गवरी — मेवाड़ की सदियों पुरानी लोक परंपरा 🙏
मेवाड़ की धरती पर पीढ़ियों से जीवित गवरी लोकनाट्य केवल नृत्य नहीं, बल्कि आदिवासी भील समाज की आस्था, परंपरा और लोककथाओं का जीवंत स्वरूप है।
मान्यता है कि गवरी में शिव और भस्मासुर से जुड़ी पौराणिक कथाओं सहित अनेक लोक प्रसंगों का मंचन किया जाता है। कलाकार गांव-गांव घूमकर कई दिनों तक इस परंपरा का निर्वहन करते हैं।
गवरी आज भी मेवाड़ की समृद्ध लोक संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत की पहचान है। 🙏
vc @_krishna_sharma_