स्कूल ड्रेस में 10वीं कक्षा का 15 वर्षीय नाबालिग चला रहा था स्विफ्ट कार, आगे रेड-ब्लू लाइट और शीशों पर ब्लैक फिल्म, ट्रैफिक पुलिस ने पीछा कर रुकवाया, गाड़ी इंपाउंड कर 37,500 रुपये का चालान
पंचकूला/ 30 सितंबर:- पंचकूला की सड़कों को सुरक्षित, व्यवस्थित और अनुशासित बनाने के लिए पंचकूला पुलिस द्वारा यातायात नियमों की उल्लंघना करने वाले वाहन चालकों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस कमिश्नर आईपीएस पंकज नैन ने फील्ड में तैनात राइडर एवं ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सड़क सुरक्षा से जुड़े नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ मौके पर ही नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक आईपीएस अमरिंदर सिंह के अनुसार, आज सिटी ट्रैफिक थाना में तैनात एसपीओ परमिंदर सिंह जुड़िशियल कट, सेक्टर-12ए के पास ट्रैफिक ड्यूटी पर तैनात थे। ड्यूटी के दौरान उन्होंने एक काले रंग की स्विफ्ट कार को आते हुए देखा, जिस पर रेड-ब्लू लाइट लगी हुई थी। ट्रैफिक जवान ने चालक को रुकने का इशारा किया, लेकिन चालक ने रुकने के बजाय वाहन को आगे ले जाने का प्रयास किया। एसपीओ परमिंदर सिंह ने तत्परता दिखाते हुए वाहन को रुकवाया और तुरंत इसकी सूचना सिटी ट्रैफिक थाना को दी।
सूचना मिलते ही सिटी ट्रैफिक थाना प्रभारी इंस्पेक्टर वरिंद्र कुमार मौके पर पहुंचे और वाहन की जांच की। जांच के दौरान कार पर रेड-ब्लू लाइट लगी होने के साथ-साथ शीशों पर ब्लैक फिल्म भी लगी पाई गई। पुलिस जांच में सामने आया कि कार चला रहा युवक महज 15 वर्ष की उम्र का 10वीं कक्षा का छात्र था और स्कूल ड्रेस में वाहन चला रहा था। कार में उसके साथ दो अन्य नाबालिग लड़के भी स्कूल ड्रेस में बैठे हुए थे।
पुलिस कमिश्नर आईपीएस पंकज नैन के अनुसार वाहन से रेड-ब्लू लाइट तथा ब्लैक फिल्म को मौके पर ही उतरवाया गया और कार को इंपाउंड कर थाना सेक्टर-14, पंचकूला में जमा करवाया गया। नियमों के उल्लंघन के संबंध में वाहन का कुल 37,500 रुपये का चालान किया गया, जिसमें नाबालिग द्वारा वाहन चलाने के संबंध में परिजनों पर लगाया गया 5,000 रुपये का जुर्माना भी शामिल है।
हमारा मकसद साफ है सड़कें सुरक्षित हों, वाहन चालक अनुशासित रहें, अभिभावक अपनी जिम्मेदारी समझें और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित हो। इसके बावजूद यदि कोई नियमों की अनदेखी करता है, तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने की अनुमति न दें और स्वयं भी यातायात नियमों का पालन कर बच्चों के सामने उदाहरण प्रस्तुत करें।