#समस्तीपुर जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र, अख्तियारपुर में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का दो दिवसीय प्रशिक्षण प्रारंभ।
जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र, अख्तियारपुर और क्राई-चाइल्ड राइट्स एंड यू के तत्वावधान में स्कूल पूर्व शिक्षण सामग्री विकसित करने विषयक आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सोमवार को संस्था कार्यालय सभा भवन, अख्तियारपुर में प्रारंभ हुआ। यह प्रशिक्षण 18 से 19 अगस्त 2026 तक चलेगा।
प्रशिक्षण का उद्घाटन सरायरंजन प्रखंड प्रमुख वीणा कुमारी, महिला पर्यवेक्षक उषा कुमारी एवं गीता कुमारी और संस्था के कार्यकारिणी सदस्य रामप्रित चौरसिया ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
इस अवसर पर जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र के कोषाध्यक्ष वीणा कुमारी, दिनेश प्रसाद चौरसिया, रवींद्र पासवान, रामप्रीत चौरसिया, रवि कुमार मिश्रा, बलराम चौरसिया, किरण कुमारी, ललिता कुमारी, प्रेरणा कुमारी, हर्ष मोहन कुमार सहित सरायरंजन प्रखंड क्षेत्र की 26 आंगनवाड़ी सेविकाएं एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
प्रशिक्षण का संचालन करने के लिए गिरिडीह, झारखंड से श्री महेंद्र दास विशेष रूप से पहुंचे। उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को बाल पोषण एवं स्वास्थ्य, वृद्धि निगरानी, टीकाकरण, प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल, सकारात्मक पालन-पोषण तथा स्थानीय सामग्री से शिक्षण सामग्री निर्माण की व्यवहारिक जानकारी दी।
श्री महेंद्र दास ने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्र बच्चों की पहली पाठशाला है। यदि हम यहाँ बच्चों को खेल-खेल में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देंगे तो उनकी नींव मजबूत होगी और वे आगे चलकर विद्यालय में बेहतर प्रदर्शन करेंगे।
मुख्य अतिथि प्रखंड प्रमुख वीणा कुमारी ने बताया कि आंगनवाड़ी केन्द्र सिर्फ टीकाकरण या पोषाहार केन्द्र नहीं है, यहां बच्चों को स्कूल पूर्व शिक्षा समावेशन के लिए भी तैयारी की जाती है। इसके साथ हीं उन्होंने महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार का बाल विवाह मुक्त भारत अभियान, सवेरा-3, नन्हें फ़रिश्ते और मुस्कान अभियान अंतर्गत बाल दूर्व्यपार और बाल श्रम से बचपन बचाने की अपील की। मौके पर उपस्थित रवि कुमार मिश्रा ने संस्था द्वारा बाल यौन शोषण की शिकार पीड़िताओं और उनके परिवार के लिए कानूनी और मनो-सामाजिक सहयोग के बारे में बताया। संस्था की कोषाध्यक्ष वीणा कुमारी ने बताया जनवरी से जूलाई तक हम सभी ने मिलकर समस्तीपुर जिला में बाल विवाह से 1500 नाबालिग किशोर-किशोरियों, 300 बच्चों को बाल श्रम, बाल दूर्व्यापार से बचाकर सुरक्षित आवासन और उनमें से अधिकांश को नियमित शिक्षा व्यवस्था से जोड़ा है, विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से आच्छादित किया है, इसके साथ हीं बाल यौन शोषण के 70 मामलों में पीड़िताओं को कानूनी और मनो-सामाजिक सहायता, आकस्मिक सहयोग पहुंचाया है। इन पीड़िताओं को दुबारा से स्कूल में दाखिला और नियमित ठहराव के लिए लगातार परामर्श सेवाएं दी जा रही है। बलराम चौरसिया ने बताया कि सरायरंजन प्रखंड के दस मुसहर बस्तियों संचालित शिक्षा केन्द्रों के माध्यम से लगभग 600 बच्चों को स्कूल से जोड़ा गया है तथा 250 ड्रॉप आउट बच्चों का पूर्नामांकन और ठहराव सुनिश्चित किया गया है। ललिता कुमारी ने बताया कि लगभग 650 किशोर-किशोरियों को जीवन कौशल की शिक्षा दी जा रही है। सीनियर ट्रेनर दिनेश प्रसाद चौरसिया ने कहा कि 400 बच्चों के माता-पिता के साथ जीवन कौशल का पैरेंट्स माड्यूल चलाया जा रहा है। किरण कुमारी ने बताया कि सरायरंजन प्रखंड के पांच गांवों में बाल विवाह मुक्त गांव के लिए पायलट परियोजना शुरू किया गया है, जहां किशोर-किशोरी समुहों के बीच लैंगिक समानता को लेकर जागरुक किया जा रहा है। प्रेरणा कुमारी ने बताया कि सरायरंजन प्रखंड अंतर्गत 25 टोला के जरुरतमंद बच्चों और उनके परिवारों का डाटा बैंक तैयार किया गया है। वहीं हर्ष मोहन कुमार नें स्टेम सेंटर के माध्यम से 300 बच्चों में विज्ञान के प्रति आकर्षण बढ़ाने के संस्थागत प्रयास पर प्रकाश डाला। अमित कुमार राम ने बताया कि अख्तियारपुर और किसनपुर युसूफ में बालिका ट्यूशन सेंटर के माध्यम से जरुरतमंद 65 किशोरियों को मैट्रिक परीक्षा की तैयारी कराई जा रही है, वहीं आशुतोष कुमार मिश्रा ने बताया कि संस्था हर साल अपने डिजीटल लिटेरेसी सेंटर के माध्यम से सूदूर ग्रामीण इलाकों के 50-60 छात्र-छात्राओं को कम्प्यूटर शिक्षा से लैश करती है। सहायक परियोजना समन्वयक रविन्द्र पासवान ने प्रशिक्षण के दौरान बताया कि इस साल जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र अपने स्थापना के चालिसवें वर्ष में यह सुनिश्चित किया है, संकल्प लिया है कि हमारा जिला बाल विवाह, बाल श्रम, बाल दूर्व्यापार जैसे सामाजिक कोढ़ को समाप्त कर तमाम बच्चों के जिंदगी में खुशहाली लाएगी और इसके लिए सभी सरकारी विभागों, जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, सामाजिक संस्थाओं, पंचायती राज विभाग से समन्वय स्थापित किए जा रहें हैं।