡️संसदीय कार्य मंत्री ने बताया कि राज्य मंत्रिमंडल ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 की भावना के अनुरूप ‘द राजस्थान यूनिफॉर्म सिविल कोड (समान नागरिक संहिता) विधेयक-2026’ के प्रारूप का अनुमोदन किया है। इसे अब विधानसभा के आगामी सत्र में पेश किया जाएगा। इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य राज्य में विवाह, विवाह विच्छेद (तलाक), उत्तराधिकार, भरण-पोषण तथा लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़े कानूनों को एक समान, पारदर्शी और व्यवस्थित रूप देना है। इस विधेयक के प्रावधान अनुसूचित जनजातियों पर लागू नहीं होंगे। संविधान के तहत संरक्षित पारंपरिक अधिकारों वाले वर्गों को भी इससे बाहर रखा गया है। 

➡️उन्होंने बताया कि उच्चतम न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में गठित विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के आधार पर यह प्रारूप तैयार किया गया है। इसके प्रावधानों के अनुसार विवाह पंजीकरण अनिवार्य एवं बहुविवाह निषेध किया गया है। सभी धर्मों और समुदायों की अपनी-अपनी परंपराओं एवं रीतियों (जैसे- सप्तपदी, निकाह, आनंद कारज, होली यूनियन आदि) के अनुसार विवाह संपन्न कराने की पूर्ण स्वतंत्रता रहेगी। कानून लागू होने के बाद संपन्न होने वाले सभी विवाहों का 60 दिनों के भीतर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। लिव-इन संबंधों की शुरुआत तथा उनके समापन की लिखित सूचना या पंजीकरण का प्रावधान किया गया है, जिससे दोनों पक्षों के अधिकारों की सुरक्षा हो सकेगी। 

➡️संसदीय कार्य मंत्री ने बताया कि विवाह या तलाक के पंजीकरण का ज्ञापन मिलने के 15 दिनों के भीतर रजिस्ट्रार को प्रमाण पत्र जारी करना होगा या कारण बताते हुए लिखित में आवेदन खारिज करना होगा। रजिस्ट्रार द्वारा आवेदन खारिज करने पर 30 दिनों के भीतर रजिस्ट्रार जनरल के समक्ष अपील की जा सकेगी, जिसका निस्तारण 60 दिनों के भीतर करना अनिवार्य होगा। केवल पंजीकरण न होने या देरी होने मात्र से कोई विवाह अमान्य नहीं माना जाएगा। पंजीकरण न कराने पर 10 हजार रुपए तक और नोटिस मिलने के बाद भी अनदेखी करने पर 25 हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा। जानबूझकर पंजीकरण प्रक्रिया में देरी या उपेक्षा करने वाले रजिस्ट्रार पर रजिस्ट्रार जनरल द्वारा 25 हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि विधेयक में विवाह के पश्चात उत्पन्न विवादों के निपटारे के लिए स्पष्ट न्यायिक प्रक्रिया तय की गई है। संहिता के नियमों के उल्लंघन, जबरन अथवा धोखे से ली गई सहमति, या नपुंसकता सहित अन्य कारणों के आधार पर न्यायालय द्वारा विवाह को शून्य घोषित करने के स्पष्ट प्रावधान किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि उत्तराधिकार के मामले में पुत्र-पुत्री को समान अधिकार दिए गए हैं। यदि किसी व्यक्ति की बिना वसीयत बनाए मृत्यु होती है, तो उसकी संपत्ति का हस्तांतरण निर्धारित प्राथमिकता क्रम के अनुसार किया जाएगा। इसके लिए तीन श्रेणियां निर्धारित की गई हैं। प्रथम श्रेणी में जीवित पति व पत्नी, उनके जीवित बच्चों, मृत बच्चों के पति व पत्नी एवं बच्चों तथा माता-पिता को रखा गया है। दूसरी श्रेणी में सौतेले माता-पिता, भाई-बहन, दिवंगत भाई-बहन के पति-पत्नी एवं बच्चों, माता-पिता के भाई-बहन, दादा-दादी, नाना-नानी को रखा गया है। अन्य श्रेणी में पहली दो श्रेणी के अलावा अन्य रिश्तेदारों को रखा गया है। यदि इन श्रेणियों में कोई भी कानूनी उत्तराधिकारी नहीं मिलता है, तो संपत्ति सरकार के पास जाएगी, लेकिन सरकार भी संपत्ति से जुड़ी सभी देनदारियों व दायित्वों के अधीन होगी। मृत्यु के समय गर्भ में मौजूद शिशु (जो बाद में जीवित जन्मा हो) को भी उत्तराधिकार का पूरा कानूनी अधिकार प्राप्त होगा।

