#बालाघाट
बिरसा के प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य विभाग का सघन अभियान जारी, 3 मरीज जिला चिकित्सालय रेफर
जिले के बिरसा विकासखंड के प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य विभाग द्वारा घर-घर पहुंचकर स्वास्थ्य सर्वेक्षण, स्क्रीनिंग, स्वास्थ्य परीक्षण, दवा वितरण एवं उपचार का अभियान लगातार जारी है। 18 अगस्त 2026 को एहतियात के तौर पर 3 व्यक्तियों को बेहतर उपचार के लिए जिला चिकित्सालय रेफर किया गया।
अभियान के दौरान अब तक जिला चिकित्सालय भेजे गए कुल 187 मरीजों में से 148 मरीज स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किए जा चुके हैं, जबकि 39 मरीज उपचाररत हैं और उनकी स्थिति सामान्य बताई गई है। घर-घर किए गए स्वास्थ्य सर्वेक्षण में अब तक 3071 लोगों की जांच की गई, जिसमें 657 व्यक्ति विभिन्न बीमारियों से प्रभावित पाए गए। इनमें 148 मरीजों को अस्पताल में तथा 470 लोगों को घर पर उपचार उपलब्ध कराया गया। प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य विभाग की 20 सर्वेक्षण टीमें लगातार घर-घर पहुंचकर स्वास्थ्य निगरानी कर रही हैं। बीमार व्यक्तियों की जांच एवं उपचार के लिए 10 चिकित्सा अधिकारी, 4 एम्बुलेंस एवं 4 पीएम जनमन एएनएमएमयू की सेवाएं लगाई गई हैं। अधिकारियों द्वारा अभियान की लगातार मॉनिटरिंग भी की जा रही है।
सर्वे के दौरान बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अब तक 685 बच्चों को विटामिन-ए, ओआरएस एवं जिंक की खुराक दी गई है। वहीं 632 बच्चों को आयरन सिरप, 554 बच्चों को एल्बेंडाजोल तथा 77 बच्चों को मीजल्स का डोज दिया गया है। मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए 15 गांवों के 1623 घरों में कीटनाशक छिड़काव किया गया। इसके अलावा 15 गांवों में इंडोर एवं आउटडोर फॉगिंग के साथ लार्वा सर्वे का कार्य भी पूरा किया गया।
महिला एवं बाल विकास विभाग भी प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय है। बैहर विकासखंड के 6 गांवों के 20 तथा बिरसा विकासखंड के 16 गांवों के 33 आंगनबाड़ी केंद्रों में साफ-सफाई कराई गई। बैहर के 20 आंगनबाड़ी केंद्रों में 390 और बिरसा के 33 केंद्रों में 865 बच्चों को भोजन उपलब्ध कराया गया। इसके साथ ही बैहर में 96 तथा बिरसा में 591 महिला एवं बच्चों को घर पहुंचकर भोजन वितरित किया गया। टीएचआर वितरण के तहत बैहर विकासखंड के 20 आंगनबाड़ी केंद्रों के अंतर्गत 129 बच्चों तथा बिरसा विकासखंड के 33 आंगनबाड़ी केंद्रों के 782 बच्चों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को पोषण आहार प्रदान किया गया।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा प्रभावित गांवों में पेयजल स्रोतों की स्वच्छता एवं शुद्धता के लिए क्लोरीनेशन, ब्लीचिंग छिड़काव, जल परीक्षण और खराब हैंडपंपों की मरम्मत का कार्य किया गया। बैहर के 4 गांवों में 21 स्थानों तथा बिरसा के 4 गांवों में 4 स्थानों पर ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया गया। बैहर विकासखंड में 22 तथा बिरसा विकासखंड में 28 जल स्रोतों का क्लोरीनेशन किया गया। जल गुणवत्ता जांच के लिए बैहर के 22 और बिरसा के 21 जल स्रोतों से नमूने भी लिए गए। वहीं बैहर के एक गांव के एक हैंडपंप तथा बिरसा के 4 गांवों के 6 हैंडपंपों की मरम्मत की गई।
जनपद पंचायतों द्वारा भी प्रभावित गांवों में सफाई अभियान चलाया गया। जल स्रोतों के आसपास सफाई, दवा छिड़काव, गड्ढों की भराई और सड़क मार्गों की सफाई कराई गई। बैहर जनपद पंचायत के 9 गांवों में 13 स्थानों पर जल स्रोतों के आसपास सफाई की गई। वहीं बिरसा जनपद पंचायत क्षेत्र में 3 गांवों में नालियों की सफाई तथा 15 गांवों में 17 डार्क स्पॉट और हैंडपंपों के आसपास सफाई कराई गई।
जनजातीय कार्य विभाग एवं अन्य अधिकारियों द्वारा प्रभावित क्षेत्रों के छात्रावासों और आश्रमों का निरीक्षण भी किया गया। विद्यार्थियों को स्वच्छता बनाए रखने और बीमारियों से बचाव के संबंध में जागरूक किया गया। बैहर विकासखंड के 4 छात्रावास और एक आश्रम तथा बिरसा विकासखंड के 6 आश्रमों का निरीक्षण किया गया। प्रभावित गांवों में राशन वितरण भी नियमित रूप से सुनिश्चित किया जा रहा है। राशन आपके द्वार योजना एवं शासकीय उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से बैहर विकासखंड के 5 गांवों के 236 परिवारों तथा बिरसा विकासखंड के 4 गांवों के 213 परिवारों को खाद्यान्न उपलब्ध कराया गया। इसके अलावा प्रभावित गांवों के विभिन्न विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में करीब 80 विद्यार्थियों को कपड़ों का वितरण भी किया गया।
प्रशासन और विभिन्न विभागों द्वारा संयुक्त रूप से प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य, स्वच्छता, पोषण, पेयजल एवं आवश्यक सुविधाओं की सतत निगरानी की जा रही है। घर-घर सर्वे और विभागीय टीमों की सक्रियता के माध्यम से प्रभावित लोगों को समय पर उपचार एवं आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास जारी हैं।
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