भोपाल बालाघाट के दो ब्लॉकों के 50 गांवों में अब हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं। नक्सलवाद पर प्रभावी नियंत्रण के बाद ही इन दूरस्थ क्षेत्रों में नियमित रिपोर्टिंग और प्रशासनिक पहुंच संभव हो पाई है। पहले अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना भी चुनौती थी। कुपोषण पर प्रभावी नियंत्रण के साथ स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार हुआ है। वर्ष 2003 से पहले जहां संस्थागत प्रसव का स्तर केवल 21 प्रतिशत था, आज यह बढ़कर 92 प्रतिशत हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी स्वयं इन व्यवस्थाओं की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
नक्सलवाद देश को दीमक की तरह खोखला कर रहा था। भाजपा सरकार ने इसे प्राथमिकता के साथ समाप्त करने की दिशा में निर्णायक काम किया है। इसी का परिणाम है कि आज बालाघाट के दूरस्थ क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य और अन्य नागरिक सुविधाएं तेजी से पहुंच रही हैं।
जिन समस्याओं को कांग्रेस की नीतियों से बढ़ावा मिला, आज वही लोग संवेदना की बात कर रहे हैं। राहुल गांधी जी बार-बार भ्रामक बातें कहकर लोगों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।