➡️ग्रामीण क्षेत्रों में सुचारू जलापूर्ति के लिए संचालन एवं संधारण नीति को मंजूरी—

जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैया लाल ने बताया कि राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में नल से जल की आपूर्ति को नियमित, स्वच्छ और टिकाऊ बनाए रखने के लिए संचालन एवं संधारण नीति को मंजूरी दी गई है। इस नीति में केंद्र सरकार के जल जीवन मिशन 2.0 के दिशा-निर्देशों तथा इसके सभी 19 प्रमुख घटकों को शामिल किया गया है। ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं के प्रभावी प्रबंधन और निगरानी के लिए ग्राम पंचायत, क्लस्टर समिति, ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर संस्थागत ढांचा गठित किया जाएगा। 

उन्होंने बताया कि स्थानीय स्तर पर बुनियादी ढांचे के दैनिक संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत और ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति की होगी, जो लघु सेवा प्रदाय निकाय के रूप में कार्य करेंगी। इन समितियों को तकनीकी मार्गदर्शन देने के लिए 5-6 ग्राम पंचायतों के समूह पर क्लस्टर समिति गठित की जाएगी। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग और राजस्थान जल प्रदाय एवं सीवरेज निगम वृहद सेवा प्रदाय निकाय के रूप में कार्य करेंगे। इन योजनाओं के सफल वित्तीय प्रबंधन के लिए केंद्रीय व राज्य वित्त आयोग के टाइड फंड, राज्य वित्त आयोग, बजट, विधायक और सांसद निधि, डीएमएफटी फंड, उपभोक्ता शुल्क से प्राप्त धनराशि का उपयोग किया जाएगा। वीबी- जी राम जी योजना के तहत भी मरम्मत एवं रखरखाव का कार्य किया जा सकेगा। इससे लोगों को समय पर पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ जल उपलब्ध हो सकेगा।

➡️1971 के युद्ध के 35 शहीदों के परिवारों को मिलेगा हक—

जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री ने बताया कि 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध (ऑपरेशन कैक्टस लिली) के दौरान राजस्थान के 326 सैनिक तुरंत शहीद हुए थे, जबकि 35 गंभीर रूप से घायल सैनिक इलाज के दौरान 1 जनवरी 1972 से 31 अक्टूबर 1972 के बीच वीरगति को प्राप्त हुए थे। इन 35 सैनिकों को भी ऑपरेशन कैक्टस लिली के अंतर्गत बैटल कैजुअल्टी (फेटल) घोषित किया गया है। इनके कुटुम्ब के भी एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का प्रावधान करने के लिए राजस्थान मृत सशस्त्र बल कार्मिक के (शहीद) आश्रितों को नियुक्ति नियम-2022 में संशोधन को मंत्रिमंडल द्वारा मंजूरी दी गई है। इसके अनुसार योजना का लाभ देने के लिए निर्धारित समयावधि को 31 दिसंबर 1971 से बढ़ाकर 31 अक्टूबर 1972 कर दिया गया है। कैबिनेट के इस निर्णय से 1971 के युद्ध में देश के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले इन 35 वीरों के परिवारों को भी आश्रित अनुकंपा नियुक्ति का हक मिल सकेगा।

