ऑपरेशन कवच: पंचकूला में शिक्षण संस्थानों के आसपास से बरामद लाखों रुपये की कूल लिप, रोलिंग पेपर व अन्य प्रतिबंधित तंबाकू पदार्थ किए आगे के हवाले
नशे की लत अचानक नहीं लगती, छोटी-छोटी आदतों से होती है शुरुआत, बच्चों को शुरुआती दौर में ही बचाना जरूरी: पुलिस कमिश्नर पंकज नैन
पंचकूला/ 5 अक्टूबर: बच्चों को नशे की शुरुआती आदतों से बचाने और शिक्षण संस्थानों के आसपास नशीले एवं प्रतिबंधित पदार्थों की उपलब्धता पर प्रभावी रोक लगाने के लिए पिछले दिनों पंचकूला पुलिस कमिश्नर आईपीएस पंकज नैन द्वारा शुरु किए गए ऑपरेशन कवच के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। अभियान के तहत शिक्षण संस्थानों के आसपास लगातार निगरानी और छापेमारी करते हुए पुलिस टीमों ने लाखों रुपये की कीमत के कूल लिप, रोलिंग पेपर तथा अन्य प्रतिबंधित तंबाकू पदार्थ बरामद किए थे।
इन सभी बरामद पदार्थों को आज पंचकूला पुलिस लाइन में एसीपी सुरेंद्र सिंह की मौजूदगी में आग के हवाले कर नष्ट किया गया तथा बाद में इन्हें मिट्टी में दबाकर सुरक्षित रूप से निस्तारित किया गया।
डीसीपी पंचकूला आईपीएस अदिति सिंह ने बताया कि ऑपरेशन कवच का मुख्य उद्देश्य बच्चों को नशे की ओर बढ़ने से पहले ही रोकना और नशे की शुरुआती आदतों पर प्रभावी अंकुश लगाना है। अभियान के तहत पुलिस टीमों द्वारा सरकारी एवं निजी शिक्षण संस्थानों के आसपास विशेष निगरानी रखते हुए छापेमारी की गई। इस दौरान ऐसी सामग्री बरामद की गई, जो बच्चों और युवाओं को नशे की ओर आकर्षित करने का माध्यम बन सकती है। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा इस प्रकार की गतिविधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है और शिक्षण संस्थानों के आसपास किसी भी प्रकार की प्रतिबंधित या नशे से जुड़ी सामग्री की बिक्री एवं उपलब्धता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पुलिस कमिश्नर आईपीएस पंकज नैन ने कहा कि बच्चों को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए नशे की शुरुआत पर ही रोक लगाना सबसे जरूरी है। उन्होंने कहा कि कूल लिप जैसे पदार्थों को छोटा नशा समझकर नजरअंदाज करने की भूल नहीं करनी चाहिए। कई बार नशे की शुरुआत छोटी उम्र में ऐसी ही सामग्री से होती है और धीरे-धीरे बच्चे गंभीर नशे की गिरफ्त में पहुंच जाते हैं। उन्होंने बताया कि पंचकूला पुलिस द्वारा नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों के दौरान उपचाराधीन नशा पीड़ितों से बातचीत में भी यह सामने आया है कि कई लोगों ने नशे की शुरुआत छोटे स्तर के पदार्थों से की थी, लेकिन बाद में वे हेरोइन, अफीम, गांजा और अन्य गंभीर नशीले पदार्थों की लत के शिकार हो गए।
पुलिस कमिश्नर ने कहा कि नशे के खिलाफ यह लड़ाई केवल पुलिस की नहीं है, बल्कि इसमें अभिभावकों, शिक्षकों और समाज की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि समय रहते जागरूकता और प्रभावी कार्रवाई के माध्यम से बच्चों को नशे की दलदल में जाने से रोका जा सकता है।