बरुण गांव में 4 महीने से पेयजल संकट, ग्रामीणों ने थापली जलघर पर किया प्रदर्शन
क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की जगह अस्थायी पाइपलाइन से होगी आपूर्ति, 1-2 दिन में मोटर व्यवस्था भी दुरुस्त होने की उम्मीद
मोरनी, 6 अक्टूबर। मोरनी खंड की थापली पंचायत के बरुण गांव में पिछले करीब 3-4 महीने से चल रहे पेयजल संकट को लेकर ग्रामीणों में रोष बढ़ता जा रहा है। गांव में पाइपलाइन नहीं बिछने और जलापूर्ति व्यवस्था प्रभावित होने के कारण ग्रामीणों को नियमित पेयजल नहीं मिल पा रहा है। समस्या से परेशान ग्रामीणों ने थापली जलघर पहुंचकर प्रदर्शन किया और जल्द स्थायी समाधान की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि पेयजल संकट के कारण रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को पानी के लिए प्राकृतिक जलस्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बरुण गांव तक पाइपलाइन बिछाकर नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।
अधिकारियों के आश्वासन के बावजूद समाधान नहीं होने का आरोप
थापली पंचायत के सरपंच सुनील कुमार ने बताया कि पेयजल समस्या को लेकर जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, जेई और एसडीओ को कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अभी तक स्थायी समाधान नहीं हो पाया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से जल्द कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों ने जलघर की मोटर और बिजली व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि बिजली की तारें खुले में होने से हादसे का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने बिजली व्यवस्था सुरक्षित करने और खुले तारों को हटाकर किट-कैट लगाने की मांग की।
क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की जगह अस्थायी व्यवस्था
जनस्वास्थ्य विभाग के जेई प्रयाग कौशिक ने बताया कि थापली जलघर की मोटर खराब हुई थी, जिसे ठीक कराने की कार्रवाई की जा रही है। बरुण गांव को जाने वाली पाइपलाइन सड़क के साथ गिरी सुरक्षा दीवार के कारण क्षतिग्रस्त हुई है। सुरक्षा दीवार दोबारा बनने के बाद पाइपलाइन के क्षतिग्रस्त होने की आशंका को देखते हुए फिलहाल प्राकृतिक जलस्रोत से ग्रामीणों को पानी उपलब्ध कराने के लिए अस्थायी पाइपलाइन मंगवाई गई है।
विभाग के अनुसार अस्थायी पाइपलाइन के माध्यम से जल्द पेयजल आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं मोटर व्यवस्था भी एक-दो दिन में दुरुस्त होने की उम्मीद जताई गई है।
जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि पेयजल समस्या का जल्द स्थायी समाधान नहीं किया गया और बरुण गांव में पाइपलाइन नहीं बिछाई गई तो वे धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से तत्काल कार्रवाई कर लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान करने की मांग की है।