➡️पदोन्नति हेतु वांछित अनुभव में 2 वर्ष की छूट—

उपमुख्यमंत्री डाॅ. प्रेमचन्द बैरवा ने बताया कि मंत्रिमंडल की बैठक में कार्मिकों को वर्ष 2026-27 में पदोन्नति हेतु अनुभव में 2 वर्ष की छूट देने का निर्णय किया गया। यह छूट उन कार्मिकों को ही मिलेगी, जिन्हें वर्ष 2023-24, 2024-25 एवं 2025-26 में यह लाभ प्राप्त नहीं हुआ था। इसके लिए विभिन्न सेवा नियमों में संशोधन कर 2 वर्ष के सशर्त शिथिलन का प्रावधान किया जाएगा। इस संशोधन से वांछित अनुभव की कमी के कारण रिक्त रहने वाले पदों को भरा जा सकेगा जिससे कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा।
 
➡️राजस्थान दिव्यांगजन अधिकार (संशोधन) नियम, 2026—

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि कैबिनेट ने शासकीय सेवा में कार्यरत दिव्यांग कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण का नोशनल बेनेफिट 30 जून, 2016 से दिए जाने हेतु राजस्थान दिव्यांगजन अधिकार (संशोधन) नियम-2026 का अनुमोदन किया है। वर्ष 2026-27 की बजट घोषणा की अनुपालना में किए गए इस फैसले से राज्य के दिव्यांग कार्मिकों की वर्षों पुरानी मांग पूरी हुई है। राज्य में दिव्यांगों को पदोन्नति में दिए जा रहे 4 प्रतिशत आरक्षण के तहत अब 30 जून, 2016 से नोशनल बेनेफिट दिया जाएगा। 

➡️मृत सरकारी कर्मचारी की पुत्र वूध भी अनुकम्पा नियुक्ति की पात्र—

उन्होंने बताया कि कैबिनेट ने मृत सरकारी कर्मचारियों के अनुकम्पा नियुक्ति हेतु पात्र आश्रितों की सूची में ‘पुत्र वधू’ को भी शामिल करने का निर्णय किया है। बजट घोषणा की अनुपालना में किए गए इस फैसले से मृतक सरकारी कर्मचारी की पुत्र वधू को अनुकम्पा नियुक्ति मिल सकेगी, जिससे वह परिवार का भरण-पोषण भली-भांति कर सकेगी।  
प्रशिक्षण के दौरान पद त्याग करने पर कार्मिकों से नहीं होगी वसूली

उन्होंने बताया कि अब राजपत्रित पद पर नियुक्ति के बाद प्रशिक्षण के दौरान या प्रशिक्षण समाप्ति से दो वर्ष की अवधि में पद त्याग करने पर कार्मिकों से केवल प्रशिक्षण व्यय की वसूली होगी, उनसे वेतन-भत्तों की वसूली नहीं की जाएगी। वहीं, राज्य या केंद्र सरकार के विभागों अथवा उपक्रमों में नई नियुक्ति के फलस्वरूप पद त्याग करने पर प्रशिक्षण के दौरान भुगतान किए गए वेतन-भत्तों के साथ-साथ प्रशिक्षण व्यय की भी कोई वसूली नहीं की जाएगी। इसके अलावा, एकल महिला राज्य कर्मचारियों को चाईल्ड केयर लीव एक कैलेण्डर वर्ष में 3 के स्थान पर 6 चरणों में स्वीकृत की जा सकेगी। सरोगेसी से मातृत्व प्राप्त करने के मामलों में सरोगेट मदर को 180 दिन तथा कमीशनिंग मदर को 90 दिन का मातृत्व अवकाश प्रदान किया जाएगा। इससे ये महिला कर्मचारी अपने बच्चों की बेहतर देखभाल कर सकेंगी। इन प्रावधानों के लिए मंत्रिमंडल ने राजस्थान सेवा नियम-1951 में संशोधनों को मंजूरी दी है।

