सीधी जिले में स्वामित्व योजना के खिलाफ कलेक्ट्रेट पहुंची 200 पटवारियों की रैली,वीथिका भवन से कलेक्ट्रेट तक निकाली रैली, अपर कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन; मांगें पूरी होने तक रजिस्ट्री प्रक्रिया से दूरी बनाने का ऐलान
सीधी। स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण आबादी की संपत्तियों की रजिस्ट्री प्रक्रिया को लेकर सीधी जिले में पटवारी संघ और प्रशासन के बीच विवाद गहराता नजर आ रहा है। बुधवार को जिलेभर से करीब 200 पटवारी एकजुट होकर रैली के रूप में भवन से कलेक्ट्रेट पहुंचे। पटवारियों ने अपनी विभिन्न मांगों और दंडात्मक कार्रवाई के विरोध में अपर कलेक्टर बी.पी. पांडे को ज्ञापन सौंपा।
पटवारी संघ का कहना है कि स्वामित्व योजना के तहत रजिस्ट्री प्रक्रिया से संबंधित कार्यों में पटवारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। इसी जिम्मेदारी को लेकर प्रदेश के विभिन्न जिलों में पटवारियों के विरुद्ध सेवा समाप्ति, निलंबन एवं अन्य दंडात्मक कार्रवाई किए जाने से पटवारी संवर्ग में नाराजगी है।
कार्रवाई को लेकर पटवारियों में आक्रोश
पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष उपेंद्र सिंह बघेल ने बताया कि स्वामित्व योजना के निष्पादन से संबंधित विधिक एवं व्यवहारिक समस्याओं से शासन को पहले भी अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद पटवारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है।
संघ का कहना है कि योजना में पटवारियों को निष्पादन अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है। इस कारण उन्हें संपत्तियों की प्रक्रिया में सीधे शामिल होना पड़ रहा है। पटवारियों को आशंका है कि भविष्य में जमीन के स्वामित्व को लेकर कोई विवाद या कानूनी मामला सामने आने पर उन्हें भी जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।
रजिस्ट्री प्रक्रिया में शामिल होने पर जताई आपत्ति
मध्यप्रदेश में स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण आबादी की संपत्तियों की निःशुल्क रजिस्ट्री कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है। शासन स्तर पर पटवारियों सहित तहसीलदार, नायब तहसीलदार और अन्य राजस्व अधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
पटवारियों का कहना है कि रजिस्ट्री प्रक्रिया में उनकी व्यक्तिगत पहचान और दस्तावेजों का इस्तेमाल हो रहा है। भविष्य में किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न होने पर कानूनी जिम्मेदारी का सामना करना पड़ सकता है। इसी आशंका के चलते पटवारी संघ ने इस प्रक्रिया में सहयोग करने को लेकर आपत्ति जताई है।
जिलेभर से पटवारी हुए शामिल
बुधवार को सीधी जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पटवारी रैली में शामिल हुए। संघ के अनुसार करीब 200 पटवारियों ने भवन से कलेक्ट्रेट तक रैली निकाली। इस दौरान पटवारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में प्रशासन के समक्ष अपनी बात रखी और ज्ञापन सौंपा।
रैली के माध्यम से पटवारी संघ ने दंडात्मक कार्रवाई वापस लेने तथा स्वामित्व योजना से जुड़े कार्यों में उनकी भूमिका और कानूनी जिम्मेदारी को स्पष्ट किए जाने की मांग उठाई।
मांगें पूरी होने तक रजिस्ट्री से दूरी
पटवारी संघ ने कहा है कि जब तक उनकी मांगों और समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता, तब तक स्वामित्व योजना के तहत रजिस्ट्री प्रक्रिया में सहयोग नहीं किया जाएगा। संघ के इस निर्णय से ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही अथवा प्रस्तावित निःशुल्क रजिस्ट्री प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका है।
संघ ने शासन से मांग की है कि पटवारियों के विरुद्ध की गई सेवा समाप्ति, निलंबन एवं अन्य दंडात्मक कार्रवाइयों को वापस लिया जाए और स्वामित्व योजना से जुड़े कार्यों की कानूनी जिम्मेदारी को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
अपर कलेक्टर ने लिया ज्ञापन
पटवारियों द्वारा कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपर कलेक्टर बी.पी. पांडे को ज्ञापन सौंपा गया। अपर कलेक्टर ने पटवारी संघ का ज्ञापन प्राप्त करते हुए कहा कि उन्हें मामले की विस्तृत जानकारी नहीं है। उन्होंने ज्ञापन को संबंधित स्तर पर भेजे जाने की बात कही।
अब पटवारी संघ के आंदोलन और रजिस्ट्री प्रक्रिया से दूरी बनाने के ऐलान के बाद प्रशासन और शासन की ओर से क्या कदम उठाया जाता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।
संघ ने शासन से रखीं प्रमुख मांगें
- देवास जिले में की गई पटवारियों की सेवा समाप्ति की कार्रवाई वापस ली जाए।
- अन्य जिलों में किए गए निलंबन एवं दंडात्मक कार्रवाई वापस ली जाए।
- स्वामित्व योजना से जुड़े कार्यों की कानूनी जिम्मेदारी स्पष्ट की जाए।
- पटवारियों की व्यक्तिगत पहचान एवं दस्तावेजों के इस्तेमाल को लेकर स्थिति स्पष्ट की जाए।
- योजना के क्रियान्वयन में सामने आ रही विधिक एवं व्यवहारिक समस्याओं का समाधान किया जाए।
- मांगों का समाधान होने तक पटवारी संघ ने रजिस्ट्री प्रक्रिया में सहयोग नहीं करने का निर्णय लिया है।