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जिलाधिकारी की सख्त हिदायत: नीलाम पत्र वादों का प्राथमिकता के आधार पर हो निष्पादन, बड़े बकायेदारों पर होगी कड़ी कार्रवाई, ​ आज दिनांक-10.08.2026 को जिला पदाधिकारी, शिवहर की अध्यक्षता में नीलाम पत्र वादों (सर्टिफिकेट केस) के निष्पादन और बकाया वसूली को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने लंबित मामलों पर कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर वादों का निष्पादन करने और सरकारी व बैंकों की बकाया राशि की वसूली में तेजी लाने का सख्त निर्देश दिया है। बैठक में पुराने एवं अधिक राशि वाले मामलों की विशेष समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि बड़े बकायेदारों के विरुद्ध नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई की जाए और कुर्की/वारंट आदि की प्रक्रिया में कोई अनावश्यक विलंब न हो। ​बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय एवं दिए गए निर्देश इस प्रकार हैं: 1. ​नियमित कोर्ट और नोटिस निर्गत करना: सभी नीलाम पत्र पदाधिकारी (Certificate Officers) सप्ताह में 3 से 4 दिन अनिवार्य रूप से कोर्ट करेंगे। बकायेदारों को प्रत्येक सप्ताह नियमित रूप से नोटिस निर्गत किए जाएंगे। प्रथम, द्वितीय और तृतीय नोटिस भेजने के बाद आगे की सख्त कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। 2. ​नोटिस और वारंट का ससमय तामिला (Delivery): निर्गत होने वाले नोटिस और वारंट का सही तरीके से तामिला (Proper Delivery) सुनिश्चित होना चाहिए। इसके लिए SDPO-HQ को विशेष रूप से निर्देशित किया गया है कि वे समय पर नोटिस का तामिला करवाएं। सभी नीलाम पत्र पदाधिकारी थानावार निर्गत नोटिस की विवरणी (Details) भी तैयार करेंगे। 3. ​त्रुटिरहित रिपोर्टिंग और अधियाचना (Requisition): अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे विहित प्रपत्र में शुद्ध रूप से अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करें। बैंक तथा अन्य सरकारी कार्यालयों/विभागों से संबंधित अधियाचना को बिल्कुल सही-सही भरा जाए। यदि बैंकों के साथ समन्वय स्थापित करने में कोई समस्या आती है, तो उसकी जानकारी तुरंत उच्चाधिकारियों को दी जाए। 4. ​विस्तृत डेटा बेस तैयार करना: जिले में कुल कितने नीलाम पत्र वाद लंबित हैं और प्रत्येक वाद की थानावार वर्तमान स्थिति (Status) क्या है, इसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया गया है। सभी मामलों की नियमित रूप से समीक्षा की जाएगी। 5. ​अधिकारियों का प्रशिक्षण एवं निरंतर मॉनिटरिंग: नव-पदस्थापित अधिकारियों, जिन्हें नीलाम पत्र पदाधिकारी का प्रभार दिया गया है, उन्हें कार्यप्रणाली के संबंध में उचित प्रशिक्षण (Training) दिया जाएगा। ​जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि अब नीलाम पत्र वादों की समीक्षा बैठकों की आवृत्ति (Frequency) बढ़ाई जाएगी और लगातार बोर्ड या संबंधित अधिकारियों द्वारा इसकी मॉनिटरिंग की जाएगी। लापरवाही बरतने वाले पदाधिकारियों पर सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। - Sheohar News