➡️जनजाति क्षेत्रीय विकास में वार्डन की भर्ती का मार्ग प्रशस्त—

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि कैबिनेट ने जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग द्वारा संचालित राजकीय आवासीय विद्यालयों एवं छात्रावासों में वार्डन के पदों पर भर्ती का मार्ग प्रशस्त करने के लिए राजस्थान जनजाति क्षेत्रीय विकास राज्य एवं अधीनस्थ सेवा (भर्ती एवं सेवा की अन्य शर्तें) नियम, 2001 में संशोधन का अनुमोदन किया है। इसमें परीक्षा स्कीम, निगेटिव मार्किंग, न्यूनतम पासिंग माक्र्स 40 प्रतिशत एवं विस्तृत पाठ्यक्रम के प्रावधान जोड़े गए हैं। इस निर्णय से टीएडी विभाग में छात्रावास अधीक्षक महिला ग्रेड-2 के 254 पद सहित छात्रावास अधीक्षक ग्रेड-2 के कुल 470 पद को राजस्थान अधीनस्थ एवं मंत्रालयिक सेवा समान पात्रता परीक्षा के माध्यम से भरा जा सकेगा। पहले ये पद शिक्षा विभाग से प्रतिनियुक्ति पर भरे जाते थे।

➡️राजस्थान वन अधीनस्थ सेवा नियम, 2015 में संशोधन—

उन्होंने बताया कि राजस्थान वन अधीनस्थ सेवा नियम, 2015 में संशोधनों को मंत्रिमंडल की बैठक में स्वीकृति प्रदान की गई। इससे वनरक्षक पद से सहायक वनपाल, सहायक वनपाल पद से वनपाल एवं सर्वेयर से कनिष्ठ अभियंता के पदों पर पदोन्नति का मार्ग प्रशस्त होगा।

➡️महिला एवं बाल विकास विभाग सेवा नियम संशोधन—

उन्होंने बताया कि वित्त विभाग की अधिसूचना दिनांक 11 दिसम्बर, 2024 के द्वारा राजस्थान सिविल सेवा (संशोधित वेतन) नियम, 2017 में हुए संशोधन में विभिन्न विभागों में पदोन्नति के अवसर बढ़ाए गए थे। इसमें समेकित बाल विकास  सेवा के संयुक्त निदेशक एवं कार्यक्रम निदेशक/अतिरिक्त निदेशक के दो नवीन पदनाम भी थे। अब इन पदों को राजस्थान समेकित बाल विकास (राज्य एवं अधीनस्थ) सेवा नियम, 1998 में सम्मिलित किया गया है। पदोन्नति के इन दो अतिरिक्त अवसरों से आईसीडीएस में विभागीय कार्यों में गुणवत्ता और प्रभावी नियंत्रण स्थापित होगा। 

➡️उद्योगों एवं अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं हेतु भूमि आवंटन—

जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री ने बताया कि मैसर्स अल्ट्राटेक सीमेन्ट लिमिटेड को जैसलमेर जिले के ग्राम पारेवर में करीब 306 हेक्टेयर औद्योगिक भूमि के आवंटन की मंजूरी दी गई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अक्षय ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 4 अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन के प्रस्तावों का अनुमोदन भी आज किया गया। प्रस्तावों के अनुसार बीकानेर जिले की तहसील पूगल के ग्राम बरजू में लगभग 228 हेक्टेयर, जैसलमेर जिले की उपनिवेशन तहसील रामगढ़ 2 के ग्राम रामगढ़ बारानी दक्षिण में लगभग 485 हेक्टेयर भूमि सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए एवं जैसलमेर जिले की तहसील फतेहगढ़ के ग्राम तोगा व नीम्बा में 178 हैक्टेयर भूमि और बाड़मेर जिले की तहसील शिव के ग्राम लीकड़ी में लगभग 51 हेक्टेयर भूमि सोलर-विंड हाइब्रिड परियोजना के लिए सशर्त कीमतन आवंटन की स्वीकृति दी गई है।
 
