जमुई: नेपाल से 4,000km. की साइकिल यात्रा पर निकले डॉ. अनिल प्रकाश जोशी,
जल, जंगल, जमीन और पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से नेपाल के जनकपुर से 2 अक्टूबर को प्रारंभ हुई लगभग 4,000 किलोमीटर की प्राकृतिक साइकिल यात्रा चंद्रशेखर नगर स्थित संस्था परिवार विकास पहुँची, जहां डॉ. अनिल प्रकाश जोशी के आगमन पर ग्रामीणों, महिलाओं, बच्चों, युवाओं एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी के साथ उनका तथा उनके साथ चल रही 16 सदस्यीय साइकिल यात्रा टीम का भव्य स्वागत किया। उक्त जानकारी गुरुवार की दोपहर 1:00 बजे दी गई है।
पद्मश्री से सम्मानित डॉ. अनिल प्रकाश जोशी लगभग 80 वर्ष की आयु में प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण का संदेश लेकर इस लंबी यात्रा पर निकले हैं। उनकी यह यात्रा नेपाल के जनकपुर से शुरू होकर बिहार, झारखंड और पुनः बिहार के विभिन्न क्षेत्रों से गुजरते हुए आगे बढ़ रही है। यात्रा का उद्देश्य लोगों को पर्यावरणीय चुनौतियों के प्रति जागरूक करना और प्रकृति संरक्षण को जन आंदोलन का रूप देना है।
परिवार विकास, चंद्रशेखर नगर में आयोजित स्वागत समारोह के दौरान डॉ. जोशी ने उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित किया। उन्होंने जल संरक्षण, नदियों की स्वच्छता, वनों की रक्षा, प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग और पर्यावरण के प्रति सामाजिक जिम्मेदारी के महत्व पर प्रकाश डाला।
उन्होंने संदेश दिया कि प्रकृति का संरक्षण केवल किसी सरकार या संस्था का काम नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। जल, जंगल और जमीन सुरक्षित रहेंगे, तभी मानव जीवन और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित रह सकेगा। उन्होंने लोगों से जल की बर्बादी रोकने, वर्षा जल संचयन अपनाने, पौधारोपण करने तथा नदियों, तालाबों और स्थानीय जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने की अपील की।
डॉ. जोशी की इस यात्रा ने ग्रामीणों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति विशेष उत्साह पैदा किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं, बच्चों और युवाओं की उपस्थिति ने यह संदेश दिया कि प्रकृति की रक्षा के लिए जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है।
इस अवसर पर क्षेत्र में जल एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय जल प्रहरी नंदलाल सिंह, वृक्षचंद पांडे, गीता भारती और भावानंद जी ने प्रमुख रूप से डॉ. अनिल प्रकाश जोशी एवं उनकी 16 सदस्यीय टीम का स्वागत किया। कार्यक्रम में उपस्थित सामाजिक कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने पर्यावरण संरक्षण के उनके प्रयासों की सराहना की।
स्वागतकर्ताओं में नंदलाल सिंह, गिरीश चंद्र पांडे, गीता भारती, भावानंद जी, मुक्ति रानी, रतन कुमार उपाध्याय ने कहा कि वर्तमान समय में जल संकट, भूजल स्तर में गिरावट, नदियों का प्रदूषण, वनों की कटाई और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को आगे आना होगा। प्रकृति बचेगी, तभी जीवन बचेगा। जल, जंगल, जमीन और पर्यावरण की रक्षा करना हम सभी का दायित्व है। #jamuinews #jamuitopnews #viralreelsシ #viralpost
Jamui, Jamui | Oct 15, 2026