गांधी जयंती एवं लाल बहादुर शास्त्री जयंती पर स्वच्छता का संकल्प लें, खुले में कचरा फेंकने से बचें - दिनेश वशिष्ठ।
गुरुग्राम, गौरव गर्ग । राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर स्वच्छता का संदेश देते हुए दिनेश वशिष्ठ, पूर्व अध्यक्ष आर.डब्ल्यू.ए. सेक्टर 3, 5 एवं 6 ने शहरवासियों से स्वच्छता अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने और खुले में कूड़ा-कचरा न फेंकने की अपील की।
दिनेश वशिष्ठ ने बताया की सेक्टर 4/7 चौक के पास आते जाते लोग कूड़ा कचरा डालते थे जो राहगीरों को परेशान होती थी और इससे गंदगी फैल जाती थी जिससे लोगों को परेशानी होती थी हमने गांधी जयंती एवं लाल बहादुर शास्त्री जयंती पर स्वच्छता का संकल्प लिया और यहाँ स्थानीय लोगों के सहयोग से सफाई अभियान चलाया और हमेशा के लिए गंदगी मुक्त कर दिया है यहाँ पर लाइट लगाई गई और साथ सीसीटीवी लगाए गए और एमसीजी द्वारा खुले में कूड़ा डालने पर जुर्माने का भी प्रावधान किया गया है।
दिनेश वशिष्ठ ने कहा कि महात्मा गांधी ने स्वच्छता को जीवन का अभिन्न अंग माना था और स्वच्छ भारत का सपना देखा था। आज उनकी जयंती पर हमें केवल स्वच्छता अभियान चलाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि अपने दैनिक जीवन में भी स्वच्छता को अपनाना चाहिए। लाल बहादुर शास्त्री जी का सादगी, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा का संदेश भी हमें समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि गुरुग्राम जैसे अंतरराष्ट्रीय पहचान वाले शहर में जगह-जगह खुले में कूड़ा फेंकना और गंदगी फैलाना चिंता का विषय है। सड़कों, दुकानों के आसपास और खाली स्थानों पर कचरे के ढेर लगने से न केवल शहर की सुंदरता प्रभावित होती है, बल्कि बीमारियों का खतरा भी बढ़ता है।
दिनेश वशिष्ठ ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि खुले में कूड़ा फेंककर सफाई कर्मचारियों की मेहनत पर पानी न फेरें। कचरा हमेशा निर्धारित स्थान पर ही डालें और गीले एवं सूखे कचरे को अलग-अलग रखें। दुकानदारों और व्यापारियों को भी अपनी दुकानों के आसपास सफाई बनाए रखनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल नगर निगम या सफाई कर्मचारियों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। यदि हर व्यक्ति अपने घर, दुकान और आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ रखने का संकल्प ले, तो गुरुग्राम को स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ शहर बनाया जा सकता है।
आइए, गांधी जयंती और लाल बहादुर शास्त्री जयंती पर संकल्प लें कि न स्वयं खुले में कचरा फेंकेंगे और न दूसरों को ऐसा करने देंगे। स्वच्छता को अपनी आदत बनाकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देंगे।