➡️एस्केप जलाशय निर्माण से प्रभावित काश्तकारों को भूमि आवंटन—

उन्होंने बताया कि राज्य मंत्रिमंडल ने जिला जैसलमेर की उपनिवेशन तहसील नाचना-1 के ग्राम चिन्नू में एस्केप जलाशय (आरडी 1121) के निर्माण से प्रभावित 21 गैर-खातेदार काश्तकारों को उसी गांव में भूमि आवंटित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। इस निर्णय को एक विशेष परिस्थिति मानते हुए अपवाद स्वरूप मंजूरी दी गई है, ताकि प्रभावित काश्तकारों का पुनर्वास हो सके और वर्षों पुराना विवाद सुलझ सके। इंदिरा गांधी मुख्य नहर की बुर्जी 1121 पर एस्केप चैनल निर्माण के लिए वर्ष 1999 में 21 काश्तकारों की लगभग 722 बीघा भूमि ली गई थी। उस समय औपचारिक भूमि अवाप्ति की प्रक्रिया पूरी किए बिना ही भूमि एस्केप चैनल के नाम दर्ज कर दी गई थी और काश्तकारों को विकल्प के रूप में अन्यत्र भूमि नहीं मिल सकी थी। यह एस्केप जलाशय जल जीवन मिशन के तहत जोधपुर शहर को पीने का पानी उपलब्ध कराने के लिए अत्यंत आवश्यक प्रोजेक्ट है। मानसून के दौरान नहर से मिलने वाले अतिरिक्त पानी का इस जलाशय में संग्रहण हो सकेगा, जिससे जोधपुर को नियमित जल आपूर्ति में मदद मिलेगी।
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पंचायति राज और निकाय चुनाव को लेकर दिशा निर्देश जारी।
भादरा चेयरमैन पद सामान्य सीट
अपना यूपीआई क्यूआर कोड चिपका की ठगी 
*भादरा,हनुमानगढ़ के रहने वाले युवक ने रात में पौने 4 घंटे में 8 पेट्रोल पंपों पर लगाया अपना क्यूआर कोड, कलेक्शन हथिया एटीएम से निकाला, पाली के पेट्रोल पंपों पर लगाया अपना क्यूआर कोड....!!!*
बीकानेर संभाग के नगर निकाय प्रमुखों के लिए लॉटरी
सुरतपुरा विद्यालय में पुस्तकालय निर्माण के लिए युवा भामाशाह सुरेन्द्र बेनीवाल ने 11 लाख रुपये देने की घोषणा

सुरतपुरा। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सुरतपुरा में पुस्तकालय निर्माण के लिए गांव के युवा भामाशाह व्यवसाई सुरेन्द्र बेनीवाल ओर परिवार ने सराहनीय पहल करते हुए 11 लाख रुपये (11,00,000 रुपये) देने की घोषणा की है।

गुरुवार, 13 अगस्त 2026 को बेनीवाल परिवार के भामाशाह श्री  सुरेंद्र कुमार बेनीवाल पुत्र स्वर्गीय श्री जयवीर सिंह बेनीवाल, श्री दीवान सिंह बेनीवाल एवं श्री सतवीर सिंह बेनीवाल विद्यालय में उपस्थित हुए। उन्होंने अपनी दादी एवं माताजी स्वर्गीय श्रीमती जमना देवी पत्नी श्री माई सुख बेनीवाल की मधुर स्मृति में विद्यालय में पुस्तकालय निर्माण के लिए 11 लाख रुपये देने की घोषणा की।

युवा भामाशाह व्यवसाई सुरेन्द्र बेनीवाल की इस पहल से विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों को पुस्तकालय की सुविधा मिलने के साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी सकारात्मक योगदान होगा। विद्यालय परिवार ने बेनीवाल परिवार का आभार व्यक्त करते हुए इस पुनीत कार्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

विद्यालय परिवार ने ईश्वर से प्रार्थना की कि स्वर्गीय श्रीमती जमना देवी की स्मृति में किए जा रहे इस कार्य को सफलता मिले तथा बेनीवाल परिवार की सभी मनोकामनाएं पूर्ण हों।

