@journalist_mahima24दैनिक भास्कर डिजिटल की अंडरकवर रिपोर्टर महिमा सिंह सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि उन लड़कियों के लिए उम्मीद और हिम्मत की आवाज हैं, जो गरीबी, मजबूरी या अपनों के झूठे भरोसे के कारण शोषण के दलदल में फंस जाती हैं।
महिमा सिंह ने जोखिम उठाकर आरके एस्ट्रा ग्रुप में पांच दिन रहकर वहां मौजूद लड़कियों की आपबीती और उनकी परिस्थितियों को करीब से समझा। उनकी रिपोर्टिंग के बाद मामले में कार्रवाई हुई, कई संचालकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई और कई लोगों की गिरफ्तारी भी हुई।
इन लड़कियों के लिए यह महज एक खबर नहीं, बल्कि उनकी जिंदगी, सम्मान और भविष्य की लड़ाई थी। जिनकी आवाज दब गई थी, उनकी आवाज बनकर सच्चाई सामने लाने के लिए महिमा सिंह ने जिस साहस और संवेदनशीलता का परिचय दिया, वह सराहनीय है।
इसी साहस, निर्भीक पत्रकारिता और लड़कियों के हक में उठाई गई आवाज के लिए आज महिमा सिंह को सम्मानित भी किया गया।
ऐसी जांबाज पत्रकार को मेरा सलाम।
महादेव आपको हमेशा शक्ति �
Kahara, Saharsa | Sep 23, 2026