⛔ मृत्यु भोज बहिष्कार का संकल्प, बौद्ध रीति से दी श्रद्धांजलि
पूर्णिया जिले के बड़हरा कोठी प्रखंड के भतसारा गांव में जयचंद पासवान की श्रद्धांजलि सभा सामाजिक बदलाव के संदेश के साथ आयोजित की गई। श्रद्धांजलि सभा में पूर्णिया के अलावा मधेपुरा, सहरसा सहित विभिन्न जिलों से पहुंचे बुद्धिजीवियों, समाजसेवियों और बहुजन समाज के लोगों ने सामाजिक कुरीतियों पर चर्चा की। इस दौरान कई लोगों ने मृत्यु भोज का बहिष्कार करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रुपौली विधायक कलाधर मंडल ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि समाज को आगे बढ़ाने के लिए सामाजिक समानता और जागरूकता जरूरी है। इसके लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने स्तर से लोगों को जागरूक करने की जिम्मेदारी निभानी होगी।
मधेपुरा के युवा समाजसेवी डॉ. कुंदन सुमन ने कहा कि मृत्यु के बाद होने वाले कई कर्मकांडों में अनावश्यक खर्च और आडंबर देखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि जयचंद पासवान की श्रद्धांजलि सभा बौद्ध रीति-रिवाज के अनुरूप आयोजित की गई। दिवंगत की स्मृति में पौधरोपण जैसे समाजोपयोगी कार्यों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
मधेपुरा के समाजसेवी चंद्रशेखर ने भी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता अभियान को आगे बढ़ाने की अपील की। वक्ताओं ने मृत्यु भोज की परंपरा से बचने, जातिगत पहचान से ऊपर उठकर सामाजिक एकता को मजबूत करने तथा समानता और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने की बात कही।
कार्यक्रम के दौरान मध्य विद्यालय भतसारा परिसर में पौधारोपण किया गया। आयोजकों ने कहा कि सामाजिक बदलाव की शुरुआत व्यक्ति के अपने फैसले से होती है। श्रद्धांजलि सभा में विभिन्न जिलों के कई बुद्धिजीवी, समाजसेवी और बहुजन समाज के लोग मौजूद रहे।