संसद ने खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 (MMDR Amendment Bill 2026) को पारित कर दिया है, जिसके तहत झारखंड समेत सभी राज्य सरकारें अब खनिज और खनिज युक्त भूमि पर अपनी मर्जी से कोई अतिरिक्त टैक्स, सेस (उपकर) या लेवी नहीं वसूल सकेंगी। 12 अगस्त 2026 को लोकसभा और 13 अगस्त 2026 को राज्यसभा से यह बिल पास हो चुका है।इस कानून के लागू होने से झारखंड सरकार को मिलने वाले करीब ₹10,000 करोड़ के सालाना अतिरिक्त राजस्व पर सीधा संकट आ गया है। राजस्व में इस भारी कटौती के कारण राज्य की प्रमुख कल्याणकारी योजनाएं, विशेषकर मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना और अन्य सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम वित्तीय मोर्चे पर प्रभावित हो सकते हैं।
झामुमो ने दी प्रतिक्रिया," खनिज हमारा, जमीन हमारी, लेकिन हक़ छीनने का फरमान दिल्ली का।भाजपा सरकार का यह बिल झारखंड और झारखंडियों के अधिकारों पर सीधा हमला है। राज्य के राजस्व अधिकार छीनकर झारखंड को पंगु बनाने की यह तानाशाही बिल्कुल नहीं चलेगी।खनिज ल