प्रारंभिक शिक्षा की गुणवत्ता सुधार और FLN को लेकर डीएम ने दिए अहम निर्देश
लखीसराय। जिला पदाधिकारी शैलेंद्र कुमार की अध्यक्षता में बिहार शिक्षा परियोजना, लखीसराय की जिला कार्यकारिणी एवं बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान (FLN) से संबंधित बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रारंभिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, बच्चों की नियमित उपस्थिति बढ़ाने, ड्रॉपआउट दर कम करने तथा भाषा एवं गणित की बुनियादी दक्षताओं को मजबूत करने को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
जिला पदाधिकारी ने जिला स्तर पर पायलट योजना के तहत 10 विद्यालयों का चयन करने का निर्देश दिया। चयनित विद्यालयों में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों का नियमित संचालन किया जाएगा। विद्यालय शुरू होने की पहली घंटी में बच्चों के लिए फिजिकल एक्टिविटी कराने का भी निर्देश दिया गया, ताकि बच्चों की विद्यालय के प्रति रुचि बढ़े और ड्रॉपआउट में कमी आए। योजना के प्रभावी अनुश्रवण एवं क्रियान्वयन के लिए डायट, लखीसराय के प्राचार्य को नोडल पदाधिकारी नामित करने का निर्देश दिया गया।
कक्षा एक में नामांकित बच्चों को विद्यालयी वातावरण से सहज रूप से जोड़ने के लिए सभी प्राथमिक विद्यालयों में ‘चहक’ मॉड्यूल आधारित गतिविधियों एवं कार्यक्रमों का संचालन सुनिश्चित करने को कहा गया। बच्चों की नियमित उपस्थिति के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी को आवश्यक कार्रवाई करते हुए टोला सेवकों को इस कार्य में अधिकृत करने का निर्देश दिया गया।
भाषा एवं गणित की बुनियादी दक्षताओं को मजबूत करने के लिए डायट, लखीसराय में आयोजित पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण के दौरान कक्षा संचालन का व्यावहारिक अभ्यास कराने पर जोर दिया गया, ताकि प्रशिक्षण के बाद शिक्षक कक्षा-कक्ष में सीखी गई तकनीकों का प्रभावी उपयोग कर सकें।
डीएम ने शिक्षा विभाग के सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों को विद्यालयों का नियमित अनुश्रवण एवं भ्रमण कर शिक्षकों को आवश्यक शैक्षणिक मार्गदर्शन देने का निर्देश दिया। उन्होंने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और बच्चों के सीखने के स्तर में सुधार के लिए सतत निगरानी को आवश्यक बताया।
बैठक में उप विकास आयुक्त सुमित कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी यदुवंश राम, जिला कल्याण पदाधिकारी, डीआरडीए निदेशक, डायट प्राचार्य सहित शिक्षा विभाग एवं संबंधित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।