आपको बता दे कि सुरेन्द्र बेनीवाल सूरतपुरा पिछले लगभग 15 वर्षों से ज्यादा समय से हैदराबाद में अपनी ट्रांसपोर्ट चला रहे है। पिछले लगभग 5 वर्षों से ज्यादा समय के दौरान युवा भामाशाह सुरेन्द्र बेनीवाल ने ना सिर्फ सूरतपुरा के स्कूल बल्कि मंदिर , सागड़ा गोशाला , भिरानी की संस्थाओं समेत कई संस्थाओं में अपना दिल खोलकर आर्थिक सहयोग किया है ।
विजेंद्र गोदारा का CUET- ICAR परीक्षा में शानदार प्रदर्शन, पूरे भारत में 128 वीं रैंक की हासिल बनेगा कृषि वैज्ञानिक ! हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में हुआ सलेक्शन।
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प्रेस नोट

राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे प्रस्तावित 40/75 मीटर कंट्रोल लाइन को लेकर सांसद राहुल कस्वां ने मुख्यमंत्री से मांगा स्पष्टीकरण

जयपुर। चूरू सांसद राहुल कस्वां ने राजस्थान में राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे प्रस्तावित 40/75 मीटर कंट्रोल लाइन के क्रियान्वयन से उत्पन्न हो रही जन-चिंताओं को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखा है। सांसद ने कहा कि इस विषय को लेकर प्रदेश के हजारों निवासी, व्यापारी, किसान एवं संपत्ति स्वामी अपने मकानों, प्रतिष्ठानों तथा आजीविका के भविष्य को लेकर असमंजस एवं चिंता की स्थिति में हैं।

सांसद कस्वां ने पत्र में लोकसभा में उनके द्वारा पूछे गए अतारांकित प्रश्न के उत्तर का उल्लेख करते हुए बताया कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि 40/75 मीटर कंट्रोल लाइन के संबंध में मंत्रालय द्वारा कोई अधिसूचना जारी नहीं की गई है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा फोरलेन दुर्घटना प्रकरण में दिए गए निर्देशों के अनुपालन में बिल्डिंग लाइन एवं कंट्रोल लाइन का विनियमन, अधिसूचना जारी करना तथा उनका क्रियान्वयन संबंधित राज्य सरकारों के अधिकार एवं दायित्व के अंतर्गत आता है।

सांसद ने कहा कि बिल्डिंग लाइन एवं कंट्रोल लाइन का निर्धारण राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र का विषय है तथा विभिन्न राज्यों में इस संबंध में अलग-अलग नियम एवं प्रावधान लागू हैं। ऐसे में राजस्थान की जनता को राज्य सरकार की नीति, लागू नियमों एवं इनके क्रियान्वयन की प्रक्रिया के संबंध में स्पष्ट एवं अधिकृत जानकारी उपलब्ध कराया जाना आवश्यक है।

उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि इस विषय में राज्य सरकार की नीति, प्रस्तावित कार्यप्रणाली तथा लागू किए जाने वाले दिशा-निर्देशों के संबंध में यथाशीघ्र सार्वजनिक स्पष्टीकरण जारी किया जाए। इससे आमजन में व्याप्त भ्रम एवं आशंकाओं का निवारण होगा, भ्रामक सूचनाओं पर रोक लगेगी तथा पूरे प्रदेश में नियमों को लेकर एकरूपता एवं स्पष्टता सुनिश्चित हो सकेगी।

सांसद राहुल कस्वां ने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री इस महत्वपूर्ण जनहित के विषय पर संवेदनशीलतापूर्वक विचार करते हुए आवश्यक कार्रवाई करेंगे।
हनुमानगढ़ में सामूहिक गिरफ्तारी आंदोलन में केंद्र सरकार पर बोला हमला ! अमेरिका ट्रेड डील वापिस लेने ,नए लेबर कानून ख़त्म करने , मनरेगा योजना बहाल करने समेत कई मुद्दों पर रखी बात । 
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Balwan Poonia
नवीन सहारण का जैट परीक्षा में शानदार प्रदर्शन, बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय में हुआ सलेक्शन । पूरे भारत में CUET ICAR परीक्षा में 89 वीं रैंक की हासिल बनेगा कृषि वैज्ञानिक !
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