चलानी व्यवस्था देखिए बीच चौराहे पर बीच शहर में खड़े होते हैं और मात्र एक रोड पर चार जगह और जबरदस्ती रास्ते में आकर गाड़ियों को रोकते हैं माताएं बहने बैठी रहती है गाड़ियों को बच्चे बैठे रहते हैं गाड़ियों के आदमी बचाने के चक्कर में इधर-उधर होकर एक्सीडेंट होकर लग जाए मर जाए तो इसका जिम्मेदार कौन और फिर अगर वाहन चेकिंग चल रही है तो कुछ लोग ही क्यों एक तरफ से सभी लोग क्यों नहीं यह कैसा जागरूकता अभियान है यह कैसा सड़क अधिनियम है योजनाओं को लागू करने वाले बचेंगे झंडी दिखाने वाले बचेंगे और जिनको चालान काटना है वह बचेंगे बाकी आम जनता इनको कानून तोड़ने वाले लगते हैं बस इन्हीं सब व्यवस्थाओं को लेकर आज 11:00 बजे तहसील कार्यालय से collectorate तक पैदल मार्च