दशकों बाद गुरमाहा में पहली बार लहराया तिरंगा, भय के साए से निकला इलाका
जमुई। स्वतंत्रता दिवस पर जमुई के पूर्व अति नक्सल प्रभावित गुरमाहा में इतिहास रचा गया। दशकों बाद पहली बार यहां आधिकारिक रूप से राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। जिला प्रशासन के निरंतर प्रयासों से आयोजित इस कार्यक्रम में बरहट के प्रखंड कृषि पदाधिकारी ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की मौजूदगी में तिरंगा फहराया।
कभी नक्सली गतिविधियों का केंद्र रहे गुरमाहा के मैदान में तिरंगा लहराते ही माहौल देशभक्ति से गूंज उठा। बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के चेहरों पर भय की जगह गर्व और उत्साह नजर आया। ग्रामीणों ने निर्भीक होकर राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान और देशभक्ति की भावना प्रकट की।
बताया जाता है कि इसी मैदान में कभी नक्सलियों की ट्रेनिंग और रणनीतिक बैठकें होती थीं। यहां माओवादी संगठन का नौवां कांग्रेस अधिवेशन भी आयोजित हुआ था। नक्सली गतिविधियों के कारण यह इलाका लंबे समय तक भय और आतंक के साए में रहा।
अब सुरक्षा, प्रशासनिक पहुंच और विकास के प्रयासों से हालात बदल रहे हैं। गुरमाहा में पहली बार आधिकारिक रूप से तिरंगा फहराया जाना इस बदलाव का प्रतीक माना जा रहा है। ग्रामीणों के लिए यह सिर्फ झंडारोहण नहीं, बल्कि दशकों बाद मिली आजादी और नए भरोसे का उत्सव बन गया।