बाल हितैषी ग्राम पंचायत को लेकर CDPO व महिला पर्यवेक्षिकाओं का प्रशिक्षण
बच्चों के अधिकार, सुरक्षा, शिक्षा और स्वास्थ्य को पंचायत विकास के केंद्र में रखने पर दिया गया जोर
सीतामढ़ी। पंचायती राज विभाग, बिहार, पटना के निर्देश एवं जिला पदाधिकारी तनय सुल्तानिया के मार्गदर्शन में सतत विकास लक्ष्य (SDG) के स्थानीयकरण के थीम-03 ‘बाल हितैषी ग्राम पंचायत’ के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला पंचायत संसाधन केंद्र, सीतामढ़ी में एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण में महिला एवं बाल विकास निगम तथा आईसीडीएस के जिला, प्रखंड एवं ग्राम पंचायत स्तर के पदाधिकारी व कर्मियों ने भाग लिया। इसमें DMC, CDPO एवं महिला पर्यवेक्षिका सहित संबंधित कर्मी शामिल रहे। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य पंचायत स्तर पर विभिन्न विभागों एवं हितधारकों के बीच समन्वय स्थापित कर बच्चों के अधिकार, सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सहभागिता को प्राथमिकता देना रहा।
प्रशिक्षण के दौरान PPT के माध्यम से बाल हितैषी ग्राम पंचायत की अवधारणा, इसके प्रमुख आयाम, समुदाय एवं विभिन्न हितधारकों की भूमिका तथा स्थानीय संस्थाओं की सहभागिता के बारे में जानकारी दी गई। पंचायत स्तर पर आवश्यक समन्वय, सहभागिता एवं समयबद्ध कार्रवाई को लेकर भी चर्चा की गई।
प्रशिक्षण में प्रतिभागियों की उपस्थिति एवं आवश्यक आंकड़ों को TMP पोर्टल पर अपलोड किया गया। साथ ही प्रशिक्षुओं के प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र तैयार करने की प्रक्रिया भी पूरी की गई।
कार्यक्रम में नोडल पदाधिकारी डीपीआरसी शंकर कुमार, यूनिसेफ व प्रथम संस्था के जिला समन्वयक सुधीर कुमार, परियोजना प्रबंधक गगन कुमार, बीपीएम रवि शेखर आजाद एवं सुगमकर्ता वीरेन्द्र कुमार ने प्रशिक्षण एवं तकनीकी सहयोग प्रदान किया। मौके पर DMC देवजीत चक्रवर्ती, CDPO रम्भा कुमारी, महिला पर्यवेक्षिका वंदना कुमारी, विकास सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी मौजूद रहे।