उत्तर प्रदेश के मऊ में करीब नौ साल से लापता 14 वर्षीय सचिन मौर्य का मामला अब पुलिस जांच से आगे बढ़कर सुप्रीम कोर्ट के सामने है। 27 सितंबर 2017 को ट्यूशन के लिए घर से निकला कक्षा नौ का छात्र वापस नहीं लौटा था। परिवार ने तलाश के बाद पुलिस से शिकायत की और 28 सितंबर को सरायलखंसी थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया।
मामले में बाद में छह आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए गए, लेकिन ट्रायल की धीमी गति पर सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर चिंता जताई। अदालत के सामने बताया गया कि 27 मार्च 2023 को आरोप तय होने के बाद अभियोजन के 54 गवाहों में अब तक सिर्फ दो की गवाही हो सकी है। सुप्रीम कोर्ट ने इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए उत्तर प्रदेश सरकार को वर्ष 2023 से अब तक मऊ में एसपी पद पर रहे अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू करने का निर्देश दिया है। उपलब्ध न्यायिक रिकॉर्ड के मुताबिक, मऊ के सरायलखंसी थाना क्षेत्र के बूढ़ावे गांव निवासी विनोद कुमार मौर्य का 14 वर्षीय बेटा सचिन मौर्य कक�
Korba, Korba | Sep 30, 2026