अजय यादव हत्याकांड: एक घूंसे का बदला लेने के लिए बहाया दोस्त का खून, डेढ़ साल तक पाली रंजिश; ये है पूरी कहानी
Baghpat News: गढ़ी कलंजरी निवासी सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार के निजी चालक अजय यादव की हत्या उसके ही दो दोस्तों ने की। पुलिस ने एक आरोपी अमित भाटी को गिरफ्तार कर शव बरामद कर लिया। दूसरा आरोपी लवदीप की तलाश की जा रही है।
डेढ़ साल पहले झगड़े में लगे एक मुक्के का बदला लेने के लिए दो दोस्तों ने सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार के निजी चालक अजय यादव का सिर ईंट से कूचकर हत्या कर दी। पुलिस ने हत्यारोपी अमित भाटी निवासी पूरनपुर नवादा को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर सोमवार देर रात घिटोरा गांव के जंगल से अजय का शव बरामद किया। मंगलवार को पोस्टमार्टम हाउस पर मृतक के परिजनों ने हंगामा कर दूसरे हत्यारोपी का एनकाउंटर होने तक अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। अफसरों के समझाने पर वह शांत हुए।
गढ़ी कलंजरी गांव के देवेंद्र ने बताया कि दो अक्तूबर की शाम गांव के ही लवदीप उर्फ कल्लू और पूरनपुर नवादा गांव निवासी अमित भाटी उसके भाई अजय को पार्टी करने के बहाने बुलाकर अपने साथ ले गए। तभी से अजय का फोन बंद हो गया था। इसके बाद लवदीप और अमित से भी संपर्क नहीं हो सका। उन्होंने पुलिस को डेढ़ साल पहले लवदीप और अजय में झगड़ा होने और उसका बदला लेने के लिए अजय की हत्या किए जाने का शक जताते हुए पूरा मामला बताया। इसके बाद पुलिस ने लवदीप और अमित की तलाश शुरू कर दी।
सोमवार शाम खौला मोड़ के पास अमित भाटी पुलिस को मिल गया, जो कहीं भागने की फिराक में था। एसपी सूरज कुमार राय के अनुसार, अमित भाटी से पूछताछ की तो उसने बताया कि दो अक्तूबर की रात पहले उन्होंने लवदीप के घर में बैठकर शराब पी। शराब खत्म होने के बाद उन्होंने भागोट गांव में जाकर और शराब पी। वहां से घिटोरा गांव के जंगल में चले गए। घिटोरा गांव के जंगल में लवदीप और अजय में डेढ़ साल पहले हुए झगड़े को लेकर कहासुनी होने लगी।
तभी दोनों ने पास में पड़ी ईंट उठाकर अजय के सिर में मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई। शव को सड़क किनारे से लोनी क्षेत्र के खेत में फेंकने के लिए लेकर गए। लोनी के बॉर्डर पर भागोट के खेत में शव फेंककर वहां से भाग गए। पुलिस ने हत्यारोपी की निशानदेही पर सोमवार रात अजय का शव, उसकी चप्पल समेत अन्य सामान बरामद किया, लेकिन मोबाइल नहीं मिला। अब पुलिस ने दूसरे हत्यारोपी लवदीप की तलाश शुरू कर दी, जिसके कई ठिकानों पर दबिश भी दी।
लवदीप के ताऊ ने नहीं भेजे रुपये, अमित की बहन ने घर से भगाया
गिरफ्तार किए गए अमित भाटी ने बताया कि दो अक्तूबर की रात अजय की हत्या करने के बाद लवदीप ने अपने ताऊ को फोन करके 10-15 हजार रुपये ट्रांसफर करने के लिए कहा। उन्होंने रुपये ट्रांसफर करने से मना कर दिया। इसके बाद शराब के नशे में घिटोरा गांव के जंगल में एक नलकूप पर सो गए थे। सुबह करीब तीन बजे दोनों का नशा कम हुआ तो बचने के तरीके सोचने लगे, लेकिन कुछ समझ नहीं आया।
अमित ने बताया कि लवदीप को लेकर पाबला गांव में अपनी रिश्तेदारी में पहुंच गया। एक दो घंटे वहां रहे और वहां से दोनों एक परिचित के पास दिल्ली पहुंचे। वहां भी उनको डर था कि पुलिस उनको पकड़ लेगी। वहां से दोनों अलग हो गए। अमित ने बताया कि दिल्ली से गाजियाबाद में अपनी बहन के यहां पहुंचा। बहन को उसकी हरकतों पर शक हुआ तो उसने पूछताछ की। हत्या का पता चलने पर बहन ने घर से भगा दिया। इसके बाद से गढ़ी कलंजरी, सरफाबाद समेत आसपास के गांवों के नलकूपों पर छिपकर रह रहा था।
50 मीटर खींचकर ले गए थे शव
पूछताछ में अमित ने बताया कि घिटोरा गांव के जंगल में अजय की हत्या करने के बाद उन्होंने शव ठिकाने लगाने की योजना बनाई। इसके बाद अजय के पैर पकड़कर खींचते हुए 50 मीटर से ज्यादा दूर ले गए। वहां पर मिट्टी खोदाई के गड्ढे मिलने पर शव को वहीं पर डालकर भाग गए।
डेढ़ साल तक बंद रही बोलचाल, दस दिन पहले हुई थी दोस्ती
देवेंद्र ने बताया कि लवदीप और अजय में झगड़ा होने के बाद डेढ़ साल तक बोलचाल पूरी तरह बंद रही। दोनों एक ही गांव के रहने वाले थे, इसके चलते रास्ते में आमने-सामने आने पर मुंह मोड़ कर चले जाते थे। आरोप लगाया कि लवदीप लगातार बदला लेने की फिराक में था। इसके लिए लवदीप ने हत्या की योजना बनाकर दस दिन पहले अजय से दोस्ती की और फिर अपने साथी अमित भाटी के साथ मिलकर हत्याकांड को अंजाम दिया।
चार घंटे पोस्टमार्टम हाउस में रखा रहा शव, गांव में पुलिस-पीएसी तैनात
अजय के परिवार वाले दूसरे हत्यारोपी लवदीप का एनकाउंटर कराने की मांग पर अड़ गए और पोस्टमार्टम हाउस से शव ले जाने से मना कर दिया। इसको लेकर उन्होंने हंगामा भी किया। इस दौरान करीब चार घंटे तक अजय का शव पोस्टमार्टम हाउस में रखा रहा। बाद में आए सीओ समेत अन्य अफसरों ने कड़ी कार्रवाई का आश्वासन देकर उन्हें अंतिम संस्कार करने के लिए समझाया। वहीं गढ़ी कलंजरी गांव में मृतक और हत्यारोपियों के घर भी आसपास होने के कारण पुलिस अलर्ट रही। इसके चलते गढ़ी कलंजरी गांव में पुलिसबल और पीएसी तैनात रही। पुलिस की मौजूदगी में अजय का अंतिम संस्कार किया गया।
दो बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
अजय यादव की सात साल पहले शादी हुई थी। परिवार में पत्नी, एक बेटी और एक बेटा है। अजय की हत्या होने से उसके दो बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। अजय दो भाइयों में बड़े थे।
ये बोले एसपी
एक हत्यारोपी की निशानदेही पर शव बरामद कर लिया है। दूसरे आरोपी की तलाश में दो टीमों को लगाया गया है। जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
- सूरज कुमार राय, एसपी